पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना के मार्गदर्शन में तथा पुलिस मुख्यालय एवं हार्टफुलनेस संस्थान के सहयोग से टीकमगढ़ जिले में पुलिस बल के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को मजबूत करने के लिए एक सराहनीय पहल शुरू की गई है। इस पहल के तहत, जिलेभर में सामूहिक हार्टफुलनेस ध्यान सत्रों का आयोजन किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देश पर, आगामी 31 मई 2026 को जिला मुख्यालय सहित जिले के सभी थाना और चौकी परिसरों में सामूहिक ध्यान शिविर आयोजित किए गए। इन सत्रों में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और मानसिक शांति, आत्मविश्वास तथा आंतरिक संतुलन का अनुभव प्राप्त किया। इन ध्यान एवं आत्मचिंतन आधारित कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य पुलिस कर्मियों को तनावमुक्त वातावरण प्रदान करना है, ताकि वे कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक सोच, धैर्य और संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें। इन सत्रों के माध्यम से सेवा-भाव, सहनशीलता, आत्मसंयम और मानवीय मूल्यों को और अधिक सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई ने जोर देते हुए कहा कि केवल मानसिक रूप से स्वस्थ और आत्मविश्वासी पुलिस बल ही समाज में विश्वास, सुरक्षा और सकारात्मक संवाद को प्रभावी ढंग से स्थापित कर सकता है। उनके नेतृत्व में संचालित यह पहल पुलिस कर्मियों को न केवल मानसिक रूप से मजबूत बना रही है, बल्कि समाज के प्रति अधिक उत्तरदायी एवं संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करने में भी सहायक सिद्ध हो रही है। टीकमगढ़ पुलिस की यह पहल पुलिस परिवार के कल्याण, सकारात्मक कार्यसंस्कृति और आंतरिक सुदृढ़ता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, यह संदेश देते हुए कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों और सामाजिक विश्वास की एक मजबूत आधारशिला भी है, जो संवेदनशीलता, संतुलन और सेवा के प्रति समर्पित है।
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना के मार्गदर्शन में तथा पुलिस मुख्यालय एवं हार्टफुलनेस संस्थान के सहयोग से टीकमगढ़ जिले में पुलिस बल के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को मजबूत करने के लिए एक सराहनीय पहल शुरू की गई है। इस पहल के तहत, जिलेभर में सामूहिक हार्टफुलनेस ध्यान सत्रों का आयोजन किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देश पर, आगामी 31 मई 2026 को जिला मुख्यालय सहित जिले के सभी थाना और चौकी परिसरों में सामूहिक ध्यान शिविर आयोजित किए गए। इन सत्रों में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और मानसिक शांति, आत्मविश्वास तथा आंतरिक संतुलन का अनुभव प्राप्त किया। इन ध्यान एवं आत्मचिंतन आधारित कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य पुलिस कर्मियों को तनावमुक्त वातावरण प्रदान करना है, ताकि वे कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक सोच, धैर्य और संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें। इन सत्रों के माध्यम से सेवा-भाव, सहनशीलता, आत्मसंयम और मानवीय मूल्यों को और अधिक सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई ने जोर देते हुए कहा कि केवल मानसिक रूप से स्वस्थ और आत्मविश्वासी पुलिस बल ही समाज में विश्वास, सुरक्षा और सकारात्मक संवाद को प्रभावी ढंग से स्थापित कर सकता है। उनके नेतृत्व में संचालित यह पहल पुलिस कर्मियों को न केवल मानसिक रूप से मजबूत बना रही है, बल्कि समाज के प्रति अधिक उत्तरदायी एवं संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करने में भी सहायक सिद्ध हो रही है। टीकमगढ़ पुलिस की यह पहल पुलिस परिवार के कल्याण, सकारात्मक कार्यसंस्कृति और आंतरिक सुदृढ़ता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, यह संदेश देते हुए कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों और सामाजिक विश्वास की एक मजबूत आधारशिला भी है, जो संवेदनशीलता, संतुलन और सेवा के प्रति समर्पित है।
- आज मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के संचालक मंडल की तीसरी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवहन सेवाओं के विस्तार, आधारभूत संरचना को मजबूत करने और नागरिकों को आसान, सुरक्षित तथा बेहतर परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।1
- टीकमगढ़ में अमर शहीद मदन यादव जी की टूटी हुई प्रतिमा को पुनः स्थापित करने के लिए ओबीसी महासभा ने एक महत्वपूर्ण संकल्प लिया है। इस अभियान की शुरुआत कर्मचारी जिला अध्यक्ष, टीकमगढ़ ओबीसी महासभा के नेतृत्व में की गई है, जिसके पहले ही दिन ₹1100 का आर्थिक सहयोग एकत्र हो गया। ओबीसी महासभा ने सभी समाजजनों और नागरिकों से अपील की है कि वे आगे बढ़कर इस कार्य में सहयोग करें तथा महापुरुषों और शहीदों के सम्मान में अपना योगदान दें। इस पहल का मुख्य नारा 'महापुरुषों का सम्मान, समाज का अभिमान' है।1
