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आजमगढ़ पुलिस ने सीईआईआर (CEIR) पोर्टल की सहायता से 372 खोए हुए एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन सभी बरामद मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों को सफलतापूर्वक वापस सौंप दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इन मोबाइलों की अनुमानित कुल कीमत लगभग 93 लाख रुपये है। यह कार्रवाई आजमगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे एक बड़े अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य गुम हुए मोबाइल फोन को उनके सही मालिकों तक पहुंचाना है। इस अभियान के तहत, फरवरी 2024 से अब तक कुल 5,022 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए जा चुके हैं। पुलिस ने जनता को सलाह दी है कि मोबाइल गुम होने पर समय पर सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करना उपयोगी साबित हो सकता है।
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आजमगढ़ पुलिस ने सीईआईआर (CEIR) पोर्टल की सहायता से 372 खोए हुए एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन सभी बरामद मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों को सफलतापूर्वक वापस सौंप दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इन मोबाइलों की अनुमानित कुल कीमत लगभग 93 लाख रुपये है। यह कार्रवाई आजमगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे एक बड़े अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य गुम हुए मोबाइल फोन को उनके सही मालिकों तक पहुंचाना है। इस अभियान के तहत, फरवरी 2024 से अब तक कुल 5,022 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए जा चुके हैं। पुलिस ने जनता को सलाह दी है कि मोबाइल गुम होने पर समय पर सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करना उपयोगी साबित हो सकता है।
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- आज़मगढ़ के सदर अस्पताल के ब्लड बैंक से जुड़ी शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर, एक तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ब्लड बैंक के रिकॉर्ड, स्टॉक और संबंधित प्रक्रियाओं की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो नियमानुसार संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, फिलहाल जांच अभी जारी है और किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है; अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट के आधार पर ही लिया जाएगा।1
- अतरौलिया में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक स्मरण पंखवाड़ा का आयोजन किया। इस अवसर पर, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष ने बयान दिया कि पार्टी 2027 में आजमगढ़ की सभी 10 सीटों पर जीत दर्ज करेगी।1
- आजमगढ़ में परिवार परामर्श प्रकोष्ठ/नई किरण की पहल से दो बिखरते परिवारों को एक बार फिर नया सहारा मिला है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में थाना कोतवाली परिसर स्थित परिवार परामर्श प्रकोष्ठ में आयोजित एक बैठक के दौरान काउंसलिंग और मध्यस्थता के माध्यम से दो पारिवारिक विवादों का सफलतापूर्वक समझौता कराया गया। इस बैठक में कुल 11 प्रकरणों के दोनों पक्षों को फोन और नोटिस के जरिए बुलाया गया था, जिनमें से सात मामलों में दोनों पक्ष उपस्थित हुए। गहन काउंसलिंग और आपसी संवाद के बाद दो मामलों में पति-पत्नी के मतभेद दूर किए गए और वे परिवारों को पुनः साथ रहने के लिए राजी हो गए। सुलझे हुए मामलों में, एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर भरण-पोषण न देने तथा घर से निकालने का आरोप लगाया था, जबकि दूसरे मामले में पति पर दहेज की मांग और ससुराल वालों द्वारा दंपति को घर में न रहने देने की शिकायत थी। काउंसलिंग के दौरान दोनों पक्षों को आपसी संवाद, सहनशीलता और पारिवारिक मूल्यों का महत्व समझाया गया, जिसके परिणामस्वरूप दोनों परिवारों में फिर से सामंजस्य स्थापित हो गया। समझौता कराने वाले परिवारों में गंभीरपुर थाना क्षेत्र की सुलताना और जीयनपुर थाना क्षेत्र की नाजो के परिवार शामिल रहे। पुलिस के अनुसार, 'नई किरण' प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य पारिवारिक विघटन को रोकना, बिखरते रिश्तों को जोड़ना और परिवारों में आपसी सामंजस्य स्थापित करना है। यह पहल न केवल परिवारों को एक नई दिशा दे रही है, बल्कि पारिवारिक न्यायालयों पर बढ़ते कार्यभार को कम करने में भी सहायक साबित हो रही है। शेष मामलों में दोनों पक्षों को अगली तिथि पर उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं, जिन पर आगे मध्यस्थता की कार्रवाई की जाएगी।1
- आजमगढ़ के फूलपुर में पीडब्ल्यूडी और रेलवे की सरकारी भूमि पर चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान लगभग 100 दुकानें और एक दर्जन दो-मंजिला मकान ध्वस्त कर दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूर्व में जारी नोटिसों के बाद नियमानुसार की गई थी। इस व्यापक अभियान के बाद कई प्रभावित परिवारों के सामने अब आजीविका और रोजगार की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है। हालांकि, प्रशासन अपनी कार्रवाई को सही ठहराते हुए इस बात पर जोर दे रहा है कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना अत्यंत आवश्यक था। इस घटना ने एक महत्वपूर्ण सवाल को जन्म दिया है कि क्या ऐसे मामलों में अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ प्रभावित लोगों के पुनर्वास और उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।1
