जनपद पीलीभीत के थाना सेहरामऊ उत्तरी अंतर्गत किशनपुर हरिपुर गांव में दबंगों के बुलंद हौसलों को लेकर पीड़ित मनोज कुमार ने पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा की गुहार लगाई है। पीड़ित ने एक प्रार्थना पत्र के माध्यम से विपक्षी शेर सिंह, नवनीत कुमार और अन्य महिलाओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें घर में घुसकर महिलाओं को बंधक बनाने और जिंदा जलाने की धमकी देने की बात कही गई है। मनोज कुमार की शिकायत के अनुसार, 1 जून 2026 को जब वह घर पर मौजूद नहीं थे, तब विपक्षियों ने जबरन उनके घर में घुसकर महिलाओं को डराया-धमकाया। आरोप है कि उन्होंने मकान खाली न करने की स्थिति में मुख्य द्वार पर बाहर से ताला लगा दिया और पूरे परिवार को जिंदा जलाकर मार डालने की धमकी भी दी। पीड़ित परिवार ने बताया कि यह मामला एक संपत्ति विवाद से जुड़ा है जो फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है। इस घटना के बाद, पीड़ित परिवार ने पुलिस से तत्काल एफआईआर दर्ज करने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
जनपद पीलीभीत के थाना सेहरामऊ उत्तरी अंतर्गत किशनपुर हरिपुर गांव में दबंगों के बुलंद हौसलों को लेकर पीड़ित मनोज कुमार ने पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा की गुहार लगाई है। पीड़ित ने एक प्रार्थना पत्र के माध्यम से विपक्षी शेर सिंह, नवनीत कुमार और अन्य महिलाओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें घर में घुसकर महिलाओं को बंधक बनाने और जिंदा जलाने की धमकी देने की बात कही गई है। मनोज कुमार की शिकायत के अनुसार, 1 जून 2026 को जब वह घर पर मौजूद नहीं थे, तब विपक्षियों
ने जबरन उनके घर में घुसकर महिलाओं को डराया-धमकाया। आरोप है कि उन्होंने मकान खाली न करने की स्थिति में मुख्य द्वार पर बाहर से ताला लगा दिया और पूरे परिवार को जिंदा जलाकर मार डालने की धमकी भी दी। पीड़ित परिवार ने बताया कि यह मामला एक संपत्ति विवाद से जुड़ा है जो फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है। इस घटना के बाद, पीड़ित परिवार ने पुलिस से तत्काल एफआईआर दर्ज करने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
- जनपद पीलीभीत के थाना सेहरामऊ उत्तरी अंतर्गत किशनपुर हरिपुर गांव में दबंगों के बुलंद हौसलों को लेकर पीड़ित मनोज कुमार ने पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा की गुहार लगाई है। पीड़ित ने एक प्रार्थना पत्र के माध्यम से विपक्षी शेर सिंह, नवनीत कुमार और अन्य महिलाओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें घर में घुसकर महिलाओं को बंधक बनाने और जिंदा जलाने की धमकी देने की बात कही गई है। मनोज कुमार की शिकायत के अनुसार, 1 जून 2026 को जब वह घर पर मौजूद नहीं थे, तब विपक्षियों ने जबरन उनके घर में घुसकर महिलाओं को डराया-धमकाया। आरोप है कि उन्होंने मकान खाली न करने की स्थिति में मुख्य द्वार पर बाहर से ताला लगा दिया और पूरे परिवार को जिंदा जलाकर मार डालने की धमकी भी दी। पीड़ित परिवार ने बताया कि यह मामला एक संपत्ति विवाद से जुड़ा है जो फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है। इस घटना के बाद, पीड़ित परिवार ने पुलिस से तत्काल एफआईआर दर्ज करने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।2
- उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी ने इन चुनावों के लिए अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं, जिसमें संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति पर कवायद तेज की जा रही है। पार्टी संगठन को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है और संभावित उम्मीदवारों के चयन पर भी लगातार मंथन चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी जल्द ही कुछ सीटों पर अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर सकती है, जो उसकी चुनावी तैयारियों का अहम हिस्सा है। वहीं, भाजपा सहित अन्य दल भी आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अपनी-अपनी चुनावी रणनीति बनाने में पूरी तरह जुट गए हैं।