राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को शुक्रवार को शिमला से भावभीनी विदाई दी गई। वे पांच दिवसीय दौरे पर हिमाचल आई थी। शुक्रवार को अपने दौरे के आखिरी दिन राष्ट्रपति ने आर का दौरा किया। उसके बाद वे अनाडेल हेलीपैड से दिल्ली के लिए रवाना हुई। अनाडेल से राष्ट्रपति को विदा करने के लिए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता वो सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू मौजूद थे। राज्य के मुख्य सचिव संजय गुप्ता वो पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी भी इस दौरान उपस्थित रहे। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को शुक्रवार को शिमला से भावभीनी विदाई दी गई। वे पांच दिवसीय दौरे पर हिमाचल आई थी। शुक्रवार को अपने दौरे के आखिरी दिन राष्ट्रपति ने आर का दौरा किया। उसके बाद वे अनाडेल हेलीपैड से दिल्ली के लिए रवाना हुई। अनाडेल से राष्ट्रपति को विदा करने के लिए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता वो सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू मौजूद थे। राज्य के मुख्य सचिव संजय गुप्ता वो पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी भी इस दौरान उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को शुक्रवार को शिमला से भावभीनी विदाई दी गई। वे पांच दिवसीय दौरे पर हिमाचल आई थी। शुक्रवार को अपने दौरे के आखिरी दिन राष्ट्रपति ने आर का दौरा किया। उसके बाद वे अनाडेल हेलीपैड से दिल्ली के लिए रवाना हुई। अनाडेल से राष्ट्रपति को विदा करने के लिए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता वो सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू मौजूद थे। राज्य के मुख्य सचिव संजय गुप्ता वो पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी भी इस दौरान उपस्थित रहे। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को शुक्रवार को शिमला से भावभीनी विदाई दी गई। वे पांच दिवसीय दौरे पर हिमाचल आई थी। शुक्रवार को अपने दौरे के आखिरी दिन राष्ट्रपति ने आर का दौरा किया। उसके बाद वे अनाडेल हेलीपैड से दिल्ली के लिए रवाना हुई। अनाडेल से राष्ट्रपति को विदा करने के लिए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता वो सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू मौजूद थे। राज्य के मुख्य सचिव संजय गुप्ता वो पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी भी इस दौरान उपस्थित रहे।
- Post by Dev Raj Thakur1
- राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को शुक्रवार को शिमला से भावभीनी विदाई दी गई। वे पांच दिवसीय दौरे पर हिमाचल आई थी। शुक्रवार को अपने दौरे के आखिरी दिन राष्ट्रपति ने आर का दौरा किया। उसके बाद वे अनाडेल हेलीपैड से दिल्ली के लिए रवाना हुई। अनाडेल से राष्ट्रपति को विदा करने के लिए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता वो सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू मौजूद थे। राज्य के मुख्य सचिव संजय गुप्ता वो पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी भी इस दौरान उपस्थित रहे।1
- विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान हिमाचल प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने साफ कहा कि प्रदेश में मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण खत्म कर उन्हें हिंदू समाज को सौंपा जाना चाहिए। VHP का आरोप है कि जहां अन्य धर्मों के पूजा स्थलों का संचालन उनके समुदाय के पास है। वहीं, हिमाचल में 37 प्रमुख मंदिर अब भी सरकारी नियंत्रण में हैं। परिषद ने इसे “धार्मिक असमानता” बताते हुए मांग की कि इन मंदिरों का प्रबंधन समाज को लौटाया जाए। उन्होंने कहा कि मंदिरों की आय हर साल सैकड़ों करोड़ तक पहुंचती है। इसका उपयोग केवल धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यों में होना चाहिए, न कि प्रशासनिक खर्चों में। उन्होंने कहा कि अगर आने वाले वक़्त में हिन्दू विचार वाली भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश की सत्ता पर क़ाबिज़ होगी, तब भी वे ज़ोर-शोर से इस मांग को उनके समक्ष रखेंगे। VO—- प्रेस वार्ता में परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे “लैंड जिहाद” का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई इलाकों में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और निर्माण हो रहे हैं, जिन पर तत्काल कार्रवाई जरूरी है। संजौली, मंडी और अन्य क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए VHP ने सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की। VHP ने हिमाचल में बढ़ती कथित लव जिहाद और धर्मांतरण की घटनाओं को सामाजिक असंतुलन का कारण बताया। परिषद का कहना है कि इससे समाज में असुरक्षा और आक्रोश बढ़ रहा है, और सरकार इस पर गंभीरता नहीं दिखा रही। परिषद ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मुद्दों पर ठोस कार्रवाई नहीं की, तो संगठन व्यापक जनजागरण अभियान और आंदोलन शुरू करेगा। बाइट—- मिलिंद परांडे, केंद्रीय संगठन महामंत्री, VHP VHP के मुताबिक, हर साल 200 करोड़ से अधिक चढ़ावा इन मंदिरों में दिया गया। धन सनातन संस्कृति में अपना विश्वास रखने वाले श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर विकास, लंगर, सेवा और मंदिर के अन्य विकास कार्यों के लिए दिया जाता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2024 में इन 37 मंदिरों की वार्षिक आय 200.59 करोड़ थी। मंदिरों की 346.26 करोड़ की राशि सावधि जमा खाता (Fixed Deposit) में थी। इनके कोष में पर्याप्त सोना और चांदी भी है।3
- Post by Munishkoundal1
- हिमाचल में आजकल चली है पंचयात चुनाव पंचयात चुनाव पर सुनिए ,वाइरल वीडियो1
- हमीरपुर - हमीरपुर जिला के ढोह गांव से संबंध रखने वाले भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी एयर कमोडोर भूपेंद्र सिंह कंवर के एयर वाइस मार्शल बनने से पूरा प्रदेश उनके ऊपर नाज कर रहा है। उन्होंने हमीरपुर जिला का जहां मान बढ़ाया है तो अपने परिवार को गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरा हमीरपुर उनके ऊपर गर्व महसूस कर रहा है। एयर वाइस मार्शल भूपेंद्र सिंह कंवर सैनिक स्कूल सुजानपुर टिहरा से एयर कमोडोर बनने वाले प्रथम अधिकारी रहे हैं और इसके बाद एयर वाइस मार्शल के पद तक पहुंचने वाले भी पहले अधिकारी हैं। उन्होंने 13 अप्रैल 2026 को असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (पर्सनल एंड सिविलियन्स) का पदभार ग्रहण किया। लगभग 34 वर्षों की उत्कृष्ट एवं समर्पित सेवा के बाद उनकी यह उपलब्धि न केवल हमीरपुर बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। इलाके के लोगों ने उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भूपेंद्र सिंह कंवर ने अपने समर्पणए अनुशासन और उत्कृष्ट कार्यशैली से न केवल परिवार बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। लोगों का मानना है कि यह उपलब्धि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह दर्शाती है कि कड़ी मेहनत, प्रतिबद्धता और देशभक्ति के भाव से कोई भी ऊंचाइयों को छू सकता है। एयर वाइस मार्शल कंवर का जन्म हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के ढोह गांव में हुआ। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा कंजियांण और ऊना में प्राप्त की तथा वर्ष 1981 में सैनिक स्कूल सुजानपुर टिहरा की चौथी बैच में प्रवेश लिया। वर्ष 1987 में उन्होंने 78वें कोर्स के तहत राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रवेश किया और दिसंबर 1991 में भारतीय वायुसेना की फ्लाइंग नेविगेशन शाखा में कमीशन प्राप्त किया। भूपेंद्र सिंह कंवर के भाई वीरेंद्र कंवर ने बताया कि एयर वाइस मार्शल बनकर उन्होंने प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनकी यह उपलब्धि समाज के लिए प्रेरणादायक है। पूरा परिवार उनकी उपलब्ध पर नाज कर रहा है। उन्होंने बताया कि भाई भूपेंद्र सिंह शुरू से ही काफी मेहनती रही है। उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि आज व इस मुकाम पर हैं। भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने बताया कि भूपेंद्र सिंह कंवर की एयर वाइस मार्शल के पद पर पदोन्नति से हमीरपुर का नाम रोशन हुआ है। ग्रामीण क्षेत्र से इस तरह से इस तरह का प्रतिभावान व्यक्ति का उच्च पद प्राप्त करने से पूरा क्षेत्र खुशी है। भूपेंद्र सिंह कंवर की प्रारंभिक शिक्षा भोरंज क्षेत्र से हुई है। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की हैं।1
- jai shree Krishna hare Krishna Murari2
- शिमला स्थित मिलिट्री कमांड पहुंची राष्ट्रपति मुर्मू1