बारिश की रात धराशायी हुआ आशियाना, चार बच्चों के साथ बेघर हुई महिला कुसमी तहसीलदार की त्वरित पहल से खाली पड़े विद्यालय भवन में मिला अस्थायी आश्रय कुसमी। लगातार हो रही बारिश ने कुसमी तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत भदौरा में एक परिवार का आशियाना उजाड़ दिया। बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात तेज बारिश के बीच एक कच्चा मकान अचानक धराशायी हो गया, जिससे बिन्नू जायसवाल, पत्नी राजेंद्र जायसवाल, अपने चार मासूम बच्चों के साथ बेघर हो गईं। गनीमत रही कि मकान गिरने की घटना में परिवार के किसी सदस्य के हताहत होने की सूचना नहीं है। बताया गया कि बिन्नू जायसवाल के पति राजेंद्र जायसवाल दिल्ली में मजदूरी करते हैं। ऐसे में अचानक मकान गिरने के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ी समस्या रहने के लिए सुरक्षित स्थान की खड़ी हो गई। बारिश के बीच चार बच्चों के साथ खुले आसमान के नीचे रहने की नौबत आ गई। घटना के बाद महिला ने अपने मायके पक्ष को इसकी जानकारी दी। गुरुवार को उनके माता-पिता और बहन मौके पर पहुंचे। बारिश लगातार जारी रहने और तत्काल रहने की कोई व्यवस्था न होने के कारण परिवार को मायके ले जाने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान ग्रामीणों ने पूरे मामले की जानकारी कुसमी तहसीलदार नारायण सिंह को दी। सूचना मिलते ही तहसीलदार ने मामले को गंभीरता से लिया और मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार की स्थिति का जायजा लिया। परिवार की तत्काल जरूरत को देखते हुए तहसीलदार ने पास में लंबे समय से खाली पड़े सैटेलाइट प्राथमिक विद्यालय भवन में महिला और उसके चारों बच्चों के अस्थायी रूप से रहने की व्यवस्था कराई। प्रशासन की इस त्वरित पहल से बारिश के बीच बेघर हुए परिवार को सुरक्षित ठिकाना मिल गया। पीड़ित महिला के चार बच्चे हैं, जिनमें दो बालक और दो बालिकाएं शामिल हैं। सभी बच्चे अध्ययनरत हैं। ऐसे में परिवार को तत्काल आश्रय मिलने से बच्चों और महिला को बड़ी राहत मिली है। मौके पर ग्राम पंचायत के सरपंच, हल्का पटवारी, वार्ड पंच, पूर्व सरपंच सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों की सहमति और मांग को देखते हुए खाली पड़े विद्यालय भवन को फिलहाल पीड़ित परिवार के अस्थायी निवास के लिए उपलब्ध कराया गया है। बारिश की एक रात ने परिवार से उसका आशियाना छीन लिया, लेकिन प्रशासन और ग्रामीणों की तत्परता ने चार बच्चों सहित बेघर हुई महिला को तत्काल सिर छिपाने के लिए सुरक्षित जगह उपलब्ध करा दी। अब पीड़ित परिवार को स्थायी आवास और आवश्यक राहत मिलने की उम्मीद है।
बारिश की रात धराशायी हुआ आशियाना, चार बच्चों के साथ बेघर हुई महिला कुसमी तहसीलदार की त्वरित पहल से खाली पड़े विद्यालय भवन में मिला अस्थायी आश्रय कुसमी। लगातार हो रही बारिश ने कुसमी तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत भदौरा में एक परिवार का आशियाना उजाड़ दिया। बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात तेज बारिश के बीच एक कच्चा मकान अचानक धराशायी हो गया, जिससे बिन्नू जायसवाल, पत्नी राजेंद्र जायसवाल, अपने चार मासूम बच्चों के साथ बेघर हो गईं। गनीमत रही कि मकान गिरने की घटना में