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6 hrs ago
user_Rahul Rajmistri
Rahul Rajmistri
लक्सर, हरिद्वार, उत्तराखंड•
6 hrs ago

More news from उत्तराखंड and nearby areas
  • Post by Rahul Rajmistri
    1
    Post by Rahul Rajmistri
    user_Rahul Rajmistri
    Rahul Rajmistri
    लक्सर, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    6 hrs ago
  • केशव भाई को नहीं मिल रहा न्याय पुलिस बचा रही अपने अधिकारियों को यह सब को पता है की सबसे बड़ा भ्रष्टाचार पुलिस के द्वारा किया जा रहा है उत्तराखंड की पुलिस मित्र पुलिस के नाम और एक बड़ा संकट है जनता के ऊपर मित्र पुलिस नहीं भाकसात पुलिस बनी हुई है यह केशव भाई के संघर्ष से पता चल रहा है कहते हैं कि जहां तक चले जाओ न्याय तो दूर की बात मुकदमे लिखते चले जाएंगे यानी के तानाशाही एक अलग अपने चरम पर पहुंच चुकी है परंतु ऐसा नहीं है की आने वाले चुनाव में सरकार को उखाड़ फेंकने की तैयारी तेज हो चुकी है आगे 2027 में जनता जनार्दन बताएगी कि किस क्या कहना है और कैसे सरकार चलेगी खबर जनहित में है
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    केशव भाई को नहीं मिल रहा न्याय पुलिस बचा रही अपने अधिकारियों को यह सब को पता है की सबसे बड़ा भ्रष्टाचार पुलिस के द्वारा किया जा रहा है उत्तराखंड की पुलिस मित्र पुलिस के नाम और एक बड़ा संकट है जनता के ऊपर मित्र पुलिस नहीं भाकसात पुलिस बनी हुई है यह केशव भाई के संघर्ष से पता चल रहा है कहते हैं कि जहां तक चले जाओ न्याय तो दूर की बात मुकदमे लिखते चले जाएंगे यानी के तानाशाही एक अलग अपने चरम पर पहुंच चुकी है परंतु ऐसा नहीं है की आने वाले चुनाव में सरकार को उखाड़ फेंकने की तैयारी तेज हो चुकी है आगे 2027 में जनता जनार्दन बताएगी कि किस क्या कहना है और कैसे सरकार चलेगी खबर जनहित में है
    user_रवि कुमार आजाद
    रवि कुमार आजाद
    नरसन, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    16 hrs ago
  • आज समय 12:45 बजे लगभग प्रेम नगर फ्लाईओवर देहरादून की साइड सतनाम साक्षी घाट के ऊपर इंडियन ऑयल UK07 CC 1920 टैंकर पर हरियाणा HR26 DU8179 नंबर मिराज गाड़ी द्वारा पीछे से टक्कर मारी गई जिसमें 6 लोग घायल हो गए घायलों को सीपीयू टीम व यातायात पुलिस की टीम द्वारा प्राइवेट वाहन एवं एंबुलेंस की मदद से जिला चिकित्सालय हरिद्वार उपचार हेतु भेजा गया वाहनों को क्रेन और न की एन एच की हाइड्रा की मदद से साइड कर थाना कनखल के सुपुर्द कर ट्रैफिक सामान्य किया गया l
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    आज समय 12:45 बजे लगभग प्रेम नगर फ्लाईओवर देहरादून की साइड सतनाम साक्षी घाट के ऊपर इंडियन ऑयल UK07 CC 1920  टैंकर पर हरियाणा HR26 DU8179 नंबर मिराज गाड़ी द्वारा पीछे से टक्कर मारी गई जिसमें 6 लोग घायल हो गए घायलों को सीपीयू टीम व यातायात पुलिस की टीम द्वारा प्राइवेट वाहन एवं एंबुलेंस की मदद से जिला चिकित्सालय हरिद्वार उपचार हेतु भेजा गया वाहनों को क्रेन और न की एन एच की हाइड्रा की मदद से साइड कर थाना कनखल के सुपुर्द  कर ट्रैफिक सामान्य किया गया l
