*अवैध एंबुलेंस का बोलबाला! यातायात व्यवस्था को खुली चुनौती, बिना परमिट सड़कों पर दौड़ने का आरोप* *नियम-कायदों को ताक पर रखकर संचालित हो रही एंबुलेंस पर कब होगी कार्रवाई? जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल* मैहर। शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में एंबुलेंस वाहनों के संचालन को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ एंबुलेंस आवश्यक दस्तावेजों एवं परमिट की स्थिति स्पष्ट किए बिना सड़कों पर दौड़ रही हैं। ऐसे वाहनों के कारण न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है, बल्कि नियमों के पालन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक कुछ एंबुलेंस वाहन खुलेआम सड़क पर संचालित होते दिखाई देते हैं। आरोप है कि संबंधित वाहनों के दस्तावेज, परमिट, फिटनेस एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताओं की जांच लंबे समय से नहीं की गई है। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह परिवहन एवं यातायात नियमों के अनुपालन को लेकर गंभीर मामला हो सकता है। जांच के बजाय आखिर क्यों बनी हुई है खामोशी? सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी एंबुलेंस के पास आवश्यक परमिट या दस्तावेज नहीं हैं, तो संबंधित विभाग द्वारा उसकी जांच क्यों नहीं की जा रही है? शहर की सड़कों पर प्रतिदिन आवागमन करने वाले लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई कब होगी। एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवा से जुड़े वाहनों के लिए नियमों का पालन और वाहन की वैधता विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। ऐसे में संबंधित विभाग को शिकायतों एवं सामने आ रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करना चाहिए। प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों ने परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस से मांग की है कि शहर में संचालित एंबुलेंस वाहनों की सघन जांच अभियान चलाकर परमिट, फिटनेस, बीमा, पंजीयन सहित आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाए। यदि जांच में किसी वाहन के दस्तावेज नियमों के विपरीत पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और सड़कों पर कथित रूप से बिना परमिट दौड़ रही एंबुलेंस के संबंध में जांच कब शुरू होती है। स्थानीय नागरिकों की निगाहें अब परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। *अवैध एंबुलेंस का बोलबाला! यातायात व्यवस्था को खुली चुनौती, बिना परमिट सड़कों पर दौड़ने का आरोप* *नियम-कायदों को ताक पर रखकर संचालित हो रही एंबुलेंस पर कब होगी कार्रवाई? जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल* मैहर। शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में एंबुलेंस वाहनों के संचालन को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ एंबुलेंस आवश्यक दस्तावेजों एवं परमिट की स्थिति स्पष्ट किए बिना सड़कों पर दौड़ रही हैं। ऐसे वाहनों के कारण न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है, बल्कि नियमों के पालन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक कुछ एंबुलेंस वाहन खुलेआम सड़क पर संचालित होते दिखाई देते हैं। आरोप है कि संबंधित वाहनों के दस्तावेज, परमिट, फिटनेस एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताओं की जांच लंबे समय से नहीं की गई है। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह परिवहन एवं यातायात नियमों के अनुपालन को लेकर गंभीर मामला हो सकता है। जांच के बजाय आखिर क्यों बनी हुई है खामोशी? सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी एंबुलेंस के पास आवश्यक परमिट या दस्तावेज नहीं हैं, तो संबंधित विभाग द्वारा उसकी जांच क्यों नहीं की जा रही है? शहर की सड़कों पर प्रतिदिन आवागमन करने वाले लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई कब होगी। एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवा से जुड़े वाहनों के लिए नियमों का पालन और वाहन की वैधता विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। ऐसे में संबंधित विभाग को शिकायतों एवं सामने आ रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करना चाहिए। प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों ने परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस से मांग की है कि शहर में संचालित एंबुलेंस वाहनों की सघन जांच अभियान चलाकर परमिट, फिटनेस, बीमा, पंजीयन सहित आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाए। यदि जांच में किसी वाहन के दस्तावेज नियमों के विपरीत पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और सड़कों पर कथित रूप से बिना परमिट दौड़ रही एंबुलेंस के संबंध में जांच कब शुरू होती है। स्थानीय नागरिकों की निगाहें अब परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं।
