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आज जन्म जन्माष्टमी है कृष्ण भगवान का जन्म है जन्माष्टमी है जन्माष्टमी है कृष्ण भगवान का जन्म है
Rajesh Saket
आज जन्म जन्माष्टमी है कृष्ण भगवान का जन्म है जन्माष्टमी है जन्माष्टमी है कृष्ण भगवान का जन्म है
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- शंकरगढ़ टिकरौही कला बसहरा उपरहार की रंजना कुशवाहा का घर गिरा परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को बेबस मदद की लगा रही गुहार प्रयागराज विकास खंड शंकरगढ़ के अंतर्गत ग्राम सभा टिकरौही कला, मजरा बसहरा उपहार लगातार हो रही बारिश एक गरीब परिवार के लिए आफत बन गई। बारिश के कारण एक गरीब का आशियाना पूरी तरह से जमींदोज हो गया और परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया।पीड़िता का नाम रंजना कुशवाहा पत्नी जीवनलाल कुशवाहा, निवासी टिकरौही कला बसहरा उपहार, शंकरगढ़ है रंजना ने बताया कि वह बेहद गरीब परिवार से है और उसका कच्चा मकान ही उसकी आखिरी पूंजी थी कई दिनों से लगातार बारिश के कारण आज सुबह अचानक उसका पूरा घर भरभराकर गिर गया।गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार के लोग घर के बाहर थे, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। लेकिन घर में रखा सारा अनाज, कपड़े, बर्तन और गृहस्थी का सारा सामान मलबे में दबकर बर्बाद हो गया।प्रशासन से लगाई गुहार पीड़ित परिवार ने तहसीलदार बारा, BDO शंकरगढ़ और ग्राम प्रधान से मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत तत्काल आवास दिया जाए।आपदा राहत कोष से आर्थिक मदद दी जाए ताकि परिवार फिर से अपना आशियाना बना सके।बारिश में गरीब का घर गिरने से गांव में सहानुभूति का माहौल है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से गरीब परिवार की मदद की मांग की है।1
- मांडा इलाके में करोड़ों की एमडी फैक्ट्री का भंडाफोड़, स्थानीय पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल मुंबई पुलिस ने प्रयागराज में खोली नशे के कारोबार की पोल! मुंबई क्राइम ब्रांच पहुंची तो सामने आया पूरा नेटवर्क, क्या इलाकाई पुलिस को थी भनक?* प्रयागराज। मांडा थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपए की एमडी ड्रग तैयार करने वाली अवैध फैक्ट्री का मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा भंडाफोड़ किए जाने के बाद अब स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस इलाके में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थ तैयार किए जा रहे थे। वहां की पुलिस को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी? मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने जांच के सिलसिले में प्रयागराज पहुंचकर मांडा क्षेत्र के कोसड़ा कला इलाके में कार्रवाई की और खेत में बने शेड से भारी मात्रा में एमडी ड्रग, केमिकल और ड्रग तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले लैब उपकरण बरामद किए। कार्रवाई के बाद सामने आए तथ्यों ने स्थानीय पुलिस की सक्रियता और खुफिया तंत्र पर सवालिया निशान लगा दिया है। -------- मुंबई से टीम आई और खुल गया पूरा राज बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र में एमडी ड्रग की बरामदगी के बाद शुरू हुई जांच की कड़ियां प्रयागराज तक पहुंचीं। मुंबई क्राइम ब्रांच ने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई और फिर प्रयागराज में दबिश देकर कथित ड्रग फैक्ट्री का खुलासा किया। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि मांडा थाना पुलिस और स्थानीय खुफिया तंत्र इतने बड़े नेटवर्क से पूरी तरह अनजान कैसे रहा? जिस स्थान पर बड़ी मात्रा में रसायन, लैब उपकरण और नशीला पदार्थ तैयार किया जा रहा था। वहां स्थानीय पुलिस की नजर क्यों नहीं पड़ी? सूत्रों पर यदि हम यकीन करें तो यह भी चर्चा है कि जब मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम कार्रवाई के लिए प्रयागराज पहुंची तो स्थानीय पुलिस से अपेक्षित सहयोग समय पर नहीं मिला। हालांकि इस संबंध में स्थानीय पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला सिर्फ लापरवाही तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि यह भी जांच का विषय होगा कि इतने बड़े ड्रग नेटवर्क की जानकारी स्थानीय पुलिस तक क्यों नहीं पहुंची और बाहरी राज्य की पुलिस को आकर कार्रवाई क्यों करनी पड़ी? ------- *अब जांच स्थानीय पुलिस की भूमिका तक भी पहुंचे* प्रयागराज में नशीली फैक्ट्री