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जौनपुर जिले के जलालगंज स्टेशन के ठीक बगल में रेलवे कर्मचारियों और मजदूरों के लिए एक रेन बसेरा तैयार किया गया है।
Jitendra bahadur Dubey
जौनपुर जिले के जलालगंज स्टेशन के ठीक बगल में रेलवे कर्मचारियों और मजदूरों के लिए एक रेन बसेरा तैयार किया गया है।
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- गोरखपुर के बढ़लगंज स्थित पटना चौराहा पर सत्यम अस्पताल का एक वीडियो साझा किया गया है। वीडियो बनाने वाले के अनुसार, यह उनकी पहली बार है जब उन्होंने इस डॉक्टर का नाम सुना है, और लोग इस डॉक्टर को अच्छा बता रहे हैं। अस्पताल में एक्स-रे का शुल्क 450 रुपये है, और अन्य जानकारियाँ अभी जुटाई जा रही हैं। भविष्य में भी और वीडियो साझा किए जाने की बात कही गई है, जिसके लिए दर्शकों से सहयोग की अपील की गई है ताकि उन्हें अच्छी वीडियो दिखाते रहें।1
- जौनपुर में आज सुबह मौसम ठंडा होने के कारण सड़कों पर खासी चहल-पहल देखी गई। हालाँकि, दिन चढ़ते ही और दोपहर आते-आते एक बार फिर उमस भरी गर्मी ने दस्तक दे दी।1
- सोनभद्र के मांची थाना क्षेत्र में भारी वर्षा के दौरान पहाड़ से पड़वा नाला में अचानक अत्यधिक जलप्रवाह हो जाने के कारण तीन व्यक्ति बह गए। इस घटना में, एक व्यक्ति को सकुशल बचा लिया गया है और एक अन्य व्यक्ति का शव बरामद कर लिया गया है। वहीं, तीसरे व्यक्ति की तलाश की जा रही है। उक्त घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी सदर, सोनभद्र राज सोनकर ने जानकारी दी है।1
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र में 29 जून की शाम एक पारिवारिक विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया, जहाँ अधिवक्ता प्रशांत कुमार चतुर्वेदी पर जानलेवा हमला किया गया। इस हमले में अधिवक्ता गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनकी पत्नी रोमी चतुर्वेदी ने ससुराल पक्ष के पाँच लोगों पर मारपीट करने, छेड़छाड़ करने और जेवर छीनने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।1
- चंदौली के मारूफपुर में नव निर्मित मृत्युंजय महादेव शिव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से पहले मूर्ति नगर भ्रमण कराया गया। इस शुभ और आध्यात्मिक अवसर पर ग्रामवासियों ने बड़ी संख्या में इस शोभायात्रा में उत्साहपूर्वक शामिल होकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।1
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र स्थित स्वर्वेद महामंदिर धाम की दिव्य भूमि पर आयोजित सद्गुरु कबीर प्राकट्य महोत्सव का समापन एक भव्य आध्यात्मिक उत्सव के रूप में हुआ। इस आयोजन को केवल एक धार्मिक कार्यक्रम न मानते हुए, इसे आत्मजागृति, मानवीय एकता और विचार-क्रांति का महत्वपूर्ण प्रेरणास्रोत बताया गया। महोत्सव से हजारों श्रद्धालु 'दीये से दीया जलाएं' का पावन संदेश लेकर अपने-अपने घरों को लौटे। समापन दिवस पर, संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज ने भाव-विभोर होकर मंच से उद्घोष किया कि "चलो दीप वहां जलाएं, जहां अभी अंधेरा है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब तक व्यक्ति अपने भीतर के अंधकार को नहीं समझता, तब तक बाहरी प्रकाश भी अधूरा है, और कबीर साहेब की वाणी हमें बाहर नहीं, बल्कि अपने भीतर झांकने का दृष्टिकोण प्रदान करती है। इसी अवसर पर, सद्गुरु आचार्य श्री स्वतंत्र देव जी महाराज ने विवेक, धैर्य, क्षमा और शांति को मानव के आभूषण के रूप में वर्णित करते हुए इन्हें व्यवहारिक जीवन में अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने मानव-मानव के बीच परस्पर प्रेम और सद्भावना को अत्यंत आवश्यक बताया। महोत्सव के दौरान भीषण तपती दोपहरी में भी श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं देखी गई। प्रबंधन द्वारा शीतल जल की प्याऊ, पर्याप्त छाया व्यवस्था और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं की उत्तम व्यवस्था की गई थी, जिसकी सभी श्रद्धालुओं ने खुले दिल से सराहना की। यह भव्य कबीर प्राकट्य महोत्सव हजारों श्रद्धालुओं को गहन प्रेरणा के साथ संपन्न हुआ।1
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- वाराणसी में एक पारिवारिक विवाद के दौरान हिंसा का मामला सामने आया है, जिसमें एक अधिवक्ता पर हमला किया गया। इस घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।1