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प्रशासन ने जतारा जनपद पंचायत के प्रशासनिक कामकाज को गति देने के उद्देश्य से पलेरा जनपद पंचायत के सीईओ को जतारा जनपद का पांच दिन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इस नए अतिरिक्त प्रभार के मिलने के बाद क्षेत्र में विकास कार्यों, लंबित फाइलों और जनसमस्याओं के समाधान को लेकर चर्चाएं तेज़ हो गई हैं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि यदि नए प्रभारी अधिकारी सक्रियता दिखाते हैं तो आने वाले पांच दिनों में कार्यालयीन व्यवस्था, लंबित भुगतान, पंचायत स्तर की योजनाओं की मॉनिटरिंग और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में सुधार देखने को मिल सकता है।
Mahendra Kumar Dubey
प्रशासन ने जतारा जनपद पंचायत के प्रशासनिक कामकाज को गति देने के उद्देश्य से पलेरा जनपद पंचायत के सीईओ को जतारा जनपद का पांच दिन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इस नए अतिरिक्त प्रभार के मिलने के बाद क्षेत्र में विकास कार्यों, लंबित फाइलों और जनसमस्याओं के समाधान को लेकर चर्चाएं तेज़ हो गई हैं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि यदि नए प्रभारी अधिकारी सक्रियता दिखाते हैं तो आने वाले पांच दिनों में कार्यालयीन व्यवस्था, लंबित भुगतान, पंचायत स्तर की योजनाओं की मॉनिटरिंग और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में सुधार देखने को मिल सकता है।
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- टीकमगढ़ जिले के जतारा लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत जतारा मार्ग बैरवार तिगेला से रानीगंज तिगेला एनएच-539 तक लगभग 29.24 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है। अब इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसमें लापरवाही और मिलीभगत का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण में राजनीतिक संरक्षण और ठेकेदारों की मिलीभगत के कारण गुणवत्ता से समझौता किया गया है। उन्होंने विशेष रूप से मुहारा गांव के पास का जिक्र किया, जहाँ पाइप और पेपर्स डाले जाने थे, लेकिन वहाँ आवश्यक कार्य नहीं किया गया, जबकि कागजों में इसे पूर्ण दर्शा दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में कई स्थानों पर मानकों का पालन नहीं किया गया है, जिससे भविष्य में सड़क के क्षतिग्रस्त होने की आशंका बढ़ गई है। लोगों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।3
- प्रशासन ने जतारा जनपद पंचायत के प्रशासनिक कामकाज को गति देने के उद्देश्य से पलेरा जनपद पंचायत के सीईओ को जतारा जनपद का पांच दिन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इस नए अतिरिक्त प्रभार के मिलने के बाद क्षेत्र में विकास कार्यों, लंबित फाइलों और जनसमस्याओं के समाधान को लेकर चर्चाएं तेज़ हो गई हैं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि यदि नए प्रभारी अधिकारी सक्रियता दिखाते हैं तो आने वाले पांच दिनों में कार्यालयीन व्यवस्था, लंबित भुगतान, पंचायत स्तर की योजनाओं की मॉनिटरिंग और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में सुधार देखने को मिल सकता है।3
- टीकमगढ़ में प्रशासन की लगातार उदासीनता और उपेक्षा के बाद, ओबीसी महासभा की जिला इकाई ने अमर शहीद श्री मदन यादव जी की प्रतिमा को जनसहयोग से एक महीने के भीतर स्थापित करने का संकल्प लिया है। लंबे समय से प्रशासन से प्रतिमा स्थापना की दिशा में कदम उठाने का आग्रह किया जा रहा था, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो सामाजिक संगठन ने स्वयं मोर्चा संभालने की घोषणा की है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के दौरान ओबीसी महासभा के शीर्ष पदाधिकारियों और विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनमें प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सीबी कुशवाहा, प्रदेश महासचिव अखिलेश यादव, प्रदेश सचिव सीताराम लोधी, जिला अध्यक्ष उत्तम नापित, जिला कार्यकारी अध्यक्ष रविन्द्र लोधी, जिला प्रभारी नीलेश यादव, वरिष्ठ सलाहकार एमडी वर्मा, चक्रेश लोधी, रवि विश्वकर्मा, गोवर्धन सिंह लोधी, आकाश यादव, नीलेश यादव (सपा), रूपसिंह यादव और योगेन्द्र प्रजापति जैसे प्रमुख व्यक्ति शामिल थे। इस स्वावलंबी पहल को समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का भी व्यापक समर्थन मिला, जिन्होंने हर संभव 'ताहफ्फुज' (समर्थन) और सहयोग का आश्वासन दिया, साथ ही तत्काल ₹5000 की सहयोग राशि संगठन को सौंपी। ओबीसी महासभा के जिला पदाधिकारियों ने प्रशासन के टालमटोल वाले रवैये पर समाज में भारी आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि अब यह कार्य जनता के स्वाभिमान और 'शफ्फाफियत' (पारदर्शिता) के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। प्रतिमा निर्माण के लिए एक महीने की समय-सीमा निर्धारित की गई है, जिसके अंतर्गत 10 जून तक गांव-गांव और वार्ड-वार्ड जाकर लोगों से आर्थिक सहयोग के लिए संपर्क किया जाएगा, ताकि जनभावनाओं के अनुरूप इस पावन कार्य को समय पर पूरा किया जा सके।1
- टीकमगढ़ में अमर शहीद श्री मदन यादव की प्रतिमा स्थापना के मामले में प्रशासन की उदासीनता के बाद, ओबीसी महासभा की जिला इकाई ने जनसहयोग से एक माह के भीतर इस कार्य को पूरा करने का संकल्प लिया है। क्षेत्र में सामाजिक चेतना और जनभावनाओं के प्रति प्रशासन के टालमटोल रवैये का यह एक स्पष्ट उदाहरण है, क्योंकि लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों और चुनौतियों के बावजूद प्रतिमा स्थापित करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था। इस महत्वपूर्ण निर्णय के दौरान ओबीसी महासभा के शीर्ष पदाधिकारियों और विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनमें प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सीबी कुशवाहा, प्रदेश महासचिव अखिलेश यादव, प्रदेश सचिव सीताराम लोधी, जिला अध्यक्ष उत्तम नापित, जिला कार्यकारी अध्यक्ष रविन्द्र लोधी, जिला प्रभारी नीलेश यादव, वरिष्ठ सलाहकार एमडी वर्मा, तथा चक्रेश लोधी, रवि विश्वकर्मा, गोवर्धन सिंह लोधी, आकाश यादव, नीलेश यादव सपा, रूपसिंह यादव, योगेन्द्र प्रजापति सहित अन्य युवा शामिल थे। महासभा के इस स्वावलंबी कदम को अन्य राजनीतिक दलों का भी व्यापक समर्थन मिल रहा है। समाजवादी पार्टी (सपा) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी इस निर्णय की सराहना की और हर संभव 'ताहफ्फुज' (समर्थन) व सहयोग देने का आश्वासन दिया। मुहिम को गति देने के लिए सपा कार्यकर्ताओं द्वारा तत्काल ₹5000 की सहयोग राशि संगठन को सौंपी गई। ओबीसी महासभा के जिला पदाधिकारियों ने प्रशासन के इस रवैये पर भारी आक्रोश व्यक्त किया है, और कड़े शब्दों में कहा है कि अब यह कार्य जनता के स्वाभिमान और 'शफ्फाफियत' (पारदर्शिता) के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। प्रतिमा निर्माण के लिए एक महीने की समय-सीमा निर्धारित की गई है, जिसके तहत 10 जून तक गांव-गांव और वार्ड-वार्ड जाकर लोगों से आर्थिक सहयोग जुटाने के लिए संपर्क किया जाएगा, ताकि जनभावनाओं के अनुरूप इस पावन कार्य को समय पर पूरा किया जा सके।3
- मध्य प्रदेश के पलेरा में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती के अवसर पर एक ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला। इस भव्य कार्यक्रम में थाना तिराहे पर भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां उपस्थित लोगों ने फूलों की जोरदार बारिश की। यह आयोजन लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के सम्मान में किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।1
