मुख्यमंत्री प्रस्तावित दौरे की तैयारियों को लेकर जिला कलक्टर ने की समीक्षा, कार्यक्रम स्थल का किया मौका मुआयना #डूंगरपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के 16 मार्च को डूंगरपुर जिले के बेणेश्वर धाम पर प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। बुधवार को जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह एवं जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने अधिकारियों सहित कार्यक्रम स्थल का दौरा किया तथा व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने सभी प्रकार के प्रबंधन करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किये। उन्होंने हेलीपैड, सभा स्थल, प्रदर्शनी स्थल, डोम, सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग, बिजली, पेयजल, बैरिकेटिंग आदि समस्त प्रकार की व्यवस्थाओं के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश प्रदान किये। इसी क्रम में सायं जिला कलक्टर सिंह ने जिला परिषद ईडीपी सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली तथा दिए गए दायित्व के अनुसार अब तक की गई तैयारी की समीक्षा की। उन्होंने प्रदर्शनी के लिए लगाए जाने वाली स्टाल, प्रदर्शनी सामग्री, लाइव डेमो, स्वागत, मंच, बैठक व्यवस्था, लाइट साउंड, पेयजल व्यवस्था, मूवेबल शौचालय, चिकित्सा व्यवस्था, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था, ट्रैफिक, पार्किंग आदि समस्त प्रकार की व्यवस्थाओं की बिंदुवार समीक्षा करते हुए महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश प्रदान किये। इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान दिवस सप्ताह 15 से 19 मार्च तक आयोजित होने वाले जिला स्तरीय कार्यक्रमों की दिवस वार आयोजनों को लेकर समीक्षा की। उन्होंने 15 मार्च को श्विकसित राजस्थान रनश्, राजस्थान को जाने क्विज का रजिस्ट्रेशन शुरू करने, निबंध, भाषण, चित्रकारी प्रतियोगिताओं का आयोजन, ओडीओपी प्रदर्शनी का शुभारंभ, 16 मार्च को बेणेश्वर धाम पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम, 17 मार्च को जिला स्तर पर राजस्थान को जाने क्विज प्रतियोगिता आयोजन, 18 मार्च को सांय राजकीय मंदिर में आरती आयोजन, 19 मार्च को राजस्थान दिवस सांस्कृतिक संध्या के आयोजन को लेकर संबंधित नोडल विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों से अब तक की गई तैयारियों की जानकारी ली और सभी कार्यक्रमों के सुचारू एवं सफल आयोजन के निर्देश दिए। बैठक के दौरान सभी अधिकारी मौजूद रहें।
मुख्यमंत्री प्रस्तावित दौरे की तैयारियों को लेकर जिला कलक्टर ने की समीक्षा, कार्यक्रम स्थल का किया मौका मुआयना #डूंगरपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के 16 मार्च को डूंगरपुर जिले के बेणेश्वर धाम पर प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। बुधवार को जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह एवं जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने अधिकारियों सहित कार्यक्रम स्थल का दौरा किया तथा व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने सभी प्रकार के प्रबंधन करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किये। उन्होंने हेलीपैड, सभा स्थल, प्रदर्शनी स्थल, डोम, सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग, बिजली, पेयजल, बैरिकेटिंग आदि समस्त प्रकार की व्यवस्थाओं के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश प्रदान किये। इसी क्रम में सायं जिला कलक्टर सिंह ने जिला परिषद ईडीपी सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली तथा दिए गए दायित्व के अनुसार अब तक की गई तैयारी की समीक्षा की। उन्होंने प्रदर्शनी के लिए लगाए जाने वाली स्टाल, प्रदर्शनी सामग्री, लाइव डेमो, स्वागत, मंच,
