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ऑपरेशन ईगल के तहत थाना करहिया पुलिस की कार्यवाही भ्रमण के दौरान पुलिस ने ग्राम स्याऊ के पास दो बदमाशों को 315 बोर का कट्टा व 04 जिंदा राउण्ड सहित किया गिरफ्तार ऑपरेशन ईगल के तहत थाना करहिया पुलिस की कार्यवाही भ्रमण के दौरान पुलिस ने ग्राम स्याऊ के पास दो बदमाशों को 315 बोर का कट्टा व 04 जिंदा राउण्ड सहित किया गिरफ्तार थाना करहिया में दोनों आरोपियों के खिलाफ अप0क्र0- 82/26 धारा 25/27 आर्म्स एक्ट का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुलिस द्वारा आरोपियों से अवैध हथियार के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही है। *गिरफ्तार आरोपी* 1. बृजेश पुत्र मलखान सिंह रावत उम्र 20 साल निवासी ग्राम स्याऊ थाना करहिया ग्वा0। 2. रिंकू रावत पुत्र प्राण सिंह रावत उम्र 32 साल निवासी ग्राम स्याऊ थाना करहिया ग्वा0। जप्त मशरूका:- एक 315 बोर का कट्टा व चार 315 बोर के जिन्दा राउण्ड #highlightseveryone #bhitarwar #gwalior Gwalior Police

1 hr ago
user_Rahul kushwah
Rahul kushwah
Local News Reporter भितरवार, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
1 hr ago
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ऑपरेशन ईगल के तहत थाना करहिया पुलिस की कार्यवाही भ्रमण के दौरान पुलिस ने ग्राम स्याऊ के पास दो बदमाशों को 315 बोर का कट्टा व 04 जिंदा राउण्ड सहित किया गिरफ्तार ऑपरेशन ईगल के तहत थाना करहिया पुलिस की कार्यवाही भ्रमण के दौरान पुलिस ने ग्राम स्याऊ के पास दो बदमाशों को 315 बोर का कट्टा व 04 जिंदा राउण्ड सहित किया गिरफ्तार थाना करहिया में दोनों आरोपियों के खिलाफ अप0क्र0- 82/26 धारा 25/27 आर्म्स एक्ट का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुलिस द्वारा आरोपियों से अवैध हथियार के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही है। *गिरफ्तार आरोपी* 1. बृजेश पुत्र मलखान सिंह रावत उम्र 20 साल निवासी ग्राम स्याऊ थाना करहिया ग्वा0। 2. रिंकू रावत पुत्र प्राण सिंह रावत उम्र 32 साल निवासी ग्राम स्याऊ थाना करहिया ग्वा0। जप्त मशरूका:- एक 315 बोर का कट्टा व चार 315 बोर के जिन्दा राउण्ड #highlightseveryone #bhitarwar #gwalior Gwalior Police

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • सिंध नदी में 13 वर्षीय मासूम डूबा, तलाश में जुटे गोताखोर बिजरौनी और घुरवार घाट के बीच हुआ हादसा, पुलिस मौके पर पहुंची; SDERF की रेस्क्यू टीम भी बुलाई गई शिवपुरी। जिले के इंदार थाना क्षेत्र में सिंध नदी में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। ग्राम बिजरौनी और घुरवार घाट के बीच सिंध नदी में 13 वर्षीय मासूम के डूबने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे पहुंच गए हैं। जानकारी के अनुसार बिजरौनी गांव निवासी 13 वर्षीय सौरभ पुत्र बब्लू कुशवाहा अपनी मां के साथ सिंध नदी की ओर गया था। इसी दौरान वह नदी में डूब गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल बच्चे की तलाश शुरू की और पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, स्थानीय गोताखोर तलाश में जुटे घटना की सूचना मिलते ही इंदार थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों और स्थानीय गोताखोरों की मदद से सिंध नदी में मासूम की तलाश शुरू कर दी गई है। नदी के आसपास लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मासूम के नदी में डूबने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। हर कोई बच्चे के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए हुए है। SDERF टीम को भी बुलाया गया हादसे की गंभीरता को देखते हुए SDERF की रेस्क्यू टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। टीम के पहुंचने के बाद नदी में सर्च ऑपरेशन को और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा। पुलिस और ग्रामीण गोताखोर फिलहाल अपने स्तर पर बच्चे की तलाश में जुटे हुए हैं। फिलहाल मासूम सौरभ के नदी में डूबने के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। समाचार लिखे जाने तक मासूम की तलाश जारी थी। पुलिस, स्थानीय गोताखोरों और रेस्क्यू टीम की मदद से बच्चे को खोजने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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    सिंध नदी में 13 वर्षीय मासूम डूबा, तलाश में जुटे गोताखोर
