नारी शक्ति बंदना बिल नही ,बीजेपी शक्ति बंदना बिल,महिलाओ की नही भाजपा की हुई हार, जगत नेगी संसद में महिला आरक्षण बिल पास न होने के बाद भाजपा लगातार कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साध रही है और महिला विरोधी करार दे रही है वहीं इसको लेकर बागवानी मंत्री जगत नेगी ने पलटवार किया है और इस बिल को लिकर निशान साधा है जगत नेगी ने इस बिल को नारी शक्ति वंदना बिल नहीं बल्कि बीजेपी शक्ति वंदना बिल करार दिया है। भाजपा इस बिल की आड़ में राजनीति करना चाहती है । उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री देश को संबोधन करने के लिए रात का समय ही चुनते हैं और चुनावी सभा की तरह बयान देते हैं तो ऐसे में चुनाव आयोग को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए क्योंकि दो राज्यों में चुनाव चल रहे हैं जो कि आचार सहिंता का उल्लंघन है।चुनाव आयोग इस पर कार्यवाई क्यो नही करती है। राजनीतिक लाभ के लिए महिला आरक्षण बिल को लेकर प्रधानमंत्री रात के समय देश को संबोधन कर रहे हैं जबकि ये बिल 2023 ही पास हो गया था 2023 में सर्व समिति से विपक्षी दलों ने इसको अपना समर्थन दिया था लेकिन 2023 के बाद अब 16 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाकर कि बिल को दोबारा से पास करवाने की क्या जरूरत पड़ गई और इस बिल को अभी तक नोटिफाई नहीं किया गया और संशोधन के लिए संसद में लाया गया 3 साल तक भाजपा चुप क्यों बैठी रही यदि महिलाओं की भाजपा इतनी ही हितेषी है तो क्यों नहीं किया अब चुनाव के दौरान संशोधन करवाने की क्या जरूरत पड़ गई भाजपा ने इस बिल का नाम ही बदल दिया लेकिन नारी शक्ति वंदना बिल नहीं यह बीजेपी शक्ति वंदना बिल है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस बिल के जरिए राजनीति करना चाहती थी यह देश की महिलाओं की नहीं बल्कि बीजेपी का षड्यंत्र का पर्दाफाश हुआ है बीजेपी इस बिल के बहाने परिसीमांकन और सीटें बढ़ाने की बात कह रही थी । जिसमें 850 सीटे अपनी मर्जी से बीजेपी करना चाह रही थी ताकि वह जीत कर आए। यदि 850 सीटें होती है तो सांसदों को अपने क्षेत्र के मुद्दों को उठाने का मौका नही मिलेगा। केंद्र सरकार सही में महिला हितेषी है तो 2023 के बिल को ही लागू करे। बाईट। जगत नेगी बागवानी मंत्री वहीं सांसद कंगना रनौत के बयान पर भी जगत नेगी ने निशाना सदा और कहा कि जो सांसद आज महिला हितों की बात करती है उन्हें यह बताना चाहिए कि जब मणिपुर में महिलाओं पर अत्याचार हो रहा था और महिला को नंगा करके भीड़ द्वारा भगाया जा रहा था तो उसे समय वह कहां थी इसको लेकर उनका कोई बयान क्यों नहीं आया इसके अलावा उत्तर प्रदेश सहित कई अन्य राज्यों में भी महिलाओं पर अत्याचार होते हैं तो उसे समय इनका बयान क्यों नहीं आता। बाईट। जगत नेगी बागवानी मंत्री वही मंत्री विधायकों मुख्यमंत्री और अधिकारियों के वेतन 6 महीने के डेफर करने के सवाल पर जगत नेगी ने कहा कि प्रदेश में विकास न रुके उसको देखते हुए ये फैसला लिया गया है। वही नेता प्रतिपक्ष द्वारा अन्य खर्च कम करने की सरकार को दी गई नसीहत पर जगत नेगी ने कहा की नेता प्रतिपक्ष को क्या क्या सुविद्याएँ मिल रही है सब को पता है उन्हें भी अपनी सुविद्याएँ छोड़नी चाहिए। बाईट। जगत नेगी बागवानी मंत्री वही उन्होंने शिपकी ला को एक जून से व्यापार के लिए खोलने की बात कही। उन्होंने कहा कि कोविड के बाद तिब्बत के साथ व्यापार बन्द कर दिया था उसके बाद अब दोबारा से शुरू हो रहा है। इससे काफी फायदा होगा और दोनों तरफ से आदान प्रदान होगा। बाईट। जगत नेगी बागवानी मंत्री चेस्टर हिल मामले को।