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भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मुख्य रूप से कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर पर निर्भर करती हैं। इसके अतिरिक्त, अंतिम उपभोक्ता मूल्य में भारी केंद्रीय और राज्य कर, और तेल कंपनियों के रिफाइनिंग व परिवहन शुल्क भी शामिल होते हैं। भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, यही कारण है कि वैश्विक घटनाओं का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है। ईंधन की कीमत तय करने के प्रमुख कारणों में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत सबसे महत्वपूर्ण है। वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें (जैसे ब्रेंट क्रूड) यह निर्धारित करती हैं कि भारत को कच्चा तेल कितने में मिलेगा। ईरान-अमेरिका संकट जैसे तनाव या उत्पादन घटने से वैश्विक दाम बढ़ते हैं, जिससे भारत में भी पेट्रोल-डीजल महंगा हो जाता है। दूसरा कारक रुपया बनाम डॉलर की विनिमय दर है, क्योंकि तेल का आयात अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर में किया जाता है; यदि डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होता है, तो भारत के लिए तेल की खरीद और महंगी हो जाती है। इसके अलावा, उपभोक्ता द्वारा चुकाए जाने वाले कुल दाम में केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों का वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) शामिल होता है। पेट्रोल पंप डीलरों का कमीशन और रिफाइनरी से पेट्रोल पंप तक तेल पहुंचाने का खर्च भी इसमें जुड़ा होता है। इसी क्रम में, गढ़वा के डंडई में डीजल-पेट्रोल की समस्या देखी जा सकती है।

7 hrs ago
user_Ramashankar sharma
Ramashankar sharma
Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
7 hrs ago

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मुख्य रूप से कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर पर निर्भर करती हैं। इसके अतिरिक्त, अंतिम उपभोक्ता मूल्य में भारी केंद्रीय और राज्य कर, और तेल कंपनियों के रिफाइनिंग व परिवहन शुल्क भी शामिल होते हैं। भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, यही कारण है कि वैश्विक घटनाओं का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है। ईंधन की कीमत तय करने के प्रमुख कारणों में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत सबसे महत्वपूर्ण है। वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें (जैसे ब्रेंट क्रूड) यह निर्धारित करती हैं कि भारत को कच्चा तेल कितने में मिलेगा। ईरान-अमेरिका संकट जैसे तनाव या उत्पादन घटने से वैश्विक दाम बढ़ते हैं, जिससे भारत में भी पेट्रोल-डीजल महंगा हो जाता है। दूसरा कारक रुपया बनाम डॉलर की विनिमय दर है, क्योंकि तेल का आयात अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर में किया जाता है; यदि डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होता है, तो भारत के लिए तेल की खरीद और महंगी हो जाती है। इसके अलावा, उपभोक्ता द्वारा चुकाए जाने वाले कुल दाम में केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों का वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) शामिल होता है। पेट्रोल पंप डीलरों का कमीशन और रिफाइनरी से पेट्रोल पंप तक तेल पहुंचाने का खर्च भी इसमें जुड़ा होता है। इसी क्रम में, गढ़वा के डंडई में डीजल-पेट्रोल की समस्या देखी जा सकती है।