बिजरौनी और घुरवार घाट के बीच हुआ हादसा, पुलिस मौके पर पहुंची; SDERF की रेस्क्यू टीम भी बुलाई गई
शिवपुरी। जिले के इंदार थाना क्षेत्र में सिंध नदी में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। ग्राम बिजरौनी और घुरवार घाट के बीच सिंध नदी में 13 वर्षीय मासूम के डूबने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे पहुंच गए हैं।
जानकारी के अनुसार बिजरौनी गांव निवासी 13 वर्षीय सौरभ पुत्र बब्लू कुशवाहा अपनी मां के साथ सिंध नदी की ओर गया था। इसी दौरान वह नदी में डूब गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल बच्चे की तलाश शुरू की और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस मौके पर पहुंची, स्थानीय गोताखोर तलाश में जुटे
घटना की सूचना मिलते ही इंदार थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों और स्थानीय गोताखोरों की मदद से सिंध नदी में मासूम की तलाश शुरू कर दी गई है। नदी के आसपास लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
मासूम के नदी में डूबने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। हर कोई बच्चे के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए हुए है।
SDERF टीम को भी बुलाया गया
हादसे की गंभीरता को देखते हुए SDERF की रेस्क्यू टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। टीम के पहुंचने के बाद नदी में सर्च ऑपरेशन को और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा। पुलिस और ग्रामीण गोताखोर फिलहाल अपने स्तर पर बच्चे की तलाश में जुटे हुए हैं।
फिलहाल मासूम सौरभ के नदी में डूबने के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।
समाचार लिखे जाने तक मासूम की तलाश जारी थी। पुलिस, स्थानीय गोताखोरों और रेस्क्यू टीम की मदद से बच्चे को खोजने के प्रयास किए जा रहे हैं।
    user_Deepak Journalist
    Deepak Journalist
    TV News Anchor नरवर, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • दिनारा में जमीनों पर ‘भूमि माफिया’ की नजर का आरोप, गरीब बोले—कागज हमारे, कब्जा दबंगों का! समाजसेवी कल्लू महाराज ने उठाई जांच की मांग *दिनारा में जमीनों पर ‘भूमि माफिया’ की नजर का आरोप, गरीब बोले—कागज हमारे, कब्जा दबंगों का! समाजसेवी कल्लू महाराज ने उठाई जांच की मांग* *खसरा नंबर 347 की जमीन को लेकर गंभीर सवाल, मृत व्यक्ति की जमीन की रजिस्ट्री कैसे हुई? कलेक्टर अर्पित वर्मा और करैरा एसडीएम से पुनः जांच की मांग* दिनारा/शिवपुरी। दिनारा क्षेत्र में भूमि संबंधी विवादों और कथित अवैध कब्जों को लेकर समाजसेवी कल्लू महाराज ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों की जमीनों पर दबंगों तथा कथित भूमि माफियाओं की नजर है। उनका कहना है कि कई मामलों में जमीनों की रजिस्ट्री, वास्तविक रकबे और मौके पर कब्जे की स्थिति की जांच की आवश्यकता है। समाजसेवी कल्लू महाराज ने शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा और करैरा एसडीएम से दिनारा क्षेत्र में भूमि संबंधी मामलों की व्यापक जांच एवं आवश्यकतानुसार अभियान चलाकर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है। *खसरा नंबर 347 को लेकर उठे गंभीर सवाल* कल्लू महाराज ने दिनारा में अशोक होटल के पास स्थित खसरा नंबर 347 की जमीन को लेकर विशेष जांच की मांग उठाई है। उनका आरोप है