मंदिरों की आज़ादी से लेकर ‘लैंड जिहाद’ पर बवाल! शिमला में उठा बड़ा विवाद, VHP ने सरकार को दी चेतावनी विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान हिमाचल प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने साफ कहा कि प्रदेश में मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण खत्म कर उन्हें हिंदू समाज को सौंपा जाना चाहिए। VHP का आरोप है कि जहां अन्य धर्मों के पूजा स्थलों का संचालन उनके समुदाय के पास है। वहीं, हिमाचल में 37 प्रमुख मंदिर अब भी सरकारी नियंत्रण में हैं। परिषद ने इसे “धार्मिक असमानता” बताते हुए मांग की कि इन मंदिरों का प्रबंधन समाज को लौटाया जाए। उन्होंने कहा कि मंदिरों की आय हर साल सैकड़ों करोड़ तक पहुंचती है। इसका उपयोग केवल धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यों में होना चाहिए, न कि प्रशासनिक खर्चों में। उन्होंने कहा कि अगर आने वाले वक़्त में हिन्दू विचार वाली भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश की सत्ता पर क़ाबिज़ होगी, तब भी वे ज़ोर-शोर से इस मांग को उनके समक्ष रखेंगे। VO—- प्रेस वार्ता में परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे “लैंड जिहाद” का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई इलाकों में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और निर्माण हो रहे हैं, जिन पर तत्काल कार्रवाई जरूरी है। संजौली, मंडी और अन्य क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए VHP ने सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की। VHP ने हिमाचल में बढ़ती कथित लव जिहाद और धर्मांतरण की घटनाओं को सामाजिक असंतुलन का कारण बताया। परिषद का कहना है कि इससे समाज में असुरक्षा और आक्रोश बढ़ रहा है, और सरकार इस पर गंभीरता नहीं दिखा रही। परिषद ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मुद्दों पर ठोस कार्रवाई नहीं की, तो संगठन व्यापक जनजागरण अभियान और आंदोलन शुरू करेगा। बाइट—- मिलिंद परांडे, केंद्रीय संगठन महामंत्री, VHP VHP के मुताबिक, हर साल 200 करोड़ से अधिक चढ़ावा इन मंदिरों में दिया गया। धन सनातन संस्कृति में अपना विश्वास रखने वाले श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर विकास, लंगर, सेवा और मंदिर के अन्य विकास कार्यों के लिए दिया जाता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2024 में इन 37 मंदिरों की वार्षिक आय 200.59 करोड़ थी। मंदिरों की 346.26 करोड़ की राशि सावधि जमा खाता (Fixed Deposit) में थी। इनके कोष में पर्याप्त सोना और चांदी भी है।
मंदिरों की आज़ादी से लेकर ‘लैंड जिहाद’ पर बवाल! शिमला में उठा बड़ा विवाद, VHP ने सरकार को दी चेतावनी विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान हिमाचल प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने साफ कहा कि प्रदेश में मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण खत्म कर उन्हें हिंदू समाज को सौंपा जाना चाहिए। VHP का आरोप है कि जहां अन्य धर्मों के पूजा स्थलों का संचालन उनके समुदाय के पास है। वहीं, हिमाचल में 37 प्रमुख मंदिर अब भी सरकारी नियंत्रण में हैं। परिषद ने इसे “धार्मिक असमानता” बताते हुए मांग की कि इन मंदिरों का प्रबंधन समाज को लौटाया जाए। उन्होंने कहा कि मंदिरों की आय हर साल सैकड़ों करोड़ तक पहुंचती है। इसका उपयोग
केवल धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यों में होना चाहिए, न कि प्रशासनिक खर्चों में। उन्होंने कहा कि अगर आने वाले वक़्त में हिन्दू विचार वाली भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश की सत्ता पर क़ाबिज़ होगी, तब भी वे ज़ोर-शोर से इस मांग को उनके समक्ष रखेंगे। VO—- प्रेस वार्ता में परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे “लैंड जिहाद” का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई इलाकों में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और निर्माण हो रहे हैं, जिन पर तत्काल कार्रवाई जरूरी है। संजौली, मंडी और अन्य क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए VHP ने सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की। VHP ने हिमाचल में बढ़ती कथित लव जिहाद और धर्मांतरण की घटनाओं को सामाजिक असंतुलन का कारण बताया। परिषद का कहना
