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Sonipat News: रेलवे स्टेशन पर एक दिव्यांग व्यक्ति भीड़ के बीच रेलवे ट्रैक पार करता नजर आया महाराष्ट्र के अंबरनाथ रेलवे स्टेशन पर एक दिव्यांग व्यक्ति भीड़ के बीच रेलवे ट्रैक पार करता नजर आया। ट्रैक पर व्यक्ति को देखकर आती हुई ट्रेन को धीमा करना पड़ा। इस घटना ने रेलवे ट्रैक की सुरक्षा और यात्रियों की सतर्कता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे की ओर से यात्रियों से बार-बार ट्रैक पार न करने की अपील की जाती है
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Sonipat News: रेलवे स्टेशन पर एक दिव्यांग व्यक्ति भीड़ के बीच रेलवे ट्रैक पार करता नजर आया महाराष्ट्र के अंबरनाथ रेलवे स्टेशन पर एक दिव्यांग व्यक्ति भीड़ के बीच रेलवे ट्रैक पार करता नजर आया। ट्रैक पर व्यक्ति को देखकर आती हुई ट्रेन को धीमा करना पड़ा। इस घटना ने रेलवे ट्रैक की सुरक्षा और यात्रियों की सतर्कता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे की ओर से यात्रियों से बार-बार ट्रैक पार न करने की अपील की जाती है
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- Sonipat News: रेलवे स्टेशन पर एक दिव्यांग व्यक्ति भीड़ के बीच रेलवे ट्रैक पार करता नजर आया महाराष्ट्र के अंबरनाथ रेलवे स्टेशन पर एक दिव्यांग व्यक्ति भीड़ के बीच रेलवे ट्रैक पार करता नजर आया। ट्रैक पर व्यक्ति को देखकर आती हुई ट्रेन को धीमा करना पड़ा। इस घटना ने रेलवे ट्रैक की सुरक्षा और यात्रियों की सतर्कता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे की ओर से यात्रियों से बार-बार ट्रैक पार न करने की अपील की जाती है1
- दिल्ली | CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका अपनी कार्यकर्ता निशु आज़ाद और उनके पिता संजय के लिए न्याय की मांग करने नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे। दिल्ली | CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका अपनी कार्यकर्ता निशु आज़ाद और उनके पिता संजय के लिए न्याय की मांग करने नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, "जंतर-मंतर पर जब हमारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था तो यहां पर हिंसा हुई। ये अपराधिक गैंग दिल्ली में पहले से भी हिंसा करती आ रही है। ये लोग इतने समय से दिल्ली में खुलेआम क्यों घूम रहे हैं, ये हमारी समझ से परे है... दिल्ली पुलिस बार-बार कह रही थी कि जंतर-मंतर पर 2800 से ज्यादा घोर अपराधियों की पहचान की गई तो आप उन लोगों को ये छूट क्यों देना चाह रहे हैं? हमने कहा कि उन 2800 अपराधियों की पहचान की जाए और यदि उन्होंने कोई संगीन अपराध किया है तो आप उनके खिलाफ कार्रवाई करें, जेल में डालें... क्या कानून व्यवस्था दिल्ली में इतनी दुर्बल हो गई है? दिल्ली पुलिस को जवाब देना चाहिए। आज हम इसलिए आए हैं क्योंकि तब से लेकर अब तक दिल्ली पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। पहले दिन से हम लोग सभी छात्रों के साथ खड़े हैं और आगे भी खड़े रहेंगे..."1
- नंद नगरी में आधी रात स्कूटी सवार बदमाशों ने घर पर की ताबड़तोड़ फायरिंग, हथियार लहराते हुए फरार उत्तर-पूर्वी दिल्ली के नंद नगरी इलाके में बेखौफ बदमाशों का आतंक देखने को मिला है। बीती रात करीब 12 बजे स्कूटी पर सवार होकर आए दो अज्ञात बदमाशों ने एक रिहायशी मकान को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, फायरिंग के दौरान एक गोली सीधे मकान की पहली मंजिल की खिड़की पर जा लगी, जिससे खिड़की का कांच चकनाचूर हो गया। गनीमत रही कि गोली किसी सदस्य को नहीं लगी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी खुलेआम हाथों में हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए। अचानक हुई गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस फिलहाल आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सके।1