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  • गढ़वा जिले के रंका प्रखंड में डॉ. असजद अंसारी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाई जा रही चलंत ग्राम क्लीनिक सेवा, सुदूरवर्ती आदिम जनजाति परिवारों के लिए जीवनरेखा बन गई है। मंगलवार दोपहर 12 बजे पीएलवी राजेश कुमार चौधरी ने बताया कि नगारी, बाहुकुंदर सहित पूरे दूधवल पंचायत के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले इन परिवारों को अब उनके गांव में ही स्वास्थ्य सुविधाएँ और दवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस पहल के तहत आयुष विभाग के चिकित्सक डॉ. अतुल कुमार ने चलंत ग्राम क्लीनिक सेवा की शुरुआत की है, जिसमें दो आयुष चिकित्सक और दो चिकित्सा सहायक लगातार गाँव-गाँव जाकर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रहे हैं और आवश्यक दवाएँ मुहैया करा रहे हैं। यह सेवा विशेष रूप से उन ग्रामीण परिवारों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है, जो आर्थिक तंगी और अस्पताल तक पहुँचने की दूरी के कारण इलाज से वंचित रह जाते थे। चिकित्सा सहायक प्राथमिक उपचार, स्वास्थ्य परामर्श और निःशुल्क दवाएँ उपलब्ध करा रहे हैं। डॉ. अतुल कुमार ने इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्पष्ट करते हुए बताया कि इसका लक्ष्य विलुप्तप्राय आदिम जनजातियों का संरक्षण करना है, साथ ही उन्हें समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना, ताकि पैसे के अभाव में किसी गरीब की जान खतरे में न पड़े। मेडिकल टीम चलंत क्लीनिक के माध्यम से सीधे गाँवों तक पहुँचकर न केवल उपचार दे रही है, बल्कि लोगों को विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी देकर जागरूक भी कर रही है।
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    गढ़वा जिले के रंका प्रखंड में डॉ. असजद अंसारी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाई जा रही चलंत ग्राम क्लीनिक सेवा, सुदूरवर्ती आदिम जनजाति परिवारों के लिए जीवनरेखा बन गई है। मंगलवार दोपहर 12 बजे पीएलवी राजेश कुमार चौधरी ने बताया कि नगारी, बाहुकुंदर सहित पूरे दूधवल पंचायत के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले इन परिवारों को अब उनके गांव में ही स्वास्थ्य सुविधाएँ और दवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इस पहल के तहत आयुष विभाग के चिकित्सक डॉ. अतुल कुमार ने चलंत ग्राम क्लीनिक सेवा की शुरुआत की है, जिसमें दो आयुष चिकित्सक और दो चिकित्सा सहायक लगातार गाँव-गाँव जाकर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रहे हैं और आवश्यक दवाएँ मुहैया करा रहे हैं। यह सेवा विशेष रूप से उन ग्रामीण परिवारों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है, जो आर्थिक तंगी और अस्पताल तक पहुँचने की दूरी के कारण इलाज से वंचित रह जाते थे। चिकित्सा सहायक प्राथमिक उपचार, स्वास्थ्य परामर्श और निःशुल्क दवाएँ उपलब्ध करा रहे हैं।

डॉ. अतुल कुमार ने इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्पष्ट करते हुए बताया कि इसका लक्ष्य विलुप्तप्राय आदिम जनजातियों का संरक्षण करना है, साथ ही उन्हें समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना, ताकि पैसे के अभाव में किसी गरीब की जान खतरे में न पड़े। मेडिकल टीम चलंत क्लीनिक के माध्यम से सीधे गाँवों तक पहुँचकर न केवल उपचार दे रही है, बल्कि लोगों को विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी देकर जागरूक भी कर रही है।
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    10 hrs ago
  • गढ़वा जिले के खरौंधी थाना क्षेत्र से प्रेम प्रसंग का एक मामला सामने आया है। यहाँ रात के समय अपनी प्रेमिका से मिलने पहुँचे एक प्रेमी को परिजनों और ग्रामीणों ने संदिग्ध हालत में पकड़ लिया। इस घटना के बाद, ग्रामीणों और परिजनों द्वारा एक सामाजिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें दोनों पक्षों की आपसी रजामंदी से प्रेमी जोड़े की तुरंत शादी करा दी गई। जानकारी के अनुसार, खरौंधी थाना क्षेत्र के अरंगी गाँव निवासी अमेरिका राम की बेटी सोनी कुमारी और बजरमरवा गाँव निवासी सत्यनारायण राम के बेटे गोलू भारती के बीच लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी क्रम में, रविवार की रात प्रेमी गोलू अपनी प्रेमिका सोनी के घर उससे मिलने पहुँचा था, जहाँ उसे परिजनों और ग्रामीणों ने संदिग्ध अवस्था में पकड़ लिया। प्रेमी के पकड़े जाने के बाद हुई बैठक में आपसी रजामंदी बनी और सोमवार को दोनों की शादी करा दी गई। स्थानीय लोगों ने इस मामले को आपसी सहमति और सामाजिक पहल से सुलझाया गया बताया है। शादी के बाद से ही यह घटना गाँव और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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    गढ़वा जिले के खरौंधी थाना क्षेत्र से प्रेम प्रसंग का एक मामला सामने आया है। यहाँ रात के समय अपनी प्रेमिका से मिलने पहुँचे एक प्रेमी को परिजनों और ग्रामीणों ने संदिग्ध हालत में पकड़ लिया। इस घटना के बाद, ग्रामीणों और परिजनों द्वारा एक सामाजिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें दोनों पक्षों की आपसी रजामंदी से प्रेमी जोड़े की तुरंत शादी करा दी गई।

