सीताराम बगीची के शिव मंदिर की मूर्तियों को अज्ञात बदमाशों ने किया खंडित, कस्बे में आक्रोश के चलते बाजार बंद करौली जिले के सपोटरा उपखंड मुख्यालय पर शनिवार रविवार रात को अज्ञात बदमाशों ने सीताराम बाबा की बगीची स्थित एक शिव मंदिर में स्थापित प्रतिमाओं को खंडित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही सपोटरा पुलिस मौके पर पहुंची व बारीकी जांच शुरू की। इस घटना से क्षेत्र में आक्रोश फैलने सहित बाजार बंद करके लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए जल्द अज्ञात बदमाशों को गिरफ्तारी की मांग की है। सपोटरा थानाधिकारी अबीजीत मीणा ने बताया कि उपखंड मुख्यालय पर स्थित इस प्राचीन शिव मंदिर में असामाजिक तत्वों ने रात के समय प्रवेश किया और प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त कर दिया। सुबह जब स्थानीय लोगों को इस घटना का पता चला, तो बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में जमा हो गए और उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराया। घटना की जानकारी मिलते ही सपोटरा थानाधिकारी अबजीत कुमार व सपोटरा डीएसपी सुनील कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया एवं मंदिर परिसर को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया है। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक तरीकों से साक्ष्य एकत्र कर आरोपियों की पहचान करना है। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज करने सहित आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। क्षेत्र के लोगों ने इस मामले में शामिल आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
सीताराम बगीची के शिव मंदिर की मूर्तियों को अज्ञात बदमाशों ने किया खंडित, कस्बे में आक्रोश के चलते बाजार बंद करौली जिले के सपोटरा उपखंड मुख्यालय पर शनिवार रविवार रात को अज्ञात बदमाशों ने सीताराम बाबा की बगीची स्थित एक शिव मंदिर में स्थापित प्रतिमाओं को खंडित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही सपोटरा पुलिस मौके पर पहुंची व बारीकी जांच शुरू की। इस घटना से क्षेत्र में आक्रोश फैलने सहित बाजार बंद करके लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए जल्द अज्ञात बदमाशों को गिरफ्तारी की मांग की है। सपोटरा थानाधिकारी अबीजीत मीणा ने बताया कि उपखंड मुख्यालय पर स्थित इस प्राचीन शिव मंदिर में असामाजिक तत्वों ने रात के समय प्रवेश किया और प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त कर दिया। सुबह जब स्थानीय लोगों को इस घटना का पता चला, तो बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में जमा हो गए और उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराया। घटना की जानकारी मिलते ही सपोटरा थानाधिकारी अबजीत कुमार व सपोटरा डीएसपी सुनील कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया एवं मंदिर परिसर को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया है। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक तरीकों से साक्ष्य एकत्र कर आरोपियों की पहचान करना है। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज करने सहित आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। क्षेत्र के लोगों ने इस मामले में शामिल आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
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- SP Sawaimadhopur गंगापुर सिटी के एसडीएम कोर्ट के मेन गेट पर मसाल का ज्वलनशील पदार्थ डाला और जमकर नारेबाजी की यूजीसी के खिलाफ स्वर्ण समाज द्वारा।1
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- गंगापुर सिटी। गंगापुर सिटी–सवाई माधोपुर सड़क मार्ग पर अमरगढ़ चौकी के पास गुरुवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार अध्यापक की मौत हो गई। जीप की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुए अध्यापक को एंबुलेंस से गंगापुर सिटी के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। जानकारी के अनुसार मलारना डूंगर थाना क्षेत्र के सैनीपुरा निवासी 31 वर्षीय मदनलाल सैनी पुत्र गोपाल सैनी बामनवास उपखंड के बड़ीला स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक पद पर कार्यरत थे। गुरुवार को वे अमरगढ़ चौकी में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। कार्यक्रम के बाद भोजन कर रात करीब आठ बजे वे बाइक से गंगापुर सिटी से बामनवास की ओर रवाना हुए। अमरगढ़ चौकी से कुछ दूरी आगे पहुंचते ही सामने से आ रही जीप ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि मदनलाल सैनी सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। राहगीरों और वाहन चालकों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची एंबुलेंस घायल को गंगापुर सिटी के सरकारी अस्पताल लेकर आई, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। हादसे की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया। घटना को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जीप चालक की तलाश और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।1