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत ज़िले के पूरनपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता को दशकों से जूझना पड़ रही हरदोई ब्रांच नहर पर स्थित कलीनगर और डगा पुलों की जर्जर हालत की समस्या का आज अंत हो गया है। क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक बाबूराम पासवान के अथक प्रयासों से, उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय श्री योगी आदित्यनाथ जी ने इन दोनों पुलों के भव्य निर्माण के लिए करोड़ों रुपए के भारी-भरकम बजट को ऐतिहासिक स्वीकृति प्रदान की थी। इसी क्रम में, 2 जून 2026 को पूरनपुर विधानसभा के अंतर्गत तहसील कलीनगर में हरदोई शाखा नहर पर इन पुलों का विधि-विधान से हवन-पूजन कर और नारियल तोड़कर भव्य भूमि पूजन संपन्न हुआ। यह उल्लेखनीय है कि विधायक बाबूराम पासवान ने स्वयं माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री (भारत सरकार) श्री जितिन प्रसाद जी को पत्र सौंपकर इन क्षतिग्रस्त पुलों की स्थिति से अवगत कराया था और लगातार इनकी पैरवी की थी, जिसके परिणामस्वरूप जनता की इस गंभीर समस्या का समाधान संभव हो पाया। स्वीकृत विकास कार्यों के तहत, पहला कार्य हरदोई शाखा नहर के किमी 5.639 पर ग्राम डगा के पास पूरनपुर-खटीमा मार्ग पर पूर्व निर्मित सेतु के समानांतर 74 मीटर लंबा 'शारदा नगर सेतु', पहुंच मार्ग एवं सुरक्षात्मक कार्य है, जिसकी कुल लागत 25 करोड़ 83 लाख रुपए निर्धारित की गई है। दूसरा कार्य हरदोई शाखा नहर के किमी 7.591 पर कलीनगर-पीलीभीत-माधोटांडा मार्ग पर पूर्व निर्मित सेतु के समानांतर शारदा नहर पर सेतु, पहुंच मार्ग एवं सुरक्षात्मक कार्य है, जिसके लिए 27 करोड़ 9 लाख 11 हजार रुपए की लागत स्वीकृत की गई है। करोड़ों की लागत से बनने वाले इन दोनों पुलों का निर्माण कार्य अत्यंत तेज़ी से पूरा किया जाएगा। विधायक बाबूराम पासवान ने क्षेत्र की जनता को आश्वस्त किया है कि बहुत जल्द ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय श्री योगी आदित्यनाथ जी के कर-कमलों द्वारा इन पुलों का भव्य लोकार्पण किया जाएगा। इस ऐतिहासिक भूमि पूजन के पावन अवसर पर जिला मंत्री सृष्टि गुप्ता जी, मण्डल अध्यक्ष भगवती सिंह जी, पूर्व चेयरमैन कलीनगर सुनील कटियार जी, नवनीत सक्सेना जी, मण्डल महामंत्री हृदयेश त्रिगुणायत जी, सुजन सिंह जी, महेश जयसवाल जी, प्रधान इस्तियाक खान, सचिन पाण्डेय, राममूर्ति सिंह, निर्भय सिंह, जिला कार्यकारिणी सदस्य पवन जयसवाल जी और लोक निर्माण विभाग के एई आशीष निर्वाल सहित क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में सम्मानित ग्रामवासी उपस्थित रहे। निश्चित रूप से इन दोनों पुलों के बन जाने से कलीनगर और पूरनपुर क्षेत्र के विकास को एक नई रफ़्तार मिलेगी, साथ ही हज़ारों राहगीरों को रोज़ाना के यातायात जाम और जर्जर पुल के खतरों से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।1
- पीलीभीत जिले के हजारा थाना क्षेत्र में भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच, पुलिस ने धनाराघाट पर ठंडे और मीठे पानी का प्याऊ लगाकर राहगीरों को बड़ी राहत पहुँचाई है। सुबह से शाम तक चले इस सेवा अभियान में बड़ी संख्या में राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों ने शर्बत पीकर अपनी प्यास बुझाई। पुलिस की इस पहल की एक खास बात यह रही कि पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए डिस्पोजल प्लास्टिक के गिलासों का इस्तेमाल नहीं किया गया, बल्कि स्टील के गिलासों का उपयोग किया गया। इससे प्लास्टिक कचरे को कम करने का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया। धनाराघाट से गुजरने वाले लोगों ने हजारा पुलिस की इस जनहितकारी पहल की सराहना करते हुए इसे भीषण गर्मी में ठंडा मीठा पानी उपलब्ध कराने का सराहनीय कार्य बताया। स्थानीय निवासियों ने कहा कि ऐसे सामाजिक कार्यक्रम पुलिस और जनता के बीच आपसी विश्वास तथा सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। हजारा पुलिस का यह प्रयास क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- उत्तर प्रदेश के अमरिया विकासखंड के धुंधरी गांव से विकास के दावों पर सवाल उठाने वाली एक तस्वीर सामने आई है। गांव में एक ग्रामीण की मौत के बाद उसके शव को श्मशान घाट तक ले जाने के लिए परिजनों और ग्रामीणों