गाजीपुर के जखनियां स्थित भुड़कुड़ा थाना क्षेत्र के माखनपुर गांव में नाद-खूंटा को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि दबंगों ने एक 75 वर्षीय बुजुर्ग और उनके पोते पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पीड़ित पक्ष ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाते हुए आधा दर्जन नामजद लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी 75 वर्षीय मुखराम मौर्य अपने घर के बाहर नाद-चरनी पर गाय बांध रहे थे, तभी पड़ोसी घनश्याम और गगन से उनकी कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर गगन ने अपने साथियों को मौके पर बुला लिया, जिन्होंने मिलकर मुखराम मौर्य और उनके पोते विकास पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट में दोनों गंभीर रूप से चोटिल हो गए। शोर-शराबा सुनकर परिवार की महिलाएं और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। घटना के बाद घायल मुखराम मौर्य ने भुड़कुड़ा थाने पहुंचकर आरोपितों के खिलाफ तहरीर दी। भुड़कुड़ा थाना पुलिस ने इस संबंध में बताया है कि प्राप्त तहरीर के आधार पर मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गाजीपुर के जखनियां स्थित भुड़कुड़ा थाना क्षेत्र के माखनपुर गांव में नाद-खूंटा को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि दबंगों ने एक 75 वर्षीय बुजुर्ग और उनके पोते पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पीड़ित पक्ष ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाते हुए आधा दर्जन नामजद लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी 75 वर्षीय मुखराम मौर्य अपने घर के बाहर नाद-चरनी पर गाय बांध रहे थे, तभी पड़ोसी घनश्याम और गगन से उनकी कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर गगन ने अपने साथियों को मौके पर बुला लिया, जिन्होंने मिलकर मुखराम मौर्य और उनके पोते विकास पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट में दोनों गंभीर रूप से चोटिल हो गए। शोर-शराबा सुनकर परिवार की महिलाएं और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। घटना के बाद घायल मुखराम मौर्य ने भुड़कुड़ा थाने पहुंचकर आरोपितों के खिलाफ तहरीर दी। भुड़कुड़ा थाना पुलिस ने इस संबंध में बताया है कि प्राप्त तहरीर के आधार पर मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- गाजीपुर कलेक्ट्रेट सभागार में सांसद अफजाल अंसारी की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में जनप्रतिनिधियों और जिला स्तरीय अधिकारियों ने विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की, जहाँ सड़क, बिजली, बाढ़, खाद, पेंशन, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी कई प्रमुख क्षेत्रों में गंभीर कमियाँ उजागर हुईं। सांसद ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लंबित सड़क निर्माण कार्यों को तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए और किसानों को उनकी जोत के अनुसार खाद उपलब्ध कराने पर जोर दिया। बरसात के मौसम और संभावित बाढ़ को देखते हुए गंगा किनारे के लगभग 30 बाढ़ प्रभावित गाँवों में राहत तैयारियों में तेजी लाने, पशुओं का टीकाकरण करने और मोबाइल मेडिकल वैन तैनात करने के आदेश दिए गए। बैठक में 30 जीवित लोगों को मृत घोषित कर उनकी पेंशन बंद किए जाने का एक अत्यंत गंभीर मामला भी सामने आया, जिस पर तत्काल जांच कर पेंशन बहाल करने के निर्देश दिए गए। जल जीवन मिशन की धीमी प्रगति पर भी गहरी नाराजगी जताई गई। इसके अतिरिक्त, बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठे, जहाँ उपभोक्ताओं के उत्पीड़न और जले ट्रांसफॉर्मर समय पर न बदलने की शिकायतें सामने आईं। सांसद ने जर्जर सड़कों, स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की कमी, नहरों में पानी की उपलब्धता, पेयजल आपूर्ति और स्कूलों की मरम्मत जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों का भी शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।1
- उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में जमीन कब्जा से जुड़े एक मामले पर घोसी से सांसद राजीव राय का पहला बयान सामने आया है।1
- जौनपुर जिले के जलालपुर रेलवे क्रॉसिंग पर बनने वाले ओवरब्रिज के पिलर निर्माण का कार्य जारी है।1
- चंदौली में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं पर एक मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसे लेकर राजनीतिक गतिविधियां शुरू हो गई हैं। इस पूरे घटनाक्रम में पूर्व सपा सांसद रामकिशन यादव का भी उल्लेख किया गया है।1