कि उक्त जमीन में उपलब्ध वास्तविक रकबे और दस्तावेजों में दर्ज रकबे के बीच अंतर की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व रिकॉर्ड, नक्शा, सीमांकन, रजिस्ट्री दस्तावेज और मौके की वास्तविक स्थिति का मिलान कराया जाए। यदि रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में कोई अंतर पाया जाता है तो नियमानुसार जिम्मेदारी तय की जाए। *मृत व्यक्ति के नाम से रजिस्ट्री का दावा, जांच की मांग* कल्लू महाराज ने एक और गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि बैजनाथ पुत्र जगदीश तिवारी, जिनके बारे में बताया गया है कि उनका निधन हो चुका है, उनसे संबंधित जमीन की रजिस्ट्री कैसे हुई—इसकी भी जांच होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित रजिस्ट्री के दस्तावेज, विक्रेता की पहचान, हस्ताक्षर अथवा अंगूठे के निशान, पंजीयन कार्यालय के रिकॉर्ड तथा संबंधित राजस्व दस्तावेजों का परीक्षण कराया जाए। यदि दस्तावेजों में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए। *गरीब कोर्ट के चक्कर कैसे काटे* समाजसेवी कल्लू महाराज का कहना है कि जमीन विवाद में सबसे ज्यादा परेशानी गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को होती है। उनका कहना है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कई लोग लंबे समय तक न्यायालयों के चक्कर नहीं काट पाते और इसी वजह से वे दबाव में समझौता करने को मजबूर हो जाते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में गरीब लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए और राजस्व अधिकारियों द्वारा मौके पर जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए। *दिनारा में अभियान चलाकर कब्जों की जांच की मांग* कल्लू महाराज ने कहा कि दिनारा क्षेत्र में कॉलोनियों, मुख्य सड़कों के आसपास बने मकानों और अन्य भूमि पर कथित कब्जों की शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि किसी भी व्यक्ति की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत हो तो रिकॉर्ड के आधार पर जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि किसी के पास दबाव, प्रभाव या आर्थिक ताकत अधिक होने के कारण उसे किसी दूसरे की जमीन पर अधिकार नहीं मिल सकता। राजस्व रिकॉर्ड और कानून के आधार पर ही वास्तविक मालिकाना हक तथा कब्जे की स्थिति तय होनी चाहिए। “एक बार फिर चलाया जाए विशेष अभियान” कल्लू महाराज ने कलेक्टर और एसडीएम से मांग की है कि दिनारा क्षेत्र में भूमि विवादों को लेकर विशेष अभियान चलाया जाए। इस दौरान संदिग्ध रजिस्ट्री, विवादित भूमि, सरकारी जमीन, रास्तों और कथित अवैध कब्जों की शिकायतों की जांच की जाए। उन्होंने विशेष रूप से खसरा नंबर 347 सहित उन जमीनों का सीमांकन कराने की मांग की है, जिनके रकबे अथवा स्वामित्व को लेकर विवाद सामने आ रहे हैं। प्रशासनिक जांच से सामने आ सकता है पूरा सच कल्लू महाराज ने कहा कि उनके द्वारा उठाए गए सवाल किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने के लिए नहीं, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के लिए हैं। उनका कहना है कि यदि सभी दस्तावेजों और जमीनों का निष्पक्ष सत्यापन कराया जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। उन्होंने कलेक्टर अर्पित वर्मा और करैरा एसडीएम से अपील की है कि दिनारा में भूमि संबंधी शिकायतों की गंभीरता से जांच कराकर गरीब एवं वास्तविक भू-स्वामियों को न्याय दिलाया जाए। अब प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि खसरा नंबर 347 सहित अन्य विवादित जमीनों में रजिस्ट्री, रकबे, स्वामित्व और कब्जे को लेकर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
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    दिनारा में जमीनों पर ‘भूमि माफिया’ की नजर का आरोप, गरीब बोले—कागज हमारे, कब्जा दबंगों का! समाजसेवी कल्लू महाराज ने उठाई जांच की मांग
