लखनऊ, उत्तर प्रदेश से लेखिका-कवयित्री सोनी शुक्ला 'क्रांति' ने शुभेंदु अधिकारी को एक गीत के माध्यम से सीधी चेतावनी दी है, जिसमें 'गौमाता' के अपमान और जनभावनाओं से खिलवाड़ न करने का आह्वान किया गया है। गीत में यह स्पष्ट किया गया है कि 'गौमाता' का अपमान अब शब्दों से सहन नहीं किया जाएगा, और सत्ता में बैठे लोगों को संभल जाने की हिदायत दी गई है। चेतावनी में शुभेंदु अधिकारी को कान खोलकर सुनने के लिए कहा गया है, और यह ज़ोर दिया गया है कि जिसने भी मर्यादा तोड़ी है, अब उसकी बारी आ गई है। उस व्यक्ति को, जिसने 'माँ' को 'चौदह साल या बूढ़ी' कहकर 'तौला' है, सोए हुए शेर के मुँह में हाथ डालने जैसा बताया गया है। संतों की इस पावन धरती, जहाँ कृष्ण कन्हाई आए थे और प्रभु ने भी जिस माँ के आँचल की खातिर कष्ट उठाए थे, उसका सौदा करने वालों को होश में आने और संभल जाने की बात कही गई है, अन्यथा जन-जन की हुंकार से सत्ता छोड़कर बदलने की चेतावनी दी गई है। बंगाल की पावन माटी पर ऐसा ज़हर फैलाने वालों को जन-आंदोलन की ज्वाला में जल जाने की याद दिलाई गई है। 'गोरक्षा' को अपना प्रण और धर्म बताया गया है, जो सबसे ऊपर है, और यह प्रण लिया गया है कि अपनी संस्कृति के गौरव पर कोई वार सहन नहीं किया जाएगा। इस वाणी को 'क्रांति' की वाणी बताते हुए, इसे केवल शब्द न जानने और जो गौरव पर उंगली उठाए, उसे सीधे अपना 'काल' मानने की बात कही गई है। चेतावनी में यह भी कहा गया है कि 'जिल्लत' भरे इन फरमानों को सीधे वापस लेना होगा और सनातन की इस पावन शक्ति के आगे झुकना होगा। 'सोनी शुक्ला' की यह हुंकार और 'जनहित' का यह ऐलान है कि 'गौमाता' हमारी माता है, और इस बात को गंभीरता से सुनने की अपील की गई है। एक बार फिर कुर्सी वालों को जनभावनाओं से न खेलने और 'गौमाता' के अपमान को असहनीय बताया गया है।
लखनऊ, उत्तर प्रदेश से लेखिका-कवयित्री सोनी शुक्ला 'क्रांति' ने शुभेंदु अधिकारी को एक गीत के माध्यम से सीधी चेतावनी दी है, जिसमें 'गौमाता' के अपमान और जनभावनाओं से खिलवाड़ न करने का आह्वान किया गया है। गीत में यह स्पष्ट किया गया है कि 'गौमाता' का अपमान अब शब्दों से सहन नहीं किया जाएगा, और सत्ता में बैठे लोगों को संभल जाने की हिदायत दी गई है। चेतावनी में शुभेंदु अधिकारी को कान खोलकर सुनने के लिए कहा गया है, और यह ज़ोर दिया गया है कि जिसने भी मर्यादा तोड़ी है, अब उसकी बारी आ गई है। उस व्यक्ति को, जिसने 'माँ' को 'चौदह साल या बूढ़ी' कहकर 'तौला' है, सोए हुए शेर के मुँह में हाथ डालने जैसा बताया गया है। संतों की इस पावन धरती, जहाँ कृष्ण कन्हाई आए थे और प्रभु ने भी जिस माँ के आँचल की खातिर कष्ट उठाए थे, उसका सौदा करने वालों को होश में आने और संभल जाने की बात कही गई है, अन्यथा जन-जन की हुंकार से सत्ता छोड़कर बदलने की चेतावनी दी गई है। बंगाल की पावन माटी पर ऐसा ज़हर फैलाने वालों को जन-आंदोलन की ज्वाला में जल जाने की याद दिलाई गई है। 'गोरक्षा' को अपना प्रण और धर्म बताया गया है, जो सबसे ऊपर है, और यह प्रण लिया गया है कि अपनी संस्कृति के गौरव पर कोई वार सहन नहीं किया जाएगा। इस वाणी को 'क्रांति' की वाणी बताते हुए, इसे केवल शब्द न जानने और जो गौरव पर उंगली उठाए, उसे सीधे अपना 'काल' मानने की बात कही गई है। चेतावनी में यह भी कहा गया है कि 'जिल्लत' भरे इन फरमानों को सीधे वापस लेना होगा और सनातन की इस पावन शक्ति के आगे झुकना होगा। 'सोनी शुक्ला' की यह हुंकार और 'जनहित' का यह ऐलान है कि 'गौमाता' हमारी माता है, और इस बात को गंभीरता से सुनने की अपील की गई है। एक बार फिर कुर्सी वालों को जनभावनाओं से न खेलने और 'गौमाता' के अपमान को असहनीय बताया गया है।