का भंडाफोड़ और करोड़ों रुपये के ड्रग नेटवर्क के सामने आने के बाद अब जरूरत इस बात की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। यह भी पता लगाया जाए कि फैक्ट्री कितने समय से संचालित थी। जमीन और शेड किसके माध्यम से लिया गया, आसपास के लोगों को इसकी जानकारी थी या नहीं और स्थानीय पुलिस के स्तर पर आखिर इतनी बड़ी गतिविधि कैसे छिपी रही। मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई ने नशे के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने में अहम भूमिका निभाई है, लेकिन इसके साथ ही प्रयागराज पुलिस की स्थानीय निगरानी और खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों का जवाब भी अब जरूरी हो गया है। फिलहाल यह जांच का विषय है। देखना है कि उच्च अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं। मांडा इलाके में करोड़ों की एमडी फैक्ट्री का भंडाफोड़, स्थानीय पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल मुंबई पुलिस ने प्रयागराज में खोली नशे के कारोबार की पोल! मुंबई क्राइम ब्रांच पहुंची तो सामने आया पूरा नेटवर्क, क्या इलाकाई पुलिस को थी भनक?* प्रयागराज। मांडा थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपए की एमडी ड्रग तैयार करने वाली अवैध फैक्ट्री का मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा भंडाफोड़ किए जाने के बाद अब स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस इलाके में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थ तैयार किए जा रहे थे। वहां की पुलिस को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी? मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने जांच के सिलसिले में प्रयागराज पहुंचकर मांडा क्षेत्र के कोसड़ा कला इलाके में कार्रवाई की और खेत में बने शेड से भारी मात्रा में एमडी ड्रग, केमिकल और ड्रग तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले लैब उपकरण बरामद किए। कार्रवाई के बाद सामने आए तथ्यों ने स्थानीय पुलिस की सक्रियता और खुफिया तंत्र पर सवालिया निशान लगा दिया है। -------- मुंबई से टीम आई और खुल गया पूरा राज बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र में एमडी ड्रग की बरामदगी के बाद शुरू हुई जांच की कड़ियां प्रयागराज तक पहुंचीं। मुंबई क्राइम ब्रांच ने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई और फिर प्रयागराज में दबिश देकर कथित ड्रग फैक्ट्री का खुलासा किया। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि मांडा थाना पुलिस और स्थानीय खुफिया तंत्र इतने बड़े नेटवर्क से पूरी तरह अनजान कैसे रहा? जिस स्थान पर बड़ी मात्रा में रसायन, लैब उपकरण और नशीला पदार्थ तैयार किया जा रहा था। वहां स्थानीय पुलिस की नजर क्यों नहीं पड़ी? सूत्रों पर यदि हम यकीन करें तो यह भी चर्चा है कि जब मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम कार्रवाई के लिए प्रयागराज पहुंची तो स्थानीय पुलिस से अपेक्षित सहयोग समय पर नहीं मिला। हालांकि इस संबंध में स्थानीय पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला सिर्फ लापरवाही तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि यह भी जांच का विषय होगा कि इतने बड़े ड्रग नेटवर्क की जानकारी स्थानीय पुलिस तक क्यों नहीं पहुंची और बाहरी राज्य की पुलिस को आकर कार्रवाई क्यों करनी पड़ी? ------- *अब जांच स्थानीय पुलिस की भूमिका तक भी पहुंचे* प्रयागराज में नशीली फैक्ट्री का भंडाफोड़ और करोड़ों रुपये के ड्रग नेटवर्क के सामने आने के बाद अब जरूरत इस बात की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। यह भी पता लगाया जाए कि फैक्ट्री कितने समय से संचालित थी। जमीन और शेड किसके माध्यम से लिया गया, आसपास के लोगों को इसकी जानकारी थी या नहीं और स्थानीय पुलिस के स्तर पर आखिर इतनी बड़ी गतिविधि कैसे छिपी रही। मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई ने नशे के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने में अहम भूमिका निभाई है, लेकिन इसके साथ ही प्रयागराज पुलिस की स्थानीय निगरानी और खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों का जवाब भी अब जरूरी हो गया है। फिलहाल यह जांच का विषय है। देखना है कि उच्च अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं।1
- आज जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर आप सभी को मेरा प्रणाम 🙏🙏happy janmashtmi #rewanewsmp1