*दिनारा में जमीनों पर ‘भूमि माफिया’ की नजर का आरोप, गरीब बोले—कागज हमारे, कब्जा दबंगों का! समाजसेवी कल्लू महाराज ने उठाई जांच की मांग*
*खसरा नंबर 347 की जमीन को लेकर गंभीर सवाल, मृत व्यक्ति की जमीन की रजिस्ट्री कैसे हुई? कलेक्टर अर्पित वर्मा और करैरा एसडीएम से पुनः जांच की मांग*
दिनारा/शिवपुरी। दिनारा क्षेत्र में भूमि संबंधी विवादों और कथित अवैध कब्जों को लेकर समाजसेवी कल्लू महाराज ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों की जमीनों पर दबंगों तथा कथित भूमि माफियाओं की नजर है। उनका कहना है कि कई मामलों में जमीनों की रजिस्ट्री, वास्तविक रकबे और मौके पर कब्जे की स्थिति की जांच की आवश्यकता है।
समाजसेवी कल्लू महाराज ने शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा और करैरा एसडीएम से दिनारा क्षेत्र में भूमि संबंधी मामलों की व्यापक जांच एवं आवश्यकतानुसार अभियान चलाकर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है।
*खसरा नंबर 347 को लेकर उठे गंभीर सवाल*
कल्लू महाराज ने दिनारा में अशोक होटल के पास स्थित खसरा नंबर 347 की जमीन को लेकर विशेष जांच की मांग उठाई है। उनका आरोप है कि उक्त जमीन में उपलब्ध वास्तविक रकबे और दस्तावेजों में दर्ज रकबे के बीच अंतर की जांच की जानी चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व रिकॉर्ड, नक्शा, सीमांकन, रजिस्ट्री दस्तावेज और मौके की वास्तविक स्थिति का मिलान कराया जाए। यदि रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में कोई अंतर पाया जाता है तो नियमानुसार जिम्मेदारी तय की जाए।
*मृत व्यक्ति के नाम से रजिस्ट्री का दावा, जांच की मांग*
कल्लू महाराज ने एक और गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि बैजनाथ पुत्र जगदीश तिवारी, जिनके बारे में बताया गया है कि उनका निधन हो चुका है, उनसे संबंधित जमीन की रजिस्ट्री कैसे हुई—इसकी भी जांच होना चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित रजिस्ट्री के दस्तावेज, विक्रेता की पहचान, हस्ताक्षर अथवा अंगूठे के निशान, पंजीयन कार्यालय के रिकॉर्ड तथा संबंधित राजस्व दस्तावेजों का परीक्षण कराया जाए। यदि दस्तावेजों में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए।
*गरीब कोर्ट के चक्कर कैसे काटे*
समाजसेवी कल्लू महाराज का कहना है कि जमीन विवाद में सबसे ज्यादा परेशानी गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को होती है। उनका कहना है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कई लोग लंबे समय तक न्यायालयों के चक्कर नहीं काट पाते और इसी वजह से वे दबाव में समझौता करने को मजबूर हो जाते हैं।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में गरीब लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए और राजस्व अधिकारियों द्वारा मौके पर जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए।
*दिनारा में अभियान चलाकर कब्जों की जांच की मांग*
कल्लू महाराज ने कहा कि दिनारा क्षेत्र में कॉलोनियों, मुख्य सड़कों के आसपास बने मकानों और अन्य भूमि पर कथित कब्जों की शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि किसी भी व्यक्ति की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत हो तो रिकॉर्ड के आधार पर जांच कराई जाए।
उन्होंने कहा कि किसी के पास दबाव, प्रभाव या आर्थिक ताकत अधिक होने के कारण उसे किसी दूसरे की जमीन पर अधिकार नहीं मिल सकता। राजस्व रिकॉर्ड और कानून के आधार पर ही वास्तविक मालिकाना हक तथा कब्जे की स्थिति तय होनी चाहिए।
“एक बार फिर चलाया जाए विशेष अभियान”
कल्लू महाराज ने कलेक्टर और एसडीएम से मांग की है कि दिनारा क्षेत्र में भूमि विवादों को लेकर विशेष अभियान चलाया जाए। इस दौरान संदिग्ध रजिस्ट्री, विवादित भूमि, सरकारी जमीन, रास्तों और कथित अवैध कब्जों की शिकायतों की जांच की जाए।