बैठक व्यवस्था, लाइट साउंड, पेयजल व्यवस्था, मूवेबल शौचालय, चिकित्सा व्यवस्था, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था, ट्रैफिक, पार्किंग आदि समस्त प्रकार की व्यवस्थाओं की बिंदुवार समीक्षा करते हुए महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश प्रदान किये। इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान दिवस सप्ताह 15 से 19 मार्च तक आयोजित होने वाले जिला स्तरीय कार्यक्रमों की दिवस वार आयोजनों को लेकर समीक्षा की। उन्होंने 15 मार्च को श्विकसित राजस्थान रनश्, राजस्थान को जाने क्विज का रजिस्ट्रेशन शुरू करने, निबंध, भाषण, चित्रकारी प्रतियोगिताओं का आयोजन, ओडीओपी प्रदर्शनी का शुभारंभ, 16 मार्च को बेणेश्वर धाम पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम, 17 मार्च को जिला स्तर पर राजस्थान को जाने क्विज प्रतियोगिता आयोजन, 18 मार्च को सांय राजकीय मंदिर में आरती आयोजन, 19 मार्च को राजस्थान दिवस सांस्कृतिक संध्या के आयोजन को लेकर संबंधित नोडल विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों से अब तक की गई तैयारियों की जानकारी ली और सभी कार्यक्रमों के सुचारू एवं सफल आयोजन के निर्देश दिए। बैठक के दौरान सभी अधिकारी मौजूद रहें।
- डूंगरपुर | पुलिस मुख्यालय द्वारा बालिकाओं की सुरक्षा और जागरूकता के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश सांखला के नेतृत्व में जिला पुलिस की विशेष कालिका पेट्रोलिंग यूनिट द्वारा बुधवार शाम 5 बजे राजकीय सावित्री बाई फूले अनुसूचित जनजाति बालिका छात्रावास में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान यूनिट की महिला पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को आत्मरक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया।1
- आमजन से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा अनावष्यक भण्डारण न करने की अपील डूंगरपुर, 11 मार्च/खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के निर्देशों की अनुपालना में डूंगरपुर जिले के सभी उपभोक्ताओं को यह आश्वस्त किया जाता है कि जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है। तेल एवं गैस कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर पूरे जिले में गैस की सुचारू और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। रसद विभाग से जारी विज्ञप्ति के अनुसार रसद अधिकारी डूंगरपुर ने बताया कि हाल ही में मध्य-पूर्व की अंतरराष्ट्रीय स्थितियों और मीडिया रिपोर्ट्स के चलते गैस संकट की कुछ आशंकाएं उत्पन्न हुई हैं। इस संबंध में आम उपभोक्ताओं से यह विशेष अपील की जाती है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक (घबराहट) में आकर गैस सिलेंडरों का अनावश्यक भण्डारण अथवा बुकिंग न करें। जिले में गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सभी को उनकी आवश्यकतानुसार समय पर सिलेंडर उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि शासन सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सख्त निर्देशों के अनुसार, डूंगरपुर जिले में गैस सप्लाई को निर्बाध बनाए रखने और कालाबाजारी रोकने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए हैंः 1. स्पेशल टास्क फोर्स का गठनः जिले में गैस सप्लाई की कड़ी निगरानी के लिए एक ’स्पेशल एन्फोर्समेंट टीम’ (विशेष जांच दल) का गठन किया गया है, जिसमें रसद विभाग के साथ पुलिस और प्रशासन के अधिकारी शामिल हैं। 2. नियमित चेकिंगः यह टीम हर सप्ताह कम से कम दो गैस एजेंसियों की रैंडम चेकिंग करेगी। एजेंसियों के पास उपलब्ध स्टॉक और उनके द्वारा किए जा रहे डिस्ट्रीब्यूशन के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है। 3. प्राथमिकता के आधार पर सप्लाईः आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, आगनवाडी, छात्रावास और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गैस एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई किसी एजेंसी के रिकॉर्ड में गड़बड़ी और जरूरत से ज्यादा स्टॉक पाया जाता है, तो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत संबंधित गैस एजेंसी के खिलाफ त्वरित और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश और जिले में घरेलू गैस सिलेंडर बिना किसी समस्या के आमजन तक पहुंचे। उपभोक्ता अपनी सामान्य आवश्यकता के अनुसार ही गैस की बुकिंग करें।1