को नदी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में दर्जनों लोग कंधों पर शव उठाकर पानी के बीच से कठिन और जोखिम भरी अंतिम यात्रा पूरी करते दिखाई दे रहे हैं, क्योंकि श्मशान घाट तक पहुँचने के लिए न तो कोई सड़क है और न ही पुलिया। ग्रामीणों का आरोप है कि वे वर्षों से सड़क और पुलिया निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। यह मुद्दा हाल ही में एक केंद्रीय राज्यमंत्री के सामने भी उठाया गया था, फिर भी स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। ग्रामीणों ने इस वायरल वीडियो को विकास के दावों की हकीकत बताते हुए जिला प्रशासन से तत्काल सड़क और पुलिया के निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि जब अंतिम संस्कार के लिए भी सम्मानजनक रास्ता नहीं मिलता, तो विकास के सभी दावे खोखले लगते हैं। ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा, "जीते जी सड़क नहीं मिली, मौत के बाद भी सम्मानजनक रास्ता नसीब नहीं!"1
- Post by Sudheer Kumar1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के पूरनपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बदइंतजामी का एक ताजा मामला सामने आया है। अस्पताल परिसर में स्थित प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र के कर्मचारियों की घोर लापरवाही उजागर हुई है, जहाँ सुबह 10 बजे खुलने वाला केंद्र 11 बजने के बाद भी पूरी तरह से बंद पाया गया। इस अव्यवस्था का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने सरकार के स्वास्थ्य दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़े अंतर को स्पष्ट किया है। वायरल वीडियो के अनुसार, निर्धारित समय सुबह 10 बजे के बाद भी जन औषधि केंद्र का शटर गिरा हुआ था और वहाँ कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दर्जनों मरीज और उनके तीमारदार, जिनमें महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे शामिल हैं, अस्पताल परिसर में भीषण गर्मी और धूप के बीच खुले में बैठकर दवाइयां मिलने का इंतजार कर रहे थे। डॉक्टरों से पर्चा बनवाने के बावजूद, सरकारी मुलाजिमों के अपनी मर्जी से ड्यूटी पर आने के कारण मरीजों को सस्ती और जरूरी दवाइयां नहीं मिल पा रही थीं। वीडियो बनाने वाले एक स्थानीय नागरिक ने इस स्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह वीडियो वायरल होने के बाद जिम्मेदार उच्च अधिकारी इन लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ क्या उचित कदम उठाते हैं।3
- पीलीभीत के गजरौला कला थाना क्षेत्र के घियोना गांव में रविवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया जब एक छप्परपोश मकान में अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में घर के अंदर रखा लाखों रुपये का घरेलू सामान जलकर खाक हो गया, वहीं आग की चपेट में आने से एक मवेशी की दर्दनाक मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से झुलस गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घियोना गांव निवासी गंगाराम पुत्र छेदालाल का परिवार भीषण गर्मी के चलते घर के बाहर स्थित बाग में सो रहा था। देर रात अचानक उनके छप्परपोश मकान से आग की लपटें उठने लगीं। जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते, तब तक तेज हवाओं के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे ग्रामीणों में चीख-पुकार मच गई। पीड़ित परिवार के मुताबिक, इस भीषण अग्निकांड में घर के अंदर खड़ी एक मोटरसाइकिल, तीन साइकिलें, सारा घरेलू सामान, लगभग एक कुंतल लहसुन और अन्य कीमती दस्तावेज पूरी तरह से जलकर राख हो गए। आग में झुलसने से एक गौवंशीय पशु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा बुरी तरह से झुलस गया। पीड़ित ने इस घटना में करीब दो से ढाई लाख रुपये के नुकसान का अनुमान जताया है। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और निजी संसाधनों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सब कुछ जल चुका था। थाना अध्यक्ष ब्रजवीर सिंह ने घटना की पुष्टि की है। राजस्व विभाग की टीम को नुकसान का आकलन करने के लिए सूचित किया जा रहा है ताकि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जा सके।3