सिमडेगा में शांति और समन्वय का मॉडल बना पर्व आयोजन, डिब्रीफिंग बैठक में हुई विस्तृत समीक्षा सिमडेगा:- जिले में वर्ष 2026 के दौरान रामनवमी महोत्सव, ईद, सरहुल, चैती दुर्गा पूजा एवं चैती छठ पूजा के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन के उपरांत शनिवार संध्या को परिसदन भवन परिसर में उपायुक्त श्रीमती कंचन सिंह की अध्यक्षता में डिब्रीफिंग (Debriefing) सह समीक्षा बैठक आयोजित की गई।* बैठक का मुख्य उद्देश्य इस वर्ष के अनुभवों का विश्लेषण करते हुए भविष्य में और बेहतर समन्वय, प्रबंधन तथा सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्योहारों के आयोजन को सुनिश्चित करना था। बैठक में प्रशासनिक पदाधिकारी, पुलिस अधिकारी, शांति समिति के सदस्य, विभिन्न आयोजन समितियों के प्रतिनिधि एवं मीडिया कर्मी उपस्थित रहे। प्रारंभ में अपर समाहर्ता श्री ज्ञानेंद्र कुमार ने विषय प्रवेश करते हुए सभी संबंधित पक्षों—पुलिस प्रशासन, शांति समिति, आयोजन समिति एवं आम नागरिकों—को सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यह सामूहिक प्रयास का परिणाम है कि जिले में सभी पर्व शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हुए। समन्वय और सहभागिता पर रहा जोर बैठक के दौरान त्योहारों एवं जुलूस के आयोजन के दौरान आई छोटी-छोटी चुनौतियों, व्यवस्थागत पहलुओं तथा सुधार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बेहतर पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति, मजिस्ट्रेट की तैनाती, रूट मैनेजमेंट, भीड़ नियंत्रण, संचार व्यवस्था एवं मीडिया सहयोग जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही इस बात पर भी बल दिया गया कि प्रशासन और समाज के बीच निरंतर संवाद बना रहे, जिससे किसी भी स्थिति का त्वरित समाधान संभव हो सके। “समाज ही असली शक्ति”: उपायुक्त उपायुक्त श्रीमती कंचन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी जिले का प्रशासन तभी सफल होता है जब समाज उसके साथ खड़ा हो। उन्होंने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि जिला एक परिवार की तरह है, जहां सभी को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होती है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में भ्रामक सूचनाएं और अफवाहें तेजी से फैलती हैं, लेकिन सिमडेगा के लोगों ने संयम और समझदारी का परिचय देते हुए हर परिस्थिति में एकता बनाए रखी है। यह जिले की सबसे बड़ी ताकत है। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि “प्रशासन सीमित संसाधनों के साथ कार्य करता है, लेकिन समाज की भागीदारी से हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।” उन्होंने ‘हम’ और ‘वे’ की सोच को खत्म करने की अपील करते हुए कहा कि जब तक हम एक-दूसरे को अपना नहीं मानेंगे, तब तक वास्तविक शांति संभव नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल के आयोजनों में जहां कुछ स्थानों पर हल्की खटास की स्थिति बनी थी, वहीं आपसी संवाद और सहयोग से उसे पूरी तरह समाप्त कर सौहार्द में बदला गया। यह जिले की परिपक्वता को दर्शाता है। मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि संतुलित और जिम्मेदार पत्रकारिता समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। चुनौतियों के बीच बेहतर प्रबंधन उपायुक्त ने जिले की भौगोलिक चुनौतियों—जंगल, पहाड़, दूरदराज क्षेत्र—का उल्लेख करते हुए कहा कि इन परिस्थितियों में संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए प्रशासन लगातार बेहतर कार्य करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने हाल में कुछ स्कूल भवनों की छत गिरने की घटनाओं को चिंता का विषय बताते हुए कहा कि इनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, वार्ड पार्षदों एवं आम नागरिकों के सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन विकास, सुरक्षा और शांति व्यवस्था को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पर्व सामूहिक जिम्मेदारी का अवसर”: उप विकास आयुक्त उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी ने कहा कि प्रशासन एक सामूहिक व्यवस्था है, जिसे सभी के सहयोग से ही सुचारु रूप से संचालित किया जा सकता है। उन्होंने पर्व-त्योहारों को “परिवारिक आयोजन” की संज्ञा देते हुए कहा कि जैसे घर में विवाह के दौरान सभी सदस्य मिलकर अतिथियों की सेवा करते हैं, उसी प्रकार जिले में भी सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए।उन्होंने कहा कि छोटे-मोटे व्यवधान हर आयोजन का हिस्सा होते हैं, लेकिन बड़े उद्देश्य—शांति और सौहार्द—को ध्यान में रखते हुए उन्हें नजरअंदाज कर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य जिलों की नजर सिमडेगा पर रहती है, इसलिए यहां का हर आयोजन एक उदाहरण प्रस्तुत करता है। समिति और समाज का सराहनीय योगदान रामनवमी समिति के अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने कहा कि इस वर्ष प्रशासन ने योजनाओं का सूक्ष्म अध्ययन कर सभी को एक मंच पर लाने का सराहनीय कार्य किया। उन्होंने बताया कि उपायुक्त स्वयं लगातार मॉनिटरिंग करती रहीं और पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।उन्होंने अपने 14 वर्षों के अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि पहली बार प्रशासन और समाज के बीच इतना मजबूत समन्वय देखने को मिला। इसी का परिणाम है कि पूरे आयोजन में कहीं भी असुविधा या हिचक की स्थिति नहीं बनी।वहीं, समिति के संरक्षक डी.डी. सिंह ने अपने 50 वर्षों के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि सिमडेगा की पहचान शांति और भाईचारे के लिए रही है। उन्होंने प्रशासन को आश्वस्त करते हुए कहा कि समाज हमेशा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करता रहेगा। उन्होंने उपायुक्त के नेतृत्व और विकास कार्यों की भी सराहना की। मीडिया की सकारात्मक भूमिका दैनिक भास्कर के ब्यूरो चीफ नरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों का कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण होता है, जिसे आम लोग पूरी तरह समझ नहीं पाते। उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहारों के दौरान अधिकारियों को निजी जीवन में समझौता करना पड़ता है, बावजूद इसके वे पूरी निष्ठा से अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं।उन्होंने सिमडेगा मीडिया की सकारात्मक भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि मीडिया ने हमेशा प्रशासन का सहयोग किया है और आगे भी करता रहेगा। राष्ट्रीय नवीन मेल के ब्यूरो चीफ विकास साहू ने कहा कि चुनावी व्यस्तताओं के बीच भी जिले में सभी त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होना प्रशासन और समाज के समन्वय का परिणाम है। उन्होंने उपायुक्त की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी सक्रियता और समर्पण प्रेरणादायक है।पुलिस और प्रशासन की संयुक्त भूमिका बैठक में एसडीपीओ बैजू उरांव, एसडीओ प्रभात रंजन ज्ञानी एवं अंचलाधिकारी मो. इम्तियाज अहमद सहित अन्य अधिकारियों ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि शांति समिति और आम नागरिकों के सहयोग से ही कानून-व्यवस्था बनाए रखना संभव हो पाता है।अधिकारियों ने बताया कि जरूरत पड़ने पर शांति समिति के सदस्य तुरंत उपलब्ध हो जाते हैं, जिससे किसी भी स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सकता है।बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, शांति समिति के सदस्य, मीडिया प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि,वार्ड सदस्य गण उपस्थित रहे।