उन्होंने विशेष रूप से खसरा नंबर 347 सहित उन जमीनों का सीमांकन कराने की मांग की है, जिनके रकबे अथवा स्वामित्व को लेकर विवाद सामने आ रहे हैं।
प्रशासनिक जांच से सामने आ सकता है पूरा सच
कल्लू महाराज ने कहा कि उनके द्वारा उठाए गए सवाल किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने के लिए नहीं, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के लिए हैं। उनका कहना है कि यदि सभी दस्तावेजों और जमीनों का निष्पक्ष सत्यापन कराया जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
उन्होंने कलेक्टर अर्पित वर्मा और करैरा एसडीएम से अपील की है कि दिनारा में भूमि संबंधी शिकायतों की गंभीरता से जांच कराकर गरीब एवं वास्तविक भू-स्वामियों को न्याय दिलाया जाए।
अब प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि खसरा नंबर 347 सहित अन्य विवादित जमीनों में रजिस्ट्री, रकबे, स्वामित्व और कब्जे को लेकर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
    user_पूजा
    पूजा
    Court reporter नरवर, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • आज धरने में हुईं जेन जी 2क़ी एंट्री, चुनावी नेताओं के खतरे क़ी घंटी ना बन जाये, डबरा नगर पालिका भवन के बाहर धरना स्थल पर युवाओ ने अपना समर्थन दिया
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    आज धरने में हुईं  जेन जी 2क़ी एंट्री, चुनावी नेताओं  के खतरे क़ी घंटी  ना बन जाये,

डबरा नगर पालिका भवन के  बाहर  धरना स्थल पर  युवाओ ने अपना समर्थन दिया
    user_दिगेन्द्र कुमार बाजपेई
    दिगेन्द्र कुमार बाजपेई
    Local News Reporter पिछोर (डबरा), ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • ग्वालियर-झांसी हाईवे पर करीब 10 फीट लंबा अजगर, वाहन चालकों में दहशत दतिया के ग्वालियर-झांसी हाईवे पर अब्बास के ढाबे के सामने करीब 10 फीट लंबा अजगर बीच सड़क पर पहुंच गया। अजगर के सड़क पर होने से वाहन चालकों और राहगीरों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि समय रहते अजगर को नहीं पकड़ा गया तो वह किसी वाहन की चपेट में आकर घायल या मृत हो सकता है। वहीं, सड़क से हटने के बाद अजगर आसपास की कॉलोनी में घुसकर लोगों के लिए खतरा बन सकता है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से जल्द मौके पर पहुंचकर अजगर को सुरक्षित पकड़ने की मांग की है।
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    ग्वालियर-झांसी हाईवे पर करीब 10 फीट लंबा अजगर, वाहन चालकों में दहशत
दतिया के ग्वालियर-झांसी हाईवे पर अब्बास के ढाबे के सामने करीब 10 फीट लंबा अजगर बीच सड़क पर पहुंच गया।
अजगर के सड़क पर होने से वाहन चालकों और राहगीरों में दहशत का माहौल है।
लोगों का कहना है कि समय रहते अजगर को नहीं पकड़ा गया तो वह किसी वाहन की चपेट में आकर घायल या मृत हो सकता है।
वहीं, सड़क से हटने के बाद अजगर आसपास की कॉलोनी में घुसकर लोगों के लिए खतरा बन सकता है।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग से जल्द मौके पर पहुंचकर अजगर को सुरक्षित पकड़ने की मांग की है।
    user_Vikas Sen
    Vikas Sen
    Photographer दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • *सेवढ़ा में इलाज के लिए भटकती रही महिला, पांच घंटे नहीं मिली एंबुलेंस* *दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक अस्पताल में बैठा रहा पति, डॉक्टरों ने दतिया रेफर किया तो एंबुलेंस के लिए तरसता रहा परिवार* सेवढ़ा/दतिया। सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे करे, लेकिन सेवढ़ा सिविल अस्पताल से सामने आया एक मामला इन दावों पर सवाल खड़े करता है। भगुआपुरा से पत्नी का इलाज कराने सेवढ़ा सिविल अस्पताल पहुंचे एक व्यक्ति का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज करने के बजाय महिला को दतिया रेफर करने की बात कही। इसके बाद जब दतिया ले जाने के लिए एंबुलेंस की जरूरत पड़ी तो परिवार को घंटों इंतजार करना पड़ा।