Shuru
Apke Nagar Ki App…
मध्य प्रदेश पुलिस ने सायबर अपराधों के प्रति जन-जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक 'सायबर सुरक्षा अभियान' शुरू किया है। यह अभियान 2026 तक जारी रहेगा, जिसका लक्ष्य लोगों को सायबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है।
Aakash Mandrah
मध्य प्रदेश पुलिस ने सायबर अपराधों के प्रति जन-जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक 'सायबर सुरक्षा अभियान' शुरू किया है। यह अभियान 2026 तक जारी रहेगा, जिसका लक्ष्य लोगों को सायबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील का विरोध करते हुए भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) ने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन प्रेषित किया है। यह ज्ञापन सदर तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति महोदय को भेजा गया है।1
- देश की ख्यातिलब्ध शायरा और साहित्यकार डॉ. ज़ीनत एहसान क़ुरैशी के गदरवारा आगमन पर एक विशेष चर्चा आयोजित की गई। इस चर्चा के तहत उनकी पूरी कहानी को दर्शाया गया।1
- प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत आमला जनपद में हेल्प कम कुकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान आमला जनपद के सीईओ, बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारी) और बीआरसी अधिकारी मौजूद रहे।2
- मुलताई में मुस्लिम समुदाय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर नाज़िया इलाही खान द्वारा दिए गए एक बयान पर कड़ा विरोध जताया है। समुदाय ने थाना प्रभारी को पुलिस अधीक्षक के नाम एक ज्ञापन सौंपकर इस मामले में जांच कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि नाज़िया इलाही खान का यह वीडियो/बयान बड़े पैमाने पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम और उम्मुल मोमिनीन हजरत आयशा (रजि.) के संबंध में कथित तौर पर ऐसी आपत्तजनक टिप्पणियां की गई हैं, जिनसे मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं। इस बयान को लेकर समाज में व्यापक आक्रोश व्याप्त है, क्योंकि ऐसे कथित बयान सामाजिक एवं धार्मिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं और विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य एवं तनाव उत्पन्न होने की आशंका है। ज्ञापन में यह भी रेखांकित किया गया कि भारत का संविधान सभी धर्मों के सम्मान, धार्मिक स्वतंत्रता तथा सामाजिक सद्भाव की भावना को प्रोत्साहित करता है, और किसी भी धर्म, धार्मिक व्यक्तित्व अथवा आस्था के प्रति अपमानजनक टिप्पणी समाज हित में उचित नहीं है। अतः समुदाय ने विनम्र निवेदन किया है कि वायरल वीडियो और उससे संबंधित सामग्री की निष्पक्ष एवं गहन जांच की जाए। यदि जांच में संबंधित कथन भारतीय कानूनों के उल्लंघन की श्रेणी में पाए जाते हैं, तो नाज़िया इलाही खान के विरुद्ध प्रचलित वैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली और समाज में वैमनस्य फैलाने वाली सामग्री के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है, ताकि कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारा बना रहे। जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस प्रकरण में आवश्यक एवं उचित कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा की गई है।1
- पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा संचालित 'सेफ क्लिक अभियान' के तहत, बुधवार 24 जून को थाना आमला पुलिस ने जनपद चौक पर एक साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक बैतूल के निर्देशन में चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना है। अभियान के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले विभिन्न साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। लोगों को विशेष रूप से समझाया गया कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक को न तो खोलें और न ही डाउनलोड करें। साथ ही, किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी, बैंकिंग जानकारी या अन्य व्यक्तिगत विवरण किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करने की सलाह दी गई। थाना प्रभारी मुकेश ठाकुर और उपनिरीक्षक बलराम यादव ने नागरिकों से अपील की कि वे साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों से हमेशा सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को 'जागरूक रहें, सुरक्षित रहें' का संदेश देते हुए साइबर सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन कर स्वयं और अपने परिवार को ऑनलाइन ठगी से बचाने का आग्रह किया। थाना आमला पुलिस ने यह भी बताया कि 'सेफ क्लिक अभियान' के अंतर्गत यह जागरूकता कार्यक्रम लगातार जारी रहेगा और नगर के विभिन्न क्षेत्रों में आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा।3
