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मध्यप्रदेश के श्योपुर जनपद पंचायत की जावदेश्वर ग्राम पंचायत में कथित भ्रष्टाचार, फर्जी बिलों और घटिया निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने पंचायत के विभिन्न विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत की है, जिसमें आरोप है कि कई कार्यों में वास्तविक खर्च से अधिक राशि के बिल लगाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत में निर्मित एक बाउंड्री वॉल की गुणवत्ता बेहद खराब है। आरोप है कि इस निर्माण कार्य में सीमेंट और रेत का उपयोग नहीं किया गया, बल्कि दीवार को मिट्टी से चिनवाया गया, जिससे इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। इन गंभीर आरोपों के मद्देनजर, सीईओ ने स्पष्ट किया है कि कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।
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मध्यप्रदेश के श्योपुर जनपद पंचायत की जावदेश्वर ग्राम पंचायत में कथित भ्रष्टाचार, फर्जी बिलों और घटिया निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने पंचायत के विभिन्न विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत की है, जिसमें आरोप है कि कई कार्यों में वास्तविक खर्च से अधिक राशि के बिल लगाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत में निर्मित एक बाउंड्री वॉल की गुणवत्ता बेहद खराब है। आरोप है कि इस निर्माण कार्य में सीमेंट और रेत का उपयोग नहीं किया गया, बल्कि दीवार को मिट्टी से चिनवाया गया, जिससे इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। इन गंभीर आरोपों के मद्देनजर, सीईओ ने स्पष्ट किया है कि कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।
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- मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के झिरन्या गांव में आए तूफान से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण गांव में 100 खंभे क्षतिग्रस्त हो गए हैं, साथ ही कई घरों को भी भारी क्षति पहुंची है।1
- श्योपुर जिले के किलोरच-पचीपुरा रोड पर एक छोटा बच्चा मिला है। जिस किसी का यह बच्चा हो, वह नारायण मीणा जी से उनके संपर्क नंबर 8435126026 पर संपर्क करके बच्चे को सुरक्षित वापस ले जा सकता है। सभी से अनुरोध किया गया है कि इस जनहित सूचना को अधिक से अधिक साझा करें ताकि अपने परिजनों से बिछड़ा यह बच्चा जल्द से जल्द अपने परिवार के पास पहुँच सके।1
- मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में आए तेज आंधी-तूफान के कारण एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें एक ही आदिवासी परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। यह त्रासदी तब हुई जब तेज हवाओं के चलते एक ईंट की दीवार और लोहे का टीनशेड गिर गया, जिसके मलबे में परिवार के लोग दब गए। इस भीषण हादसे में भीमा आदिवासी, सीमा आदिवासी और राजवती आदिवासी की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, इसी परिवार के रिंकू आदिवासी और विष्णु गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका फिलहाल अस्पताल में उपचार जारी है।1
- एक नए वीडियो ब्लॉग के लिए दर्शकों से उसे सब्सक्राइब करने, फॉलो करने, लाइक करने और शेयर करने का आग्रह किया गया है।1
- यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारत की युवा शक्ति ने न केवल सपने देखना सीखा है, बल्कि उन्हें साकार भी किया है। कभी अवसरों की तलाश में भटकने वाला युवा आज नवाचार का नेतृत्व कर रहा है, वहीं रोजगार खोजने वाला युवा अब रोजगार सृजित कर रहा है। खेल के मैदानों से लेकर वैश्विक मंचों तक, भारत का तिरंगा नई ऊंचाइयों पर लहरा रहा है। नई शिक्षा व्यवस्था, कौशल विकास, स्टार्टअप संस्कृति और खेलों को मिले अभूतपूर्व प्रोत्साहन ने करोड़ों युवाओं के जीवन में आशा, आत्मविश्वास और सफलता के नए अध्याय लिखे हैं। यह केवल बीते 12 वर्षों की यात्रा नहीं, बल्कि करोड़ों युवा सपनों के साकार होने की कहानी है। यही युवा शक्ति आज विकसित भारत के अमृतकाल की सबसे बड़ी ताकत और सबसे मजबूत आधारशिला है।1
- राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के निर्देशानुसार और एक्शन प्लान की पालना में, तालुका विधिक सेवा समिति बौंली द्वारा 12 जून 2026 को अवकाशागार में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता तालुका विधिक सेवा समिति, बौंली के अध्यक्ष विकास नेहरा तथा वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बौंली ने की। इसमें पैनल अधिवक्तागण, पैरालीगल वॉलेन्टियर्स और अन्य विधिक सेवा हितधारक शामिल हुए। एक्शन प्लान के तहत, उसी दिन विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर एक विधिक जागरूकता शिविर का भी आयोजन किया गया। इस शिविर में बाल श्रम निषेध अधिनियम 1986, बच्चों के लिए शिक्षा का अधिकार व कानूनी अधिकार, तथा फ्रंटियर फ्राईडे के मौके पर बाल विवाह रोकथाम व शिक्षा का कानूनी अधिकार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, जागृति योजना 2025 के तहत वरिष्ठजन अधिकार, सशक्तिकरण और गरिमा संबंधी मुद्दों पर भी विधिक जागरूकता फैलाई गई। बैठक में, अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति, बौंली द्वारा उपस्थित पैनल अधिवक्ताओं और पैरालीगल वॉलेन्टियर्स को एक्शन प्लान के अनुसार शिविरों के आयोजन हेतु निर्देश दिए गए। साथ ही, मॉनिटरिंग एंड मेंटरिंग कमिटी से संबंधित प्रकरणों पर भी चर्चा हुई, और रालसा द्वारा जारी एक्शन प्लान के अनुसार नियमित रूप से एसओपी के नियमानुसार पैनल अधिवक्तागण एवं पैरा लीगल वॉलेन्टियर्स को निर्देशित किया गया। इस महत्वपूर्ण मीटिंग में पैनल अधिवक्ता अनिल कुमार शर्मा और गणपत लाल गुर्जर, एमएमसी कमेटी सदस्य नरेंद्र गोयल और बामचंद भदौरिया, तथा अधिकार मित्र बौंली के मनराज गुर्जर सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- सवाई माधोपुर से मिली जानकारी के अनुसार, रणथंभौर दुर्ग स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर की 84 कोस की पदयात्रा पर निकले संतों को सुरक्षा कारणों से गणेश धाम पर रोक दिया गया था। वन विभाग के अधिकारियों द्वारा रोके जाने के बाद संतों और प्रशासन के बीच बातचीत का दौर शुरू हो गया था, जिसके बाद आखिरकार सहमति बन गई। वन विभाग के अधिकारियों ने, जिसमें डीएफओ मानस सिंह भी शामिल थे, संतों को बताया कि पूर्व में बाघों के हमलों से तीन बड़े हादसे हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त, हाल ही में आड़ा बालाजी क्षेत्र के पास बाघ टी-101 की गतिविधि भी देखी गई थी, जिसके कारण सुरक्षा की दृष्टि से पैदल यात्रा पर रोक लगाई गई थी। अपनी मांग पूरी न होने पर मध्यप्रदेश के एक संत ने अन्न-जल त्याग दिया था, जबकि अन्य संतों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी थी। बाद में, अधिकारियों और संतों के बीच सकारात्मक वार्ता हुई, जिसके परिणामस्वरूप संतों ने त्रिनेत्र गणेश मंदिर तक वाहनों से जाने पर सहमति जताई। डीएफओ मानस सिंह और उनकी टीम की सूझबूझ से यह पूरा मामला शांतिपूर्ण ढंग से सुलझ गया, जिसके बाद सभी संत मंदिर दर्शन के लिए रवाना हो गए।1
- मध्यप्रदेश के श्योपुर जनपद पंचायत की जावदेश्वर ग्राम पंचायत में कथित भ्रष्टाचार, फर्जी बिलों और घटिया निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने पंचायत के विभिन्न विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत की है, जिसमें आरोप है कि कई कार्यों में वास्तविक खर्च से अधिक राशि के बिल लगाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत में निर्मित एक बाउंड्री वॉल की गुणवत्ता बेहद खराब है। आरोप है कि इस निर्माण कार्य में सीमेंट और रेत का उपयोग नहीं किया गया, बल्कि दीवार को मिट्टी से चिनवाया गया, जिससे इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। इन गंभीर आरोपों के मद्देनजर, सीईओ ने स्पष्ट किया है कि कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।1