*अवैध एंबुलेंस का बोलबाला! यातायात व्यवस्था को खुली चुनौती, बिना परमिट सड़कों पर दौड़ने का आरोप* *नियम-कायदों को ताक पर रखकर संचालित हो रही एंबुलेंस पर कब होगी कार्रवाई? जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल* मैहर। शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में एंबुलेंस वाहनों के संचालन को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ एंबुलेंस आवश्यक दस्तावेजों एवं परमिट की स्थिति स्पष्ट किए बिना सड़कों पर दौड़ रही हैं। ऐसे वाहनों के कारण न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है, बल्कि नियमों के पालन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक कुछ एंबुलेंस वाहन खुलेआम सड़क पर संचालित होते दिखाई देते हैं। आरोप है कि संबंधित वाहनों के दस्तावेज, परमिट, फिटनेस एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताओं की जांच लंबे समय से नहीं की गई है। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह परिवहन एवं यातायात नियमों के अनुपालन को लेकर गंभीर मामला हो सकता है। जांच के बजाय आखिर क्यों बनी हुई है खामोशी? सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी एंबुलेंस के पास आवश्यक परमिट या दस्तावेज नहीं हैं, तो संबंधित विभाग द्वारा उसकी जांच क्यों नहीं की जा रही है? शहर की सड़कों पर प्रतिदिन आवागमन करने वाले लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई कब होगी। एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवा से जुड़े वाहनों के लिए नियमों का पालन और वाहन की वैधता विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। ऐसे में संबंधित विभाग को शिकायतों एवं सामने आ रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करना चाहिए। प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों ने परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस से मांग की है कि शहर में संचालित एंबुलेंस वाहनों की सघन जांच अभियान चलाकर परमिट, फिटनेस, बीमा, पंजीयन सहित आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाए। यदि जांच में किसी वाहन के दस्तावेज नियमों के विपरीत पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और सड़कों पर कथित रूप से बिना परमिट दौड़ रही एंबुलेंस के संबंध में जांच कब शुरू होती है। स्थानीय नागरिकों की निगाहें अब परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। *अवैध एंबुलेंस का बोलबाला! यातायात व्यवस्था को खुली चुनौती, बिना परमिट सड़कों पर दौड़ने का आरोप* *नियम-कायदों को ताक पर रखकर संचालित हो रही एंबुलेंस पर कब होगी कार्रवाई? जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल* मैहर। शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में एंबुलेंस वाहनों के संचालन को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ एंबुलेंस आवश्यक दस्तावेजों एवं परमिट की स्थिति स्पष्ट किए बिना सड़कों पर दौड़ रही हैं। ऐसे वाहनों के कारण न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है, बल्कि नियमों के पालन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक कुछ एंबुलेंस वाहन खुलेआम सड़क पर संचालित होते दिखाई देते हैं। आरोप है कि संबंधित वाहनों के दस्तावेज, परमिट, फिटनेस एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताओं की जांच लंबे समय से नहीं की गई है। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह परिवहन एवं यातायात नियमों के अनुपालन को लेकर गंभीर मामला हो सकता है। जांच के बजाय आखिर क्यों बनी हुई है खामोशी? सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी एंबुलेंस के पास आवश्यक परमिट या दस्तावेज नहीं हैं, तो संबंधित विभाग द्वारा उसकी जांच क्यों नहीं की जा रही है? शहर की सड़कों पर प्रतिदिन आवागमन करने वाले लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई कब होगी। एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवा से जुड़े वाहनों के लिए नियमों का पालन और वाहन की वैधता विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। ऐसे में संबंधित विभाग को शिकायतों एवं सामने आ रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करना चाहिए। प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों ने परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस से मांग की है कि शहर में संचालित एंबुलेंस वाहनों की सघन जांच अभियान चलाकर परमिट, फिटनेस, बीमा, पंजीयन सहित आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाए। यदि जांच में किसी वाहन के दस्तावेज नियमों के विपरीत पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और सड़कों पर कथित रूप से बिना परमिट दौड़ रही एंबुलेंस के संबंध में जांच कब शुरू होती है। स्थानीय नागरिकों की निगाहें अब परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं।
- मैहर कलेक्टर का अमरपाटन एसडीएम को रिलीव करने का निर्णय स्वागत योग्य विश्व हिंदू परिषद जिला मैहर#news मैहर कलेक्टर का अमरपाटन एसडीएम को रिलीव करने का निर्णय स्वागत योग्य विश्व हिंदू परिषद जिला मैहर#news1