    user_लोकल न्यूज़ हरिद्वार  शहर की खबर शहर को खबर
    लोकल न्यूज़ हरिद्वार शहर की खबर शहर को खबर
    Journalist हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    1 hr ago
  • Post by Om tv haridwar
    1
    Post by Om tv haridwar
    user_Om tv haridwar
    Om tv haridwar
    Astrologer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    5 hrs ago
  • गंगा ने दिखाया रौद्र रूप — 60 श्रद्धालु बीच धारा में कैद, जल पुलिस ने मौत के मुंह से छीनी जिंदगियां “मौत की धार में फंसी आस्था!” भूपतवाला में गंगा ने दिखाया रौद्र रूप — 60 श्रद्धालु बीच धारा में कैद, जल पुलिस ने मौत के मुंह से छीनी जिंदगियां “ना जंजीर, ना चेतावनी… प्रशासन गायब!” — हादसे को खुला निमंत्रण देते असुरक्षित घाट हरिद्वार। तीर्थ नगरी हरिद्वार में आस्था और अव्यवस्था की खतरनाक तस्वीर एक बार फिर सामने आई है। यात्रा सीजन और बैसाखी पर्व के बीच उमड़ी भीड़ के बीच भूपतवाला क्षेत्र में आज ऐसा खौफनाक मंजर देखने को मिला, जिसने हर किसी के रोंगटे खड़े कर दिए। परमार्थ निकेतन घाट से आगे एक पूरी तरह असुरक्षित और प्रतिबंधित स्थान टूटे पड़े स्नान घाट पर करीब 50 से 60 श्रद्धालु गंगा में स्नान कर रहे थे, तभी अचानक गंगा का जलस्तर बढ़ा और तेज बहाव ने लोगों को चारों तरफ से घेर लिया। देखते ही देखते करीब 30 श्रद्धालु गंगा की बीच धारा में फंस गए — एक कदम इधर-उधर और सीधा मौत का सामना! “कुछ ही मिनट में बदल सकता था सब कुछ…” घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि 👉 किनारे खड़े लोग भी घबरा गए 👉 परिवार एक-दूसरे से बिछड़ने लगे 👉 बच्चे चीखने लगे, महिलाएं रोने लगीं यह मंजर किसी त्रासदी से कम नहीं था। अगर कुछ मिनट और देरी होती, तो आज हरिद्वार में एक बड़ा सामूहिक हादसा इतिहास बन सकता था। “देवदूत बनकर पहुंचे जल पुलिस के जवान” सूचना मिलते ही उत्तराखंड जल पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन 👉 गंगा का तेज बहाव रेस्क्यू में सबसे बड़ी बाधा बना 👉 तीन बार जवानों ने बीच धारा तक पहुंचने की कोशिश की 👉 तीसरी बार नाव पलट गई, जवानों की जान खतरे में पड़ गई लेकिन हिम्मत नहीं हारी। 👉 दोबारा प्रयास कर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला 👉 छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं को प्राथमिकता से बचाया गया यह सिर्फ रेस्क्यू नहीं, बल्कि मौत के जबड़े से जिंदगी छीनने का जज्बा था। “मासूमों की चीखें… माता-पिता की बेबसी” सबसे हृदयविदारक दृश्य तब सामने आया जब 👉 2 से 3 साल की बच्चियां 👉 मां की गोद में रोते मासूम 👉 एक ही परिवार के 7 सदस्य बीच धारा में फंसे हुए थे। दिल्ली, जयपुर और राजस्थान से आए ये श्रद्धालु जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे थे। “108 नंबर भी फेल — एंबुलेंस का कहीं पता नहीं!” इस भयावह घटना के दौरान 👉 100 और 108 नंबर पर कॉल किए गए 👉 लेकिन कोई एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची यह सवाल खड़ा करता है — क्या आपातकालीन व्यवस्था सिर्फ कागजों में ही है? “प्रतिबंधित घाट पर खुला खेल — कौन जिम्मेदार?” सबसे बड़ा सवाल यही है: 👉 जब घाट खतरनाक है तो वहां लोग क्यों पहुंच रहे हैं? 