- लखनऊ से ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, मायके में रह रही एक महिला को फ़ोन करके बुलाया गया। इसके बाद, उसे एक सुनसान जगह पर ले जाकर चाकू से उसका गला रेत दिया गया।1
- लखनऊ, उत्तर प्रदेश से लेखिका-कवयित्री सोनी शुक्ला 'क्रांति' ने शुभेंदु अधिकारी को एक गीत के माध्यम से सीधी चेतावनी दी है, जिसमें 'गौमाता' के अपमान और जनभावनाओं से खिलवाड़ न करने का आह्वान किया गया है। गीत में यह स्पष्ट किया गया है कि 'गौमाता' का अपमान अब शब्दों से सहन नहीं किया जाएगा, और सत्ता में बैठे लोगों को संभल जाने की हिदायत दी गई है। चेतावनी में शुभेंदु अधिकारी को कान खोलकर सुनने के लिए कहा गया है, और यह ज़ोर दिया गया है कि जिसने भी मर्यादा तोड़ी है, अब उसकी बारी आ गई है। उस व्यक्ति को, जिसने 'माँ' को 'चौदह साल या बूढ़ी' कहकर 'तौला' है, सोए हुए शेर के मुँह में हाथ डालने जैसा बताया गया है। संतों की इस पावन धरती, जहाँ कृष्ण कन्हाई आए थे और प्रभु ने भी जिस माँ के आँचल की खातिर कष्ट उठाए थे, उसका सौदा करने वालों को होश में आने और संभल जाने की बात कही गई है, अन्यथा जन-जन की हुंकार से सत्ता छोड़कर बदलने की चेतावनी दी गई है। बंगाल की पावन माटी पर ऐसा ज़हर फैलाने वालों को जन-आंदोलन की ज्वाला में जल जाने की याद दिलाई गई है। 'गोरक्षा' को अपना प्रण और धर्म बताया गया है, जो सबसे ऊपर है, और यह प्रण लिया गया है कि अपनी संस्कृति के गौरव पर कोई वार सहन नहीं किया जाएगा। इस वाणी को 'क्रांति' की वाणी बताते हुए, इसे केवल शब्द न जानने और जो गौरव पर उंगली उठाए, उसे सीधे अपना 'काल' मानने की बात कही गई है। चेतावनी में यह भी कहा गया है कि 'जिल्लत' भरे इन फरमानों को सीधे वापस लेना होगा और सनातन की इस पावन शक्ति के आगे झुकना होगा। 'सोनी शुक्ला' की यह हुंकार और 'जनहित' का यह ऐलान है कि 'गौमाता' हमारी माता है, और इस बात को गंभीरता से सुनने की अपील की गई है। एक बार फिर कुर्सी वालों को जनभावनाओं से न खेलने और 'गौमाता' के अपमान को असहनीय बताया गया है।1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में किसी पदाधिकारी द्वारा कथित तौर पर पैसे मांगे जाने पर गहरा सदमा और नाराजगी व्यक्त की गई है। पोस्ट करने वाले ने अपने भावनात्मक सवाल और #scam तथा #humanity जैसे हैशटैग के उपयोग के माध्यम से इस कृत्य को भ्रष्टाचार और मानवीय गरिमा का अपमान बताया है। यह पोस्ट इस मुद्दे को वायरल करने की अपील करती है।1
- राजधानी लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र स्थित कल्ली पश्चिम में बुधवार को दिनदहाड़े एक प्रॉपर्टी डीलर पर बाइक सवार बदमाशों ने गोलियां बरसा दीं। हमलावरों ने ऑफिस के पास ही प्रॉपर्टी डीलर को तीन गोलियां मारीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस अब बदमाशों की तलाश में जुट गई है।1
- लखनऊ, उत्तर प्रदेश से कवयित्री सोनी शुक्ला 'क्रांति' ने एक चेतावनी गीत के माध्यम से शुभेंदु अधिकारी और सत्ता में बैठे लोगों को स्पष्ट संदेश दिया है, जिसका शीर्षक है "जाग उठा है अब हिंदूस्थान"। इस गीत में कुर्सी वालों को जज्बातों से न खेलने और गौमाता के अपमान को बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी गई है। गीत में शुभेंदु अधिकारी को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा गया है कि जिसने भी मर्यादा तोड़ी है, उसकी बारी अब आ गई है। उस माँ का अपमान जिसने "चौदह साल या बूढ़ी" कहकर किया है, उसे सोए हुए शेर के मुँह में हाथ डालने जैसा बताया गया है। कवयित्री