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झारखंड प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर, लातेहार जिला कांग्रेस की सभी इकाइयों ने जिला मुख्यालय लातेहार में एक हस्ताक्षर अभियान चलाया। यह अभियान पेट्रोल, डीजल और गैस की लगातार बढ़ती कीमतों के विरोध में आयोजित किया गया था। इस दौरान, प्रदर्शनकारियों ने मोदी सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताते हुए कई नारे भी लगाए।
Shamsher Alam
झारखंड प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर, लातेहार जिला कांग्रेस की सभी इकाइयों ने जिला मुख्यालय लातेहार में एक हस्ताक्षर अभियान चलाया। यह अभियान पेट्रोल, डीजल और गैस की लगातार बढ़ती कीमतों के विरोध में आयोजित किया गया था। इस दौरान, प्रदर्शनकारियों ने मोदी सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताते हुए कई नारे भी लगाए।
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- झारखंड प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर, लातेहार जिला कांग्रेस की सभी इकाइयों ने जिला मुख्यालय लातेहार में एक हस्ताक्षर अभियान चलाया। यह अभियान पेट्रोल, डीजल और गैस की लगातार बढ़ती कीमतों के विरोध में आयोजित किया गया था। इस दौरान, प्रदर्शनकारियों ने मोदी सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताते हुए कई नारे भी लगाए।1
- लातेहार में सलमान ज़फर खिजोरी ने अपर समाहर्ता पद का कार्यभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करने के उपरांत उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पहली प्राथमिकता जनता से जुड़ी जमीन संबंधी समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने विशेष रूप से जमीन विवादों की समस्या को दूर करने का संकल्प जताया। खिजोरी ने यह भी कहा कि अंचल स्तर पर लंबित मामलों को प्रभावी ढंग से दूर कर आम लोगों को बेहतर प्रशासनिक सुविधाएँ प्रदान करने का निरंतर प्रयास किया जाएगा।1
- लातेहार जिले के ग्राम रिचूघुटा में हिंडालको बॉक्साइट साइडिंग के समीप ग्रामीणों, मजदूरों और बेरोजगार युवाओं का आक्रोश फूट पड़ा। हजारों की संख्या में एकजुट होकर प्रदर्शनकारियों ने हिंडालको कंपनी और प्रस्तावित कोयला साइडिंग परियोजना पर स्थानीय लोगों की अनदेखी, बढ़ती बेरोजगारी, प्रदूषण और मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखने का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी क्षेत्र के संसाधनों का तो उपयोग कर रही है, लेकिन स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के बजाय बाहरी लोगों को काम पर रख रही है। साथ ही, पास में बन रही कोयला साइडिंग का निर्माण लगभग पूरा होने के बावजूद किसी भी स्थानीय मजदूर को रोजगार नहीं मिला है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता दी जाए, लोडिंग-अनलोडिंग का काम स्थानीय मजदूरों को मिले, तथा गांव में स्कूल, अस्पताल, एंबुलेंस और बेहतर सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले महीनों में डीवीसी द्वारा तुबेद क्षेत्र से कोयला डंप किए जाने से इलाके में भारी प्रदूषण फैलेगा, जिसका सीधा असर कुओं, नदियों, तालाबों और खेती पर पड़ेगा। कोयले की ढुलाई से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ने और बच्चों व ग्रामीणों को परेशानी होने की आशंका भी जताई गई, जिसके मद्देनजर कोयला साइडिंग को आबादी से दूर स्थानांतरित करने और बायपास रोड से कोयला परिवहन करने की मांग उठाई गई ताकि गांवों तक धूल और प्रदूषण न पहुंचे। सभा को संबोधित करते हुए विधायक प्रकाश राम ने कंपनी पर ग्रामीणों की उपेक्षा का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि जब तक स्थानीय लोगों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और सीएसआर फंड से मिलने वाली सुविधाओं की गारंटी नहीं दी जाती, तब तक ग्रामीण कोयला गिराने नहीं देंगे। उन्होंने जरूरत पड़ने पर सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करने की बात कही। वहीं विधायक प्रतिनिधि पवन कुमार ने हिंडालको कंपनी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अंग्रेजों की ईस्ट इंडिया कंपनी भी मजदूरों के स्वास्थ्य का ख्याल रखती थी, लेकिन यह भारतीय कंपनी ग्रामीणों के साथ उससे भी बदतर व्यवहार कर रही है। उन्होंने डीवीसी और कंपनी से ग्रामीणों का विश्वास जीतने, रोजगार और सुविधाएं देने की अपील करते हुए आंदोलन को और उग्र करने की चेतावनी दी। ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर जन आंदोलन किया जाएगा।4