- चंदौली में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार को जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सक्रिय दिखा। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने अलीनगर क्षेत्र का दौरा कर मोहर्रम जुलूस मार्गों तथा संवेदनशील स्थलों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्र शेखर, क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर अरुण कुमार सिंह, अलीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक घनश्याम शुक्ला सहित अन्य पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जुलूस मार्ग, ताजिया रखने के स्थानों और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों की बारीकी से जांच की और सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों और मोहर्रम कमेटी के सदस्यों से भी बातचीत कर जुलूस के दौरान संभावित समस्याओं की जानकारी ली। जलभराव, बिजली के लटकते तार और सड़क की स्थिति जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने जोर देकर कहा कि मोहर्रम का पर्व आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द का संदेश देता है। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रशासन का सहयोग करने और शासन की गाइडलाइन का पालन करते हुए पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की। वहीं, पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। निरीक्षण के क्रम में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा, यातायात एवं अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने मोहर्रम पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश भी दिए।1
- शनिवार को रेवतीपुर में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस.के. सरोज के औचक निरीक्षण के दौरान टीकाकरण सत्र स्थलों पर गंभीर लापरवाही सामने आई। निरीक्षण में कई केंद्रों पर साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब मिली और महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भी अद्यतन नहीं पाए गए। इसके अतिरिक्त, कुछ स्थानों पर टीकाकरण सत्र स्थल बिना किसी पूर्व सूचना के बदल दिए गए थे, वहीं कुछ केंद्र पूरी तरह से बंद मिले। डॉ. सरोज ने डेटा फीडिंग और स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में भी गंभीर खामियां पाईं। इस व्यापक लापरवाही के मद्देनजर, दो सीएचओ और चार एएनएम सहित कुल छह स्वास्थ्यकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सरोज ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- सोमवार को जनपद मऊ की दीवानी कचहरी में उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला न्याय की गुहार लगाते हुए न्यायालय परिसर स्थित पानी की टंकी पर जा चढ़ी। महिला का आरोप है कि गांव का दबंग प्रधान पति उसके परिवार का लगातार उत्पीड़न कर रहा है और प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई न होने से आहत होकर उसे यह आत्मघाती कदम उठाना पड़ा। पानी की टंकी पर चढ़ी इस महिला की पहचान ग्राम अकबरपुर (थाना रानीपुर) निवासी सपना सिंह (पत्नी राजीव कुमार सिंह) के रूप में हुई। सपना सिंह ने टंकी पर चढ़कर रोते हुए बताया कि उसने एक सप्ताह पहले ही जिलाधिकारी मऊ को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी। उन्होंने लिखित रूप से चेतावनी दी थी कि यदि उसकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ और स्थानीय पुलिस-प्रशासन ने उसकी सुनवाई नहीं की, तो वह पानी की टंकी पर चढ़कर आत्महत्या कर लेगी। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन की कथित लापरवाही के कारण यह हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। पीड़िता सपना सिंह ने गांव के ही प्रधान पति सतीश सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि सतीश सिंह बेहद दबंग किस्म का व्यक्ति है जिसने उनके पूरे परिवार का जीना मुहाल कर रखा है। हद तो तब हो गई जब उसने अपनी हनक के बल पर उनके जीविकोपार्जन के साधन (ऑटो) का ₹10,000 का भारी-भरकम चालान करवा दिया। उन्होंने यह भी बताया कि यह मामला केवल हालिया विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे जमीन कब्जाने का एक लंबा इतिहास है। पूर्व में भी पीड़िता ने मुख्यमंत्री के 'जनता दर्शन' में गुहार लगाई थी, जिसमें आरोप था कि प्रधान पति सतीश सिंह पिछले कई वर्षों से उनकी भूमिधरी जमीन पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। पीड़िता के अनुसार, विगत दिनों बिजली के करंट से उनकी गाय की मौत होने पर जब वीडियो बनाया गया, तो पुलिस की मौजूदगी में ही उनका मोबाइल छीनकर पानी में फेंक दिया गया और पूरे परिवार को बेरहमी से पीटा गया। सपना सिंह ने हल्का लेखपाल शिव लाल यादव पर भी मोटी रकम लेकर विपक्षियों से सांठगांठ करने और फर्जी रिपोर्ट लगाकर मामले को दबाने का आरोप लगाया। न्यायालय परिसर में महिला के टंकी पर चढ़ने की खबर फैलते ही कोतवाली पुलिस और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया, जहाँ टंकी के नीचे भारी भीड़ जमा हो गई। लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत और पुलिस अधिकारियों द्वारा 'हर संभव मदद व निष्पक्ष जांच' के ठोस आश्वासन के बाद महिला को सुरक्षित नीचे उतारा जा सका, तब जाकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली। पुलिस अधिकारियों ने इस संबंध में बताया कि महिला को समझाकर नीचे उतार लिया गया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग को निष्पक्ष जांच व प्रधान पति के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।3