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बिहार के समस्तीपुर में ट्रैफिक पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं। एक युवक ने दावा किया है कि एक महिला मरीज को इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय पुलिसकर्मियों ने उससे ₹3,500 की रिश्वत की मांग की। युवक का आरोप है कि जब उसने रिश्वत देने से इनकार किया, तो ट्रैफिक पुलिस ने उसके साथ-साथ उसकी भाभी और साथ मौजूद महिला मरीज के साथ भी मारपीट की। इसके अतिरिक्त, पुलिस पर उनका मोबाइल फोन भी छीनने का आरोप है। इस मामले में अभी तक पुलिस का कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। घटना के सामने आने के बाद, इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
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बिहार के समस्तीपुर में ट्रैफिक पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं। एक युवक ने दावा किया है कि एक महिला मरीज को इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय पुलिसकर्मियों ने उससे ₹3,500 की रिश्वत की मांग की। युवक का आरोप है कि जब उसने रिश्वत देने से इनकार किया, तो ट्रैफिक पुलिस ने उसके साथ-साथ उसकी भाभी और साथ मौजूद महिला मरीज के साथ भी मारपीट की। इसके अतिरिक्त, पुलिस पर उनका मोबाइल फोन भी छीनने का आरोप है। इस मामले में अभी तक पुलिस का कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। घटना के सामने आने के बाद, इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
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- दरभंगा में शोरूम मैनेजर फैज की हत्या के संबंध में उनकी मां ने एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने पुलिस से सीधे तौर पर पूछा है कि उनके बेटे फैज की हत्या क्यों हुई और इस घटना के पीछे का असली कारण पुलिस को सामने लाना चाहिए। फैज की मां ने जोर देकर कहा है कि यह हत्या किसी भी प्रकार के लेनदेन के चलते नहीं हुई है।1
- बिहार के आरा में हुआ भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला अब एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मोड़ पर आ गया है। इस एनकाउंटर की सच्चाई पर अब बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने ही सबसे बड़ा सवाल उठाया है, जिन्होंने पुलिसिया कार्रवाई को पूरी तरह कटघरे में खड़ा करते हुए इसे 'एनकाउंटर' मानने से साफ इनकार कर दिया है और इसे 'प्रथम दृष्ट्या हत्या' का मामला बताया है। अयोध्या से जारी एक वीडियो संदेश में पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि मृतक भरत तिवारी कोई पेशेवर अपराधी, डकैत, रंगदार या आतंकवादी नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्थानीय लोगों और जवनिया गांव के विस्थापितों की समस्याओं के लिए लड़ने वाला एक व्यक्ति था। पूर्व डीजीपी ने सोशल मीडिया पर वायरल क्लिपिंग्स का हवाला देते हुए पुलिस की थ्योरी की धज्जियां उड़ा दी हैं। पूर्व डीजीपी ने जो सवाल उठाए हैं, वे कानून व्यवस्था और पुलिस की ट्रेनिंग को शर्मसार करने वाले हैं। उन्होंने पूछा कि जब पुलिस खुद मान रही है कि भरत तिवारी मानसिक रूप से विक्षिप्त यानी इमोशनली अनबैलेंस था, तो एक बीमार व्यक्ति पर इतनी बर्बरता क्यों की गई? उनका दूसरा सवाल था कि भरत तिवारी के हाथ में जो पिस्टल थी, उसकी मारक क्षमता महज 30 मीटर होती है, जबकि पुलिस बल उससे 200 मीटर की दूरी पर था; ऐसे में पुलिस को कौन सा जानलेवा खतरा था? तीसरा और सबसे बड़ा सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वीडियो में साफ दिख रहा है कि भरत तिवारी ने अपना हथियार फेंक दिया था, वह निहत्था हो चुका था और सरेंडर कर रहा था, तो फिर निहत्थे शख्स पर आधुनिक हथियारों से गोलियों की बौछार क्यों की गई? गुप्तेश्वर पांडेय ने साफ शब्दों में कहा है कि पुलिस को गाली देना या परेशान करना किसी की जान लेने का लाइसेंस नहीं बन जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने अपने अहंकार को चोट पहुंचने के कारण आपा खोया और एक निहत्थे की जान ले ली। उन्होंने मुख्यमंत्री और मौजूदा डीजीपी से मांग की है कि इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज हो, दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी हो और माननीय उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में एसआईटी जांच कराई जाए। खाकी पर लगे इस गहरे दाग के बाद अब प्रशासन क्या जवाब देगा, इस पर हमारी नजर बनी रहेगी।