परिजन के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे से शाम 5 बजे तक वह अस्पताल में एंबुलेंस के इंतजार में बैठा रहा, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि मरीज को तत्काल उच्च उपचार की जरूरत थी तो समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने की स्थिति में उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? *डॉक्टर ने कहा रेफर करो, एंबुलेंस ने बढ़ाई परेशानी* परिजन का आरोप है कि महिला का उपचार सेवढ़ा में नहीं किया गया और उसे दतिया रेफर करने की बात कही गई। लेकिन रेफर किए जाने के बाद भी उसे समय पर अस्पताल से बाहर ले जाने की व्यवस्था नहीं हो सकी। करीब पांच घंटे तक इंतजार ने स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। *विधायक-सांसद की भूमिका पर भी उठे सवाल* सेवढ़ा विधानसभा में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसी बीच स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता आम मरीजों की समस्याओं के बजाय दूसरे विवादों (जुए)में नजर आती है। अब बड़ा सवाल यह है कि जब सिविल अस्पताल में इलाज और रेफरल की व्यवस्था है, तो गंभीर मरीज को समय पर एंबुलेंस क्यों नहीं मिली? क्या अस्पताल प्रबंधन के पास आपात स्थिति के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है? यदि समय पर एंबुलेंस नहीं मिलती और मरीज की हालत बिगड़ती है तो जवाबदेही किसकी होगी? मामले में अस्पताल प्रबंधन और संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
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    *सेवढ़ा में इलाज के लिए भटकती रही महिला, पांच घंटे नहीं मिली एंबुलेंस*

*दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक अस्पताल में बैठा रहा पति, डॉक्टरों ने दतिया रेफर किया तो एंबुलेंस के लिए तरसता रहा परिवार*

सेवढ़ा/दतिया। सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे करे, लेकिन सेवढ़ा सिविल अस्पताल से सामने आया एक मामला इन दावों पर सवाल खड़े करता है। भगुआपुरा से पत्नी का इलाज कराने सेवढ़ा सिविल अस्पताल पहुंचे एक व्यक्ति का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज करने के बजाय महिला को दतिया रेफर करने की बात कही। इसके बाद जब दतिया ले जाने के लिए एंबुलेंस की जरूरत पड़ी तो परिवार को घंटों इंतजार करना पड़ा।परिजन के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे से शाम 5 बजे तक वह अस्पताल में एंबुलेंस के इंतजार में बैठा रहा, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि मरीज को तत्काल उच्च उपचार की जरूरत थी तो समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने की स्थिति में उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
*डॉक्टर ने कहा रेफर करो, एंबुलेंस ने बढ़ाई परेशानी*
परिजन का आरोप है कि महिला का उपचार सेवढ़ा में नहीं किया गया और उसे दतिया रेफर करने की बात कही गई। लेकिन रेफर किए जाने के बाद भी उसे समय पर अस्पताल से बाहर ले जाने की व्यवस्था नहीं हो सकी। करीब पांच घंटे तक इंतजार ने स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
*विधायक-सांसद की भूमिका पर भी उठे सवाल*
सेवढ़ा विधानसभा में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसी बीच स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता आम मरीजों की समस्याओं के बजाय दूसरे विवादों  (जुए)में नजर आती है। अब बड़ा सवाल यह है कि जब सिविल अस्पताल में इलाज और रेफरल की व्यवस्था है, तो गंभीर मरीज को समय पर एंबुलेंस क्यों नहीं मिली? क्या अस्पताल प्रबंधन के पास आपात स्थिति के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है? यदि समय पर एंबुलेंस नहीं मिलती और मरीज की हालत बिगड़ती है तो जवाबदेही किसकी होगी?
