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गोंडा में 'बड़े पुजारी' के रूप में सक्रिय 'शफीक उर्फ पंडित रामस्वरूप शर्मा' की गिरफ्तारी ने समाज में आस्था और अंधविश्वास के बाजार की कड़वी सच्चाई को उजागर किया है। यह मामला सिर्फ एक ठगी नहीं, बल्कि पहचान की चोरी और ढोंग का एक संगठित नेटवर्क दर्शाता है, जिसने 'शिव शक्ति ज्योति एवं आध्यात्मिक अनुसंधान' नामक एक केंद्र के जरिए लोगों की श्रद्धा का व्यावसायिक दोहन किया। गोंडा पुलिस ने इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। आरोपी शफीक ने मनकापुर और नगर कोतवाली क्षेत्रों में 'पंडित रामस्वरूप शर्मा' की फर्जी पहचान अपनाकर लोगों को ठगा। उसने फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों के जरिए अपनी हिंदू पहचान गढ़ी थी, जिसकी पुलिस गहन जांच कर रही है कि इसे बनाने में किन लोगों ने मदद की। शफीक का गिरोह लोगों की समस्याओं जैसे बीमारी, बेरोजगारी और घरेलू कलह का फायदा उठाकर 'पूजा के डिब्बे में जीवित सांप' दिखाकर भय का मनोविज्ञान तैयार करता था। पीड़ितों को एक निश्चित समय तक डिब्बे न खोलने की हिदायत दी जाती थी, और जब तक उन्हें ठगे जाने का एहसास होता, आरोपी अपना दफ्तर समेटकर दूसरे इलाके में जा चुका होता था। गोंडा पुलिस इस मामले को एक अंतर-जिला गिरोह मानकर कार्रवाई कर रही है। आरोपी के मोबाइल फोन से मिली कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और चैट के माध्यम से गिरोह के सदस्यों और मददगारों की पहचान की जा रही है। बैंक खातों की गहन जांच से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि 'आध्यात्मिक अनुसंधान' के नाम पर कितनी अवैध कमाई हुई और वह कहाँ भेजी गई। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह सिर्फ एक ठग का काम है या कोई बड़ा संगठित गिरोह धर्मांतरण या समाज में भ्रांति फैलाने के उद्देश्य से सक्रिय था। यह घटना फर्जी दस्तावेजों के नेटवर्क और प्रशासनिक सतर्कता पर गंभीर सवाल उठाती है, जो आधार जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों की विश्वसनीयता को भी संदेह के घेरे में लाती है और भविष्य में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बन सकती है। गोंडा पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है, और उम्मीद है कि पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश होगा। हालांकि, यह विश्लेषण इस बात पर जोर देता है कि असली सुधार केवल पुलिस की कार्रवाई से नहीं, बल्कि जन-चेतना और तार्किक सोच से आएगा। जब तक समाज तर्क को छोड़कर चमत्कारों के पीछे भागना जारी रखेगा, तब तक शफीक जैसे अपराधी आस्था को अंधविश्वास में बदलकर लोगों का आर्थिक और मानसिक शोषण करते रहेंगे। सच्चे आध्यात्मिक समाधान को विवेक और कर्म में निहित बताते हुए, यह चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते हम नहीं जागे, तो ऐसे ठगों की श्रृंखला समाज को और गहरे अंधेरे में धकेल देगी।

21 hrs ago
user_अजीत मिश्रा (खोजी)
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
21 hrs ago
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गोंडा में 'बड़े पुजारी' के रूप में सक्रिय 'शफीक उर्फ पंडित रामस्वरूप शर्मा' की गिरफ्तारी ने समाज में आस्था और अंधविश्वास के बाजार की कड़वी सच्चाई को उजागर किया है। यह मामला सिर्फ एक ठगी नहीं, बल्कि पहचान की चोरी और ढोंग का एक संगठित नेटवर्क दर्शाता है, जिसने 'शिव शक्ति ज्योति एवं आध्यात्मिक अनुसंधान' नामक एक केंद्र के जरिए लोगों की श्रद्धा का व्यावसायिक दोहन किया। गोंडा पुलिस ने इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। आरोपी शफीक ने मनकापुर और नगर कोतवाली क्षेत्रों में 'पंडित रामस्वरूप शर्मा' की फर्जी पहचान अपनाकर लोगों को