जानकारी के अनुसार, खरौंधी थाना क्षेत्र के अरंगी गाँव निवासी अमेरिका राम की बेटी सोनी कुमारी और बजरमरवा गाँव निवासी सत्यनारायण राम के बेटे गोलू भारती के बीच लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी क्रम में, रविवार की रात प्रेमी गोलू अपनी प्रेमिका सोनी के घर उससे मिलने पहुँचा था, जहाँ उसे परिजनों और ग्रामीणों ने संदिग्ध अवस्था में पकड़ लिया।

प्रेमी के पकड़े जाने के बाद हुई बैठक में आपसी रजामंदी बनी और सोमवार को दोनों की शादी करा दी गई। स्थानीय लोगों ने इस मामले को आपसी सहमति और सामाजिक पहल से सुलझाया गया बताया है। शादी के बाद से ही यह घटना गाँव और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
    user_The Update Abtak
    The Update Abtak
    Court reporter केतर, गढ़वा, झारखंड•
    5 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश में नगर निगम की एक गाड़ी से मृत गायों को खुले मैदान में फेंकते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में ट्रैक्टर-ट्रॉली पर 'नगर निगम' लिखा है, जिससे 4-5 मृत गायों को खुले में फेंका जा रहा है। इस दौरान आवारा कुत्ते और पक्षी आसपास मंडराते दिख रहे हैं। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति का दावा है कि ये गायें किसी गौशाला की हैं, जहां लगातार गायों की मौत हो रही है और प्रशासन केवल खानापूर्ति कर रहा है। नियमानुसार, मृत पशुओं को ऐसे खुले में फेंकना संक्रमण फैलने का बड़ा खतरा पैदा करता है और यह नियमों का उल्लंघन है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश के किस जिले या किस विशिष्ट गौशाला का है, क्योंकि वीडियो में कोई स्पष्ट बोर्ड या लोकेशन नहीं दिख रही है। लेकिन, प्रदेश की कई गौशालाओं से भीषण गर्मी और चारे-पानी की कमी के कारण गायों की मौत की खबरें पहले भी आती रही हैं। इस शर्मनाक वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। गौ-सेवकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस कृत्य को 'गौमाता का अपमान' बताया है। लोगों की मांग है कि यह घटना जहां कहीं की भी हो, प्रशासन और सरकार को दोषी अधिकारियों और संबंधित गौशाला प्रबंधन के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। इस मामले में पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि वायरल वीडियो की जांच कराई जा रही है। सभी जिलों के सीवीओ (मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी) और नगर आयुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की गौशालाओं की विस्तृत जांच करें। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी गौशाला या नगर निगम के कर्मी की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नियमानुसार, मृत गायों को गहरे गड्ढे में चूना डालकर दफनाना अनिवार्य होता है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि गर्मी के दौरान गौशालाओं में समय पर चारा, पानी, छाया और उचित इलाज न मिलने के कारण गायों की मौतें होती हैं। सरकार ने पहले ही सभी जिलाधिकारियों को गौशालाओं का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दे रखे हैं।
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    उत्तर प्रदेश में नगर निगम की एक गाड़ी से मृत गायों को खुले मैदान में फेंकते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में ट्रैक्टर-ट्रॉली पर 'नगर निगम' लिखा है, जिससे 4-5 मृत गायों को खुले में फेंका जा रहा है। इस दौरान आवारा कुत्ते और पक्षी आसपास मंडराते दिख रहे हैं। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति का दावा है कि ये गायें किसी गौशाला की हैं, जहां लगातार गायों की मौत हो रही है और प्रशासन केवल खानापूर्ति कर रहा है। नियमानुसार, मृत पशुओं को ऐसे खुले में फेंकना संक्रमण फैलने का बड़ा खतरा पैदा करता है और यह नियमों का उल्लंघन है।

हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश के किस जिले या किस विशिष्ट गौशाला का है, क्योंकि वीडियो में कोई स्पष्ट बोर्ड या लोकेशन नहीं दिख रही है। लेकिन, प्रदेश की कई गौशालाओं से भीषण गर्मी और चारे-पानी की कमी के कारण गायों की मौत की खबरें पहले भी आती रही हैं।

इस शर्मनाक वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। गौ-सेवकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस कृत्य को 'गौमाता का अपमान' बताया है। लोगों की मांग है कि यह घटना जहां कहीं की भी हो, प्रशासन और सरकार को दोषी अधिकारियों और संबंधित गौशाला प्रबंधन के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