- डूंगरपुर जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की किल्लत को लेकर फैल रही आशंकाओं पर विराम लगाते हुए रसद विभाग ने आमजन को आश्वस्त किया है कि जिले में गैस की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के निर्देशों पर जिला रसद अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि तेल एवं गैस कंपनियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है, जिससे जिले के हर कोने में सिलेंडरों की नियमित सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों या भ्रामक मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर किसी भी प्रकार की अफवाहों में न आएं और गैस सिलेंडरों का अनावश्यक भंडारण न करें। - विशेष जांच दल रखेगा स्टॉक पर पैनी नजर गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और कालाबाजारी की संभावनाओं को खत्म करने के लिए जिले में एक स्पेशल एन्फोर्समेंट टीम (विशेष जांच दल) का गठन किया गया है। इस टीम में रसद विभाग के साथ-साथ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह दल हर सप्ताह कम से कम दो गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण (सरप्राइज चेकिंग) करेगा। इस दौरान एजेंसियों के स्टॉक रजिस्टर, वितरण रिकॉर्ड और गोदामों की बारीकी से जांच की जाएगी ताकि कोई भी एजेंसी स्टॉक को अवैध रूप से रोक न सके। - अस्पतालों और छात्रावासों को मिलेगी प्राथमिकता प्रशासन ने सप्लाई चेन को लेकर सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ जिले के अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, आंगनबाड़ी केंद्रों और छात्रावासों जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध करवाई जाएगी। जिला रसद अधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी गैस एजेंसी के रिकॉर्ड में विसंगति पाई जाती है या जरूरत से ज्यादा स्टॉक छिपाकर रखने की पुष्टि होती है, तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - पैनिक बुकिंग से बचें उपभोक्ता रसद विभाग ने आमजन से विशेष आग्रह किया है कि वे घबराहट में आकर एडवांस बुकिंग न करें। वर्तमान में जिले के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जो सभी उपभोक्ताओं की नियमित जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बिना किसी बाधा के घरेलू गैस सिलेंडर हर पात्र परिवार तक पहुंचें। उपभोक्ता केवल अपनी सामान्य आवश्यकता के अनुसार ही बुकिंग करवाएं ताकि वितरण व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।1
- डूंगरपुर। शहर में प्रथम तीर्थंकर भगवान श्री आदिनाथ के जन्म एवं दीक्षा कल्याणक महोत्सव के तहत बुधवार सुबह 7 बजे गैप सागर की पाल से प्रभात फेरी निकाली गई। प्रभात फेरी के दौरान शहर की गलियां आदिनाथ के जयकारों से गूंज उठीं और जगह-जगह श्रद्धालु प्रभु भक्ति में शामिल होते गए। श्री अखिल भारतीय जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ के तत्वावधान में सुबह 6 बजे श्वेत वस्त्रों में महिला-पुरुष हाथों में धर्म ध्वजा लेकर भक्ति गीत गाते हुए रवाना हुए। प्रभात फेरी सुपरमार्केट, पुराना हॉस्पिटल, कंसारा चौक, सोनिया चौक और घूमटा बाजार होते हुए मानक चौक स्थित आदिनाथ मंदिर पहुंची।जिनालय में देव दर्शन के बाद भक्ताम्बर स्त्रोत का पाठ किया गया। इसके बाद भाग्य भक्ति ड्रॉ का आयोजन हुआ, जिसमें विजेताओं का बहुमान नर्मदा बेन गोवर्धनलाल सरैया परिवार ने किया। कार्यक्रम के दौरान प्रभु का जल-दूध से पक्षाल, केसर पूजा, आरती और महिला मंडल के सानिध्य में सामूहिक स्नात्र पूजा हुई। अंत में शीला बेन महावीर कुमार दोषी परिवार द्वारा प्रभावना वितरित की गई।1
- सीमलवाड़ा डूंगरपुर जिला पुलिस की स्पेशल टीम ने दो दशकों से कानून की आंखों में धूल झोंक रहे एक शातिर और ईनामी अपराधी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने फ़िल्मी अंदाज में जाल बिछाकर गुजरात के सूरत में भेष बदलकर रह रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है | आरोपी पिछले 20 वर्षों से फरार था और जिस पर 25,000 का इनाम घोषित था | जो सरकारी शिक्षक था ओर निलंबन के दौराम फरार हो गया था। डूंगरपुर जिले के धम्बोला थाने के सीआई देवेन्द्र देवल ने बताया कि पीठ निवासी हंसराज सिंह पुत्र हरिसिंह चौहान के खिलाफ धम्बोला थाने में दो प्रकरण दर्ज थे | जिसमे 1 फरवरी 2006 को आरोपी ने पुरानी रंजिश के चलते पीठ निवासी अनंत बिहारी कोठारी पर उनकी ही घर के बाहर 3 राउंड फायरिंग की थी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वही इसके अलावा अगले दिन 2 फरवरी 2006 को आरोपी ने एक डॉक्टर को फोन पर धमकी देकर 50,000 की फिरौती मांगी थी और पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। इसके अलावा, आरोपी पर धम्बोला, सागवाड़ा और गुजरात के विभिन्न