लेकर उन्होंने कहा कि डीसी इस मामले में जांच कर रहा है और जो भी दोषी है उन पर करवाई की जाएगी 118 का इसमें उलंघन हुआ तो तो निच्छित रूप से कार्यवाई की जाएगी। बाईट। जगत नेगी बागवानी मंत्री
नारी शक्ति बंदना बिल नही ,बीजेपी शक्ति बंदना बिल,महिलाओ की नही भाजपा की हुई हार, जगत नेगी संसद में महिला आरक्षण बिल पास न होने के बाद भाजपा लगातार कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साध रही है और महिला विरोधी करार दे रही है वहीं इसको लेकर बागवानी मंत्री जगत नेगी ने पलटवार किया है और इस बिल को लिकर निशान साधा है जगत नेगी ने इस बिल को नारी शक्ति वंदना बिल नहीं बल्कि बीजेपी शक्ति वंदना बिल करार दिया है। भाजपा इस बिल की आड़ में राजनीति करना चाहती है । उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री देश को संबोधन करने के लिए रात का समय ही चुनते हैं और चुनावी सभा की तरह बयान देते हैं तो ऐसे में चुनाव आयोग को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए क्योंकि दो राज्यों में चुनाव चल रहे हैं जो कि आचार सहिंता का उल्लंघन है।चुनाव आयोग इस पर कार्यवाई क्यो नही करती है। राजनीतिक लाभ के लिए महिला आरक्षण बिल को लेकर प्रधानमंत्री रात के समय देश को संबोधन कर रहे हैं जबकि ये बिल 2023 ही पास हो गया था 2023 में सर्व समिति से विपक्षी दलों ने इसको अपना समर्थन दिया था लेकिन 2023 के बाद अब 16 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाकर कि बिल को दोबारा से पास करवाने की क्या जरूरत पड़ गई और इस बिल को अभी तक नोटिफाई नहीं किया गया और संशोधन के लिए संसद में लाया गया 3 साल तक भाजपा चुप क्यों बैठी रही यदि महिलाओं की भाजपा इतनी ही हितेषी है तो क्यों नहीं किया अब चुनाव के दौरान संशोधन करवाने की क्या जरूरत पड़ गई भाजपा ने इस बिल का नाम ही बदल दिया लेकिन नारी शक्ति वंदना बिल नहीं यह बीजेपी शक्ति वंदना बिल है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस बिल के जरिए राजनीति करना चाहती थी यह देश की महिलाओं की नहीं बल्कि बीजेपी का षड्यंत्र का पर्दाफाश हुआ है बीजेपी इस बिल के बहाने परिसीमांकन और सीटें
बढ़ाने की बात कह रही थी । जिसमें 850 सीटे अपनी मर्जी से बीजेपी करना चाह रही थी ताकि वह जीत कर आए। यदि 850 सीटें होती है तो सांसदों को अपने क्षेत्र के मुद्दों को उठाने का मौका नही मिलेगा। केंद्र सरकार सही में महिला हितेषी है तो 2023 के बिल को ही लागू करे। बाईट। जगत नेगी बागवानी मंत्री वहीं सांसद कंगना रनौत के बयान पर भी जगत नेगी ने निशाना सदा और कहा कि जो सांसद आज महिला हितों की बात करती है उन्हें यह बताना चाहिए कि जब मणिपुर में महिलाओं पर अत्याचार हो रहा था और महिला को नंगा करके भीड़ द्वारा भगाया जा रहा था तो उसे समय वह कहां थी इसको लेकर उनका कोई बयान क्यों नहीं आया इसके अलावा उत्तर प्रदेश सहित कई अन्य राज्यों में भी महिलाओं पर अत्याचार होते हैं तो उसे समय इनका बयान क्यों नहीं आता। बाईट। जगत नेगी बागवानी