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कोरबा जिला के गोढ़ी गांव के जंगल में लगी भीषण आग,, देखें वीडियो
SK Kashyapपत्रकार रींवापार
कोरबा जिला के गोढ़ी गांव के जंगल में लगी भीषण आग,, देखें वीडियो
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- Post by SK Kashyapपत्रकार रींवापार1
- कोरबा जिले के करूमौहा ग्राम पंचायत के जिस महिला पंच के लापता होने के मामले को लेकर पुलिस पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे थे उन सवालो पर महिला पंच ने पूर्ण विराम लगा दिया है। सरपंच के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के ध्वस्त होने के बाद पंच निर्मला मंझवार अपने परिवार के साथ कोरबा स्थित अपने घर पहुंची और उसके बाद राजगामार पुलिस चौकी पहुंची। पुलिस चौकी में हमने पंच निर्मला मंझवार से बात की तब उसने बताया कि नवरात्र के मौके पर वह अपने परिवार के साथ माता के दर्शन करने चंद्रपुर गई हुई थी उसने अपने वअपने परिवार के अपहरण की बात को पूरी तरह से नकार दिया है। उसका कहना है उसे ना तो विश्वास प्रस्ताव लाए जाने की जानकारी थी और ना ही उसके लापता होने की अफवाह की। महिला पंच के वापस लौट जाने से पुलिस के निष्क्रियता पर भी जो सवाल उठ रहे थे उसका पटाक्षेप हो गया है।1
- डभरा थाना क्षेत्र के रामभाठा में पिता की हत्या करने वाले आरोपी पुत्र को पुलिस ने किया त्वरित गिरफ्तार, भेजा गया जेल।1
- Post by Gautam karsh1
- Post by Hari Sharma Sharma1
- जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। कुछ दिन पहले सरकारी आधिकारिक ईमेल पर धमकी भरा संदेश मिलने के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में है। इसी के तहत पुलिस और बम स्क्वायड की टीम न्यायालय परिसर पहुंचकर रूटीन जांच कर रही है। शासन की ओर से हर 10 दिन में न्यायालय परिसर की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि यह कदम किसी भी संभावित आपात स्थिति से बचाव और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।1
- उप मुख्यमंत्री अरुण साव खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स देखने पहुंचे*1
- SECL गेवरा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम अमगांव के रोहिदास मोहल्ला निवासी दलित परिवारों ने प्रबंधन पर भेदभाव और शोषण का गंभीर आरोप लगाया है ग्रामीणों का कहना है कि उनकी भूमि और संपत्तियों का अर्जन किए तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें अब तक मुआवजा और पुनर्वास की सुविधाएं नहीं दी गई हैं जबकि उसी क्षेत्र के अन्य लोगों को सभी लाभ देकर बसाया जा चुका है । ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2023 में मूल्यांकन कमेटी द्वारा मकानों और संपत्तियों की नापी कर पावती दी जा चुकी है इसके बावजूद भुगतान की प्रक्रिया रुकी हुई है ।पीड़ित परिवारों ने बताया कि वे दलित वर्ग से संबंध रखते हैं मोहल्ले के अन्य प्रभावशाली लोगों को मुआवजा और बसाहट की सुविधा मिल चुकी है लेकिन कुछ चुनिंदा परिवारों को उनके हक से वंचित रखा गया है ।1