- झारखंड के बालूमाथ की सड़कें अब "मौत का रास्ता" बन चुकी हैं, जहाँ दर्जनों सड़क दुर्घटनाएँ आम हैं। दिन-रात बेलगाम रफ्तार से दौड़ते हाइवा वाहनों के कारण धूल-धक्कड़ से लोग बीमार हो रहे हैं और घंटों जाम से बाज़ार त्रस्त है। जनता की लगातार उठती आवाज़ के बावजूद, जिला प्रशासन के साथ-साथ डीवीसी (DVC) और कोल माइन्स प्रबंधन ने जनता की पीड़ा को गंभीरता से नहीं समझा और न ही कोई ठोस पहल की है। इससे स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे भय के साये में सड़क पार करने को मजबूर हैं, बुजुर्ग घर से निकलने में घबराते हैं, किसान धूल प्रदूषण से अपनी फसल और पशुधन बचाने के लिए परेशान हैं, वहीं बाज़ार क्षेत्र लगातार जाम और दुर्घटनाओं की आशंका से जूझ रहा है। जनता का आरोप है कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार, जिसमें सुरक्षित वातावरण और भयमुक्त जीवन शामिल है, को उनसे धीरे-धीरे छीना जा रहा है। जनता की एकमात्र मांग यह थी कि कम-से-कम दिन के समय भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाई जाए, ताकि स्कूली बच्चे, राहगीर और आम नागरिक सुरक्षित रह सकें। हालांकि, बार-बार आवेदन देने, विरोध प्रदर्शन करने और दुर्घटनाओं के ठोस सबूत सामने रखने के बावजूद, किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देना ज़रूरी नहीं समझा। बालूमाथ की जनता अब गंभीर सवाल पूछ रही है कि क्या आम लोगों की जान की कोई कीमत नहीं है, क्या प्रशासन किसी और बड़ी दुर्घटना का इंतज़ार कर रहा है, और क्या कंपनियों का मुनाफा नागरिकों के जीने के संवैधानिक अधिकार से भी बड़ा हो गया है। इन गंभीर सवालों और लगातार हो रही प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ, बालूमाथ और आसपास के प्रभावित लोगों ने सभी गवाहों एवं ठोस प्रमाणों के साथ अब यह निर्णय लिया है कि इस जनहित की लड़ाई को हाईकोर्ट तक ले जाया जाएगा। इसका उद्देश्य संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जनता को मिले जीवन, सुरक्षा और स्वच्छ वातावरण के अधिकार की रक्षा करना है। इस आंदोलन को पूरे क्षेत्र के भविष्य का संघर्ष बताया जा रहा है, जो इंसानों की सुरक्षा, पशुधन की रक्षा, खेती-किसानी, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित जीवन के लिए लड़ा जाएगा। अतः, सभी प्रभावित ग्रामीणों, बुद्धिजीवियों, युवाओं, किसानों, व्यापारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों से इस जनहित आंदोलन में अधिक-से-अधिक संख्या में भागीदारी सुनिश्चित करने और स्वेच्छा से सहयोग व उचित चंदा देकर इस मुहिम को मजबूत बनाने की अपील की गई है। चेतावनी दी गई है कि अगर आज नहीं जागे, तो आने वाला समय केवल हादसों, आँसुओं और पछतावे की कहानी बनकर रह जाएगा, और अगर सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती तो जनता बाध्य होकर सड़कों पर उतरने का काम करेगी।1
- पेट्रोल पंपों पर इस वक्त हाहाकार का माहौल है, जहां वाहन चालकों के बीच तेल लेने के लिए भारी मारामारी देखी जा रही है। इस स्थिति ने वाहन चालकों की चिंताओं को काफी बढ़ा दिया है।1
- रंका प्रखंड के सोनपुरवा गांव में गंगा दशहरा का पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है, जिससे पूरा गांव भक्तिमय हो गया है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा मां गंगा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई है, और गांव स्थित कालेश्वर मंदिर में 24 घंटे का अखंड कीर्तन प्रारंभ हो चुका है। कीर्तन शुरू होते ही संपूर्ण क्षेत्र भक्ति गीतों और 'हरे राम हरे कृष्ण' के संकीर्तन से गूंज उठा है। हिंदू धर्म में गंगा दशहरा को एक प्रमुख पर्व माना जाता है, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं। इस पर्व पर मां गंगा की पूजा करने और गंगा स्नान करने से पापों का नाश होता है तथा जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इसी आस्था को लेकर सोनपुरवा गांव में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। ग्रामीणों ने जानकारी दी है कि अखंड कीर्तन के समापन के बाद मां गंगा की भव्य पालकी यात्रा निकाली जाएगी। माता गंगा को सुसज्जित पालकी पर विराजमान कर पूरे सोनपुरवा नगर का भ्रमण कराया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु भक्ति गीतों, जयकारों और ढोल-नगाड़ों के साथ शोभायात्रा में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए गांव के युवाओं और आयोजन समिति द्वारा व्यापक व्यवस्था की गई है, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, प्रसाद वितरण और सुरक्षा की विशेष तैयारियां शामिल हैं।1
- चतरा समाहरणालय में उपायुक्त रवि आनंद की अध्यक्षता में हुई डीएमएफटी शासी परिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना को स्वीकृति प्रदान की गई। इस बैठक के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और आधारभूत संरचना से संबंधित कुल 722 योजनाओं पर मुहर लगाई गई। इन योजनाओं के प्रस्ताव 153 खनन प्रभावित पंचायतों में आयोजित ग्राम सभाओं से प्राप्त किए गए थे। बैठक में सांसद कालीचरण सिंह, विधायक उज्ज्वल कुमार दास, जनार्दन पासवान, रोशन लाल चौधरी और सांसद प्रतिनिधि रविन्द्र सिंह सहित एसपी, डीडीसी तथा अन्य अधिकारी मौजूद रहे। स्वीकृत योजनाओं में शिक्षा के क्षेत्र में स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, वाटर चिलर लगाने और 1119 स्कूलों में तड़ित चालक स्थापित करने का प्रावधान है। आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए स्मार्ट लर्निंग सुविधाएँ, आरओ तथा खेल सामग्री उपलब्ध कराने की योजना है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए मॉड्यूलर ओटी, आईसीयू और अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, संविदा चिकित्सकों को प्रत्येक माह की 5 तारीख तक भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश भी जारी किया गया है। पेयजल आपूर्ति के लिए 46 नलकूपों की स्थापना, कौशल विकास केंद्र और सौर सिंचाई योजनाओं को भी मंजूरी मिली है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चयनित सभी योजनाओं की सूची सूचना पट्ट पर लगाई जाएगी।1
- आज दिनांक 26.05.2026 को उपायुक्त श्री संदीप कुमार ने मंडल डैम, बरवाडीह और आसपास के विभिन्न स्थलों का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्य एजेंसियों से परियोजना की वर्तमान स्थिति, कार्य प्रगति और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उपायुक्त ने परियोजना से जुड़े विभिन्न अवरोधों और कार्य में हो रहे विलंब के कारणों पर गहराई से चर्चा की, और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करते हुए कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। निरीक्षण के क्रम में, उन्होंने निर्माणाधीन पुलिस पिकेट भवन का जायजा लिया और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने निर्माणाधीन नए अस्पताल भवन का भी निरीक्षण किया, जहां कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की जानकारी ली। साथ ही, उपायुक्त ने स्वास्थ्य उपकेंद्र मोरवाईकला का भी निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने निर्माण कार्य में लगे अधिकारियों और संवेदकों को स्पष्ट रूप से आगाह किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और कार्यों को तेजी से पूर्ण कराने के लिए नियमित निगरानी पर जोर दिया। उपायुक्त ने यह भी बल दिया कि परियोजना क्षेत्र में आवश्यक मूलभूत सुविधाओं और समन्वय व्यवस्था को सुदृढ़ रखा जाए, क्योंकि विकास परियोजनाओं का समय पर पूरा होना क्षेत्र के विकास और आमजन के हित के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस निरीक्षण के दौरान, उपायुक्त गढ़वा श्री पशुपतिनाथ मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री कुमार गौरव, अनुमंडल पदाधिकारी, लातेहार श्री दिनेश कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी बरवाडीह, संबंधित पदाधिकारी, अभियंता और कार्य एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।1