मंत्री वही मंत्री विधायकों मुख्यमंत्री और अधिकारियों के वेतन 6 महीने के डेफर करने के सवाल पर जगत नेगी ने कहा कि प्रदेश में विकास न रुके उसको देखते हुए ये फैसला लिया गया है। वही नेता प्रतिपक्ष द्वारा अन्य खर्च कम करने की सरकार को दी गई नसीहत पर जगत नेगी ने कहा की नेता प्रतिपक्ष को क्या क्या सुविद्याएँ मिल रही है सब को पता है उन्हें भी अपनी सुविद्याएँ छोड़नी चाहिए। बाईट। जगत नेगी बागवानी मंत्री वही उन्होंने शिपकी ला को एक जून से व्यापार के लिए खोलने की बात कही। उन्होंने कहा कि कोविड के बाद तिब्बत के साथ व्यापार बन्द कर दिया था उसके बाद अब दोबारा से शुरू हो रहा है। इससे काफी फायदा होगा और दोनों तरफ से आदान प्रदान होगा। बाईट। जगत नेगी बागवानी मंत्री चेस्टर हिल मामले को।लेकर उन्होंने कहा कि डीसी इस मामले में जांच कर रहा है और जो भी दोषी है उन पर करवाई की जाएगी 118 का इसमें उलंघन हुआ तो तो निच्छित रूप से कार्यवाई की जाएगी। बाईट। जगत नेगी बागवानी मंत्री
- संसद में महिला आरक्षण बिल पास न होने के बाद भाजपा लगातार कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साध रही है और महिला विरोधी करार दे रही है वहीं इसको लेकर बागवानी मंत्री जगत नेगी ने पलटवार किया है और इस बिल को लिकर निशान साधा है जगत नेगी ने इस बिल को नारी शक्ति वंदना बिल नहीं बल्कि बीजेपी शक्ति वंदना बिल करार दिया है। भाजपा इस बिल की आड़ में राजनीति करना चाहती है । उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री देश को संबोधन करने के लिए रात का समय ही चुनते हैं और चुनावी सभा की तरह बयान देते हैं तो ऐसे में चुनाव आयोग को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए क्योंकि दो राज्यों में चुनाव चल रहे हैं जो कि आचार सहिंता का उल्लंघन है।चुनाव आयोग इस पर कार्यवाई क्यो नही करती है। राजनीतिक लाभ के लिए महिला आरक्षण बिल को लेकर प्रधानमंत्री रात के समय देश को संबोधन कर रहे हैं जबकि ये बिल 2023 ही पास हो गया था 2023 में सर्व समिति से विपक्षी दलों ने इसको अपना समर्थन दिया था लेकिन 2023 के बाद अब 16 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाकर कि बिल को दोबारा से पास करवाने की क्या जरूरत पड़ गई और इस बिल को अभी तक नोटिफाई नहीं किया गया और संशोधन के लिए संसद में लाया गया 3 साल तक भाजपा चुप क्यों बैठी रही यदि महिलाओं की भाजपा इतनी ही हितेषी है तो क्यों नहीं किया अब चुनाव के दौरान संशोधन करवाने की क्या जरूरत पड़ गई भाजपा ने इस बिल का नाम ही बदल दिया लेकिन नारी शक्ति वंदना बिल नहीं यह बीजेपी शक्ति वंदना बिल है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस बिल के जरिए राजनीति करना चाहती थी यह देश की महिलाओं की नहीं बल्कि बीजेपी का षड्यंत्र का पर्दाफाश हुआ है बीजेपी इस बिल के बहाने परिसीमांकन और सीटें बढ़ाने की बात कह रही थी । जिसमें 850 सीटे अपनी मर्जी से बीजेपी करना चाह रही थी ताकि वह जीत कर आए। यदि 850 सीटें होती है तो सांसदों को अपने क्षेत्र के मुद्दों को उठाने का मौका नही मिलेगा। केंद्र सरकार सही में महिला हितेषी है तो 2023 के बिल को ही लागू करे। बाईट। जगत नेगी बागवानी मंत्री वहीं सांसद कंगना रनौत के बयान पर भी जगत नेगी ने निशाना सदा और कहा कि जो सांसद आज