- आरोप–प्रत्यारोप तेज: विधायक हंसराज मीणा ने पूर्व मंत्री रमेश चंद मीणा को भ्रष्टाचार के मुद्दों पर घेरा सपोटरा. (करौली) . सपोटरा क्षेत्र की राजनीति में आरोप–प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। विधायक हंसराज मीणा और पूर्व मंत्री रमेश चंद मीणा के बीच भ्रष्टाचार, भूमि आवंटन, मनरेगा कार्यों और विकास योजनाओं को लेकर खुली बयानबाज़ी शुरू हो गई है। दोनों नेताओं के बयानों से क्षेत्र में सियासी माहौल गरमा गया है। विधायक ने उठाए भूमि आवंटन और मनरेगा के मुद्दे विधायक हंसराज मीणा ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री के पंचायत राज मंत्री रहते हुए सवा चार बीघा भूमि नियम विरुद्ध तरीके से अपने परिजनों के नाम आवंटित की गई। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने मामले में संज्ञान लेते हुए संबंधित स्तर पर कार्रवाई की है। कुछ अधिकारियों को निलंबित किया गया तथा प्रकरण भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में दर्ज कराया गया है। पट्टा निरस्तीकरण की कार्रवाई न्यायालय में विचाराधीन बताई गई है। विधायक ने यह भी कहा कि नानपुर पंचायत में मनरेगा कार्यों में गंभीर अनियमितताओं का मामला उन्होंने स्वयं विधानसभा में उठाया था। उनके अनुसार जांच के आदेश जारी हो चुके हैं और विभागीय प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का दायित्व है कि यदि क्षेत्र में भ्रष्टाचार हो रहा है तो उसे सदन में उठाया जाए। हरिलाल मीणा प्रकरण पर दी सफाई हरिलाल मीणा की मृत्यु से जुड़े मामले में अपने परिवार पर लगाए गए आरोपों को विधायक ने निराधार बताया। उन्होंने कहा कि यह दुखद घटना है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। स्टांप पेपर से जुड़े दस्तावेजों की एफएसएल जांच की मांग दोहराते हुए उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए और किसी निर्दोष को जल्दबाजी में दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। नगर पालिका क्षेत्र के कार्यों पर सवाल विधायक ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री के कार्यकाल में पंचायत समिति के माध्यम से राज्य वित्त आयोग एवं 15वें वित्त आयोग की राशि से नगर पालिका क्षेत्र में कई कार्य स्वीकृत किए गए, लेकिन अनेक कार्य धरातल पर दिखाई नहीं देते। उन्होंने बताया कि राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में शौचालय निर्माण के लिए 2 लाख रुपये, सीबीओ ऑफिस में मरम्मत कार्य हेतु 2 लाख रुपये, उपखंड कार्यालय से रेंज कार्यालय तक 1.75 लाख रुपये, फुटपाथ निर्माण के लिए 1.54 लाख रुपये, राधा कृष्ण मंदिर से उपखंड कार्यालय तक रास्ता दुरुस्तीकरण के लिए 1.93 लाख रुपये तथा मुख्य सड़क मार्ग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक रोड लाइट के लिए 98 हजार रुपये स्वीकृत किए गए। इसके अतिरिक्त पंचायत समिति स्तर पर विकास अधिकारी मरम्मत कार्य, पुराने पंचायत समिति भवन के हॉल एवं गुणवत्ता कक्षा के नवीनीकरण तथा पंचायत समिति क्वार्टर नंबर 5 की मरम्मत के लिए दो-दो लाख रुपये की स्वीकृति दी गई। विधायक का आरोप है कि इन कार्यों की वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। पूर्व मंत्री का तीखा पलटवार इधर पूर्व मंत्री रमेश चंद मीणा ने विधायक के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा, “चोर चोरी करता है तो कहता नहीं है।” पूर्व मंत्री ने कहा कि यदि विधायक हंसराज मीणा स्वयं को भ्रष्टाचार से मुक्त बताते हैं तो वे किसी भी प्रकार की जांच, यहां तक कि नारकोटिक्स जांच तक के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आएगी। राजनीतिक माहौल गरमाया दोनों नेताओं के बीच बयानबाज़ी के बाद क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। एक ओर विधायक पूर्व मंत्री के कार्यकाल के निर्णयों और स्वीकृत कार्यों की जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं पूर्व मंत्री विधायक पर सीधे सवाल उठा रहे हैं। अब जनता और राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर संभावित जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और आधिकारिक निष्कर्षों पर टिकी हुई है।2
- करौली जिले के सपोटरा उपखंड मुख्यालय पर शनिवार रविवार रात को अज्ञात बदमाशों ने सीताराम बाबा की बगीची स्थित एक शिव मंदिर में स्थापित प्रतिमाओं को खंडित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही सपोटरा पुलिस मौके पर पहुंची व बारीकी जांच शुरू की। इस घटना से क्षेत्र में आक्रोश फैलने सहित बाजार बंद करके लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए जल्द अज्ञात बदमाशों को गिरफ्तारी की मांग की है। सपोटरा थानाधिकारी अबीजीत मीणा ने बताया कि उपखंड मुख्यालय पर स्थित इस प्राचीन शिव मंदिर में असामाजिक तत्वों ने रात के समय प्रवेश किया और प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त कर दिया। सुबह जब स्थानीय लोगों को इस घटना का पता चला, तो बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में जमा हो गए और उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराया। घटना की जानकारी मिलते ही सपोटरा थानाधिकारी अबजीत कुमार व सपोटरा डीएसपी सुनील कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया एवं मंदिर परिसर को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया है। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक तरीकों से साक्ष्य एकत्र कर आरोपियों की पहचान करना है। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज करने सहित आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। क्षेत्र के लोगों ने इस मामले में शामिल आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।1
- Post by RK LIVE KARAULI1
- गंगापुर सिटी में यूजीसी के विरोध में स्वर्ण महापंचायत का आयोजन जिसमें स्वर्ण महापंचायत में बाहर के कई लोग प्रवक्ता पहुंचे जिसमें करणी सेना, विप्र सेना, अग्रवाल समाज के उपस्थित हुए3