जिस गांव का जमीनी रिकॉर्ड ही नहीं वहां कैसे दे दी पूर्व विधायक के परिवार ने रास्तों के लिए जमीन:सत्ती ऊना। विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लालसिंगी गांव में जिस अधिकारी को जमीनी बंदोबस्त का जिम्मा सौंपा गया है, वह पहले ही भ्रष्टाचार के मामलों में विजिलेंस के शिकंजे में आ चुका है। इसके बावजूद उसे एक या दो बार नहीं बल्कि तीन बार सेवा विस्तार दिया जाना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। विधायक ने बताया कि उन्होंने स्वयं मुख्यमंत्री से इस विषय पर सवाल उठाया है कि आखिर किसके कहने पर एक ही अधिकारी को बार-बार जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव में गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों की जमीन को भूमाफिया के हाथों में सौंपने की साजिश रची जा रही है और प्रशासनिक संरक्षण के चलते यह प्रक्रिया तेज हो रही है। विधायक ने कहा कि गांव के बुजुर्गों के अनुसार वहां करीब 400 कनाल सरकारी जमीन है, लेकिन वर्तमान बंदोबस्त में यह रकबा बेहद कम दर्शाया जा रहा है, जिससे संदेह और गहरा जाता है। सत्ती ने पूर्व विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें चुनौती देने से पहले अपने ही गांव के लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं और पीड़ा समझनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी कहा कि गांव के लोग सत्ताधारी दल के नेताओं से न्याय की उम्मीद करने के बजाय हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने को मजबूर हो रहे हैं, जो इस बात का संकेत है कि भ्रष्टाचार का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। विधायक ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
जिस गांव का जमीनी रिकॉर्ड ही नहीं वहां कैसे दे दी पूर्व विधायक के परिवार ने रास्तों के लिए जमीन:सत्ती ऊना। विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लालसिंगी गांव में जिस अधिकारी को जमीनी बंदोबस्त का जिम्मा सौंपा गया है, वह पहले ही भ्रष्टाचार के मामलों में विजिलेंस के शिकंजे में आ चुका है। इसके बावजूद उसे एक या दो बार नहीं बल्कि तीन बार सेवा विस्तार दिया जाना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। विधायक ने बताया कि उन्होंने स्वयं मुख्यमंत्री से इस विषय पर सवाल उठाया है कि आखिर किसके कहने पर एक ही अधिकारी को बार-बार जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव में गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों की जमीन को भूमाफिया के हाथों में सौंपने की साजिश रची जा रही है और प्रशासनिक संरक्षण के चलते यह प्रक्रिया तेज हो रही है। विधायक ने कहा कि गांव के बुजुर्गों के अनुसार वहां करीब 400 कनाल सरकारी जमीन है, लेकिन वर्तमान बंदोबस्त में यह रकबा बेहद कम दर्शाया जा रहा है, जिससे संदेह और गहरा जाता है। सत्ती ने पूर्व विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें चुनौती देने से पहले अपने ही गांव के लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं और पीड़ा समझनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी कहा कि गांव के लोग सत्ताधारी दल के नेताओं से न्याय की उम्मीद करने के बजाय हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने को मजबूर हो रहे हैं, जो इस बात का संकेत है कि भ्रष्टाचार का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। विधायक ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
- ऊना। विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लालसिंगी गांव में जिस अधिकारी को जमीनी बंदोबस्त का जिम्मा सौंपा गया है, वह पहले ही भ्रष्टाचार के मामलों में विजिलेंस के शिकंजे में आ चुका है। इसके बावजूद उसे एक या दो बार नहीं बल्कि तीन बार सेवा विस्तार दिया जाना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। विधायक ने बताया कि उन्होंने स्वयं मुख्यमंत्री से इस विषय पर सवाल उठाया है कि आखिर किसके कहने पर एक ही अधिकारी को बार-बार जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव में गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों की जमीन को भूमाफिया के हाथों में सौंपने की साजिश रची जा रही है और प्रशासनिक संरक्षण के चलते यह प्रक्रिया तेज हो रही है। विधायक ने कहा कि गांव के बुजुर्गों के अनुसार वहां करीब 400 कनाल सरकारी जमीन है, लेकिन वर्तमान बंदोबस्त में यह रकबा बेहद कम दर्शाया जा रहा है, जिससे संदेह और गहरा जाता है। सत्ती ने पूर्व विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें चुनौती देने से पहले अपने ही गांव के लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं और पीड़ा समझनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी कहा कि गांव के लोग सत्ताधारी दल के नेताओं से न्याय की उम्मीद करने के बजाय हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने को मजबूर हो रहे हैं, जो इस बात का संकेत है कि भ्रष्टाचार का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। विधायक ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।1