- खरगापुर (टीकमगढ़) में जतारा-खरगापुर मार्ग पर मंडी रोड के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहाँ एक मोटरसाइकिल और थ्री-व्हीलर (ऑटो) के बीच हुई जोरदार टक्कर में बाइक सवार एक बुजुर्ग व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के काफी देर बाद तक भी पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर नहीं पहुँची, जिससे घायल बुजुर्ग सड़क पर तड़पते रहे। इसी बीच, वहाँ से गुजर रहे स्थानीय पत्रकार धर्मेंद्र लोधी ने मानवता का परिचय देते हुए पुलिस का इंतजार किए बिना, घायल बुजुर्ग को तुरंत अपने निजी वाहन में बिठाकर अस्पताल पहुँचाया। पत्रकार धर्मेंद्र लोधी ने घायल बुजुर्ग को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) खरगापुर में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों की टीम द्वारा उनका आपातकालीन इलाज किया जा रहा है। बुजुर्ग की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस घटना में जहाँ एक तरफ पुलिस की लापरवाही देखने को मिली, वहीं दूसरी तरफ पत्रकार धर्मेंद्र लोधी की तत्परता और नेकदिली ने बुजुर्ग की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई है, जिसके लिए क्षेत्र में उनके इस कार्य की जमकर सराहना हो रही है।1
- टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत चौबारा में एक नर नीलगाय की अज्ञात कारणों से मौत हो गई, जिससे क्षेत्र के लोगों में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। सोमवार सुबह, चौबारा के जमुनिया मोहल्ला स्थित बस्ती में एक हैंडपंप के पास ग्रामीणों ने इस नर नीलगाय को तड़पते हुए देखा। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग और डीएफओ कार्यालय को दी। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक नीलगाय ने दम तोड़ दिया था। विभागीय अधिकारियों ने घटनास्थल पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए पंचनामा तैयार किया। इसके बाद, ग्रामीणों की सहायता से नीलगाय के शव को ट्रैक्टर के माध्यम से पोस्टमार्टम के लिए बल्देवगढ़ भेजा गया। वन विभाग के अनुसार, नीलगाय की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल, मौत के कारणों की जांच की जा रही है।1
- टीकमगढ़ जिले के जतारा नगर स्थित बस स्टैंड परिसर में टैक्सी वाहनों का बढ़ता दबदबा बस ऑपरेटरों के लिए चिंता का विषय बन गया है। बस ऑपरेटरों का आरोप है कि बड़ी संख्या में टैक्सियां बस स्टैंड पर खड़ी होकर सवारियां भर रही हैं, जिससे बसों के सुचारु संचालन पर बुरा असर पड़ रहा है। इसके साथ ही, कई टैक्सियों में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर ओवरलोड संचालन किए जाने की भी शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे नियमों की अनदेखी के कारण अव्यवस्था बढ़ रही है। बस संचालकों का कहना है कि यह बस स्टैंड यात्रियों की सुविधा और बसों के लिए बनाया गया था, लेकिन वर्तमान में यह टैक्सी स्टैंड का रूप ले चुका है। टैक्सियों की वजह से बसों को खड़े होने तथा यात्रियों को चढ़ाने-उतारने में काफी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों ने भी चिंता जताई है कि ओवरलोड टैक्सियों के संचालन से सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है और कई बार यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती है। बस ऑपरेटरों ने परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन से बस स्टैंड परिसर में व्यवस्था बनाए रखने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो बस स्टैंड पर अव्यवस्था और अधिक बढ़ सकती है। इसलिए, उन्होंने प्रशासन से नियमित जांच अभियान चलाकर बस स्टैंड की स्थिति को सुधारने का आग्रह किया है।1