रंका प्रखंड के सोनपुरवा गांव में गंगा दशहरा का पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है, जिससे पूरा गांव भक्तिमय हो गया है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा मां गंगा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई है, और गांव स्थित कालेश्वर मंदिर में 24 घंटे का अखंड कीर्तन प्रारंभ हो चुका है। कीर्तन शुरू होते ही संपूर्ण क्षेत्र भक्ति गीतों और 'हरे राम हरे कृष्ण' के संकीर्तन से गूंज उठा है। हिंदू धर्म में गंगा दशहरा को एक प्रमुख पर्व माना जाता है, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं। इस पर्व पर मां गंगा की पूजा करने और गंगा स्नान करने से पापों का नाश होता है तथा जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इसी आस्था को लेकर सोनपुरवा गांव में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। ग्रामीणों ने जानकारी दी है कि अखंड कीर्तन के समापन के बाद मां गंगा की भव्य पालकी यात्रा निकाली जाएगी। माता गंगा को सुसज्जित पालकी पर विराजमान कर पूरे सोनपुरवा नगर का भ्रमण कराया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु भक्ति गीतों, जयकारों और ढोल-नगाड़ों के साथ शोभायात्रा में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए गांव के युवाओं और आयोजन समिति द्वारा व्यापक व्यवस्था की गई है, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, प्रसाद वितरण और सुरक्षा की विशेष तैयारियां शामिल हैं।
रंका प्रखंड के सोनपुरवा गांव में गंगा दशहरा का पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है, जिससे पूरा गांव भक्तिमय हो गया है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा मां गंगा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई है, और गांव स्थित कालेश्वर मंदिर में 24 घंटे का अखंड कीर्तन प्रारंभ हो चुका है। कीर्तन शुरू होते ही संपूर्ण क्षेत्र भक्ति गीतों और 'हरे राम हरे कृष्ण' के संकीर्तन से गूंज उठा है। हिंदू धर्म में गंगा दशहरा को एक प्रमुख पर्व माना जाता है, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं। इस पर्व पर मां गंगा की पूजा करने और गंगा स्नान करने से पापों का नाश होता है तथा जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इसी आस्था को लेकर सोनपुरवा गांव में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। ग्रामीणों ने जानकारी दी है कि अखंड कीर्तन के समापन के बाद मां गंगा की भव्य पालकी यात्रा निकाली जाएगी। माता गंगा को सुसज्जित पालकी पर विराजमान कर पूरे सोनपुरवा नगर का भ्रमण कराया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु भक्ति गीतों, जयकारों और ढोल-नगाड़ों के साथ शोभायात्रा में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए गांव के युवाओं और आयोजन समिति द्वारा व्यापक व्यवस्था की गई है, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, प्रसाद वितरण और सुरक्षा की विशेष तैयारियां शामिल हैं।
- रंका प्रखंड के सोनपुरवा गांव में गंगा दशहरा का पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है, जिससे पूरा गांव भक्तिमय हो गया है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा मां गंगा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई है, और गांव स्थित कालेश्वर मंदिर में 24 घंटे का अखंड कीर्तन प्रारंभ हो चुका है। कीर्तन शुरू होते ही संपूर्ण क्षेत्र भक्ति गीतों और 'हरे राम हरे कृष्ण' के संकीर्तन से गूंज उठा है। हिंदू धर्म में गंगा दशहरा को एक प्रमुख पर्व माना जाता है, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं। इस पर्व पर मां गंगा की पूजा करने और गंगा स्नान करने से पापों का नाश होता है तथा जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इसी आस्था को लेकर सोनपुरवा गांव में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। ग्रामीणों ने जानकारी दी है कि अखंड कीर्तन के समापन के बाद मां गंगा की भव्य पालकी यात्रा निकाली जाएगी। माता गंगा को सुसज्जित पालकी पर विराजमान कर पूरे सोनपुरवा नगर का भ्रमण कराया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु भक्ति गीतों, जयकारों और ढोल-नगाड़ों के साथ शोभायात्रा में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए गांव के युवाओं और आयोजन समिति द्वारा व्यापक व्यवस्था की गई है, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, प्रसाद वितरण और सुरक्षा की विशेष तैयारियां शामिल हैं।1
