रजौली प्रखंड के सवैयाटांड़ पंचायत के सपही गोदाम के पास स्थित नल-जल का जल मीनार भीषण गर्मी के बीच पिछले एक साल से खराब पड़ा है। सपही चेक नाका के बगल में स्थित इस जल मीनार के आसपास सपही गाँव बसा है, जहाँ से हर दिन सैकड़ों लोग गुजरते हैं। इस लंबे समय से खराब पड़े जल मीनार के कारण जंगली क्षेत्र के लोगों को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे वे काफी परेशानी का सामना कर रहे हैं। स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने पीएचईडी के अधिकारियों को दर्जनों बार इस समस्या की सूचना दी, लेकिन उनकी मनमानी के चलते एक वर्ष से बंद पड़े इस जल मीनार को बनवाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। सवैयाटांड़ पंचायत के वार्ड नंबर 4 की वार्ड सदस्या सूमा देवी ने बताया कि जल मीनार से पानी न मिलने के कारण स्थानीय लोग उनके साथ अक्सर नोंक-झोंक करते हैं और कभी-कभी तो अभद्र व्यवहार तक करने लगते हैं। उन्होंने पंचायत के मुखिया नारायण सिंह को भी खराब जल मीनार की जानकारी दी थी, पर उन्होंने भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। हद की बात यह है कि भीषण गर्मी को देखते हुए नवादा के डीएम रवि प्रकाश ने जिले में खराब पड़े चापाकल और नलकूपों को बनवाने के लिए नवादा समाहरणालय से एक चलंत टीम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। हालांकि, डीएम के इस निर्देश के बावजूद यह चलंत टीम अब तक रजौली प्रखंड के सवैयाटांड़ नहीं पहुँच पाई है, जिससे डीएम का आदेश यहाँ बेअसर साबित हो रहा है। पीएचईडी के अधिकारियों पर डीएम के इस आदेश का भी कोई फर्क नहीं पड़ता दिख रहा है। स्थानीय ग्रामीण महेश राजवंशी की पत्नी अनीता कुमारी ने बताया कि जल मीनार का मोटर खराब है और उन्होंने कई बार अपने खर्च पर इसे बनवाया भी, लेकिन यह अक्सर खराब हो जाता है। जल मीनार के ठेकेदार को मोटर खराब होने की सूचना देने पर उन्होंने पीएचईडी के जेई से बात करने को कहा। ग्रामीणों ने कई बार जेई से मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका मोबाइल या तो स्विच ऑफ मिला या उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। अब थक हार कर क्षेत्र के ग्रामीण डीएम के जनता दरबार में शिकायत करने की कोशिश में जुटे हैं और जल्द ही इस खराब जल मीनार को बनवाने के लिए जनता दरबार में जाकर अपनी समस्या रखेंगे।
रजौली प्रखंड के सवैयाटांड़ पंचायत के सपही गोदाम के पास स्थित नल-जल का जल मीनार भीषण गर्मी के बीच पिछले एक साल से खराब पड़ा है। सपही चेक नाका के बगल में स्थित इस जल मीनार के आसपास सपही गाँव बसा है, जहाँ से हर दिन सैकड़ों लोग गुजरते हैं। इस लंबे समय से खराब पड़े जल मीनार के कारण जंगली क्षेत्र के लोगों को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे वे काफी परेशानी का सामना कर रहे हैं। स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने पीएचईडी के अधिकारियों को दर्जनों बार इस समस्या की सूचना दी,
लेकिन उनकी मनमानी के चलते एक वर्ष से बंद पड़े इस जल मीनार को बनवाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। सवैयाटांड़ पंचायत के वार्ड नंबर 4 की वार्ड सदस्या सूमा देवी ने बताया कि जल मीनार से पानी न मिलने के कारण स्थानीय लोग उनके साथ अक्सर नोंक-झोंक करते हैं और कभी-कभी तो अभद्र व्यवहार तक करने लगते हैं। उन्होंने पंचायत के मुखिया नारायण सिंह को भी खराब जल मीनार की जानकारी दी थी, पर उन्होंने भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। हद की बात यह है कि भीषण गर्मी को देखते हुए नवादा के
डीएम रवि प्रकाश ने जिले में खराब पड़े चापाकल और नलकूपों को बनवाने के लिए नवादा समाहरणालय से एक चलंत टीम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। हालांकि, डीएम के इस निर्देश के बावजूद यह चलंत टीम अब तक रजौली प्रखंड के सवैयाटांड़ नहीं पहुँच पाई है, जिससे डीएम का आदेश यहाँ बेअसर साबित हो रहा है। पीएचईडी के अधिकारियों पर डीएम के इस आदेश का भी कोई फर्क नहीं पड़ता दिख रहा है। स्थानीय ग्रामीण महेश राजवंशी की पत्नी अनीता कुमारी ने बताया कि जल मीनार का मोटर खराब है और उन्होंने कई बार अपने खर्च
पर इसे बनवाया भी, लेकिन यह अक्सर खराब हो जाता है। जल मीनार के ठेकेदार को मोटर खराब होने की सूचना देने पर उन्होंने पीएचईडी के जेई से बात करने को कहा। ग्रामीणों ने कई बार जेई से मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका मोबाइल या तो स्विच ऑफ मिला या उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। अब थक हार कर क्षेत्र के ग्रामीण डीएम के जनता दरबार में शिकायत करने की कोशिश में जुटे हैं और जल्द ही इस खराब जल मीनार को बनवाने के लिए जनता दरबार में जाकर अपनी समस्या रखेंगे।