- नरसिंहपुर पुलिस ने नागरिकों को एक नए तरह के साइबर फ्रॉड, जिसे 'डिजिटल अरेस्ट' कहा जा रहा है, से सावधान रहने की सलाह दी है। नरसिंहपुर के पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा ने स्पष्ट किया है कि 'डिजिटल अरेस्ट' कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह एक प्रकार की साइबर धोखाधड़ी है। उन्होंने लोगों से इस तरह के फर्जीवाड़े से सुरक्षित रहने और बचने का आग्रह किया है।1
- तामिया जनपद पंचायत के अंतर्गत सभी पंचायतों के सचिवों को पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिला है। इस गंभीर समस्या को लेकर सचिव संगठन ने चेतावनी जारी की है, जिसके बाद सभी पंचायत सचिव 24 जून से हड़ताल पर जाने वाले हैं।1
- नरसिंहपुर के गाडरवारा में शक्कर नदी के रेलवे पुल के पास चल रहे पिचिंग कार्य में ठेकेदार द्वारा गंभीर लापरवाही बरते जाने का मामला सामने आया है। गाडरवारा से आने-जाने वाली अप और डाउन दोनों रेलवे लाइनों के लिए करोड़ों रुपए की लागत से किया जा रहा यह पिचिंग कार्य, जब ग्राउंड जीरो पर देखा गया तो चौंकाने वाली स्थिति दिखी। ठेकेदार ने रेलवे लाइन से सटी मिट्टी का ही पिचिंग कार्य में उपयोग कर लिया, जिसके चलते एक तरफ की रेलवे लाइन के ठीक बगल में 10 फीट की गहरी खुदाई कर दी गई और उसी मिट्टी से दूसरी तरफ की लाइन के पास पिचिंग की गई। इस संबंध में जब संबंधित अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने कार्य जारी होने की बात कही, जबकि धरातल पर कोई काम होता नजर नहीं आ रहा है। इस बड़े पैमाने पर हो रहे रेलवे कार्य के दौरान जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर वे इस काम का निरीक्षण क्यों नहीं कर रहे थे। यह भी एक बड़ा प्रश्न है कि रेलवे विभाग की जमीन से इतनी बड़ी खुदाई की अनुमति किसने दी। जनप्रतिनिधियों, रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों से इस ओर तत्काल ध्यान देने की अपील की गई है, क्योंकि यदि समय रहते इस गंभीर विषय पर ध्यान देकर समस्या का निवारण नहीं किया गया तो यह किसी अनहोनी घटना को न्योता देने जैसा होगा। रिपोर्ट में केंद्र सरकार के निर्माण कार्यों में भी हो रही बेईमानी पर सवाल उठाया गया है। अब देखना यह है कि इस खबर के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी कब इस पूरे मामले को संज्ञान में लेकर दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करते हैं। मौके पर मौजूद ग्रामवासी की जुबानी भी पूरे मामले की कहानी दिखाने की बात कही गई है, ताकि "दूध का दूध और पानी का पानी" हो सके।1
- बैतूल जिले के आमला विकासखंड के अंतर्गत आने वाली उप तहसील बोरदेही में पहली ही बारिश ने विकास कार्यों और जल निकासी की व्यवस्थाओं की पूरी तरह से पोल खोल दी है। लगातार हुई वर्षा के कारण बोरदेही की मुख्य सड़क पर बड़े पैमाने पर जलभराव हो गया, जिससे पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि भैसई नदी की ओर जाने वाली मुख्य सड़क और ग्राम पंचायत हर्निया की तरफ आने वाले मार्ग पर सड़क का ढलान होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर ही इकट्ठा हो जाता है। जल निकासी की कोई उचित व्यवस्था न होने के कारण हर साल बरसात के मौसम में ऐसी ही स्थिति बनती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वे इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार शासन-प्रशासन और संबंधित विभागों से शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। इस कारण आम नागरिकों, स्कूली विद्यार्थियों और किसानों को आवागमन में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क पर होने वाले इस जलभराव की समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान किया जाए और समुचित जल निकासी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि आने वाली बरसात में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगामी दिनों में भारी बारिश के दौरान स्थिति और भी ज्यादा गंभीर हो सकती है। फिलहाल, इस पहली बारिश ने ही उप तहसील बोरदेही की मूलभूत सुविधाओं और विकास के सभी दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।4