महिला हितों की बात करती है उन्हें यह बताना चाहिए कि जब मणिपुर में महिलाओं पर अत्याचार हो रहा था और महिला को नंगा करके भीड़ द्वारा भगाया जा रहा था तो उसे समय वह कहां थी इसको लेकर उनका कोई बयान क्यों नहीं आया इसके अलावा उत्तर प्रदेश सहित कई अन्य राज्यों में भी महिलाओं पर अत्याचार होते हैं तो उसे समय इनका बयान क्यों नहीं आता। बाईट। जगत नेगी बागवानी मंत्री वही मंत्री विधायकों मुख्यमंत्री और अधिकारियों के वेतन 6 महीने के डेफर करने के सवाल पर जगत नेगी ने कहा कि प्रदेश में विकास न रुके उसको देखते हुए ये फैसला लिया गया है। वही नेता प्रतिपक्ष द्वारा अन्य खर्च कम करने की सरकार को दी गई नसीहत पर जगत नेगी ने कहा की नेता प्रतिपक्ष को क्या क्या सुविद्याएँ मिल रही है सब को पता है उन्हें भी अपनी सुविद्याएँ छोड़नी चाहिए। बाईट। जगत नेगी बागवानी मंत्री वही उन्होंने शिपकी ला को एक जून से व्यापार के लिए खोलने की बात कही। उन्होंने कहा कि कोविड के बाद तिब्बत के साथ व्यापार बन्द कर दिया था उसके बाद अब दोबारा से शुरू हो रहा है। इससे काफी फायदा होगा और दोनों तरफ से आदान प्रदान होगा। बाईट। जगत नेगी बागवानी मंत्री चेस्टर हिल मामले को।लेकर उन्होंने कहा कि डीसी इस मामले में जांच कर रहा है और जो भी दोषी है उन पर करवाई की जाएगी 118 का इसमें उलंघन हुआ तो तो निच्छित रूप से कार्यवाई की जाएगी। बाईट। जगत नेगी बागवानी मंत्री2
- 📰 सोलन के बानली गांव में 10 महीनों से बंद सड़क, बीमारों को चारपाई पर ढोने को मजबूर ग्रामीण पवन सिंघ1
- सदर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत हवान केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला में 10 लाख रुपये की लागत से नए स्कूल भवन व आधुनिक हॉल का निर्माण जल्द शुरू होगा। इसकी पहली किस्त घुमारवीं स्थित हिमुडा कार्यालय भेज दी गई है। यह जानकारी हिमुडा निदेशक मंडल सदस्य जितेंद्र चंदेल ने क्षेत्र दौरे के दौरान दी। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रबंधन समिति की मांग पर उन्होंने इस मुद्दे को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी के समक्ष उठाया, जिस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए 10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई। चंदेल ने एसएमसी के साथ बैठक कर समस्याएं सुनीं और उन्होंने बच्चों के लिए आउटडोर जिम की व्यवस्था भी सुनिश्चित की। उन्होंने स्कूल की पढ़ाई, अनुशासन और ड्रेस की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र का उत्कृष्ट विद्यालय बताया। एसएमसी प्रधान अनिल ने बताया करीब 100 छात्रों वाले स्कूल में केवल दो जेबीटी शिक्षक कार्यरत हैं जबकि एक जेबीटी व सीएचटी पद खाली है जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है।यही नहीं पिछले 16 दिन से कक्षा तीसरी के बच्चों को होमवर्क तक नहीं मिल रहा है । चंदेल ने आश्वासन दिया कि स्टाफ की कमी जल्द दूर की जाएगी और प्रदेश सरकार शिक्षा सुधार के लिए निरंतर प्रयासरत है। स्कूल प्रबंधन समिति सहित ग्रामीणों ने स्कूल भवन को मिली 10 लाख रुपए की राशि और आउटडोर जिम मिलने को लेकर मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री राजेश धर्मानी सहित जितेंद्र चंदेल का भी का आभार प्रकट किया है1