इस मामले में पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि वायरल वीडियो की जांच कराई जा रही है। सभी जिलों के सीवीओ (मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी) और नगर आयुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की गौशालाओं की विस्तृत जांच करें। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी गौशाला या नगर निगम के कर्मी की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नियमानुसार, मृत गायों को गहरे गड्ढे में चूना डालकर दफनाना अनिवार्य होता है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि गर्मी के दौरान गौशालाओं में समय पर चारा, पानी, छाया और उचित इलाज न मिलने के कारण गायों की मौतें होती हैं। सरकार ने पहले ही सभी जिलाधिकारियों को गौशालाओं का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दे रखे हैं।
    user_Nitesh Kumar
    Nitesh Kumar
    Mandi Agent Mahuli•
    7 hrs ago
  • सोनभद्र जिले के दुद्धी स्थित दिघुल चौराहे के बाद लाल केशरवार की दुकान के बगल में लगा एकमात्र चापाकल खराब पड़ा है। यह चापाकल 20 दुकानों के बीच पानी का इकलौता स्रोत है, जिसके बंद होने से गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। स्थानीय लोगों ने इस समस्या को लेकर प्रधान और सचिव से शिकायत की है, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई जवाब नहीं मिला है, जिससे ग्रामीणों में निराशा है।
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    सोनभद्र जिले के दुद्धी स्थित दिघुल चौराहे के बाद लाल केशरवार की दुकान के बगल में लगा एकमात्र चापाकल खराब पड़ा है। यह चापाकल 20 दुकानों के बीच पानी का इकलौता स्रोत है, जिसके बंद होने से गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। स्थानीय लोगों ने इस समस्या को लेकर प्रधान और सचिव से शिकायत की है, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई जवाब नहीं मिला है, जिससे ग्रामीणों में निराशा है।
    user_Akhilesh yadav
    Akhilesh yadav
    दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • झारखंड प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर, लातेहार जिला कांग्रेस की सभी इकाइयों ने जिला मुख्यालय लातेहार में एक हस्ताक्षर अभियान चलाया। यह अभियान पेट्रोल, डीजल और गैस की लगातार बढ़ती कीमतों के विरोध में आयोजित किया गया था। इस दौरान, प्रदर्शनकारियों ने मोदी सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताते हुए कई नारे भी लगाए।
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    झारखंड प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर, लातेहार जिला कांग्रेस की सभी इकाइयों ने जिला मुख्यालय लातेहार में एक हस्ताक्षर अभियान चलाया। यह अभियान पेट्रोल, डीजल और गैस की लगातार बढ़ती कीमतों के विरोध में आयोजित किया गया था। इस दौरान, प्रदर्शनकारियों ने मोदी सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताते हुए कई नारे भी लगाए।
    user_Shamsher Alam
    Shamsher Alam
    Local News Reporter मनिका, लातेहार, झारखंड•
    4 hrs ago
  • बलरामपुर जिले के कमलापुर में एक लाल ईंट के भट्ठे पर काम कर रहे 11 से 12 साल के तीन नाबालिग बच्चे ट्रैक्टर पलटने से गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे के बाद उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यह घटना बलरामपुर जिले के कोरंधा थाना क्षेत्र अंतर्गत कमलापुर में हुई, जहाँ नाबालिग बच्चों से धड़ल्ले से काम कराए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, घायल बच्चों में रितेश (पिता- राधवा), रुस्तम (पिता- लल्लू) और अभिनंदन (पिता- बुधवा) शामिल हैं। ये सभी बच्चे ट्रैक्टर के माध्यम से ईंट ढुलाई का काम कर रहे थे। इसी दौरान, रास्ते में एक नाली पार करते समय ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे उसमें सवार बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। इस घटना ने क्षेत्र में नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराए जाने के मामलों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों में कम उम्र के बच्चों से ईंट भट्ठे जैसे कठिन और जोखिम भरे काम कराए जाने को लेकर नाराजगी साफ दिख रही है, वहीं यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि ऐसे मामलों में श्रम विभाग अक्सर मौन रहता है। फिलहाल, मामले में प्रशासनिक जांच जारी है, लेकिन अभी तक कोई एफआईआर या पुलिस कार्रवाई नहीं हुई है। संबंधित जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग जोर पकड़ने लगी है।
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    बलरामपुर जिले के कमलापुर में एक लाल ईंट के भट्ठे पर काम कर रहे 11 से 12 साल के तीन नाबालिग बच्चे ट्रैक्टर पलटने से गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे के बाद उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

