अनूपपुर जिले की बिजुरी थाना पुलिस ने फरार अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने वर्ष 2025 से फरार चल रहे दुष्कर्म के आरोपी को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान बाँबी सिंह (उम्र 19 वर्ष, निवासी मोहाड़ा दफाई, बिजुरी / मूल निवासी- जिला औरेया, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है, जिस पर शादी का झांसा देकर एक युवती का शारीरिक शोषण करने का आरोप है। पीड़िता, जो जिला शहडोल की निवासी है, ने अक्टूबर 2025 में शिकायत दर्ज कराई थी कि सितंबर 2025 में आरोपी बाँबी सिंह उसे बिजुरी स्थित अपने किराए के कमरे पर ले गया था। वहाँ उसने तीन दिनों तक उसका शारीरिक शोषण किया और फिर मुकर कर फरार हो गया। इस मामले में थाना बिजुरी में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई थी। घटना के बाद से ही आरोपी बाँबी सिंह गिरफ्तारी से बचने के लिए उत्तर प्रदेश भाग गया था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में, थाना प्रभारी बिजुरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी साक्ष्यों और साइबर सेल की मदद से आरोपी का लगातार पीछा किया। अथक प्रयासों के बाद, पुलिस टीम ने जिला सोनभद्र, उत्तर प्रदेश में घेराबंदी कर आरोपी को सफलतापूर्वक दबोच लिया। आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। अनूपपुर पुलिस ने आमजन और मकान मालिकों से अपील की है कि वे किसी भी बाहरी व्यक्ति को किराएदार रखने से पहले उसका पुलिस चरित्र सत्यापन अनिवार्य रूप से करवाएं। पुलिस ने बताया कि अक्सर बाहर से आए लोग व्यापार या अन्य बहानों से क्षेत्र में किराए पर रहते हैं और गंभीर अपराधों को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। पुलिस ने नागरिकों से सजग रहने, सुरक्षित रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने में देने का आग्रह किया है। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विकास सिंह, उप निरीक्षक विपुल शुक्ला, आरक्षक विश्वजीत, कर्मजीत, रवि आनंद बैस और साइबर सेल से प्रधान आरक्षक राजेंद्र अहिरवार व पंकज मिश्रा की विशेष भूमिका रही।
अनूपपुर जिले की बिजुरी थाना पुलिस ने फरार अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने वर्ष 2025 से फरार चल रहे दुष्कर्म के आरोपी को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान बाँबी सिंह (उम्र 19 वर्ष, निवासी मोहाड़ा दफाई, बिजुरी / मूल निवासी- जिला औरेया, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है, जिस पर शादी का झांसा देकर एक युवती का शारीरिक शोषण करने का आरोप है। पीड़िता, जो जिला शहडोल की निवासी है, ने अक्टूबर 2025 में शिकायत दर्ज कराई थी कि सितंबर 2025 में आरोपी बाँबी सिंह उसे बिजुरी स्थित अपने किराए के कमरे पर ले गया था। वहाँ उसने तीन दिनों तक उसका शारीरिक शोषण किया और फिर मुकर कर फरार हो गया। इस मामले में थाना बिजुरी में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई थी। घटना के बाद से ही आरोपी बाँबी सिंह गिरफ्तारी से बचने के लिए उत्तर प्रदेश भाग गया था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में, थाना प्रभारी बिजुरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी साक्ष्यों और साइबर सेल की मदद से आरोपी का लगातार पीछा किया। अथक प्रयासों के बाद, पुलिस टीम ने जिला सोनभद्र, उत्तर प्रदेश में घेराबंदी कर आरोपी को सफलतापूर्वक दबोच लिया। आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। अनूपपुर पुलिस ने आमजन और मकान मालिकों से अपील की है कि वे किसी भी बाहरी व्यक्ति को किराएदार रखने से पहले उसका पुलिस चरित्र सत्यापन अनिवार्य रूप से करवाएं। पुलिस ने बताया कि अक्सर बाहर से आए लोग व्यापार या अन्य बहानों से क्षेत्र में किराए पर रहते हैं और गंभीर अपराधों को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। पुलिस ने नागरिकों से सजग रहने, सुरक्षित रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने में देने का आग्रह किया है। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विकास सिंह, उप निरीक्षक विपुल शुक्ला, आरक्षक विश्वजीत, कर्मजीत, रवि आनंद बैस और साइबर सेल से प्रधान आरक्षक राजेंद्र अहिरवार व पंकज मिश्रा की विशेष भूमिका रही।
- शारदा ओसीएम में ग्रामीणों ने चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विरोध में शामिल 25 लोगों के खिलाफ इस्तगासा दर्ज किया है।1