- --हमीरपुर न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप जिला न्यायालय परिसर को बम से उड़ने की मिली धमकी गुमनाम ईमेल के माध्यम से मिली है धमकी जिला न्यायिक परिसर को करवाया गया खाली मौके पर डीएसपी नितिन शर्मा और हरीश गुलरिया है मौजूद डॉग स्क्वाड से न्याय परिसर को खगाला गया हमीरपुर जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने से शुक्रवार को हड़कंप मच गया। ईमेल मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और एहतियातन न्यायालय परिसर को तुरंत खाली करवा दिया गया। न्यायालय में मौजूद अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और आम लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। पूरे परिसर की गहन तलाशी ली जा रही है। पुलिस के अनुसार यह एक गंभीर सुरक्षा मामला है और हर पहलू से जांच की जा रही है। ईमेल भेजने वाले की पहचान और लोकेशन का पता लगाने के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उधर न्यायिक परिसर को बस से उडाने की धमकी मिलने के बाद कोर्ट कम्रचारियों में हडंकप देखा गया है और कोर्ट परिसर के बाहर कर्मचारियों व लेागों का जमाबडा लग गया। वहीं जिला बार एसोसिएशन के सदस्य एस ठाकुर ने बताया कि जिला न्यायालय को धमकी भरी ई.मेल प्राप्त हुई है जिसके बाद पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर पूरे कोर्ट परिसर को खाली करवा दिया और तलाशी अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि सभी वकीलों और कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं पुलिस अधीक्षक हमीरपुर बलवीर सिंह ठाकुर ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। सूचना मिलते ही कोर्ट परिसर को खाली करवाकर तलाशी ली जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि धमकी भरी ई.मेल कहां से और किसके द्वारा भेजी गई है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।2
- Post by Dinesh Kumar1
- सोशल मीडिया पर एक मज़ेदार वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें नीचे चल रहे एक गंभीर से दिखने वाले हालात पर छत से एक कुत्ता झांकता नज़र आ रहा है। कुत्ते का एक्सप्रेशन ऐसा है मानो वह पूरे मामले का जायज़ा ले रहा हो। यूज़र्स इस वीडियो को देखकर जमकर हंस रहे हैं और इसे “सीरियस मैटर का सबसे साइलेंट गवाह” बता रहे हैं। #ViralVideo #FunnyVideo #DogReaction #DesiMemes #ComedyReels #TrendingNow #InstaReels #DogLife #FunnyMoments #InternetBreaking1
- Full Video Link https://youtu.be/lFnn_gwYsX4?si=-0ay7b7aVHT2Qkpj1
- Post by Joginder Kumar San off Jay Kishan Thakur district Bilaspur1
- 🚨 UGC – BJP – CONGRESS 🚨 सवर्ण समाज के ख़िलाफ़ काले क़ानून देश में शिक्षा का नाम लेकर योग्यता की हत्या की जा रही है। UGC के आदेश हों या BJP–Congress की सरकारें — हर फ़ैसले में सवर्ण समाज को ही कटघरे में खड़ा किया गया। जहाँ मेहनत बोलनी चाहिए थी, वहाँ पहचान थोप दी गई। जहाँ अंक निर्णायक होने चाहिए थे, वहाँ राजनीति घुसा दी गई। ये सुधार नहीं हैं — ये साज़िश है। ये नीति नहीं — राजनीतिक सौदेबाज़ी है। कांग्रेस ने वर्षों तक सवर्ण समाज को अपराधी समझा, और BJP ने सत्ता में आकर उसी अन्याय को “सुधार” कहकर आगे बढ़ाया। एक ने दर्द दिया, दूसरे ने मरहम का झूठा वादा किया — नतीजा वही रहा: सवर्ण समाज हाशिए पर। जब वोट चाहिए — तब राष्ट्रवाद याद आता है। जब हक़ की बात आती है — तब चुप्पी, जेल और नोटिस मिलते हैं। UGC के फ़ैसले हों, या सरकार के अध्यादेश — हर बार बोझ सवर्ण युवाओं के कंधों पर ही क्यों? क्यों मेहनत को अपराध बनाया गया? क्यों योग्यता को शर्मसार किया गया? क्यों सवर्ण समाज को बलि का बकरा बनाया गया? अब बहुत हो चुका। ये लड़ाई किसी समाज के ख़िलाफ़ नहीं — ये लड़ाई अन्याय के ख़िलाफ़ है। ये चेतावनी है सत्ता के लिए: अगर काले क़ानून वापस नहीं लिए गए, अगर योग्यता को न्याय नहीं मिला, अगर सवर्ण समाज की आवाज़ को फिर दबाया गया — तो यह समाज वोट नहीं, हिसाब करेगा। अब न अंधभक्ति चलेगी, न डर की राजनीति। ✊ सवर्ण समाज जाग चुका है। ✊ अब जवाब चाहिए — वादे नहीं। जो सवर्ण समाज के हक़ में नहीं — वो सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार खो चुका है। ✍️ #ब्यास_ठाकुर ✊ #देवभूमि_क्षत्रिय_संगठन ✊ #सवर्ण_मोर्चा #UGC_काले_क़ानून #BJP_Congress_जवाब_दो #योग्यता_पर_वार_नहीं_सहेंगे #अब_चुप्पी_अपराध_है1
- Post by Dinesh Kumar1