👉 क्यों नहीं है कोई बैरिकेडिंग? 👉 क्यों नहीं लगाए गए चेतावनी बोर्ड? 👉 क्यों नहीं तैनात हैं सुरक्षा कर्मी? यह कोई छोटी चूक नहीं, बल्कि 👉 सीधी-सीधी प्रशासनिक लापरवाही 👉 और हादसे को खुला निमंत्रण है। “पहले भी गई जान… फिर भी नहीं जागा सिस्टम” हाल ही में 👉 दो श्रद्धालुओं की मौत 👉 एक व्यक्ति आज तक लापता इसके बावजूद भी सुरक्षा के नाम पर केवल औपचारिकता ही नजर आ रही है। “अगर आज 60 जानें चली जातीं…?” सोचिए अगर आज 👉 ये 50–60 लोग नहीं बचते 👉 कितने घर उजड़ जाते 👉 कितनी मांओं की गोद सूनी हो जाती 👉 कितने बच्चे अनाथ हो जाते सरकार मुआवजा देती, पुलिस शव ढूंढती… लेकिन क्या किसी की जिंदगी वापस आ सकती थी? जल पुलिस के जांबाजों को सलाम इस रेस्क्यू ऑपरेशन में 👉 एडीशनल अतुल सिंह 👉 हेड कांस्टेबल प्रीतम हेड कांस्टेबल नरेंद्र 👉 हेड कांस्टेबल कुलतार किशन 👉 गोताखोर गौरव, विक्रांत, मनोज बहुखंडी, चिराग ने जिस साहस का परिचय दिया, वह शब्दों से परे है। ये जवान ही आज सच्चे अर्थों में “जीवित देवदूत” साबित हुए। “अब भी नहीं चेते तो अगला हादसा तय है!” बैसाखी पर्व और चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचने वाले हैं। अगर अभी भी 👉 घाटों पर जंजीर नहीं लगी 👉 सुरक्षा इंतजाम नहीं हुए 👉 एंबुलेंस और रेस्क्यू अलर्ट नहीं हुआ तो अगली बार किस्मत नहीं, हादसा इतिहास लिखेगा। “मां गंगा ने बचाया… लेकिन कब तक?” आज यह साफ है कि 👉 मां गंगा की कृपा 👉 और जल पुलिस के साहस ने इस त्रासदी को टाल दिया। लेकिन सवाल वही है — क्या प्रशासन हर बार भगवान भरोसे ही रहेगा? ✍️ स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़, हरिद्वार
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    गंगा ने दिखाया रौद्र रूप — 60 श्रद्धालु बीच धारा में कैद, जल पुलिस ने मौत के मुंह से छीनी जिंदगियां
“मौत की धार में फंसी आस्था!”
भूपतवाला में गंगा ने दिखाया रौद्र रूप — 60 श्रद्धालु बीच धारा में कैद, जल पुलिस ने मौत के मुंह से छीनी जिंदगियां
“ना जंजीर, ना चेतावनी… प्रशासन गायब!” — हादसे को खुला निमंत्रण देते असुरक्षित घाट
हरिद्वार।
तीर्थ नगरी हरिद्वार में आस्था और अव्यवस्था की खतरनाक तस्वीर एक बार फिर सामने आई है। यात्रा सीजन और बैसाखी पर्व के बीच उमड़ी भीड़ के बीच भूपतवाला क्षेत्र में आज ऐसा खौफनाक मंजर देखने को मिला, जिसने हर किसी के रोंगटे खड़े कर दिए।
परमार्थ निकेतन घाट से आगे एक पूरी तरह असुरक्षित और प्रतिबंधित स्थान टूटे पड़े स्नान घाट पर करीब 50 से 60 श्रद्धालु गंगा में स्नान कर रहे थे, तभी अचानक गंगा का जलस्तर बढ़ा और तेज बहाव ने लोगों को चारों तरफ से घेर लिया।
देखते ही देखते करीब 30 श्रद्धालु गंगा की बीच धारा में फंस गए — एक कदम इधर-उधर और सीधा मौत का सामना!