- जीरकपुर शिमला हाईवे दर्दनाक सड़क हादसा, तेज रफ्तार कर का कहर, तीन कर सवार लोगों को आई चोट,2
- :नेशनल हाईवे 103 शिमला–मटौर मार्ग पर डंगार के समीप एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी दूसरी कार से टकरा गई। जानकारी के अनुसार कार चालक हमीरपुर की ओर से घुमारवी की तरफ जा रहा था। इसी दौरान अचानक सड़क पर बेशहारा पशु आ गए, जिससे चालक का संतुलन बिगड़ गया और कार अनियंत्रित होकर किनारे खड़ी गाड़ी से जा टकराई। गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई, अन्यथा बड़ा नुकसान हो सकता था। टक्कर के बाद दोनों वाहनों को क्षति पहुंची है, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया, जिसके चलते पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं।1
- जानबूझ कर जंगल में लगाई आग तो होगी सीधी जेल, हिमाचल में 15 अप्रैल से फायर सीजन शुरू | आग पर काबू पाने के लिए मंडी में त्वरित प्रतिक्रिया दल सहित विभिन्न टीमें आधुनिक उपकरणों के साथ क्षेत्रों में तैनात | जनवरी फरवरी में अभियान चलाकर पहले ही ज्वलनशील चलारू को समेट दिया है विभाग ने, जनता को भी किया गया है जागरूक | डीएफओ वन मंडल मंडी वासु डोगर ने आगजनी की घटना होने पर तुरंत विभाग को सूचित करने की, की अपील |1
- पंचकूला मेयर टिकट फाइनल होने के बाद अजय गौतम ने क्या कहा1
- बोले महिला आरक्षण के मुद्दे को बीजेपी राजनीतिक लाभ के लिए कर रही इस्तेमाल। महिला आरक्षण को लेकर सियासत गरमा गई है। शिमला में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप राठौर ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। राठौर ने प्रधानमंत्री के हालिया संबोधन को चुनावी भाषण करार देते हुए कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। वीओ कांग्रेस प्रवक्ता कुलदीप राठौर ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन किसी बड़ी घोषणा के बजाय विपक्ष, खासकर कांग्रेस, पर निशाना साधने तक सीमित रहा। उन्होंने कहा कि करीब 29 मिनट के भाषण में महिला आरक्षण के मुद्दे को राजनीतिक रंग दिया गया, जबकि देश किसी ठोस फैसले की उम्मीद कर रहा था। राठौर ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पहले ही संसद से पारित हो चुका है और राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल चुकी है, इसके बावजूद भाजपा इसे चुनावी मुद्दा बना रही है। उन्होंने परिसीमन और जनगणना को जोड़ने के फैसले पर भी सवाल उठाए और कहा कि 2011 की जनगणना के आधार पर ऐसा करना उचित नहीं है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा पहले से तय रणनीति के तहत इस मुद्दे को उछाल रही है ताकि विपक्ष को महिला विरोधी दिखाया जा सके। उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक अधिकार देने में कांग्रेस की ऐतिहासिक भूमिका रही है, जिसमें राजीव गांधी के समय पंचायती राज में आरक्षण और इंदिरा गांधी के कार्यकाल के महत्वपूर्ण फैसले शामिल हैं।राठौर ने भाजपा पर धर्म और जाति की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब महिला आरक्षण को भी चुनावी हथियार बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी और भाजपा की मंशा को उजागर करेगी। बाइट,,, कुलदीप राठौर कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं विधायक ठियोग।2