प्रतापगढ़ के धरियावद में उत्तम सेवा फाउंडेशन एवं उत्तम नारी शक्ति द्वारा आयोजित 101 दिवसीय जीवदया, जल सेवा एवं हरा चारा अभियान का भव्य समापन हो गया है। भगवान महावीर जन्म कल्याणक के पावन अवसर पर 31 मार्च से शुरू हुआ यह महाअभियान योगिनी एकादशी के शुभ दिन पूर्ण श्रद्धा, उत्साह और जनसहयोग के साथ संपन्न हुआ। भीषण गर्मी के दौरान संचालित इस अभियान ने क्षेत्र में मानव सेवा, गौसेवा और पर्यावरण संरक्षण का एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस महाअभियान के दौरान धरियावद के 24 विभिन्न स्थानों पर 150 कैम्परों के माध्यम से राहगीरों को निरंतर शीतल पेयजल उपलब्ध कराया गया। भामाशाहों के सहयोग से नगर के अलग-अलग स्थानों पर पांच नए वाटर कूलर भी स्थापित किए गए हैं, जिससे सालभर आम लोगों को स्वच्छ पेयजल मिलेगा। इसके साथ ही, वन्यजीवों को गर्मी से राहत देने के लिए सीतामाता वन क्षेत्र में 11 पानी के टैंकर भिजवाए गए, जबकि भोलेनाथ गौशाला, पुंगा तालाब में गौवंश के लिए 250 पूले हरे चारे की विशेष व्यवस्था की गई। इस पूरे अभियान के दौरान रोजाना 100 पूले हरे चारे की व्यवस्था की जा रही थी। अभियान को सफल बनाने में प्रभारी सचिन वक्तावत, आशीष पालीवाल, महेंद्र दुदावत, सोनू दोषी, अविनाश डागरिया और रविंद्र दोषी ने समर्पण भाव से अपनी जिम्मेदारी निभाई। संस्था के संरक्षक वीरेंद्र राव ने सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि दान केवल धन का नहीं, बल्कि समय, श्रम और संवेदनाओं का भी होता है। उन्होंने कहा कि जब समाज करुणा और परोपकार की भावना से आगे बढ़ता है, तो ऐसे कार्य लोककल्याण की नई मिसाल बनते हैं। फाउंडेशन के अध्यक्ष पुष्कर जैन ने इस अभियान की सफलता के लिए सभी भामाशाहों, कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों का आभार जताया। इस कार्यक्रम की पूरी जानकारी मीडिया प्रवक्ता राकेश वीरवाल ने साझा की है।
प्रतापगढ़ के धरियावद में उत्तम सेवा फाउंडेशन एवं उत्तम नारी शक्ति द्वारा आयोजित 101 दिवसीय जीवदया, जल सेवा एवं हरा चारा अभियान का भव्य समापन हो गया है। भगवान महावीर जन्म कल्याणक के पावन अवसर पर 31 मार्च से शुरू हुआ यह महाअभियान योगिनी एकादशी के शुभ दिन पूर्ण श्रद्धा, उत्साह और जनसहयोग के साथ संपन्न हुआ। भीषण गर्मी के दौरान संचालित इस अभियान ने क्षेत्र में मानव सेवा, गौसेवा और पर्यावरण संरक्षण
का एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस महाअभियान के दौरान धरियावद के 24 विभिन्न स्थानों पर 150 कैम्परों के माध्यम से राहगीरों को निरंतर शीतल पेयजल उपलब्ध कराया गया। भामाशाहों के सहयोग से नगर के अलग-अलग स्थानों पर पांच नए वाटर कूलर भी स्थापित किए गए हैं, जिससे सालभर आम लोगों को स्वच्छ पेयजल मिलेगा। इसके साथ ही, वन्यजीवों को गर्मी से राहत देने के लिए सीतामाता वन क्षेत्र में 11 पानी के
टैंकर भिजवाए गए, जबकि भोलेनाथ गौशाला, पुंगा तालाब में गौवंश के लिए 250 पूले हरे चारे की विशेष व्यवस्था की गई। इस पूरे अभियान के दौरान रोजाना 100 पूले हरे चारे की व्यवस्था की जा रही थी। अभियान को सफल बनाने में प्रभारी सचिन वक्तावत, आशीष पालीवाल, महेंद्र दुदावत, सोनू दोषी, अविनाश डागरिया और रविंद्र दोषी ने समर्पण भाव से अपनी जिम्मेदारी निभाई। संस्था के संरक्षक वीरेंद्र राव ने सेवा कार्यों की सराहना करते
हुए कहा कि दान केवल धन का नहीं, बल्कि समय, श्रम और संवेदनाओं का भी होता है। उन्होंने कहा कि जब समाज करुणा और परोपकार की भावना से आगे बढ़ता है, तो ऐसे कार्य लोककल्याण की नई मिसाल बनते हैं। फाउंडेशन के अध्यक्ष पुष्कर जैन ने इस अभियान की सफलता के लिए सभी भामाशाहों, कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों का आभार जताया। इस कार्यक्रम की पूरी जानकारी मीडिया प्रवक्ता राकेश वीरवाल ने साझा की है।