यह घटना बलरामपुर जिले के कोरंधा थाना क्षेत्र अंतर्गत कमलापुर में हुई, जहाँ नाबालिग बच्चों से धड़ल्ले से काम कराए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, घायल बच्चों में रितेश (पिता- राधवा), रुस्तम (पिता- लल्लू) और अभिनंदन (पिता- बुधवा) शामिल हैं। ये सभी बच्चे ट्रैक्टर के माध्यम से ईंट ढुलाई का काम कर रहे थे। इसी दौरान, रास्ते में एक नाली पार करते समय ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे उसमें सवार बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। इस घटना ने क्षेत्र में नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराए जाने के मामलों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों में कम उम्र के बच्चों से ईंट भट्ठे जैसे कठिन और जोखिम भरे काम कराए जाने को लेकर नाराजगी साफ दिख रही है, वहीं यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि ऐसे मामलों में श्रम विभाग अक्सर मौन रहता है। फिलहाल, मामले में प्रशासनिक जांच जारी है, लेकिन अभी तक कोई एफआईआर या पुलिस कार्रवाई नहीं हुई है। संबंधित जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग जोर पकड़ने लगी है।
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर कोशियार पंचायत के रामपुर मेला टांडी में हाल ही में हुए एक जमीनी विवाद के चलते एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि कुछ अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों का इलाज मेदनी राय मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में चल रहा है। मृतक परिवार के दाह संस्कार के बाद, प्रखंड सह अंचल कार्यालय के पदाधिकारी तुरंत रामपुर पहुँचे ताकि पीड़ित परिवार की मदद की जा सके। अधिकारियों ने मृतक के परिवार को 50 किलो चावल और 15,000 रुपये की तत्काल सहायता दी। इसके अलावा, मृतक प्रमाण पत्र, विधवा पेंशन, अंबेडकर आवास योजना, राशन कार्ड, और पारिवारिक लाभ सहित प्रखंड स्तर पर मिलने वाली सभी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस दौरान अंचलाधिकारी चंद्रशेखर तिवारी, जीपीएस सूर्य देव राम, पंचायत सेवक राहुल कुमार, राजस्व कर्मचारी संतोष उरांव और आवास समन्वयक सहित अन्य पदाधिकारी अपने-अपने कार्यों में जुटे रहे। उन्होंने मृतक के परिवार से आधार कार्ड और बैंक पासबुक जैसे आवश्यक दस्तावेज लेकर औपचारिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। वर्तमान में, रामपुर गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे गांव को पुलिस चौकी में बदल दिया गया है। घटना के जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा दिन-रात अभियान चलाया जा रहा है।
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    पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर कोशियार पंचायत के रामपुर मेला टांडी में हाल ही में हुए एक जमीनी विवाद के चलते एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि कुछ अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों का इलाज मेदनी राय मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में चल रहा है।

मृतक परिवार के दाह संस्कार के बाद, प्रखंड सह अंचल कार्यालय के पदाधिकारी तुरंत रामपुर पहुँचे ताकि पीड़ित परिवार की मदद की जा सके। अधिकारियों ने मृतक के परिवार को 50 किलो चावल और 15,000 रुपये की तत्काल सहायता दी। इसके अलावा, मृतक प्रमाण पत्र, विधवा पेंशन, अंबेडकर आवास योजना, राशन कार्ड, और पारिवारिक लाभ सहित प्रखंड स्तर पर मिलने वाली सभी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस दौरान अंचलाधिकारी चंद्रशेखर तिवारी, जीपीएस सूर्य देव राम, पंचायत सेवक राहुल कुमार, राजस्व कर्मचारी संतोष उरांव और आवास समन्वयक सहित अन्य पदाधिकारी अपने-अपने कार्यों में जुटे रहे। उन्होंने मृतक के परिवार से आधार कार्ड और बैंक पासबुक जैसे आवश्यक दस्तावेज लेकर औपचारिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।