- टीकमगढ़ में प्रशासन द्वारा शहीद श्री मदन यादव जी की प्रतिमा स्थापित करने की दिशा में लंबे समय से कोई कदम न उठाए जाने पर अब सामाजिक संगठनों ने मोर्चा संभाल लिया है। ओबीसी महासभा की जिला इकाई ने घोषणा की है कि प्रशासनिक उदासीनता के बावजूद, आगामी एक माह के भीतर जनसहयोग से प्रतिमा का निर्माण और स्थापना सुनिश्चित की जाएगी। महासभा ने इस संकल्प के तहत मात्र एक घंटे में ₹11000 की सहयोग राशि जुटा ली है, जो जनसमर्थन का प्रमाण है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के दौरान ओबीसी महासभा के शीर्ष पदाधिकारियों सहित विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सीबी कुशवाहा, प्रदेश सचिव सीताराम लोधी, जिला अध्यक्ष उत्तम नापित, जिला कार्यकारी अध्यक्ष रविन्द्र लोधी, जिला प्रभारी नीलेश यादव, वरिष्ठ सलाहकार एमडी वर्मा, अखिलेश यादव, चक्रेश लोधी, रवि विश्वकर्मा, गोवर्धन सिंह लोधी, आकाश यादव, नीलेश यादव सपा और रूपसिंह यादव शामिल थे। महासभा के इस पहल को अन्य राजनैतिक दलों का भी व्यापक समर्थन मिल रहा है, जिसमें समाजवादी पार्टी (सपा) के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने 'ताहफ्फुज' (समर्थन) और सहयोग का आश्वासन दिया। सपा कार्यकर्ताओं ने तत्काल ₹5000 की सहयोग राशि भी प्रदान की। ओबीसी महासभा के जिला पदाधिकारियों ने प्रशासन के टालमटोल रवैये पर समाज में भारी आक्रोश व्यक्त किया और 'शफ्फाफियत' (पारदर्शिता) के साथ कार्य को आगे बढ़ाने की बात कही। प्रतिमा निर्माण के लिए एक महीने की समय-सीमा तय की गई है, जिसके तहत 10 जून तक गांव-गांव और वार्ड-वार्ड जाकर लोगों से आर्थिक सहयोग के लिए संपर्क किया जाएगा, ताकि जनभावनाओं के अनुरूप इस पावन कार्य को समय पर पूरा किया जा सके।1
- प्रशासन ने जतारा जनपद पंचायत के प्रशासनिक कामकाज को गति देने के उद्देश्य से पलेरा जनपद पंचायत के सीईओ को जतारा जनपद का पांच दिन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इस नए अतिरिक्त प्रभार के मिलने के बाद क्षेत्र में विकास कार्यों, लंबित फाइलों और जनसमस्याओं के समाधान को लेकर चर्चाएं तेज़ हो गई हैं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि यदि नए प्रभारी अधिकारी सक्रियता दिखाते हैं तो आने वाले पांच दिनों में कार्यालयीन व्यवस्था, लंबित भुगतान, पंचायत स्तर की योजनाओं की मॉनिटरिंग और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में सुधार देखने को मिल सकता है।3
- पटवारी संघ ने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर तहसीलदार को पद से हटाने की मांग उठाई है। संघ ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि उनकी इस मांग पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।3
- टीकमगढ़ में पुलिस ने हत्या और लूट की एक सनसनीखेज वारदात का सफल खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देश पर थाना देहात पुलिस ने यह कार्रवाई की, जिसमें लूटी गई 15 बकरियां और घटना में प्रयुक्त अवैध हथियार बरामद किए गए हैं। यह जघन्य वारदात 26-27 मई 2026 की दरम्यानी रात को ग्राम श्रीनगर स्थित नकड़ा खान पहाड़ी पर हुई थी, जहां 71 वर्षीय हरचरन ढीमर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और उनकी 15 बकरियां लूट ली गई थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विक्रम सिंह कुशवाहा तथा एसडीओपी श्री राहुल कटरे के नेतृत्व में चार विशेष टीमों का गठन किया। तकनीकी साक्ष्य, साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने राकेश पाल, ग्यादीन उर्फ मोनू पाल और प्रेमलाल पाल को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने अपना अपराध कबूल करते हुए बताया कि वे एक बड़ी लूट की योजना बना रहे थे, लेकिन मौका न मिलने पर उन्होंने बकरियां लूट लीं। अपनी पहचान छिपाने के उद्देश्य से उन्होंने बुजुर्ग चरवाहे की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 बकरियां, 2 बकरे, तीन देशी कट्टे और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इस मामले के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा ₹10 हजार का इनाम घोषित किया गया था, जिसके बाद पुलिस टीम ने यह उल्लेखनीय सफलता हासिल की। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक चंद्रजीत यादव, उप निरीक्षक वीणा विश्वकर्मा, उप निरीक्षक मयंक नगायच सहित साइबर सेल और थाना स्टाफ की अहम भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने इस पूरी टीम को नकद पुरस्कार देने की भी घोषणा की है।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में सामान्य नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड) लागू करने की बात कही है। उन्होंने इस विषय पर जो कुछ भी कहा है, उसे विस्तार से जानने के लिए इस वीडियो को देखने का आग्रह किया गया है।1
- बागेश्वर बाबा और अजय पार बाबा, जिनके पुजारी महज 14 वर्ष के करन कुशवाहा हैं, जिला, प्रदेश और पूरे देश में चर्चा का विषय बने हुए हैं। ये दोनों चर्चित बाबा इन तीनों स्तरों पर लोगों के बीच सुर्खियों में हैं।2
- टीकमगढ़ जिले के मिनोरा गांव में रिश्वत के बावजूद काम न होने से नाराज़ एक आदिवासी युवक विरोध जताने के लिए टावर पर चढ़ गया। युवक हरिकिशन आदिवासी का आरोप है कि उसने अपनी नवविवाहिता पत्नी का नाम समग्र आईडी में जुड़वाने के लिए 5 हज़ार रुपये दिए थे। हरिकिशन ने गांव के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक पर रिश्वत लेकर भी उसका काम न करने का आरोप लगाया है।1