- मैहर एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने कहा किसी को डरने की जरूरत नही, मैहर पुलिस आपके साथ मैहर -जिले के ताला क्षेत्र अंतर्गत बिगौड़ी गांव में चल रही पलायन जैसे खबरों को लेकर मैहर एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने कहा ऐसा कुछ नही है, पुलिस टीम ने गाव जाकर देखा है।इसके साथ ही मैहर एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने कहा किसी को किसी से भी डरने की जरूरत नही है।मैहर पुलिस आपके साथ है मैहर एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने कहा किसी को डरने की जरूरत नही, मैहर पुलिस आपके साथ मैहर -जिले के ताला क्षेत्र अंतर्गत बिगौड़ी गांव में चल रही पलायन जैसे खबरों को लेकर मैहर एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने कहा ऐसा कुछ नही है, पुलिस टीम ने गाव जाकर देखा है।इसके साथ ही मैहर एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने कहा किसी को किसी से भी डरने की जरूरत नही है।मैहर पुलिस आपके साथ है1
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिली ₹5,000 की सहायता, पहली डिलीवरी के समय बनी मजबूत संबल। मैहर, 22 सितंबर। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जरूरतमंद गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर मातृत्व के दौरान उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक बन रही है। मैहर के वार्ड क्रमांक-10 निवासी श्रीमती काजल सिद्धीकी भी इस योजना से लाभान्वित हुई हैं। श्रीमती काजल सिद्धीकी बताती हैं कि उनकी पहली डिलीवरी के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत उन्हें ₹5,000 की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। यह राशि उनके लिए काफी उपयोगी साबित हुई और मातृत्व के इस महत्वपूर्ण समय में आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली। उन्होंने बताया कि योजना से मिली सहायता से उन्हें स्वयं तथा नवजात बच्चे की बेहतर देखभाल करने में सहूलियत हुई। परिवार के लिए यह आर्थिक सहयोग कठिन समय में संबल बना और आवश्यक खर्चों को पूरा करने में मदद मिली। श्रीमती काजल सिद्धीकी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को महिलाओं और माताओं के लिए उपयोगी बताते हुए योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।1
- विगत वर्षों में शानदार परिणाम दिया अकादमी में विधार्थियो ने brainmaster academy में कोचिंग ले रहे विभिन्न विधालयों के विधार्थियो ने अच्छा परिणाम दिया1
- Post by Sharda Shrivastava1
- खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज चैनल मध्य प्रदेश सतना जिला संपादक अरुण कुमार शर्मा खास खबर मैहर एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने कहा किसी को डरने की जरूरत नही, मैहर पुलिस आपके साथ मैहर -जिले के ताला क्षेत्र अंतर्गत बिगौड़ी गांव में चल रही पलायन जैसे खबरों को लेकर मैहर एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने कहा ऐसा कुछ नही है, पुलिस टीम ने गाव जाकर देखा है।इसके साथ ही मैहर एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने कहा किसी को किसी से भी डरने की जरूरत नही है।मैहर पुलिस आपके साथ है।1
- *अमरपाटन - बाल भारती स्कूल के डायरेक्टर की पुलिस ने निकाल दी हेकड़ी, जहा था सिस्टम वही धूल गई इज्जत, मारपीट के बाद पहुंची पुलिस भर का लाई थाने, शिक्षा के मंदिर में गुंडागर्दी, सुबह अमरपाटन के बाल भारती पब्लिक स्कूल में हुई थी मारपीट जिसके बाद पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया मामला, विद्यालय प्रबंधक समझौता का बना रहा दबाव* *अमरपाटन - बाल भारती स्कूल के डायरेक्टर की पुलिस ने निकाल दी हेकड़ी, जहा था सिस्टम वही धूल गई इज्जत, मारपीट के बाद पहुंची पुलिस भर का लाई थाने, शिक्षा के मंदिर में गुंडागर्दी, सुबह अमरपाटन के बाल भारती पब्लिक स्कूल में हुई थी मारपीट जिसके बाद पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया मामला, विद्यालय प्रबंधक समझौता का बना रहा दबाव*1
- *अवैध एंबुलेंस का बोलबाला! यातायात व्यवस्था को खुली चुनौती, बिना परमिट सड़कों पर दौड़ने का आरोप* *नियम-कायदों को ताक पर रखकर संचालित हो रही एंबुलेंस पर कब होगी कार्रवाई? जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल* मैहर। शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में एंबुलेंस वाहनों के संचालन को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ एंबुलेंस आवश्यक दस्तावेजों एवं परमिट की स्थिति स्पष्ट किए बिना सड़कों पर दौड़ रही हैं। ऐसे वाहनों के कारण न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है, बल्कि नियमों के पालन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक कुछ एंबुलेंस वाहन खुलेआम सड़क पर संचालित होते दिखाई देते हैं। आरोप है कि संबंधित वाहनों के दस्तावेज, परमिट, फिटनेस एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताओं की जांच लंबे समय से नहीं की गई है। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह परिवहन एवं यातायात नियमों के अनुपालन को लेकर गंभीर मामला हो सकता है। जांच के बजाय आखिर क्यों बनी हुई है खामोशी? सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी एंबुलेंस के पास आवश्यक परमिट या दस्तावेज नहीं हैं, तो संबंधित विभाग द्वारा उसकी जांच क्यों नहीं की जा रही है? शहर की सड़कों पर प्रतिदिन आवागमन करने वाले लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई कब होगी। एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवा से जुड़े वाहनों के लिए नियमों का पालन और वाहन की वैधता विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। ऐसे में संबंधित विभाग को शिकायतों एवं सामने आ रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करना चाहिए। प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों ने परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस से मांग की है कि शहर में संचालित एंबुलेंस वाहनों की सघन जांच अभियान चलाकर परमिट, फिटनेस, बीमा, पंजीयन सहित आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाए। यदि जांच में किसी वाहन के दस्तावेज नियमों के विपरीत पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और सड़कों पर कथित रूप से बिना परमिट दौड़ रही एंबुलेंस के संबंध में जांच कब शुरू होती है। स्थानीय नागरिकों की निगाहें अब परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। *अवैध एंबुलेंस का बोलबाला! यातायात व्यवस्था को खुली चुनौती, बिना परमिट सड़कों पर दौड़ने का आरोप* *नियम-कायदों को ताक पर रखकर संचालित हो रही एंबुलेंस पर कब होगी कार्रवाई? जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल* मैहर। शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में एंबुलेंस वाहनों के संचालन को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ एंबुलेंस आवश्यक दस्तावेजों एवं परमिट की स्थिति स्पष्ट किए बिना सड़कों पर दौड़ रही हैं। ऐसे वाहनों के कारण न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है, बल्कि नियमों के पालन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक कुछ एंबुलेंस वाहन खुलेआम सड़क पर संचालित होते दिखाई देते हैं। आरोप है कि संबंधित वाहनों के दस्तावेज, परमिट, फिटनेस एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताओं की जांच लंबे समय से नहीं की गई है। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह परिवहन एवं यातायात नियमों के अनुपालन को लेकर गंभीर मामला हो सकता है। जांच के बजाय आखिर क्यों बनी हुई है खामोशी? सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी एंबुलेंस के पास आवश्यक परमिट या दस्तावेज नहीं हैं, तो संबंधित विभाग द्वारा उसकी जांच क्यों नहीं की जा रही है? शहर की सड़कों पर प्रतिदिन आवागमन करने वाले लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई कब होगी। एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवा से जुड़े वाहनों के लिए नियमों का पालन और वाहन की वैधता विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। ऐसे में संबंधित विभाग को शिकायतों एवं सामने आ रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करना चाहिए। प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों ने परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस से मांग की है कि शहर में संचालित एंबुलेंस वाहनों की सघन जांच अभियान चलाकर परमिट, फिटनेस, बीमा, पंजीयन सहित आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाए। यदि जांच में किसी वाहन के दस्तावेज नियमों के विपरीत पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और सड़कों पर कथित रूप से बिना परमिट दौड़ रही एंबुलेंस के संबंध में जांच कब शुरू होती है। स्थानीय नागरिकों की निगाहें अब परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं।1
- खबर भोपाल सीधी जिले का रहने वाला आरोपी पवन द्विवेदी, मीनाक्षी से शादी करना चाहता था. मीनाक्षी इसके लिए तैयार नहीं थी, शादी से इनकार पर लेडी RTO इंस्पेक्टर की हथौड़े से हत्या, प्रेमी भी फंदे से झूला। राजधानी में सनसनीखेज मामला भोपाल की लेकपर्ल कॉलोनी में आरटीओ इंस्पेक्टर मीनाक्षी गोखले की उनके परिचित पवन द्विवेदी ने हत्या कर दी। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, सीधी जिले का रहने वाला आरोपी पवन द्विवेदी, मीनाक्षी से शादी करना चाहता था. मीनाक्षी इसके लिए तैयार नहीं थी, जिसके कारण दोनों के बीच विवाद हुआ. विवाद बढ़ने पर पवन ने मीनाक्षी के सिर पर हथौड़े से ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई । इस घटना के बाद आरोपी पवन ने भी फंदे से झूलकर खुद को खतम कर लिया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।मीनाक्षी और पवन की मुलाकात सालों पहले इंदौर में हुई थी, जब मीनाक्षी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी और पवन वहां कोचिंग चलाता था. मीनाक्षी का करीब दो साल पहले अपने पति से तलाक हो चुका था।1