परिवार के किसी सदस्य के हताहत होने की सूचना नहीं है। बताया गया कि बिन्नू जायसवाल के पति राजेंद्र जायसवाल दिल्ली में मजदूरी करते हैं। ऐसे में अचानक मकान गिरने के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ी समस्या रहने के लिए सुरक्षित स्थान की खड़ी हो गई। बारिश के बीच चार बच्चों के साथ खुले आसमान के नीचे रहने की नौबत आ गई। घटना के बाद महिला ने अपने मायके पक्ष को इसकी जानकारी दी। गुरुवार को उनके माता-पिता और बहन मौके पर पहुंचे। बारिश लगातार जारी रहने और तत्काल रहने की कोई व्यवस्था न होने के कारण परिवार को मायके ले जाने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान ग्रामीणों ने पूरे मामले की जानकारी कुसमी तहसीलदार
नारायण सिंह को दी। सूचना मिलते ही तहसीलदार ने मामले को गंभीरता से लिया और मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार की स्थिति का जायजा लिया। परिवार की तत्काल जरूरत को देखते हुए तहसीलदार ने पास में लंबे समय से खाली पड़े सैटेलाइट प्राथमिक विद्यालय भवन में महिला और उसके चारों बच्चों के अस्थायी रूप से रहने की व्यवस्था कराई। प्रशासन की इस त्वरित पहल से बारिश के बीच बेघर हुए परिवार को सुरक्षित ठिकाना मिल गया। पीड़ित महिला के चार बच्चे हैं, जिनमें दो बालक और दो बालिकाएं शामिल हैं। सभी बच्चे अध्ययनरत हैं। ऐसे में परिवार को तत्काल आश्रय मिलने से बच्चों और महिला को बड़ी राहत मिली है। मौके पर ग्राम पंचायत के सरपंच, हल्का पटवारी, वार्ड पंच, पूर्व सरपंच सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों की सहमति और मांग को देखते हुए खाली पड़े विद्यालय भवन को फिलहाल पीड़ित परिवार के अस्थायी निवास के लिए उपलब्ध कराया गया है। बारिश की एक रात ने परिवार से उसका आशियाना छीन लिया, लेकिन प्रशासन और ग्रामीणों की तत्परता ने चार बच्चों सहित बेघर हुई महिला को तत्काल सिर छिपाने के लिए सुरक्षित जगह उपलब्ध करा दी। अब पीड़ित परिवार को स्थायी आवास और आवश्यक राहत मिलने की उम्मीद है।
- बारिश की रात धराशायी हुआ आशियाना, चार बच्चों के साथ बेघर हुई महिला कुसमी तहसीलदार की त्वरित पहल से खाली पड़े विद्यालय भवन में मिला अस्थायी आश्रय कुसमी। लगातार हो रही बारिश ने कुसमी तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत भदौरा में एक परिवार का आशियाना उजाड़ दिया। बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात तेज बारिश के बीच एक कच्चा मकान अचानक धराशायी हो गया, जिससे बिन्नू जायसवाल, पत्नी राजेंद्र जायसवाल, अपने चार मासूम बच्चों के साथ बेघर हो गईं। गनीमत रही कि मकान गिरने की घटना में परिवार के किसी सदस्य के हताहत होने की सूचना नहीं है। बताया गया कि बिन्नू जायसवाल के पति राजेंद्र जायसवाल दिल्ली में मजदूरी करते हैं। ऐसे में अचानक मकान गिरने के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ी समस्या रहने के लिए सुरक्षित स्थान की खड़ी हो गई। बारिश के बीच चार बच्चों के साथ खुले आसमान के नीचे रहने की नौबत आ गई। घटना के बाद महिला ने अपने मायके पक्ष को इसकी जानकारी दी। गुरुवार को उनके माता-पिता और बहन मौके पर पहुंचे। बारिश लगातार जारी रहने और तत्काल रहने की कोई व्यवस्था न होने के कारण परिवार