- रजौली प्रखंड के सवैयाटांड़ पंचायत के सपही गोदाम के पास स्थित नल-जल का जल मीनार भीषण गर्मी के बीच पिछले एक साल से खराब पड़ा है। सपही चेक नाका के बगल में स्थित इस जल मीनार के आसपास सपही गाँव बसा है, जहाँ से हर दिन सैकड़ों लोग गुजरते हैं। इस लंबे समय से खराब पड़े जल मीनार के कारण जंगली क्षेत्र के लोगों को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे वे काफी परेशानी का सामना कर रहे हैं। स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने पीएचईडी के अधिकारियों को दर्जनों बार इस समस्या की सूचना दी, लेकिन उनकी मनमानी के चलते एक वर्ष से बंद पड़े इस जल मीनार को बनवाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। सवैयाटांड़ पंचायत के वार्ड नंबर 4 की वार्ड सदस्या सूमा देवी ने बताया कि जल मीनार से पानी न मिलने के कारण स्थानीय लोग उनके साथ अक्सर नोंक-झोंक करते हैं और कभी-कभी तो अभद्र व्यवहार तक करने लगते हैं। उन्होंने पंचायत के मुखिया नारायण सिंह को भी खराब जल मीनार की जानकारी दी थी, पर उन्होंने भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। हद की बात यह है कि भीषण गर्मी को देखते हुए नवादा के डीएम रवि प्रकाश ने जिले में खराब पड़े चापाकल और नलकूपों को बनवाने के लिए नवादा समाहरणालय से एक चलंत टीम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। हालांकि, डीएम के इस निर्देश के बावजूद यह चलंत टीम अब तक रजौली प्रखंड के सवैयाटांड़ नहीं पहुँच पाई है, जिससे डीएम का आदेश यहाँ बेअसर साबित हो रहा है। पीएचईडी के अधिकारियों पर डीएम के इस आदेश का भी कोई फर्क नहीं पड़ता दिख रहा है। स्थानीय ग्रामीण महेश राजवंशी की पत्नी अनीता कुमारी ने बताया कि जल मीनार का मोटर खराब है और उन्होंने कई बार अपने खर्च पर इसे बनवाया भी, लेकिन यह अक्सर खराब हो जाता है। जल मीनार के ठेकेदार को मोटर खराब होने की सूचना देने पर उन्होंने पीएचईडी के जेई से बात करने को कहा। ग्रामीणों ने कई बार जेई से मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका मोबाइल या तो स्विच ऑफ मिला या उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। अब थक हार कर क्षेत्र के ग्रामीण डीएम के जनता दरबार में शिकायत करने की कोशिश में जुटे हैं और जल्द ही इस खराब जल मीनार को बनवाने के लिए जनता दरबार में जाकर अपनी समस्या रखेंगे।4
- नवादा जिले के रजौली में भीम आर्मी ने अपने संगठन के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। यह कदम संगठन को और मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।1
- नवादा के गोविंदपुर प्रखंड परिसर मंगलवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गया, जहाँ प्रखंड अध्यक्ष योगेंद्र कुमार की अध्यक्षता में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस दौरान राजद कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर जनसमस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार हुंकार भरी। कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, बदहाल शिक्षा व्यवस्था, कमजोर होती कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि आम जनता बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन सरकार इन पर गंभीर नहीं दिख रही है। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि युवाओं के सामने रोजगार का संकट गहरा रहा है, किसानों और गरीब तबकों की परेशानियां बढ़ रही हैं, और शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने स्पष्ट आरोप लगाया कि जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। राजद नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि जनहित के इन सवालों पर तुरंत सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो पार्टी सड़क से सदन तक अपने आंदोलन को और तेज करेगी। उन्होंने जनता की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस पहल करने की मांग भी की। इस मौके पर मोसाफिर यादव, विकास कुमार यादव, नीरज कुमार, संदीप कुमार, गोरेलाल कुमार, कमलेश कुमार, गब्बर खान, समलेश कुमार सहित बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय लोग मौजूद रहे। गोविंदपुर में राजद का यह एक दिवसीय धरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।1
- कोडरमा जिले में उदित राज को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कोडरमा पुलिस का पुतला दहन किया गया।1
- कोडरमा जिले के सदर अस्पताल में खून की जांच शुरू होने की खबर सामने आई है। इस घटना को लेकर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह कदम लोगों के लिए किसी बड़ी परेशानी का सबब बना है।1
- नवादा जिले में खखंदुआ पहाड़ी से ओवरलोड वाहनों के परिचालन पर जल्द ही रोक लगाई जाएगी। इस संबंध में आरसीडी (RCD) और आरडब्ल्यूडी (RWD) ने जिला अधिकारी (DM) को एक पत्र लिखा है। इस कार्रवाई का मुख्य कारण ओवरलोड वाहनों का अनियंत्रित संचालन है, जिससे अब लीजधारक को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यह पूरा मामला खखंदुआ पहाड़ी से वाहनों के अत्यधिक भार वहन से संबंधित है, जिस पर प्रशासन अंकुश लगाने की तैयारी में है।1
- यह मुद्दा उठाया गया है कि हमारे देश में महिलाओं की आबादी लगभग आधी होने के बावजूद, उनका प्रतिनिधित्व केवल 33% तक सीमित क्यों है। इस स्थिति पर सवाल करते हुए, यह मांग की गई है कि महिलाओं के लिए आरक्षण 50% होना चाहिए।1
- झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में हर घर तक नल से जल पहुँचाने के लिए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इस निर्देश का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के प्रत्येक घर में नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति हो सके।1