ठगा। उसने फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों के जरिए अपनी हिंदू पहचान गढ़ी थी, जिसकी पुलिस गहन जांच कर रही है कि इसे बनाने में किन लोगों ने मदद की। शफीक का गिरोह लोगों की समस्याओं जैसे बीमारी, बेरोजगारी और घरेलू कलह का फायदा उठाकर 'पूजा के डिब्बे में जीवित सांप' दिखाकर भय का मनोविज्ञान तैयार करता था। पीड़ितों को एक निश्चित समय तक डिब्बे न खोलने की हिदायत दी जाती थी, और जब तक उन्हें ठगे जाने का एहसास होता, आरोपी अपना दफ्तर समेटकर दूसरे इलाके में जा चुका होता था। गोंडा पुलिस इस मामले को एक अंतर-जिला गिरोह मानकर कार्रवाई कर रही है। आरोपी के मोबाइल फोन से मिली कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और चैट के माध्यम से गिरोह के सदस्यों और मददगारों की पहचान की जा रही है। बैंक खातों की गहन जांच से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि 'आध्यात्मिक अनुसंधान' के नाम पर कितनी अवैध कमाई हुई और वह कहाँ भेजी गई। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह सिर्फ एक ठग का काम है या कोई बड़ा संगठित गिरोह धर्मांतरण या समाज में भ्रांति फैलाने के उद्देश्य से सक्रिय था। यह घटना फर्जी दस्तावेजों के नेटवर्क और प्रशासनिक सतर्कता पर गंभीर सवाल उठाती है, जो आधार जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों की विश्वसनीयता को भी संदेह के घेरे में लाती है और भविष्य में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बन सकती है। गोंडा पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है, और उम्मीद है कि पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश होगा। हालांकि, यह विश्लेषण इस बात पर जोर देता है कि असली सुधार केवल पुलिस की कार्रवाई से नहीं, बल्कि जन-चेतना और तार्किक सोच से आएगा। जब तक समाज तर्क को छोड़कर चमत्कारों के पीछे भागना जारी रखेगा, तब तक शफीक जैसे अपराधी आस्था को अंधविश्वास में बदलकर लोगों का आर्थिक और मानसिक शोषण करते रहेंगे। सच्चे आध्यात्मिक समाधान को विवेक और कर्म में निहित बताते हुए, यह चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते हम नहीं जागे, तो ऐसे ठगों की श्रृंखला समाज को और गहरे अंधेरे में धकेल देगी।

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  • राष्ट्रवादी और अखिलेश सिंह के पक्ष में ज़ोरदार नारे लगाए गए, जिनमें उनके प्रति प्रबल समर्थन व्यक्त किया गया।
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    राष्ट्रवादी और अखिलेश सिंह के पक्ष में ज़ोरदार नारे लगाए गए, जिनमें उनके प्रति प्रबल समर्थन व्यक्त किया गया।
    user_Vinay kumar giri
    Vinay kumar giri
    Reporter Vinay Kumar Giri सहजनवा, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित एक सामूहिक योग कार्यक्रम के दौरान योगाभ्यास किया।
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    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित एक सामूहिक योग कार्यक्रम के दौरान योगाभ्यास किया।
    user_BALRAM
    BALRAM
    पत्रकार Allapur, Ambedkar Nagar•
    1 hr ago
  • अंबेडकरनगर के विकास खंड भियावं की ग्राम सभा भियावं से सामने आई एक हृदयविदारक तस्वीर समाज और व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यहाँ एक वृद्ध विधवा महिला अपने बुढ़ापे में अकेले एक छप्पर के नीचे रहने को मजबूर है, जबकि उसके तीन-तीन बेटे हैं, जिनमें से कोई भी अपनी माँ की जिम्मेदारी उठाने को तैयार नहीं दिख रहा। यह घटना उस समाज की पहचान पर प्रश्नचिह्न लगाती है, जो अपने बुजुर्गों के साथ किए जाने वाले व्यवहार से आंका जाता है; यदि एक माँ, जिसने अपने बच्चों का पालन-पोषण कर उन्हें बड़ा किया, वही अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में दो वक्त की रोटी और सुरक्षित आश्रय के लिए संघर्ष करे, तो यह केवल एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे समाज की विफलता है। मामले में ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि महिला के पास अन्त्योदय राशन कार्ड होने के बावजूद उसे निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जा रहा है। यह स्थिति सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि एक असहाय बुजुर्ग के हक पर सीधा डाका है। इस पर सवाल उठता है कि जहाँ सरकार गरीबों और जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करती है, वहीं यदि वास्तविक लाभार्थी तक उसका पूरा हक नहीं पहुँच रहा, तो इसके लिए आखिर जिम्मेदार कौन है? सबसे बड़ा सवाल उन बेटों से पूछा गया है, जो अपनी माँ की देखभाल तक नहीं कर पा रहे। क्या आधुनिकता और स्वार्थ की इस दौड़ में इंसान अपने मूल संस्कारों को भूलता जा रहा है? जिस माँ ने अपनी उँगली पकड़कर चलना सिखाया, उसके बुढ़ापे का सहारा बनना बेटों का कर्तव्य क्यों नहीं है? यह घटना उन सभी लोगों के लिए एक आईना है जो माता-पिता के त्याग को भुला देते हैं, और साथ ही प्रशासन के लिए भी यह एक चेतावनी है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि पूरी ईमानदारी से वास्तविक पात्रों तक पहुँचे। यही सवाल आज भियावं ही नहीं, बल्कि पूरे समाज से जवाब मांग रहा है कि जब एक माँ तीन बेटों का पालन-पोषण कर सकती है, तो तीन बेटे मिलकर एक माँ का सहारा क्यों नहीं बन सकते?
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    अंबेडकरनगर के विकास खंड भियावं की ग्राम सभा भियावं से सामने आई एक हृदयविदारक तस्वीर समाज और व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यहाँ एक वृद्ध विधवा महिला अपने बुढ़ापे में अकेले एक छप्पर के नीचे रहने को मजबूर है, जबकि उसके तीन-तीन बेटे हैं, जिनमें से कोई भी अपनी माँ की जिम्मेदारी उठाने को तैयार नहीं दिख रहा। यह घटना उस समाज की पहचान पर प्रश्नचिह्न लगाती है, जो अपने बुजुर्गों के साथ किए जाने वाले व्यवहार से आंका जाता है; यदि एक माँ, जिसने अपने बच्चों का पालन-पोषण कर उन्हें बड़ा किया, वही अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में दो वक्त की रोटी और सुरक्षित आश्रय के लिए संघर्ष करे, तो यह केवल एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे समाज की विफलता है।

मामले में ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि महिला के पास अन्त्योदय राशन कार्ड होने के बावजूद उसे निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जा रहा है। यह स्थिति सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि एक असहाय बुजुर्ग के हक पर सीधा डाका है। इस पर सवाल उठता है कि जहाँ सरकार गरीबों और जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करती है, वहीं यदि वास्तविक लाभार्थी तक उसका पूरा हक नहीं पहुँच रहा, तो इसके लिए आखिर जिम्मेदार कौन है?

सबसे बड़ा सवाल उन बेटों से पूछा गया है, जो अपनी माँ की देखभाल तक नहीं कर पा रहे। क्या आधुनिकता और स्वार्थ की इस दौड़ में इंसान अपने मूल संस्कारों को भूलता जा रहा है? जिस माँ ने अपनी उँगली पकड़कर चलना सिखाया, उसके बुढ़ापे का सहारा बनना बेटों का कर्तव्य क्यों नहीं है? यह घटना उन सभी लोगों के लिए एक आईना है जो माता-पिता के त्याग को भुला देते हैं, और साथ ही प्रशासन के लिए भी यह एक चेतावनी है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि पूरी ईमानदारी से वास्तविक पात्रों तक पहुँचे। यही सवाल आज भियावं ही नहीं, बल्कि पूरे समाज से जवाब मांग रहा है कि जब एक माँ तीन बेटों का पालन-पोषण कर सकती है, तो तीन बेटे मिलकर एक माँ का सहारा क्यों नहीं बन सकते?