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर, बाबूबरही विधानसभा क्षेत्र में एक सामूहिक योग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बाबू बरही के जिला पार्षद और भाजपा के वरिष्ठ नेता रणधीर खन्ना ने देवतुल्य जनता और कार्यकर्ताओं के साथ योग करने का सौभाग्य प्राप्त किया। रणधीर खन्ना ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित इस सामूहिक योग शिविर में भाग लेकर लोगों को योग के प्रति प्रेरित किया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि योग केवल एक व्यायाम मात्र नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा को आपस में जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण विज्ञान है।3
- मधुबनी जिले के बिस्फी प्रखंड अंतर्गत पतौना थाना क्षेत्र के परसौनी गांव में शनिवार सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहाँ एक लड़की लगभग 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस व प्रशासन को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद आखिरकार लड़की को सुरक्षित नीचे उतार लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लड़की ने यह गंभीर कदम पारिवारिक विवाद और डांट-फटकार से आहत होकर उठाया था। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और लड़की की उचित काउंसलिंग भी कराई जा रही है।1
- बिहार के मधुबनी जिले में बिस्फी थाना क्षेत्र के ईटहरवा गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका के मायके पक्ष ने सीधे तौर पर उसके ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि दहेज के लिए प्रताड़ित करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई है। वहीं, ग्रामीणों और परिजनों द्वारा मृतका के पति के कथित प्रेम संबंधों को भी इस हत्या की एक बड़ी वजह बताया जा रहा है, जिससे हत्या की आशंका और गहरी हो गई है। पुलिस अब इस पूरे मामले की सच्चाई जानने और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए गहन जांच में जुट गई है।1
- बिहार के बांका जिले के बाराहाट थाना क्षेत्र के कैतपुरा गांव में एक बार फिर दबंगई का मामला सामने आया है। पीड़ित दीनानाथ यादव और उनके परिवार ने आरोप लगाया है कि गांव के एक दबंग व्यक्ति ने उनके घर पहुंचकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। परिवार का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है; इससे पहले भी उसी व्यक्ति ने उनके साथ मारपीट की थी, जिसकी शिकायत बाराहाट थाने में दर्ज कराई गई थी। पीड़ितों का आरोप है कि यदि पिछले मामले में समय पर प्रभावी कार्रवाई की गई होती, तो आरोपी इतनी बड़ी हरकत करने का साहस दोबारा नहीं करता। बताया गया है कि रविवार सुबह आरोपी कथित तौर पर पीड़ित के घर आया और पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी का आक्रामक व्यवहार साफ दिखाई दे रहा है। दीनानाथ यादव के परिवार ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने और आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने भी क्षेत्र में कानून का डर बनाए रखने के लिए पुलिस से तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। हालांकि, इस मामले में समाचार लिखे जाने तक बाराहाट थाना की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। जनक्रांति हिंदी न्यूज़ बुलेटिन ने अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। अब सभी की निगाहें पुलिस प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।1
- मनीष कश्यप ने एक निर्दोष व्यक्ति, भरत तिवारी, के ए/नकाउंटर की कड़ी निंदा की है। इस घटना पर उन्होंने अपनी जोरदार प्रतिक्रिया देते हुए खूब खरी-खोटी सुनाई। उल्लेखनीय है कि मनीष कश्यप पहले भी जबनिया गाँव से संबंधित मुद्दों को उठाते रहे हैं।1
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