- धरियावद के वजपुरा ग्राम पंचायत स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, राठौड़ो का सेमलिया की सरकारी भूमि पर वर्षों से चल रहे अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा है। ग्रामीणों, अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन समिति ने जिला कलेक्टर प्रतापगढ़ को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर तीन कार्यदिवस के भीतर अतिक्रमण हटाने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में विद्यालय भूमि को अतिक्रमण मुक्त नहीं किया गया, तो वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से धरना, तालाबंदी और उग्र जनआंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय के नाम दर्ज खाता संख्या 127, खसरा संख्या 73/7 और खाता संख्या 126, खसरा संख्या 73/5 की लगभग 0.7894 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा है। इस मामले में विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा 7 अक्टूबर 2025 को प्रस्ताव पारित कर प्रधानाध्यापक के जरिए उपखण्ड अधिकारी को पत्र भेजा गया था। इससे पहले सितंबर 2025 और 26 दिसंबर 2025 को भी शिकायतें और ज्ञापन सौंपकर दो बार रिमाइंडर दिए गए थे, लेकिन प्रशासन ने अब तक न तो जमीन का सीमांकन किया और न ही अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई की है। प्रशासनिक उदासीनता के कारण स्कूल के मासूम बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। विद्यालय के चार कमरे पूरी तरह जर्जर और अनुपयोगी हो चुके हैं, जिससे वर्तमान में कक्षा 1 से 8 तक के सभी बच्चों को मात्र दो कमरों में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। इस वजह से हर समय किसी बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। इसके अलावा, पर्याप्त सरकारी भूमि होने के बावजूद अतिक्रमण के कारण विद्यालय में खेल का मैदान तक उपलब्ध नहीं है, जिससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित हो रहा है। प्रशासन स्कूल में कम नामांकन का हवाला देकर इसे माध्यमिक स्तर पर प्रमोट करने से इनकार करता है, जबकि वास्तविकता यह है कि मूलभूत सुविधाओं और खेल मैदान के अभाव के कारण अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला दूसरे स्कूलों में करवाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जब भी कोई इस सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की आवाज उठाता है, तो कुछ अतिक्रमणकारी उन्हें खुलेआम धमकियां देकर भय का माहौल बनाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला केवल सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का नहीं, बल्कि बच्चों के शिक्षा के अधिकार (अनुच्छेद 21-ए), सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने के अधिकार, मानवाधिकारों, बाल अधिकारों तथा सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है। ज्ञापन के जरिए जिला प्रशासन से तत्काल पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में जमीन का सीमांकन कर अतिक्रमण हटाने, दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने, शिकायतकर्ताओं को सुरक्षा देने, स्कूल की चारदीवारी व नए भवन का निर्माण करने और लंबे समय से कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर विभागीय जांच की मांग की गई है।4