- Delhi: नरेला में Gym के बाहर प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या, बदमाशों ने बरसाईं ताबड़तोड़ गोलियां बाहरी उत्तरी दिल्ली के नरेला इलाके में गुरुवार सुबह फायरिंग की सनसनीखेज वारदात सामने आई. नरेला में जिम के बाहर एक प्रॉपर्टी डीलर की बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी. वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. मिली जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 7 बजे प्रमोद नाम का युवक नरेला स्थित जिम में कसरत करने के लिए आया था. जैसे ही प्रमोद जिम से बाहर निकले तो घात लगाए अज्ञात बदमाशों ने उस पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी. बताया जा रहा है कि बदमाशों ने करीब दर्जन भर से ज्यादा राउंड गोलियां चलाईं. फायरिंग की आवाज से पूरे इलाके में दहशत फैल गई. गोली लगने से प्रमोद की मौके पर ही मौत हो गई. प्रमोद प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए. घटना के बाद स्थानीय लोगों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश भी देखने को मिला. सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. जिले के आला अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे. पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि प्रमोद की हत्या के पीछे क्या वजह थी. पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की पहचान की जा रही है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या मृतक को पहले किसी तरह की धमकी मिली थी या उसका किसी से विवाद अथवा रंजिश चल रही थी. अज्ञात हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें जांच में जुटी हैं. बहरहाल हत्या की इस वारदात को क्यों अंजाम दिया गया, यह तो अब पुलिस जांच के बाद ही साफ हो पाएगा.1
- Rohini sector 25 jay jay colony North West Delhi Rohini Delhi yah J Jcolony D block ka parik ki khabar hai1
- आप सभी को #_जगत_न्यूज़_24 परिवार की तरफ से श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं।1
- एमडी मुख्यालय में मेयर मेयर के ऑफिस में आम आदमी पार्टी ने किया हंगामा एमडी मुख्यालय में मेयर के ऑफिस में आम आदमी पार्टी में हंगामा किया और दरवाजा तोड़कर मेयर के ऑफिस में घुसे1
- लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार: 4PM की महिला पत्रकार के साथ दिल्ली पुलिस की बर्बरता पर गहरा आक्रोश नई दिल्ली, लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार: 4PM की महिला पत्रकार के साथ दिल्ली पुलिस की बर्बरता पर गहरा आक्रोश नई दिल्ली, 03 सितंबर 2026 देश की राजधानी में कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली दिल्ली पुलिस के कुछ अधिकारियों द्वारा किए गए संवैधानिक मर्यादाओं के उल्लंघन पर गहरा दुख और रोष व्यक्त किया गया है। '4PM न्यूज नेटवर्क' की महिला पत्रकार के साथ कवरेज के दौरान की गई मारपीट और अभद्र व्यवहार ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. * संवैधानिक मूल्यों का हनन: लोकतंत्र में पत्रकारों को निष्पक्षता से सवाल पूछने का पूरा अधिकार है। एक महिला पत्रकार के साथ ड्यूटी के दौरान की गई यह हिंसक घटना संविधान की मूल भावना के पूरी तरह विपरीत है। * धार्मिक पहचान को लेकर उग्रता के आरोप: पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार, पूछताछ के दौरान नाम और समुदाय पूछकर उनके साथ अधिक आक्रामकता और बर्बरता दिखाई गई, जो समाज की एकता और पुलिस की निष्पक्ष छवि को धूमिल करती है. * प्रशासनिक जवाबदेही: गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाली दिल्ली पुलिस से देश की जनता हमेशा न्यायप्रिय और संवेदनशील व्यवहार की उम्मीद रखती है। इस तरह की अमानवीय घटनाओं से कानून के प्रति नागरिकों का भरोसा कमजोर होता है। न्याय की मांग: इस संवेदनशील मामले को लेकर यह मांग की गई है कि घटना में शामिल दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ तुरंत और सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। मीडिया कर्मियों, विशेषकर महिला पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करना अत्यंत आवश्यक है।. लोकतंत्र में इस प्रकार की तानाशाही और नफरत से भरे व्यवहार के लिए कोई स्थान नहीं हो सकता.1