थानों में बलात्कार, लूट और डकैती जैसे कुल 5 से अधिक संगीन मामले दर्ज थे | आरोपी पिछले 20 साल फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी | आरोपी सरकारी शिक्षक था, जिसे विभाग ने निलंबित किया था, इस दौरान वो फरार हो गया था। फिल्मी अंदाज में पुलिस ने बिछाया जाल आरोपी को पकड़ने के लिए जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में DST टीम, साइबर सेल और धम्बोला थाना पुलिस ने एक विशेष रणनीति बनाई। पुलिस कर्मियों ने अपनी पहचान छुपाकर चाय वाला, अखबार वाला, फेरी वाला, ATM गार्ड बनकर संदिग्ध इलाकों में रेकी की। कड़ी मशक्कत और स्थानीय मुखबिरों की मदद से पुलिस ने आरोपी के ठिकाने की पुष्टि की और दबिश देकर गुजरात के सूरत उसे धर दबोचा। भेष व नाम बदलकर काट रहा था फरारी धम्बोला थाने के सीआई देवेन्द्र देवल ने बताया कि आरोपी हंसराज सिंह इतना शातिर था कि उसने अपनी पहचान पूरी तरह बदल ली थी। वह गुजरात के सूरत और नवसारी इलाके में 'गोविन्द प्रसाद गुप्ता' के फर्जी नाम से रह रहा था। पुलिस को चकमा देने के लिए उसने अपना हुलिया भी बदल लिया था। हंसराज सिंह जिले के टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल था। उस पर हत्या के प्रयास, रंगदारी (फिरौती) और आर्म्स एक्ट जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं | फिलहाल पुलिस आरोपी से अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है। इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका गिरफ्तारी की कार्रवाई में धम्बोला थानाधिकारी देवेन्द्र देवल, सोहनलाल, भानुप्रतापसिंह, करण भट्ट (आसूचना अधिकारी), रोशन तथा जिला साइबर सेल के हेमेन्द्र सिंह, राहुल, भव्यराजसिंह और आदित्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- Post by VAGAD news241
- Post by Kailash Bhajat3
- डूंगरपुर। जिला भाजपा कार्यालय में आज 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान' के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन जिला अध्यक्ष अशोक रणौली की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई उसके बाद जिला अध्य्क्ष द्वारा स्वागत उद्बोधन दिया मीडिया प्रभारी हर्ष शर्मा बताया की मुख्य वक्ता के रूप में प्रशिक्षण शिविर के प्रदेश संयोजक पंकज जी बोराणा ने प्रशिक्षण की आवश्यकता और रणनीति के संबंध में बताया । उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन में प्रशिक्षण की प्रक्रिया निरंतर चलनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि समय के साथ संगठन की रीति-नीति और कार्यप्रणाली में जो बदलाव आते हैं, उनसे कार्यकर्ताओं को अवगत कराना आवश्यक है। बोराणा जी ने संगठन के इतिहास से लेकर वर्तमान तक की विकास यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। जिला अध्यक्ष अशोक रणौली ने प्रशिक्षण शिविरों की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए बताया कि ये शिविर पूरे जिले में आवासीय रहेंगे। प्रशिक्षण की मुख्य बातें बतायी जिसमे समय सीमा: प्रशिक्षण वर्ग 24 घंटे का होगा जिसमें कुल 7 सत्र आयोजित किए जाएंगे।शिविर के लिए ₹100 का शुल्क निर्धारित किया गया है और पंजीकरण सरल ऐप के माध्यम से होगा। सत्र के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग वर्जित रहेगा और इसे बाहर ही जमा करना होगा। प्रत्येक सत्र 1 घंटे का होगा, जिसमें 40 मिनट वक्ता का उद्बोधन और 20 मिनट जिज्ञासा व समाधान के लिए रखे गए हैं। प्रमुख मुद्दे और चर्चा कार्यशाला के दौरान विभिन्न पदाधिकारियों ने अपने विचार और सुझाव रखे । हितेश रावल ने यू.जी.सी क़ानून को लेकर निदान के बारे में चर्चा की । कांति लाल डामोर ने महामहिम राष्ट्रपति जी के प्रति हुए कथित अपमान के विरोध में जिला कलेक्ट्री पर ज्ञापन देने का निवेदन किया।गिरिश जी ने गोरेखर मंडल में आवासीय प्रशिक्षण के लिए स्थान की कमी का मुद्दा उठाया। जोगेंद्र जी (जिला प्रभारी) ने जिला संगठन की मजबूती पर मार्गदर्शन दिया। कार्ययोजना और समापन प्रशिक्षण शिविरों की तैयारी के लिए अलग-अलग टोलियों का गठन किया गया है, जो भोजन, आवास, पंजीकरण और साज-सज्जा की व्यवस्था देखेंगी। कार्यक्रम के अंत में जिला सह-संयोजक रामेश जी पाटीदार ने सभी आगंतुकों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया संचालन जिला महामंत्री पंकज जैन ने किया।1