- आज, श्री राम रक्तदान समिति के सदस्य ने एक गंभीर किडनी फेल मरीज जसप्रीत कौर को जीवन देने का अमूल्य प्रयास किया। जसप्रीत कौर को डायलिसिस के दौरान बुराढ़ से शहडोल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, और उन्हें ए पॉजिटिव रक्त की अत्यंत आवश्यकता थी। इस महत्वपूर्ण समय में, रक्तवीर नरेश जी ने आगे आकर रक्तदान किया, जिससे मरीज को अमूल्य सहायता मिली। समिति ने इस प्रयास को महादान बताया, यह संदेश देते हुए कि रक्तदान करने से एक अच्छा अनुभव प्राप्त होता है।2
- डिंडौरी जिले में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' की ऐतिहासिक सफलता पर कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने जिलेवासियों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में डिंडौरी जिले ने प्रदेश में प्रथम और पूरे देश में तृतीय स्थान प्राप्त किया है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि में आम नागरिकों, ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, अधिकारियों-कर्मचारियों और पत्रकारों का अहम योगदान रहा है। कलेक्टर ने जोर दिया कि सभी के सामूहिक प्रयासों से ही जिले में लाखों जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण हो सका, जिससे जल संरक्षण के प्रति जन जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने इस सफलता को पूरे जिले की सामूहिक उपलब्धि बताते हुए सभी सहयोगियों को धन्यवाद दिया।1
- मोहम्मद साहिब की रिपोर्ट के अनुसार, डिंडोरी के समनापुर थाना परिसर में 4 जून, 2026 को पुलिस अधीक्षक (एसपी) आशीष खरे के निर्देशन में 'पुलिस जनसंवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम' का आयोजन किया गया। पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित इस महाचौपाल में जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों और लगभग 100 नागरिकों ने भाग लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने एसपी के समक्ष कई स्थानीय मांगें रखीं, जिनमें गौराकन्हारी में नई पुलिस चौकी की स्थापना, अवैध शराब पर पूर्ण प्रतिबंध, सुदृढ़ यातायात और बाजार व्यवस्था, तथा बाहरी संदिग्धों की कड़ी निगरानी शामिल थीं। एसपी आशीष खरे ने इन मांगों पर तत्काल कार्रवाई के लिए मौके पर ही पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने बिजली-पानी जैसी अन्य विभागीय समस्याओं के त्वरित समन्वय का भी आश्वासन दिया। कार्यक्रम में एक जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया, जहाँ साइबर सेल के आरक्षक जगदीश प्रसाद और एसबीआई के शाखा प्रबंधक ने नागरिकों को ऑनलाइन ठगी एवं बैंकिंग धोखाधड़ी से सुरक्षित रहने के व्यावहारिक तरीके सिखाए। इसके अतिरिक्त, नशामुक्ति, आपसी सौहार्द और सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विशेष चर्चा हुई। एसपी ने घोषणा की कि नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और द्वार-पर निराकरण के लिए ऐसे जनसंवाद कार्यक्रम जिले के सभी ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में निरंतर आयोजित किए जाएंगे।3
- डिंडोरी में गौ सेवा के एक प्रयास के तहत, एक घायल गौ माता को बेहतर उपचार के लिए जबलपुर भेजा गया। इस सेवा कार्य के दौरान पूरी रात गौ माता की देखभाल, भोजन और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। युवा शक्ति टीम के सदस्यों रोहित कांसकार, सिद्धार्थ चौहान, अविनाश सैनी और शुभम पांडे के विशेष सहयोग से, तथा पशु चिकित्सालय के भरपूर समर्थन से, यह पुनीत सेवा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह कार्य 'मानवता सबसे बड़ी सेवा' के सिद्धांत को दर्शाता है, जहाँ 'सेवा में चोट लगी, लेकिन कदम नहीं रुके' की भावना के साथ कार्य किया गया।1
- अनूपपुर जिले की बिजुरी थाना पुलिस ने फरार अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने वर्ष 2025 से फरार चल रहे दुष्कर्म के आरोपी को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान बाँबी सिंह (उम्र 19 वर्ष, निवासी मोहाड़ा दफाई, बिजुरी / मूल निवासी- जिला औरेया, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है, जिस पर शादी का झांसा देकर एक युवती का शारीरिक शोषण करने का आरोप है। पीड़िता, जो जिला शहडोल की निवासी है, ने अक्टूबर 2025 में शिकायत दर्ज कराई थी कि सितंबर 2025 में आरोपी बाँबी सिंह उसे बिजुरी स्थित अपने किराए के कमरे पर ले गया था। वहाँ उसने तीन दिनों तक उसका शारीरिक शोषण किया और फिर मुकर कर फरार हो गया। इस मामले में थाना बिजुरी में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई थी। घटना के बाद से ही आरोपी बाँबी सिंह गिरफ्तारी से बचने के लिए उत्तर प्रदेश भाग गया था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में, थाना प्रभारी बिजुरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी साक्ष्यों और साइबर सेल की मदद से आरोपी का लगातार पीछा किया। अथक प्रयासों के बाद, पुलिस टीम ने जिला सोनभद्र, उत्तर प्रदेश में घेराबंदी कर आरोपी को सफलतापूर्वक दबोच लिया। आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। अनूपपुर पुलिस ने आमजन और मकान मालिकों से अपील की है कि वे किसी भी बाहरी व्यक्ति को किराएदार रखने से पहले उसका पुलिस चरित्र सत्यापन अनिवार्य रूप से करवाएं। पुलिस ने बताया कि अक्सर बाहर से आए लोग व्यापार या अन्य बहानों से क्षेत्र में किराए पर रहते हैं और गंभीर अपराधों को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। पुलिस ने नागरिकों से सजग रहने, सुरक्षित रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने में देने का आग्रह किया है। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विकास सिंह, उप निरीक्षक विपुल शुक्ला, आरक्षक विश्वजीत, कर्मजीत, रवि आनंद बैस और साइबर सेल से प्रधान आरक्षक राजेंद्र अहिरवार व पंकज मिश्रा की विशेष भूमिका रही।1
- डिंडौरी जिले ने जल गंगा संरक्षण अभियान के तहत जल संचय और जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है, जिसके परिणामस्वरूप यह प्रदेश में पहले और देश भर में तीसरे स्थान पर रहा है। इस अभियान के अंतर्गत जिले में कुल 8 लाख 3 हजार 979 जल संरचनाओं का निर्माण किया गया है। इन संरचनाओं में कुआँ, नहर, तालाब, जलाशय, हैंडपंप, खेत तालाब, डगवेल रिचार्ज, कंटूर ट्रेंच, गली प्लग, परकोलेशन टैंक, बोरी बंधान, ड्रिप इरिगेशन और मटका सिंचाई पद्धति जैसी विविध पद्धतियाँ शामिल हैं। इन सभी संरचनाओं का निर्माण पूरे जिले में किया गया है, जिससे जल संरक्षण और संचय को बढ़ावा मिला है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि जिले भर के सभी विभागों, स्वसहायता समूहों, ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों और जन सहयोग के दिन-रात के अथक प्रयासों का परिणाम है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने व्यक्तिगत रूप से कई पंचायतों में ग्रामीण महिलाओं को हर घर में सोख्ता गड्ढा बनाने के लिए प्रेरित किया और स्वयं भी महिलाओं के साथ मिलकर अनेक स्थानों पर श्रमदान किया। जिले का नाम प्रदेश और देश में रोशन करने के लिए कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने जिले के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, ग्रामवासियों, ग्राम पंचायतों, समाजसेवियों और पत्रकारों का हार्दिक आभार व्यक्त किया है।1
- डिंडौरी में एक घायल गौ माता को बेहतर उपचार के लिए जबलपुर भेजा गया। इस सेवा कार्य में अनेक चुनौतियों के बावजूद, "सेवा में चोट लगी, लेकिन कदम नहीं रुके" के दृढ़ संकल्प के साथ, पूरी रात उसकी देखभाल, भोजन और आवश्यक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। यह मानवीय सेवा कार्य युवा शक्ति टीम के सदस्यों - रोहित कांसकार, सिद्धार्थ चौहान, अविनाश सैनी और शुभम पांडे - के सहयोग से संभव हो पाया। इस प्रयास में पशु चिकित्सालय से भी भरपूर समर्थन मिला, जिसके कारण यह सेवा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह घटना इस बात को उजागर करती है कि गौ सेवा दिल से करनी चाहिए और मानवता ही सबसे बड़ी सेवा है।1
- नगर पालिक निगम चिरमिरी की कथित लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है, जहाँ गोदरीपारा क्षेत्र में सड़क किनारे खड़ा एक सूखा पेड़ बिजली के खंभे पर गिर गया। इस घटना के कारण बिजली के खंभे में आग लग गई, जिसके कुछ देर बाद एक जोरदार धमाका भी हुआ। गनीमत रही कि उस वक्त घटनास्थल पर ज़्यादा लोग मौजूद नहीं थे, जिससे कोई बड़ी दुर्घटना होने से बच गई। हालांकि, इस हादसे के चलते गोदरीपारा के निवासियों को अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ा है। इस घटना के लिए चिरमिरी निगम को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया है। आरोप है कि यदि निगम ने अपनी जिम्मेदारी समय पर निभाई होती, तो यह पेड़ नहीं गिरता और इलाके के लोगों को बिजली गुल होने की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। पोस्ट में निगम की इस अनदेखी को एक पुरानी समस्या के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो एक बार फिर से सामने आई है।1