- धनबाद में निरसा विधायक अरुण चटर्जी को धमकी दिए जाने के बाद गैंगस्टर प्रिंस खान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की गई है। शनिवार को एसएसपी प्रभात कुमार के निर्देश पर डीएसपी प्रकाश सोय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने वासेपुर स्थित प्रिंस खान के घर पर बुलडोजर से कार्रवाई की।1
- संतकबीरनगर जनपद की धनघटा पुलिस ने धोखाधड़ी और झपटमारी से जुड़े एक मामले में कार्रवाई करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से झपटमारी से प्राप्त कुल 30,000 रुपये भी बरामद किए हैं। यह गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी धनघटा श्री अभयनाथ मिश्र के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गई। मामले का संक्षिप्त विवरण यह है कि दिनांक 04.07.2026 को वादी श्री कामता प्रसाद सिंह निवासी झड़ौदा कला, बाबा हरिदास नगर, बाहरी दिल्ली ने धनघटा थाने में प्रार्थना पत्र दिया था। उन्होंने बताया कि वह गरीब लड़के-लड़कियों की शादी करवाते हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने अपने पूर्व परिचित आनंद उर्फ मुकेश पाल निवासी धमनौर, थाना ककरवई, जनपद झांसी से फोन पर बात कर लड़की के बारे में पूछा। आनंद उर्फ मुकेश ने अनामिका निषाद नामक लड़की की जानकारी दी और उसे देखने के लिए बुलाया। वादी दिनांक 02.07.2026 को उमरिया बाजार आकर आनंद उर्फ मुकेश से मिले, जहां मुकेश ने उन्हें लड़की अनामिका की बहन विमल से मिलवाया। इसके बाद आनंद उर्फ मुकेश उन्हें घर के अन्य लोगों से मिलवाने की बात कहकर सभी को रात्रि में औराडाड नदी के किनारे एक बंधे पर ले गए। वहां गगन यादव भी मिला। सभी लोग वादी से बात कर रहे थे, तभी अचानक सभी ने मिलकर उनके हाथ में रखे बैग से 30,000 रुपये झपट्टा मारकर छीन लिए और भाग गए। जब तक वादी कुछ समझ पाते, सभी वहां से फरार हो चुके थे। उन्होंने 112 पर सूचना दी और आरोपियों को ढूंढा, लेकिन न मिलने पर दिनांक 04.07.2026 को थाने में सूचना दर्ज कराई। इस प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना धनघटा पर मु0अ0सं0 476/2026 धारा 318(4), 304(2) बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था, जिसमें बाद में बरामदगी के आधार पर धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान आनंद उर्फ मुकेश पाल पुत्र श्री रामसनेही (निवासी धमनोड़, थाना ककरवई, जनपद झांसी), गगन यादव पुत्र स्व0 श्रीराम यादव (निवासी सिकरीगंज, थाना सिकरींगज, जनपद गोरखपुर), विमल पत्नी राजकुमार (निवासनी बहरामपुर दक्षिणी, थाना गीडा, जनपद गोरखपुर), और अनामिका निषाद पुत्री धर्मदेव निषाद (निवासनी सिहापार, थाना सहजनवा, जनपद गोरखपुर) के रूप में हुई है। पूछताछ में इन सभी ने बताया कि वे चारों मिलकर एक गिरोह बनाते हैं और शादी का झांसा देकर ग्राहकों को फंसाते हैं। वे घर दिखाने या शादी की बात करने के बहाने सुनसान रास्तों पर ले जाकर पैसे से भरा बैग झपट्टा मारकर छीन लेते हैं। अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि आनंद उर्फ मुकेश पाल उनका लीडर है, जो ग्राहक फंसाकर लाता है और फिर वे घटना को अंजाम देते हैं। वे आपस में काम के हिसाब से पैसे बांट लेते हैं और इसी से अपना तथा अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। इन सभी अभियुक्तों को कुल 30,000 रुपये की बरामदगी के साथ बेलहरघाट मंदिर के पास से गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया। गिरफ्तारी करने वाली संयुक्त टीम में प्रभारी निरीक्षक थाना धनघटा श्री दिलीप सिंह, एसओजी प्रभारी श्री रजनीश राय, उपनिरीक्षक श्री रवीन्द्र सिंह यादव, हेड कांस्टेबल बदरे आलम, कांस्टेबल रवि चौरसिया, महिला हेड कांस्टेबल इन्द्रावती, महिला कांस्टेबल प्रतिमा यादव, हेड कांस्टेबल अनूप राय, हेड कांस्टेबल विवेक राय, कांस्टेबल दीपक सिंह, कांस्टेबल सर्वेश मिश्रा, कांस्टेबल अभिषेक सिंह, कांस्टेबल शुभम सिंह और कांस्टेबल विवेक मिश्रा शामिल थे।1
- आजमगढ़ पुलिस ने सीईआईआर (CEIR) पोर्टल की सहायता से 372 खोए हुए एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन सभी बरामद मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों को सफलतापूर्वक वापस सौंप दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इन मोबाइलों की अनुमानित कुल कीमत लगभग 93 लाख रुपये है। यह कार्रवाई आजमगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे एक बड़े अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य गुम हुए मोबाइल फोन को उनके सही मालिकों तक पहुंचाना है। इस अभियान के तहत, फरवरी 2024 से अब तक कुल 5,022 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए जा चुके हैं। पुलिस ने जनता को सलाह दी है कि मोबाइल गुम होने पर समय पर सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करना उपयोगी साबित हो सकता है।1
- आजमगढ़ जिले के लालगंज में दबंगई की एक घटना सामने आई है, जहाँ एक सर्राफा कारोबारी और उनके बेटे के साथ मारपीट की गई है। जानकारी के अनुसार, दबंगों ने सीधे उनकी दुकान में घुसकर कारोबारी और उनके बेटे पर हमला किया। इस मामले में सोनू सोनकर समेत कुल तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी गई है।1