सिमडेगा में शांति और समन्वय का मॉडल बना पर्व आयोजन, डिब्रीफिंग बैठक में हुई विस्तृत समीक्षा सिमडेगा:- जिले में वर्ष 2026 के दौरान रामनवमी महोत्सव, ईद, सरहुल, चैती दुर्गा पूजा एवं चैती छठ पूजा के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन के उपरांत शनिवार संध्या को परिसदन भवन परिसर में उपायुक्त श्रीमती कंचन सिंह की अध्यक्षता में डिब्रीफिंग (Debriefing) सह समीक्षा बैठक आयोजित की गई।* बैठक का मुख्य उद्देश्य इस वर्ष के अनुभवों का विश्लेषण करते हुए भविष्य में और बेहतर समन्वय, प्रबंधन तथा सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्योहारों के आयोजन को सुनिश्चित करना था। बैठक में प्रशासनिक पदाधिकारी, पुलिस अधिकारी, शांति समिति के सदस्य, विभिन्न आयोजन समितियों के प्रतिनिधि एवं मीडिया कर्मी उपस्थित रहे। प्रारंभ में अपर समाहर्ता श्री ज्ञानेंद्र कुमार ने विषय प्रवेश करते हुए सभी संबंधित पक्षों—पुलिस प्रशासन, शांति समिति, आयोजन समिति एवं आम नागरिकों—को सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यह सामूहिक प्रयास का परिणाम है कि जिले में सभी पर्व शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हुए। समन्वय और सहभागिता पर रहा जोर बैठक के दौरान त्योहारों एवं जुलूस के आयोजन के दौरान आई छोटी-छोटी चुनौतियों, व्यवस्थागत पहलुओं तथा सुधार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बेहतर पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति, मजिस्ट्रेट की तैनाती, रूट मैनेजमेंट, भीड़ नियंत्रण, संचार व्यवस्था एवं मीडिया सहयोग जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही इस बात पर भी बल दिया गया कि प्रशासन और समाज के बीच निरंतर संवाद बना रहे, जिससे किसी भी स्थिति का त्वरित समाधान संभव हो सके। “समाज ही असली शक्ति”: उपायुक्त उपायुक्त श्रीमती कंचन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी जिले का प्रशासन तभी सफल होता है जब समाज उसके साथ खड़ा हो। उन्होंने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि जिला एक परिवार की तरह है, जहां सभी को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होती है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में भ्रामक सूचनाएं और अफवाहें तेजी से फैलती हैं, लेकिन सिमडेगा के लोगों ने संयम और समझदारी का परिचय देते हुए हर परिस्थिति में एकता बनाए रखी है। यह जिले की सबसे बड़ी ताकत है। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि “प्रशासन सीमित संसाधनों के साथ कार्य करता है, लेकिन समाज की भागीदारी से हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।” उन्होंने ‘हम’ और ‘वे’ की सोच को खत्म करने की अपील करते हुए कहा कि जब तक हम एक-दूसरे को अपना नहीं मानेंगे, तब तक वास्तविक शांति संभव नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल के आयोजनों में जहां कुछ स्थानों पर हल्की खटास की स्थिति बनी थी, वहीं आपसी संवाद और सहयोग से उसे पूरी तरह समाप्त कर सौहार्द में बदला गया। यह जिले की परिपक्वता को दर्शाता है। मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि संतुलित और जिम्मेदार पत्रकारिता समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। चुनौतियों के बीच बेहतर प्रबंधन उपायुक्त ने जिले की भौगोलिक चुनौतियों—जंगल, पहाड़, दूरदराज क्षेत्र—का उल्लेख करते हुए कहा कि इन परिस्थितियों में संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए प्रशासन लगातार बेहतर कार्य करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने हाल में कुछ स्कूल भवनों की छत गिरने की घटनाओं को चिंता का विषय बताते हुए कहा कि इनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, वार्ड पार्षदों एवं आम नागरिकों के सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन विकास, सुरक्षा और शांति व्यवस्था को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पर्व सामूहिक जिम्मेदारी का अवसर”: उप विकास आयुक्त उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी ने कहा कि प्रशासन एक सामूहिक व्यवस्था है, जिसे सभी के सहयोग से ही सुचारु रूप से संचालित किया जा सकता है। उन्होंने पर्व-त्योहारों को “परिवारिक आयोजन” की संज्ञा देते हुए कहा कि जैसे घर में विवाह के दौरान सभी सदस्य मिलकर अतिथियों की सेवा करते हैं, उसी प्रकार जिले में भी सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए।उन्होंने कहा कि छोटे-मोटे व्यवधान हर आयोजन का हिस्सा होते हैं, लेकिन बड़े उद्देश्य—शांति और सौहार्द—को ध्यान में रखते हुए उन्हें नजरअंदाज कर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य जिलों की नजर सिमडेगा पर रहती है, इसलिए यहां का हर आयोजन एक उदाहरण प्रस्तुत करता है। समिति और समाज का सराहनीय योगदान रामनवमी समिति के अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने कहा कि इस वर्ष प्रशासन ने योजनाओं का सूक्ष्म अध्ययन कर सभी को एक मंच पर लाने का सराहनीय कार्य किया। उन्होंने बताया कि उपायुक्त स्वयं लगातार मॉनिटरिंग करती रहीं और पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।उन्होंने अपने 14 वर्षों के अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि पहली बार प्रशासन और समाज के बीच इतना मजबूत समन्वय देखने को मिला। इसी का परिणाम है कि पूरे आयोजन में कहीं भी असुविधा या हिचक की स्थिति नहीं बनी।वहीं, समिति के संरक्षक डी.डी. सिंह ने अपने 50 वर्षों के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि सिमडेगा की पहचान शांति और भाईचारे के लिए रही है। उन्होंने प्रशासन को आश्वस्त करते हुए कहा कि समाज हमेशा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करता रहेगा। उन्होंने उपायुक्त के नेतृत्व और विकास कार्यों की भी सराहना की। मीडिया की सकारात्मक भूमिका दैनिक भास्कर के ब्यूरो चीफ नरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों का कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण होता है, जिसे आम लोग पूरी तरह समझ नहीं पाते। उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहारों के दौरान अधिकारियों को निजी जीवन में समझौता करना पड़ता है, बावजूद इसके वे पूरी निष्ठा से अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं।उन्होंने सिमडेगा मीडिया की सकारात्मक भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि मीडिया ने हमेशा प्रशासन का सहयोग किया है और आगे भी करता रहेगा। राष्ट्रीय नवीन मेल के ब्यूरो चीफ विकास साहू ने कहा कि चुनावी व्यस्तताओं के बीच भी जिले में सभी त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होना प्रशासन और समाज के समन्वय का परिणाम है। उन्होंने उपायुक्त की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी सक्रियता और समर्पण प्रेरणादायक है।पुलिस और प्रशासन की संयुक्त भूमिका बैठक में एसडीपीओ बैजू उरांव, एसडीओ प्रभात रंजन ज्ञानी एवं अंचलाधिकारी मो. इम्तियाज अहमद सहित अन्य अधिकारियों ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि शांति समिति और आम नागरिकों के सहयोग से ही कानून-व्यवस्था बनाए रखना संभव हो पाता है।अधिकारियों ने बताया कि जरूरत पड़ने पर शांति समिति के सदस्य तुरंत उपलब्ध हो जाते हैं, जिससे किसी भी स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सकता है।बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, शांति समिति के सदस्य, मीडिया प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि,वार्ड सदस्य गण उपस्थित रहे।
- सिमडेगा:- जिले में वर्ष 2026 के दौरान रामनवमी महोत्सव, ईद, सरहुल, चैती दुर्गा पूजा एवं चैती छठ पूजा के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन के उपरांत शनिवार संध्या को परिसदन भवन परिसर में उपायुक्त श्रीमती कंचन सिंह की अध्यक्षता में डिब्रीफिंग (Debriefing) सह समीक्षा बैठक आयोजित की गई।