ने याद दिलाया है कि यह पावन धरती संतों की है, जहाँ कृष्ण कन्हाई आए थे, और उस माँ का सौदा करने वालों को होश में आने को कहा है, अन्यथा जन-जन की हुंकार से सत्ता छोड़ने और बदलने की बात कही गई है। आगे चेतावनी दी गई है कि बंगाल की पावन माटी पर ऐसा जहर मिलाने वालों को जन-आंदोलन की ज्वाला में जलने के लिए तैयार रहना होगा। "गोरक्षा" को अपना प्रण और धर्म सबसे ऊपर बताते हुए कहा गया है कि अपनी संस्कृति के गौरव पर कोई वार सहन नहीं किया जाएगा। इस वाणी को 'क्रांति' की वाणी करार देते हुए, गौरव पर उंगली उठाने वाले को सीधे उसका काल मानने की बात कही गई है। कवयित्री सोनी शुक्ला 'क्रांति' ने अपनी इस 'जनहित' घोषणा में अपमानजनक फरमानों को तुरंत वापस लेने और सनातन की पावन शक्ति के आगे झुकने की मांग की है। उन्होंने एक बार फिर इस बात पर जोर दिया है कि गौमाता हमारी माता है, और कुर्सी वालों को चेताया है कि वे जज्बातों से न खेलें, क्योंकि गौमाता का अपमान बातों से सहा नहीं जाएगा।1
- लखनऊ, उत्तर प्रदेश से लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला 'क्रांति' ने एक गीत के माध्यम से सुवेंदु अधिकारी और 'कुर्सी वालों' को कड़ी चेतावनी जारी की है, जिसका शीर्षक है "जाग उठा है अब हिंदूस्थान"। इस चेतावनी में कहा गया है कि गौमाता का अपमान और जज्बातों से खेलना अब सहन नहीं किया जाएगा। शुक्ला ने शुभेंदु अधिकारी को कान खोलकर सुनने को कहा है कि जिसने भी मर्यादा तोड़ी है, अब उसकी बारी आ गई है। गीत में उन लोगों पर निशाना साधा गया है, जिन्होंने 'चौदह साल या बूढ़ी' कहकर माँ का अपमान किया है, इसे 'सोए हुए शेर के मुँह में हाथ डालने' जैसा बताया गया है। यह भी कहा गया है कि यह पावन धरती संतों की है, जहाँ कृष्ण कन्हाई आए थे, और उस माँ का सौदा करने वालों को होश में आने और संभल जाने की सलाह दी गई है, अन्यथा जन-जन की हुंकार से उन्हें सत्ता छोड़नी पड़ेगी। चेतावनी में बंगाल की पावन माटी पर जहर घोलने वालों को जन-आंदोलन की ज्वाला में जल जाने की बात कही गई है। 'गोरक्षा' को अपना प्रण और सर्वोच्च धर्म बताते हुए कहा गया है कि अपनी संस्कृति के गौरव पर कोई वार सहन नहीं किया जाएगा। सोनी शुक्ला 'क्रांति' ने इसे केवल शब्द नहीं, बल्कि एक 'काल' की वाणी बताया है जो गौरव पर उंगली उठाने वालों के लिए है। उन्होंने मांग की है कि 'जिल्लत के फरमानों' को तुरंत वापस लिया जाए और सनातन की पावन शक्ति के आगे झुकना होगा। यह ऐलान करते हुए कि 'गौमाता हमारी माता है', उन्होंने 'कुर्सी वालों' को एक बार फिर जज्बातों से न खेलने की चेतावनी दी है।1
- लखनऊ के जानकीपुरम क्षेत्र में बुधवार शाम करीब 6 बजे बिजली चोरी पकड़ने गई बिजली विभाग की टीम पर हमला किया गया। आरोप है कि कार्रवाई के दौरान उपभोक्ता और उसके सहयोगियों ने जूनियर इंजीनियर अशोक कुमार पर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने जेई पर कुत्ता भी छोड़ दिया, जिससे वे घायल हो गए। बिजली विभाग की टीम क्षेत्र में बिजली चोरी की शिकायत पर जांच करने पहुंची थी, तभी विवाद बढ़ गया और उपभोक्ता पक्ष ने टीम के साथ अभद्रता करते हुए हमला कर दिया। इस हमले में जूनियर इंजीनियर अशोक कुमार को चोटें आई हैं, जिसके बाद विभागीय कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है। मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है, और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। बिजली विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और कर्मचारी पर हमला करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1