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- प्रतापगढ़ में भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी द्वारा आगामी 15 जुलाई से 'चलो गांव की ओर' जागरूकता अभियान की शुरुआत की जाएगी। इस अभियान के तहत दोनों संगठनों के कार्यकर्ता गांव-गांव और घर-घर पहुंचेंगे, जहां वे बहुजन समाज के लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों, विभिन्न सरकारी योजनाओं और सामाजिक जागरूकता के प्रति जागरूक करने का काम करेंगे। इस अभियान की रूपरेखा तैयार करने और इसे सफल बनाने के लिए टैगोर पार्क में एक जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें उपस्थित कार्यकर्ताओं ने इस अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।1
- प्रतापगढ़ जिले के छोटी सादड़ी क्षेत्र से एक हकीकत सामने आई है कि भारत सरकार में केवल बड़े किसानों को ही फायदा मिलता है, जबकि छोटे किसानों तक नई तकनीक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। इस परिस्थिति के बीच अब किसान स्वयं ही अपनी मंजिल तय कर रहे हैं कि कौन सी फसल उन्हें बेहतर मुनाफा देगी और किस फसल में लागत अधिक व कमाई कम है। इसी बदलाव के तहत गगरोल निवासी एक होनहार, जागरूक और युवा किसान ने परंपरागत खेती का रास्ता छोड़ दिया है। इस युवा किसान ने पारंपरिक खेती से हटकर सब्जी उगाने की ओर ध्यान आकर्षित किया है और अब वे सब्जी की खेती करके अच्छा खासा मुनाफा कमा रहे हैं।2
- डूंगरपुर के पुनाली गांव में स्थित मां अंबे मंदिर और शिव शक्ति धाम श्रद्धालुओं की अगाध आस्था का केंद्र बना हुआ है, जहां आने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है। इस भव्य मां अंबे मंदिर की स्थापना नीलकंठ मित्र मंडल जय अंबे पदयात्रा संघ के सानिध्य में 18 वर्षों की पैदल यात्रा पूरी करने के बाद ग्राम वासियों ने मिलकर की थी। वर्तमान में इस मंदिर में सुबह-शाम नियम से आरती की जाती है और हर पूर्णिमा को विशेष हवन का आयोजन होता है, जिसमें सैकड़ों भक्त अपनी मन्नतें पूरी होने पर शामिल होकर हवन का लाभ उठाते हैं। इसी के समीप स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर शिव शक्ति धाम की स्थापना भी देश के 22 संतों और समस्त ग्रामीणों के सहयोग से हुई थी, जिसमें लोगों की गहरी श्रद्धा बसी हुई है। इस पावन मंदिर परिसर में गणपति दादा की मूर्ति भी विराजमान है, जिसकी स्थापना स्वर्गीय नीता बहन की इच्छा के अनुसार की गई थी। इसके साथ ही, जय अंबे संघ डूंगरपुर द्वारा कई वर्षों से बिछीवाड़ा रोड पर विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जाता है, जिसमें आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए भोजन, दवाई और रात्रि विश्राम की पूरी व्यवस्था की जाती है। सभी भक्तों से एक बार यहाँ पधारकर दर्शन का लाभ उठाने का आग्रह किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के नीमच में स्वामी कैलाशनंद गिरी महाराज के अनुसार, जहाँ ईश्वर, महात्मा और भक्तों का संगम होता है, वही स्थान कुंभ का रूप है। यहाँ महात्मा और भक्तों का ऐसा पवित्र संगम देखने को मिल रहा है, जहाँ ईश्वर, महात्मा और श्रद्धालुओं का यह पावन मिलन साक्षात कुंभ के समान है।1
- प्रतापगढ़ में भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी 15 जुलाई से 'चलो गांव की ओर' जागरूकता अभियान शुरू करेगी। इस अभियान के तहत कार्यकर्ता गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर बहुजन समाज को उनके संवैधानिक अधिकारों, सरकारी योजनाओं और सामाजिक जागरूकता की जानकारी देंगे। इस अभियान को सफल बनाने के लिए टैगोर पार्क में एक जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जहां कार्यकर्ताओं ने इसे सफल बनाने का संकल्प लिया।1
- मन्दसौर जिले के धुन्धडका में सरपंच साहब लोकपाल सिंह चिनु बना का एक एक्सीडेंट हो गया है। शमशान घाट के पास उनकी अपनी ही बुलेट गाड़ी एक पत्थर पर चढ़ गई, जिसके कारण यह हादसा हुआ।1