    user_TEESRI AANKHEN
    TEESRI AANKHEN
    अल्लापुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • अम्बेडकरनगर जिले के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के डल्ला निजामपुर निमिन्दीपुर में जमीन विवाद को लेकर एक गंभीर मारपीट की घटना सामने आई है। पीड़ित राजितराम और उनके पुत्र ने आरोप लगाया है कि उन पर परिजनों ने ही लाठी-डंडों से हमला किया। इस झड़प में कई लोग घायल हुए हैं, और बताया जा रहा है कि अंजीत का हाथ टूट गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
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    अम्बेडकरनगर जिले के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के डल्ला निजामपुर निमिन्दीपुर में जमीन विवाद को लेकर एक गंभीर मारपीट की घटना सामने आई है। पीड़ित राजितराम और उनके पुत्र ने आरोप लगाया है कि उन पर परिजनों ने ही लाठी-डंडों से हमला किया। इस झड़प में कई लोग घायल हुए हैं, और बताया जा रहा है कि अंजीत का हाथ टूट गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
    user_Utkarsh Kumar Priyadarshi
    Utkarsh Kumar Priyadarshi
    अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • दिनांक 20/06/2026 को सिद्धार्थनगर जनपद की बांसी तहसील में प्रशासन जनता की समस्याओं के समाधान को लेकर सक्रिय रूप से जुटा। जिलाधिकारी (DM) सिद्धार्थनगर शशांक शेखर की उपस्थिति में आयोजित इस जनसुनवाई में कुल 81 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इन प्राप्त शिकायतों में से 50 मामले राजस्व विभाग से संबंधित थे। प्रशासन ने इन समस्याओं के प्रति तत्परता दिखाते हुए, मौके पर ही 10 मामलों का तत्काल निस्तारण किया, जिससे जनता को त्वरित राहत मिल सके।
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    दिनांक 20/06/2026 को सिद्धार्थनगर जनपद की बांसी तहसील में प्रशासन जनता की समस्याओं के समाधान को लेकर सक्रिय रूप से जुटा। जिलाधिकारी (DM) सिद्धार्थनगर शशांक शेखर की उपस्थिति में आयोजित इस जनसुनवाई में कुल 81 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए।

इन प्राप्त शिकायतों में से 50 मामले राजस्व विभाग से संबंधित थे। प्रशासन ने इन समस्याओं के प्रति तत्परता दिखाते हुए, मौके पर ही 10 मामलों का तत्काल निस्तारण किया, जिससे जनता को त्वरित राहत मिल सके।
    user_Rashid Malik
    Rashid Malik
    Local News Reporter बंसी, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • अंबेडकर नगर में नेवादा बांदीपुर रोड पर लूटपाट की कोशिश का मामला सामने आया है। इस दौरान, विरोध करने पर एक युवक घायल हो गया। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जाँच और लुटेरों की तलाश के लिए पांच टीमें गठित की हैं।
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    अंबेडकर नगर में नेवादा बांदीपुर रोड पर लूटपाट की कोशिश का मामला सामने आया है। इस दौरान, विरोध करने पर एक युवक घायल हो गया।

घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जाँच और लुटेरों की तलाश के लिए पांच टीमें गठित की हैं।
    user_PRIMEABN
    PRIMEABN
    News Anchor अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • Post by Ashwini Kumar Pandey
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    Post by Ashwini Kumar Pandey
    user_Ashwini Kumar Pandey
    Ashwini Kumar Pandey
    पत्रकार Khalilabad, Sant Kabeer Nagar•
    19 hrs ago
  • अंबेडकर नगर के जैतपुर थाना क्षेत्र में मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाशों ने दिन दहाड़े असलहे की नोंक पर एक दंपति को निशाना बनाया और लूट की वारदात को अंजाम दिया। इस घटना के बाद, पुलिस के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं और मामले की पड़ताल जारी है। फायरिंग और लूट की सूचना मिलने पर इलाके में हड़कंप मच गया है।
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    अंबेडकर नगर के जैतपुर थाना क्षेत्र में मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाशों ने दिन दहाड़े असलहे की नोंक पर एक दंपति को निशाना बनाया और लूट की वारदात को अंजाम दिया। इस घटना के बाद, पुलिस के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं और मामले की पड़ताल जारी है। फायरिंग और लूट की सूचना मिलने पर इलाके में हड़कंप मच गया है।
    user_ABN News Plus
    ABN News Plus
    पत्रकार Ambedkar Nagar, Uttar Pradesh•
    17 hrs ago
  • अम्बेडकर नगर में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद लालजी पर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। इस दौरान उन्होंने एक बड़ा बयान भी दिया।
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    अम्बेडकर नगर में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद लालजी पर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। इस दौरान उन्होंने एक बड़ा बयान भी दिया।
    user_BALRAM
    BALRAM
    पत्रकार Allapur, Ambedkar Nagar•
    17 hrs ago
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