वर्तमान में, रामपुर गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे गांव को पुलिस चौकी में बदल दिया गया है। घटना के जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा दिन-रात अभियान चलाया जा रहा है।
    user_SAMACHAR TV GLOBAL
    SAMACHAR TV GLOBAL
    गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    11 hrs ago
  • गढ़वा जिले के खरौंधी में, चंदा मामले से संबंधित एक विवाद ने ज़ोर पकड़ा है। इस प्रकरण में, झामुमो नेता धर्मराज पासवान ने पूर्व के एक जनप्रतिनिधि द्वारा लगाए गए आरोपों के जवाब में तीखा हमला किया है।
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    गढ़वा जिले के खरौंधी में, चंदा मामले से संबंधित एक विवाद ने ज़ोर पकड़ा है। इस प्रकरण में, झामुमो नेता धर्मराज पासवान ने पूर्व के एक जनप्रतिनिधि द्वारा लगाए गए आरोपों के जवाब में तीखा हमला किया है।
    user_The Update Abtak
    The Update Abtak
    Court reporter केतर, गढ़वा, झारखंड•
    13 hrs ago
  • आज दिनांक 26.05.2026 को उपायुक्त श्री संदीप कुमार ने मंडल डैम, बरवाडीह और आसपास के विभिन्न स्थलों का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्य एजेंसियों से परियोजना की वर्तमान स्थिति, कार्य प्रगति और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उपायुक्त ने परियोजना से जुड़े विभिन्न अवरोधों और कार्य में हो रहे विलंब के कारणों पर गहराई से चर्चा की, और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करते हुए कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। निरीक्षण के क्रम में, उन्होंने निर्माणाधीन पुलिस पिकेट भवन का जायजा लिया और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने निर्माणाधीन नए अस्पताल भवन का भी निरीक्षण किया, जहां कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की जानकारी ली। साथ ही, उपायुक्त ने स्वास्थ्य उपकेंद्र मोरवाईकला का भी निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने निर्माण कार्य में लगे अधिकारियों और संवेदकों को स्पष्ट रूप से आगाह किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और कार्यों को तेजी से पूर्ण कराने के लिए नियमित निगरानी पर जोर दिया। उपायुक्त ने यह भी बल दिया कि परियोजना क्षेत्र में आवश्यक मूलभूत सुविधाओं और समन्वय व्यवस्था को सुदृढ़ रखा जाए, क्योंकि विकास परियोजनाओं का समय पर पूरा होना क्षेत्र के विकास और आमजन के हित के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस निरीक्षण के दौरान, उपायुक्त गढ़वा श्री पशुपतिनाथ मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री कुमार गौरव, अनुमंडल पदाधिकारी, लातेहार श्री दिनेश कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी बरवाडीह, संबंधित पदाधिकारी, अभियंता और कार्य एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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    आज दिनांक 26.05.2026 को उपायुक्त श्री संदीप कुमार ने मंडल डैम, बरवाडीह और आसपास के विभिन्न स्थलों का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्य एजेंसियों से परियोजना की वर्तमान स्थिति, कार्य प्रगति और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

उपायुक्त ने परियोजना से जुड़े विभिन्न अवरोधों और कार्य में हो रहे विलंब के कारणों पर गहराई से चर्चा की, और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करते हुए कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। निरीक्षण के क्रम में, उन्होंने निर्माणाधीन पुलिस पिकेट भवन का जायजा लिया और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने निर्माणाधीन नए अस्पताल भवन का भी निरीक्षण किया, जहां कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की जानकारी ली। साथ ही, उपायुक्त ने स्वास्थ्य उपकेंद्र मोरवाईकला का भी निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश जारी किए।

उन्होंने निर्माण कार्य में लगे अधिकारियों और संवेदकों को स्पष्ट रूप से आगाह किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और कार्यों को तेजी से पूर्ण कराने के लिए नियमित निगरानी पर जोर दिया। उपायुक्त ने यह भी बल दिया कि परियोजना क्षेत्र में आवश्यक मूलभूत सुविधाओं और समन्वय व्यवस्था को सुदृढ़ रखा जाए, क्योंकि विकास परियोजनाओं का समय पर पूरा होना क्षेत्र के विकास और आमजन के हित के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस निरीक्षण के दौरान, उपायुक्त गढ़वा श्री पशुपतिनाथ मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री कुमार गौरव, अनुमंडल पदाधिकारी, लातेहार श्री दिनेश कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी बरवाडीह, संबंधित पदाधिकारी, अभियंता और कार्य एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
    user_Shamsher Alam
    Shamsher Alam
    Local News Reporter मनिका, लातेहार, झारखंड•
    5 hrs ago
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