- गढ़वा प्रखंड के ग्राम चेतना क्षेत्र में चंद्रवंशी समाज की ज़मीन पर कथित तौर पर नज़र गड़ाए बैठे असामाजिक तत्वों को एक व्यक्ति द्वारा कड़ी और स्पष्ट चेतावनी जारी की गई है। उन्होंने यह साफ़ कर दिया है कि वे अपने क्षेत्र की एक इंच भी ज़मीन किसी माफ़िया या असामाजिक तत्व को क़ब्ज़ाने नहीं देंगे। चेतावनी में उन लोगों को भी सख़्त लहजे में कहा गया है जो ग़रीबों और चंद्रवंशी समाज को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि क़ानून अपना काम करेगा और वे स्वयं इस समुदाय की रक्षा के लिए चट्टान की तरह खड़े हैं, ताकि "कोई माई का लाल ज़मीन नहीं लूट पाए।" प्रशासन को भी इस मामले को गंभीरता से लेने के सख़्त निर्देश दिए गए हैं। चेतावनी देने वाले व्यक्ति ने ज़ोर देकर कहा कि जनहित और समाज की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसके साथ खिलवाड़ करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।1
- भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मुख्य रूप से कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर पर निर्भर करती हैं। इसके अतिरिक्त, अंतिम उपभोक्ता मूल्य में भारी केंद्रीय और राज्य कर, और तेल कंपनियों के रिफाइनिंग व परिवहन शुल्क भी शामिल होते हैं। भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, यही कारण है कि वैश्विक घटनाओं का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है। ईंधन की कीमत तय करने के प्रमुख कारणों में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत सबसे महत्वपूर्ण है। वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें (जैसे ब्रेंट क्रूड) यह निर्धारित करती हैं कि भारत को कच्चा तेल कितने में मिलेगा। ईरान-अमेरिका संकट जैसे तनाव या उत्पादन घटने से वैश्विक दाम बढ़ते हैं, जिससे भारत में भी पेट्रोल-डीजल महंगा हो जाता है। दूसरा कारक रुपया बनाम डॉलर की विनिमय दर है, क्योंकि तेल का आयात अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर में किया जाता है; यदि डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होता है, तो भारत के लिए तेल की खरीद और महंगी हो जाती है। इसके अलावा, उपभोक्ता द्वारा चुकाए जाने वाले कुल दाम में केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों का वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) शामिल होता है। पेट्रोल पंप डीलरों का कमीशन और रिफाइनरी से पेट्रोल पंप तक तेल पहुंचाने का खर्च भी इसमें जुड़ा होता है। इसी क्रम में, गढ़वा के डंडई में डीजल-पेट्रोल की समस्या देखी जा सकती है।1
- बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से चिनियां थाना क्षेत्र में प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। जिला प्रशासन के निर्देश पर सीआरपीएफ 172 बटालियन, गढ़वा जिला नियंत्रण कक्ष और चिनियां पुलिस ने मिलकर थाना क्षेत्र की विभिन्न मस्जिदों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और संदिग्ध स्थानों पर ड्रोन कैमरे से निगरानी कर कानून व्यवस्था का जायजा लिया। ड्रोन से निगरानी के दौरान पुलिस प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए। थाना प्रभारी बीकू कुमार रजक ने स्पष्ट किया कि बकरीद पर्व को शांतिपूर्वक संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि पर्व के दौरान माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों और संदिग्ध लोगों पर प्रशासन की पैनी नजर है। साथ ही, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को भी सख्त हिदायत दी गई है कि थाना क्षेत्र के सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की लगातार निगरानी की जा रही है और अफवाह फैलाने या भ्रामक पोस्ट करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और सीआरपीएफ की इस संयुक्त कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है। प्रशासन ने आम जनता से भी शांति और भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की है।1