“कुछ ही मिनट में बदल सकता था सब कुछ…”
घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि
👉 किनारे खड़े लोग भी घबरा गए
👉 परिवार एक-दूसरे से बिछड़ने लगे
👉 बच्चे चीखने लगे, महिलाएं रोने लगीं
यह मंजर किसी त्रासदी से कम नहीं था।
अगर कुछ मिनट और देरी होती, तो आज हरिद्वार में एक बड़ा सामूहिक हादसा इतिहास बन सकता था।
“देवदूत बनकर पहुंचे जल पुलिस के जवान”
सूचना मिलते ही उत्तराखंड जल पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन
👉 गंगा का तेज बहाव रेस्क्यू में सबसे बड़ी बाधा बना
👉 तीन बार जवानों ने बीच धारा तक पहुंचने की कोशिश की
👉 तीसरी बार नाव पलट गई, जवानों की जान खतरे में पड़ गई
लेकिन हिम्मत नहीं हारी।
👉 दोबारा प्रयास कर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला
👉 छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं को प्राथमिकता से बचाया गया
यह सिर्फ रेस्क्यू नहीं, बल्कि मौत के जबड़े से जिंदगी छीनने का जज्बा था।
“मासूमों की चीखें… माता-पिता की बेबसी”
सबसे हृदयविदारक दृश्य तब सामने आया जब
👉 2 से 3 साल की बच्चियां
👉 मां की गोद में रोते मासूम
👉 एक ही परिवार के 7 सदस्य
बीच धारा में फंसे हुए थे।
दिल्ली, जयपुर और राजस्थान से आए ये श्रद्धालु जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे थे।
“108 नंबर भी फेल — एंबुलेंस का कहीं पता नहीं!”
इस भयावह घटना के दौरान
👉 100 और 108 नंबर पर कॉल किए गए
👉 लेकिन कोई एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची
यह सवाल खड़ा करता है —
क्या आपातकालीन व्यवस्था सिर्फ कागजों में ही है?
“प्रतिबंधित घाट पर खुला खेल — कौन जिम्मेदार?”
सबसे बड़ा सवाल यही है:
👉 जब घाट खतरनाक है तो वहां लोग क्यों पहुंच रहे हैं?
👉 क्यों नहीं है कोई बैरिकेडिंग?
👉 क्यों नहीं लगाए गए चेतावनी बोर्ड?
👉 क्यों नहीं तैनात हैं सुरक्षा कर्मी?
यह कोई छोटी चूक नहीं, बल्कि
👉 सीधी-सीधी प्रशासनिक लापरवाही
👉 और हादसे को खुला निमंत्रण है।
“पहले भी गई जान… फिर भी नहीं जागा सिस्टम”
हाल ही में
👉 दो श्रद्धालुओं की मौत
👉 एक व्यक्ति आज तक लापता
इसके बावजूद भी सुरक्षा के नाम पर केवल औपचारिकता ही नजर आ रही है।
“अगर आज 60 जानें चली जातीं…?”
सोचिए अगर आज
👉 ये 50–60 लोग नहीं बचते
👉 कितने घर उजड़ जाते
👉 कितनी मांओं की गोद सूनी हो जाती
👉 कितने बच्चे अनाथ हो जाते
सरकार मुआवजा देती, पुलिस शव ढूंढती…
लेकिन क्या किसी की जिंदगी वापस आ सकती थी?
जल पुलिस के जांबाजों को सलाम
इस रेस्क्यू ऑपरेशन में
👉 एडीशनल अतुल सिंह
👉 हेड कांस्टेबल प्रीतम हेड कांस्टेबल नरेंद्र
👉 हेड कांस्टेबल कुलतार किशन
👉 गोताखोर गौरव, विक्रांत, मनोज बहुखंडी, चिराग
ने जिस साहस का परिचय दिया, वह शब्दों से परे है।
ये जवान ही आज सच्चे अर्थों में “जीवित देवदूत” साबित हुए।
“अब भी नहीं चेते तो अगला हादसा तय है!”
बैसाखी पर्व और चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचने वाले हैं।
अगर अभी भी
👉 घाटों पर जंजीर नहीं लगी
👉 सुरक्षा इंतजाम नहीं हुए
👉 एंबुलेंस और रेस्क्यू अलर्ट नहीं हुआ
तो अगली बार किस्मत नहीं, हादसा इतिहास लिखेगा।
“मां गंगा ने बचाया… लेकिन कब तक?”