को मायके ले जाने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान ग्रामीणों ने पूरे मामले की जानकारी कुसमी तहसीलदार नारायण सिंह को दी। सूचना मिलते ही तहसीलदार ने मामले को गंभीरता से लिया और मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार की स्थिति का जायजा लिया। परिवार की तत्काल जरूरत को देखते हुए तहसीलदार ने पास में लंबे समय से खाली पड़े सैटेलाइट प्राथमिक विद्यालय भवन में महिला और उसके चारों बच्चों के अस्थायी रूप से रहने की व्यवस्था कराई। प्रशासन की इस त्वरित पहल से बारिश के बीच बेघर हुए परिवार को सुरक्षित ठिकाना मिल गया। पीड़ित महिला के चार बच्चे हैं, जिनमें दो बालक और दो बालिकाएं शामिल हैं। सभी बच्चे अध्ययनरत हैं। ऐसे में परिवार को तत्काल आश्रय मिलने से बच्चों और महिला को बड़ी राहत मिली है। मौके पर ग्राम पंचायत के सरपंच, हल्का पटवारी, वार्ड पंच, पूर्व सरपंच सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों की सहमति और मांग को देखते हुए खाली पड़े विद्यालय भवन को फिलहाल पीड़ित परिवार के अस्थायी निवास के लिए उपलब्ध कराया गया है। बारिश की एक रात ने परिवार से उसका आशियाना छीन लिया, लेकिन प्रशासन और ग्रामीणों की तत्परता ने चार बच्चों सहित बेघर हुई महिला को तत्काल सिर छिपाने के लिए सुरक्षित जगह उपलब्ध करा दी। अब पीड़ित परिवार को स्थायी आवास और आवश्यक राहत मिलने की उम्मीद है।2
- सिंगरौली: विधवा के खाते से 3.20 लाख की धोखाधड़ी का आरोप विधवा के खाते से 3.20 लाख की धोखाधड़ी का आरोप सिंगरौली में विधवा महिला ने बैंक खाते से 3.20 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पीड़िता ने SP से शिकायत कर कार्रवाई और रकम वापस दिलाने की मांग की है। मामला माड़ा थाना क्षेत्र के रौदी गांव का है। कौशिल्या कोल का आरोप है कि बिहरा निवासी अनंत खेरवार ने मदद के बहाने चेक से उसके खाते से रकम निकाल ली। शिकायत के मुताबिक, 13 और 16 मई 2026 को दो चेकों से 1.60 लाख रुपये निकाले गए। महिला ने कुल 3.20 लाख की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद होगी।1
- रीवा से बड़ी खबर1
- श्रीवास्तव श्रीवास्तव। आशीष। हित्वा ज्यादा पानीबरसा।के।कारण।यह।खेतों।पानी।ज्यादा।कारण।खेती।नहीं।हो।पाया। हैग्राम पंचायत चित्र के।पाश2
- न्यू बरौंधा प्राथमिक पाठशाला का भवन वर्षों से क्षतिग्रस्त --डा प्रणय तिवारी मध्यप्रदेश शासन जल संसाधन विभाग की अनुमोदित पुनर्वास नीति के तहत आदर्श ग्राम न्यू बरौंधा में प्राथमिक पाठशाला बालक का भवन बनाया गया परंतु आज वह पूरी तरह से खण्डहर हो चुका है, जिसके लिए गत पांच वर्षों से लगातार मानवाधिकारों को ध्यान में रखते हुए शासन प्रशासन को अवगत करवाया जाता रहा परन्तु उसकी मरम्मत नहीं हुई और आज भवन पूरी तरह से जीर्ण-शीर्ण हो चुका है, फिर भी संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया जिससे प्राथमिक पाठशाला के बच्चों को बालक माध्यमिक में संकीर्ण स्थान पर बैठाकर पढ़ाया जा रहा है,2
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- आज जन्म जन्माष्टमी है कृष्ण भगवान का जन्म है जन्माष्टमी है जन्माष्टमी है कृष्ण भगवान का जन्म है1
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