- झारखंड के डंडई स्थित पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल की भारी कमी के चलते गाड़ियों की लंबी कतारें लग चुकी हैं। स्थानीय पेट्रोल पंप पर ईंधन की किल्लत देखी जा रही है, जिसके कारण बड़ी संख्या में वाहन चालक पेट्रोल और डीजल भरवाने के लिए प्रतीक्षा कर रहे हैं।1
- बलरामपुर जिले के कमलापुर में एक लाल ईंट के भट्ठे पर काम कर रहे 11 से 12 साल के तीन नाबालिग बच्चे ट्रैक्टर पलटने से गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे के बाद उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यह घटना बलरामपुर जिले के कोरंधा थाना क्षेत्र अंतर्गत कमलापुर में हुई, जहाँ नाबालिग बच्चों से धड़ल्ले से काम कराए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, घायल बच्चों में रितेश (पिता- राधवा), रुस्तम (पिता- लल्लू) और अभिनंदन (पिता- बुधवा) शामिल हैं। ये सभी बच्चे ट्रैक्टर के माध्यम से ईंट ढुलाई का काम कर रहे थे। इसी दौरान, रास्ते में एक नाली पार करते समय ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे उसमें सवार बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। इस घटना ने क्षेत्र में नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराए जाने के मामलों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों में कम उम्र के बच्चों से ईंट भट्ठे जैसे कठिन और जोखिम भरे काम कराए जाने को लेकर नाराजगी साफ दिख रही है, वहीं यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि ऐसे मामलों में श्रम विभाग अक्सर मौन रहता है। फिलहाल, मामले में प्रशासनिक जांच जारी है, लेकिन अभी तक कोई एफआईआर या पुलिस कार्रवाई नहीं हुई है। संबंधित जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग जोर पकड़ने लगी है।1
- विंढमगंज थाना क्षेत्र के सीता मोड़ चौराहे पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब किसी बात को लेकर दो पक्षों में कहासुनी के बाद जमकर मारपीट हुई। देखते ही देखते दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए और चौराहे पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, लेकिन इसके बावजूद कुछ देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा। इस घटना के दौरान आसपास मौजूद लोग केवल तमाशबीन बने रहे और कई ने अपने मोबाइल में वीडियो बनाना भी शुरू कर दिया।1
- गढ़वा जिले के रंका प्रखंड में डॉ. असजद अंसारी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाई जा रही चलंत ग्राम क्लीनिक सेवा, सुदूरवर्ती आदिम जनजाति परिवारों के लिए जीवनरेखा बन गई है। मंगलवार दोपहर 12 बजे पीएलवी राजेश कुमार चौधरी ने बताया कि नगारी, बाहुकुंदर सहित पूरे दूधवल पंचायत के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले इन परिवारों को अब उनके गांव में ही स्वास्थ्य सुविधाएँ और दवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस पहल के तहत आयुष विभाग के चिकित्सक डॉ. अतुल कुमार ने चलंत ग्राम क्लीनिक सेवा की शुरुआत की है, जिसमें दो आयुष चिकित्सक और दो चिकित्सा सहायक लगातार गाँव-गाँव जाकर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रहे हैं और आवश्यक दवाएँ मुहैया करा रहे हैं। यह सेवा विशेष रूप से उन ग्रामीण परिवारों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है, जो आर्थिक तंगी और अस्पताल तक पहुँचने की दूरी के कारण इलाज से वंचित रह जाते थे। चिकित्सा सहायक प्राथमिक उपचार, स्वास्थ्य परामर्श और निःशुल्क दवाएँ उपलब्ध करा रहे हैं। डॉ. अतुल कुमार ने इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्पष्ट करते हुए बताया कि इसका लक्ष्य विलुप्तप्राय आदिम जनजातियों का संरक्षण करना है, साथ ही उन्हें समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना, ताकि पैसे के अभाव में किसी गरीब की जान खतरे में न पड़े। मेडिकल टीम चलंत क्लीनिक के माध्यम से सीधे गाँवों तक पहुँचकर न केवल उपचार दे रही है, बल्कि लोगों को विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी देकर जागरूक भी कर रही है।1