मामले में अस्पताल प्रबंधन और संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
    user_SK NEWS 91
    SK NEWS 91
    Local News Reporter दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • *सेवढ़ा में इलाज के लिए भटकती रही महिला, पांच घंटे नहीं मिली एंबुलेंस* *दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक अस्पताल में बैठा रहा पति, डॉक्टरों ने दतिया रेफर किया तो एंबुलेंस के लिए तरसता रहा परिवार* सेवढ़ा/दतिया। सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे करे, लेकिन सेवढ़ा सिविल अस्पताल से सामने आया एक मामला इन दावों पर सवाल खड़े करता है। भगुआपुरा से पत्नी का इलाज कराने सेवढ़ा सिविल अस्पताल पहुंचे एक व्यक्ति का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज करने के बजाय महिला को दतिया रेफर करने की बात कही। इसके बाद जब दतिया ले जाने के लिए एंबुलेंस की जरूरत पड़ी तो परिवार को घंटों इंतजार करना पड़ा।परिजन के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे से शाम 5 बजे तक वह अस्पताल में एंबुलेंस के इंतजार में बैठा रहा, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि मरीज को तत्काल उच्च उपचार की जरूरत थी तो समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने की स्थिति में उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? *डॉक्टर ने कहा रेफर करो, एंबुलेंस ने बढ़ाई परेशानी* परिजन का आरोप है कि महिला का उपचार सेवढ़ा में नहीं किया गया और उसे दतिया रेफर करने की बात कही गई। लेकिन रेफर किए जाने के बाद भी उसे समय पर अस्पताल से बाहर ले जाने की व्यवस्था नहीं हो सकी। करीब पांच घंटे तक इंतजार ने स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। *विधायक-सांसद की भूमिका पर भी उठे सवाल* सेवढ़ा विधानसभा में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसी बीच स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता आम मरीजों की समस्याओं के बजाय दूसरे विवादों (जुए)में नजर आती है। अब बड़ा सवाल यह है कि जब सिविल अस्पताल में इलाज और रेफरल की व्यवस्था है, तो गंभीर मरीज को समय पर एंबुलेंस क्यों नहीं मिली? क्या अस्पताल प्रबंधन के पास आपात स्थिति के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है? यदि समय पर एंबुलेंस नहीं मिलती और मरीज की हालत बिगड़ती है तो जवाबदेही किसकी होगी? मामले में अस्पताल प्रबंधन और संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
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    *सेवढ़ा में इलाज के लिए भटकती रही महिला, पांच घंटे नहीं मिली एंबुलेंस*
*दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक अस्पताल में बैठा रहा पति, डॉक्टरों ने दतिया रेफर किया तो एंबुलेंस के लिए तरसता रहा परिवार*
सेवढ़ा/दतिया। सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे करे, लेकिन सेवढ़ा सिविल अस्पताल से सामने आया एक मामला इन दावों पर सवाल खड़े करता है। भगुआपुरा से पत्नी का इलाज कराने सेवढ़ा सिविल अस्पताल पहुंचे एक व्यक्ति का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज करने के बजाय महिला को दतिया रेफर करने की बात कही। इसके बाद जब दतिया ले जाने के लिए एंबुलेंस की जरूरत पड़ी तो परिवार को घंटों इंतजार करना पड़ा।परिजन के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे से शाम 5 बजे तक वह अस्पताल में एंबुलेंस के इंतजार में बैठा रहा, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि मरीज को तत्काल उच्च उपचार की जरूरत थी तो समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने की स्थिति में उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
*डॉक्टर ने कहा रेफर करो, एंबुलेंस ने बढ़ाई परेशानी*
परिजन का आरोप है कि महिला का उपचार सेवढ़ा में नहीं किया गया और उसे दतिया रेफर करने की बात कही गई। लेकिन रेफर किए जाने के बाद भी उसे समय पर अस्पताल से बाहर ले जाने की व्यवस्था नहीं हो सकी। करीब पांच घंटे तक इंतजार ने स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
*विधायक-सांसद की भूमिका पर भी उठे सवाल*
सेवढ़ा विधानसभा में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसी बीच स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता आम मरीजों की समस्याओं के बजाय दूसरे विवादों  (जुए)में नजर आती है। अब बड़ा सवाल यह है कि जब सिविल अस्पताल में इलाज और रेफरल की व्यवस्था है, तो गंभीर मरीज को समय पर एंबुलेंस क्यों नहीं मिली? क्या अस्पताल प्रबंधन के पास आपात स्थिति के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है? यदि समय पर एंबुलेंस नहीं मिलती और मरीज की हालत बिगड़ती है तो जवाबदेही किसकी होगी?