है कि इससे समाज में असुरक्षा और आक्रोश बढ़ रहा है, और सरकार इस पर गंभीरता नहीं दिखा रही। परिषद ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मुद्दों पर ठोस कार्रवाई नहीं की, तो संगठन व्यापक जनजागरण अभियान और आंदोलन शुरू करेगा। बाइट—- मिलिंद परांडे, केंद्रीय संगठन महामंत्री, VHP VHP के मुताबिक, हर साल 200 करोड़ से अधिक चढ़ावा इन मंदिरों में दिया गया। धन सनातन संस्कृति में अपना विश्वास रखने वाले श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर विकास, लंगर, सेवा और मंदिर के अन्य विकास कार्यों के लिए दिया जाता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2024 में इन 37 मंदिरों की वार्षिक आय 200.59 करोड़ थी। मंदिरों की 346.26 करोड़ की राशि सावधि जमा खाता (Fixed Deposit) में थी। इनके कोष में पर्याप्त सोना और चांदी भी है।
- विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान हिमाचल प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने साफ कहा कि प्रदेश में मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण खत्म कर उन्हें हिंदू समाज को सौंपा जाना चाहिए। VHP का आरोप है कि जहां अन्य धर्मों के पूजा स्थलों का संचालन उनके समुदाय के पास है। वहीं, हिमाचल में 37 प्रमुख मंदिर अब भी सरकारी नियंत्रण में हैं। परिषद ने इसे “धार्मिक असमानता” बताते हुए मांग की कि इन मंदिरों का प्रबंधन समाज को लौटाया जाए। उन्होंने कहा कि मंदिरों की आय हर साल सैकड़ों करोड़ तक पहुंचती है। इसका उपयोग केवल धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यों में होना चाहिए, न कि प्रशासनिक खर्चों में। उन्होंने कहा कि अगर आने वाले वक़्त में हिन्दू विचार वाली भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश की सत्ता पर क़ाबिज़ होगी, तब भी वे ज़ोर-शोर से इस मांग को उनके समक्ष रखेंगे। VO—- प्रेस वार्ता में परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे “लैंड जिहाद” का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई इलाकों में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और निर्माण हो रहे हैं, जिन पर तत्काल कार्रवाई जरूरी है। संजौली, मंडी और अन्य क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए VHP ने सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की। VHP ने हिमाचल में बढ़ती कथित लव जिहाद और धर्मांतरण की घटनाओं को सामाजिक असंतुलन का कारण बताया। परिषद का कहना है कि इससे समाज में असुरक्षा और आक्रोश बढ़ रहा है, और सरकार इस पर गंभीरता नहीं दिखा रही। परिषद ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मुद्दों पर ठोस कार्रवाई नहीं की, तो संगठन व्यापक जनजागरण अभियान और आंदोलन शुरू करेगा। बाइट—- मिलिंद परांडे, केंद्रीय संगठन महामंत्री, VHP VHP के मुताबिक, हर साल 200 करोड़ से अधिक चढ़ावा इन मंदिरों में दिया गया। धन सनातन संस्कृति में अपना विश्वास रखने वाले श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर विकास, लंगर, सेवा और मंदिर के अन्य विकास कार्यों के लिए दिया जाता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2024 में इन 37 मंदिरों की वार्षिक आय 200.59 करोड़ थी। मंदिरों की 346.26 करोड़ की राशि सावधि जमा खाता (Fixed Deposit) में थी। इनके कोष में पर्याप्त सोना और चांदी भी है।3
- Post by Dev Raj Thakur1
- राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को शुक्रवार को शिमला से भावभीनी विदाई दी गई। वे पांच दिवसीय दौरे पर हिमाचल आई थी। शुक्रवार को अपने दौरे के आखिरी दिन राष्ट्रपति ने आर का दौरा किया। उसके बाद वे अनाडेल हेलीपैड से दिल्ली के लिए रवाना हुई। अनाडेल से राष्ट्रपति को विदा करने के लिए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता वो सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू मौजूद थे। राज्य के मुख्य सचिव संजय गुप्ता वो पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी भी इस दौरान उपस्थित रहे।1
- Post by Daily Media 24 News1
- हथियार लेने पहुंचे बदमाशों को रंगे हाथ किया काबू,1
- हिमाचल में आजकल चली है पंचयात चुनाव पंचयात चुनाव पर सुनिए ,वाइरल वीडियो1
- Post by Himachal Punjab News1
- भारतीय जनता पार्टी जिला शिमला ने जिलाध्यक्ष केशव चौहान के नेतृत्व मै KNH के पास गायनी वार्ड को आईजीएमसी शिफ्ट करने पर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी एवं प्रदर्शन किया जिलाध्यक्ष ने कुछ दिनों पूर्व प्रैस कांफ्रेंस के माध्यम से सरकार को चेताया था कि समय रहते इस फैसले को वापिस लिया जाए लेकिन सरकार एवं मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि गायनी वार्ड आईजीएमसी शिफ्ट कर ही दिया जाएगा इस बाबत भाजपा कार्यकर्ताओं ने सरकार के ख़िलाफ़ अपना धरना प्रदर्शन किया जोरदार नारेबाज़ी एवं महिलाओं की गूंज सरकार के कान तक पहुंचने के लिए कार्यकर्ताओं, महिलाओं ने मीडिया को तल्ख अंदाज मै अपनी प्रतिक्रियाएं दी गौरतलब है कि विभिन्न संगठनों के साथ साथ कर्मचारियों ने भी KNH से सुविधाएं इधर उधर करने पर अपनी नाराजगी जताई है लेकिन सरकार कुछ भी करने से बचाव कर रही है . वीओ..केशव चौहान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रदेश की जनहित पार्टी है महिलाओं ,बच्चों एवं बजुगों के साथ कोई भी अत्याचार या अन्याय होगा पार्टी कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेगा ...ऐसी सरकार जिसमें नए नए प्रचलन आरम्भ हो रहे है जनता कतई भी माफ नहीं करेगी..जिलाध्यक्ष केशव चौहान ने कहा कि पिछले कुछ समय से जैसे ही कांग्रेस सरकार सत्ता में आई है तब से लेकर अभी तक कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के बड़े स्वास्थ्य संस्थानों की चल रही व्यवस्था को बिगाड़कर अपनी मनमानी पर उतारू है 102 वर्ष पुराने स्वास्थ्य केंद्र से बिना किसी औचित्य के शिफ्ट किया जा रहा है सरकार सारी स्वास्थ्य सुविधाएं जिसमें नए डॉक्टर्स,नई नई बड़े स्वास्थ्य वार्डो का गठन,ओपीडी,अन्य सारी स्वास्थ्य सुविधाएं देने मै असमर्थ साबित हुईं है चौहान ने कहा कि सरकार ने देश के सुप्रसिद्ध हस्पतालों KNH के अलावा आईजीएमसी से कार्डियोलॉजी जैसे बड़े विभाग को भी शहर से चमियाना शिफ्ट करके दोनों हस्पतालों आईजीएमसी और अटल स्वास्थ्य संस्थान चमियाना को एक खानापूर्ति का अड्डा बना दिया ..लोगो को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है अब आधे से ज्यादा लोगों को जानकारी नहीं होती जो दर दर भटकर पहले आईजीएमसी जाते है वहां से फिर उनको चमियाना भेजा जाता है और कई बीच मै ही दम तोड़ देते है केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा शिमला को बहुत बड़ी सौगात अटल स्वास्थ्य संस्थान के रूप में दी गई थी जिसका पूरा पूरा जिम्मा प्रदेश सरकार का था कि वह नए डॉक्टर्स और वार्ड्स शुरू करे ताकि सभी लोगों को आईजीएमसी के साथ साथ अटल स्वास्थ्य संस्थान मै भी अच्छी सुविधाएं प्रदान हो परंतु ऐसा कुछ नहीं हुआ और अब सरकार KNH महिला स्वास्थ्य संस्थान से भी छेड़छाड़ कर रही है जिसमें गायनी वार्ड को भी शिफ्ट किया जा रहा है ।।जो आम जनता और महिलाओं के साथ बड़ा खिलवाड़ है केशव चौहान ने कहा कि KNH मै जो टैस्ट 30 रु का होता था वो अब 100 का हो रहा है , स्पेशल वार्ड्स 1200 से बढ़ाकर 2500 कर दिया गया है इन सभी बातों को सरकार के ध्यानार्थ करके चेतावनी दी है कि जब तक सरकार अपने फैसलों को नहीं पलटेगी वो पीछे नहीं हटेंगे... बाइट,,, केशव चौहान जिला अध्यक्ष भाजपा2