आज यह साफ है कि
👉 मां गंगा की कृपा
👉 और जल पुलिस के साहस
ने इस त्रासदी को टाल दिया।
लेकिन सवाल वही है —
क्या प्रशासन हर बार भगवान भरोसे ही रहेगा?
✍️ स्वतंत्र पत्रकार
रामेश्वर गौड़, हरिद्वार
    user_रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    18 hrs ago
  • गंगा जी में अचानक जलस्तर बढ़ा, 21 लोग टापू पर फंसे — पुलिस ने किया सफल रेस्क्यू हरिद्वार के कबीर कुटीर घाट (सप्तऋषि क्षेत्र) में रविवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब गंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से 21 लोग बीच टापू पर फंस गए। बताया जा रहा है कि सभी लोग गंगा स्नान कर रहे थे, तभी अचानक पानी का बहाव तेज हो गया और वे सुरक्षित बाहर नहीं निकल पाए। 👉 सूचना मिलते ही सप्तऋषि चौकी पुलिस, चेतक टीम और जल पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। 👉 बोट और आपदा राहत उपकरणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। 👉 स्थानीय लोगों के सहयोग से सभी फंसे लोगों को सुरक्षित किनारे पर लाया गया। 👥 रेस्क्यू किए गए लोगों में: 10 पुरुष 7 महिलाएं 4 बच्चे सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। ये सभी लोग दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के निवासी बताए गए हैं। ⚠️ प्रशासन की अपील: गंगा में स्नान करते समय जलस्तर और बहाव का विशेष ध्यान रखें। नदी के बीच बने टापू या गहरे स्थानों पर जाने से बचें। ✔ सतर्कता और पुलिस की तत्परता से एक बड़ी अनहोनी टल गई।
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    गंगा जी में अचानक जलस्तर बढ़ा, 21 लोग टापू पर फंसे — पुलिस ने किया सफल रेस्क्यू
हरिद्वार के कबीर कुटीर घाट (सप्तऋषि क्षेत्र) में रविवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब गंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से 21 लोग बीच टापू पर फंस गए।
बताया जा रहा है कि सभी लोग गंगा स्नान कर रहे थे, तभी अचानक पानी का बहाव तेज हो गया और वे सुरक्षित बाहर नहीं निकल पाए।
👉 सूचना मिलते ही सप्तऋषि चौकी पुलिस, चेतक टीम और जल पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।
👉 बोट और आपदा राहत उपकरणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
👉 स्थानीय लोगों के सहयोग से सभी फंसे लोगों को सुरक्षित किनारे पर लाया गया।
👥 रेस्क्यू किए गए लोगों में:
10 पुरुष
7 महिलाएं
4 बच्चे
सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। ये सभी लोग दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के निवासी बताए गए हैं।
⚠️ प्रशासन की अपील:
गंगा में स्नान करते समय जलस्तर और बहाव का विशेष ध्यान रखें।
नदी के बीच बने टापू या गहरे स्थानों पर जाने से बचें।
✔ सतर्कता और पुलिस की तत्परता से एक बड़ी अनहोनी टल गई।
    user_A Bharat News 10
    A Bharat News 10
    Local News Reporter हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    18 hrs ago
  • Sarkar ko is Vishesh per Dhyan Dena chahie
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    Sarkar ko is Vishesh per Dhyan Dena chahie
    user_RAVI KUMAR
    RAVI KUMAR
    भगवानपुर, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    19 hrs ago
  • उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से लोगों को नहीं मिल रहा न्याय सीएम हेल्पलाइन 1905 शिकायत प्रकोष्ठ चलकर न्याय दिलाने की कोशिश हुई नाकाम अधिकारी लोग कर रहे गुमराह नहीं मिल रहा लोगों को न्याय लोगों ने कहा 2027 में बताएंगे
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    उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से लोगों को नहीं मिल रहा न्याय सीएम हेल्पलाइन 1905 शिकायत प्रकोष्ठ चलकर न्याय दिलाने की कोशिश हुई नाकाम अधिकारी लोग कर रहे गुमराह नहीं मिल रहा लोगों को न्याय लोगों ने कहा 2027 में बताएंगे
    user_रवि कुमार आजाद
    रवि कुमार आजाद
    नरसन, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    16 hrs ago
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