मामले में अस्पताल प्रबंधन और संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
    user_Shahid Qureshi
    Shahid Qureshi
    दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • स्लग: डबरा में सहेली ने नशीला पदार्थ खिलाकर की चोरी की कोशिश एंकर: डबरा में भरोसे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। बचपन की सहेली बनकर घर में आई महिला ने कथित तौर पर कोल्डड्रिंक और लड्डू में नशीला पदार्थ मिलाकर परिवार को खिला दिया। परिवार के लोग बेहोश हुए तो महिला ने जेवर चोरी करने की कोशिश की, लेकिन बेटी की आंख खुलने पर वह रंगे हाथों पकड़ी गई। VO: मामला जेल रोड स्थित काली माता मंदिर के पास का है। फरियादिया उर्मिला बघेल की बचपन की सहेली भगवती चौहान घर में रहने आई थी। आरोप है कि उसने स्प्राईट और बूंदी के लड्डू में नशीला पदार्थ मिलाकर परिवार को खिलाया, जिसके बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई। इसी दौरान महिला जेवर चोरी करने लगी, तभी बेटी पूजा की नींद खुल गई और उसने शोर मचा दिया। परिजनों ने महिला को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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    स्लग: डबरा में सहेली ने नशीला पदार्थ खिलाकर की चोरी की कोशिश

एंकर:
डबरा में भरोसे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। बचपन की सहेली बनकर घर में आई महिला ने कथित तौर पर कोल्डड्रिंक और लड्डू में नशीला पदार्थ मिलाकर परिवार को खिला दिया। परिवार के लोग बेहोश हुए तो महिला ने जेवर चोरी करने की कोशिश की, लेकिन बेटी की आंख खुलने पर वह रंगे हाथों पकड़ी गई।

VO:
मामला जेल रोड स्थित काली माता मंदिर के पास का है। फरियादिया उर्मिला बघेल की बचपन की सहेली भगवती चौहान घर में रहने आई थी। आरोप है कि उसने स्प्राईट और बूंदी के लड्डू में नशीला पदार्थ मिलाकर परिवार को खिलाया, जिसके बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई। इसी दौरान महिला जेवर चोरी करने लगी, तभी बेटी पूजा की नींद खुल गई और उसने शोर मचा दिया। परिजनों ने महिला को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
    user_Ashish shukla
    Ashish shukla
    Social Media Manager पिछोर (डबरा), ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • सेंवढ़ा सिविल अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों का स्वास्थ्य शिविर, 500 मरीजों की जांच दतिया के सेंवढ़ा सिविल अस्पताल में मंगलवार को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले शिविर में करीब 500 मरीजों की जांच की गई। नेत्र, दंत, स्त्री रोग, बाल रोग और हड्डी रोग विशेषज्ञों ने मरीजों को आवश्यक परामर्श और उपचार दिया। कुछ मरीजों को बेहतर उपचार और आवश्यक जांच के लिए जिला अस्पताल रेफर करने की सलाह दी गई। बीएमओ डॉ. रामेश्वर शर्मा ने बताया कि बड़ी संख्या में मरीजों ने विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं का लाभ उठाया।
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    सेंवढ़ा सिविल अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों का स्वास्थ्य शिविर, 500 मरीजों की जांच
दतिया के सेंवढ़ा सिविल अस्पताल में मंगलवार को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले शिविर में करीब 500 मरीजों की जांच की गई।
नेत्र, दंत, स्त्री रोग, बाल रोग और हड्डी रोग विशेषज्ञों ने मरीजों को आवश्यक परामर्श और उपचार दिया।
कुछ मरीजों को बेहतर उपचार और आवश्यक जांच के लिए जिला अस्पताल रेफर करने की सलाह दी गई।
बीएमओ डॉ. रामेश्वर शर्मा ने बताया कि बड़ी संख्या में मरीजों ने विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं का लाभ उठाया।
    user_Vikas Sen
    Vikas Sen
    Photographer दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
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