* बैठक का मुख्य उद्देश्य इस वर्ष के अनुभवों का विश्लेषण करते हुए भविष्य में और बेहतर समन्वय, प्रबंधन तथा सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्योहारों के आयोजन को सुनिश्चित करना था। बैठक में प्रशासनिक पदाधिकारी, पुलिस अधिकारी, शांति समिति के सदस्य, विभिन्न आयोजन समितियों के प्रतिनिधि एवं मीडिया कर्मी उपस्थित रहे। प्रारंभ में अपर समाहर्ता श्री ज्ञानेंद्र कुमार ने विषय प्रवेश करते हुए सभी संबंधित पक्षों—पुलिस प्रशासन, शांति समिति, आयोजन समिति एवं आम नागरिकों—को सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यह सामूहिक प्रयास का परिणाम है कि जिले में सभी पर्व शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हुए। समन्वय और सहभागिता पर रहा जोर बैठक के दौरान त्योहारों एवं जुलूस के आयोजन के दौरान आई छोटी-छोटी चुनौतियों, व्यवस्थागत पहलुओं तथा सुधार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बेहतर पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति, मजिस्ट्रेट की तैनाती, रूट मैनेजमेंट, भीड़ नियंत्रण, संचार व्यवस्था एवं मीडिया सहयोग जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही इस बात पर भी बल दिया गया कि प्रशासन और समाज के बीच निरंतर संवाद बना रहे, जिससे किसी भी स्थिति का त्वरित समाधान संभव हो सके। “समाज ही असली शक्ति”: उपायुक्त उपायुक्त श्रीमती कंचन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी जिले का प्रशासन तभी सफल होता है जब समाज उसके साथ खड़ा हो। उन्होंने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि जिला एक परिवार की तरह है, जहां सभी को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होती है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में भ्रामक सूचनाएं और अफवाहें तेजी से फैलती हैं, लेकिन सिमडेगा के लोगों ने संयम और समझदारी का परिचय देते हुए हर परिस्थिति में एकता बनाए रखी है। यह जिले की सबसे बड़ी ताकत है। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि “प्रशासन सीमित संसाधनों के साथ कार्य करता है, लेकिन समाज की भागीदारी से हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।” उन्होंने ‘हम’ और ‘वे’ की सोच को खत्म करने की अपील करते हुए कहा कि जब तक हम एक-दूसरे को अपना नहीं मानेंगे, तब तक वास्तविक शांति संभव नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल के आयोजनों में जहां कुछ स्थानों पर हल्की खटास की स्थिति बनी थी, वहीं आपसी संवाद और सहयोग से उसे पूरी तरह समाप्त कर सौहार्द में बदला गया। यह जिले की परिपक्वता को दर्शाता है। मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि संतुलित और जिम्मेदार पत्रकारिता समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। चुनौतियों के बीच बेहतर प्रबंधन उपायुक्त ने जिले की भौगोलिक चुनौतियों—जंगल, पहाड़, दूरदराज क्षेत्र—का उल्लेख करते हुए कहा कि इन परिस्थितियों में संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए प्रशासन लगातार बेहतर कार्य करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने हाल में कुछ स्कूल भवनों की छत गिरने की घटनाओं को चिंता का विषय बताते हुए कहा कि इनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, वार्ड पार्षदों एवं आम नागरिकों के सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन विकास, सुरक्षा और शांति व्यवस्था को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पर्व सामूहिक जिम्मेदारी का अवसर”: उप विकास आयुक्त उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी ने कहा कि प्रशासन एक सामूहिक व्यवस्था है, जिसे सभी के सहयोग से ही सुचारु रूप से संचालित किया जा सकता है। उन्होंने पर्व-त्योहारों को “परिवारिक आयोजन” की संज्ञा देते हुए कहा कि जैसे घर में विवाह के दौरान सभी सदस्य मिलकर अतिथियों की सेवा करते हैं, उसी प्रकार जिले में भी सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए।उन्होंने कहा कि छोटे-मोटे व्यवधान हर आयोजन का हिस्सा होते हैं, लेकिन बड़े उद्देश्य—शांति और सौहार्द—को ध्यान में रखते हुए उन्हें नजरअंदाज कर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य जिलों की नजर सिमडेगा पर रहती है, इसलिए यहां का हर आयोजन एक उदाहरण प्रस्तुत करता है। समिति और समाज का सराहनीय योगदान रामनवमी समिति के अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने कहा कि इस वर्ष प्रशासन ने योजनाओं का सूक्ष्म अध्ययन कर सभी को एक मंच पर लाने का सराहनीय कार्य किया। उन्होंने बताया कि उपायुक्त स्वयं लगातार मॉनिटरिंग करती रहीं और पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।उन्होंने अपने 14 वर्षों के अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि पहली बार प्रशासन और समाज के बीच इतना मजबूत समन्वय देखने को मिला। इसी का परिणाम है कि पूरे आयोजन में कहीं भी असुविधा या हिचक की स्थिति नहीं बनी।वहीं, समिति के संरक्षक डी.डी. सिंह ने अपने 50 वर्षों के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि सिमडेगा की पहचान शांति और भाईचारे के लिए रही है। उन्होंने प्रशासन को आश्वस्त करते हुए कहा कि समाज हमेशा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करता रहेगा। उन्होंने उपायुक्त के नेतृत्व और विकास कार्यों की भी सराहना की। मीडिया की सकारात्मक भूमिका दैनिक भास्कर के ब्यूरो चीफ नरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों का कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण होता है, जिसे आम लोग पूरी तरह समझ नहीं पाते। उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहारों के दौरान अधिकारियों को निजी जीवन में समझौता करना पड़ता है, बावजूद इसके वे पूरी निष्ठा से अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं।उन्होंने सिमडेगा मीडिया की सकारात्मक भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि मीडिया ने हमेशा प्रशासन का सहयोग किया है और आगे भी करता रहेगा। राष्ट्रीय नवीन मेल के ब्यूरो चीफ विकास साहू ने कहा कि चुनावी व्यस्तताओं के बीच भी जिले में सभी त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होना प्रशासन और समाज के समन्वय का परिणाम है। उन्होंने उपायुक्त की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी सक्रियता और समर्पण प्रेरणादायक है।पुलिस और प्रशासन की संयुक्त भूमिका बैठक में एसडीपीओ बैजू उरांव, एसडीओ प्रभात रंजन ज्ञानी एवं अंचलाधिकारी मो. इम्तियाज अहमद सहित अन्य अधिकारियों ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि शांति समिति और आम नागरिकों के सहयोग से ही कानून-व्यवस्था बनाए रखना संभव हो पाता है।अधिकारियों ने बताया कि जरूरत पड़ने पर शांति समिति के सदस्य तुरंत उपलब्ध हो जाते हैं, जिससे किसी भी स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सकता है।बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, शांति समिति के सदस्य, मीडिया प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि,वार्ड सदस्य गण उपस्थित रहे।1
- बसिया (गुमला): गुमला जिले के बसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत शनिवार को लालपुर सरना इलाके में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहाँ एक सुनसान जगह पर झाड़ियों के बीच स्थित कुएँ से एक व्यक्ति का सड़ा-गला शव बरामद किया गया है। मृतक की पहचान तुरीबीरा निवासी 45 वर्षीय दिलीप लोहरा (पिता- कलिन्द्र लोहरा) के रूप में हुई है। *12 दिनों से लापता था मृतक* परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, दिलीप करीब 12 दिन पूर्व घर से निकला था। वह लालपुर निवासी मांगू खड़िया के घर किसी कार्यक्रम में शामिल होने गया था और साथ ही उसने घर पर काम के सिलसिले में बाहर जाने की बात कही थी। बताया जा रहा है कि दिलीप मानसिक रूप से थोड़ा परेशान रहता था। परिजनों ने उसे कई दिनों तक ढूँढने का प्रयास किया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। उन्हें लगा कि शायद वह बाहर काम करने चला गया होगा। *ग्रामीणों को आई दुर्गंध, तब हुआ खुलासा* शनिवार की दोपहर जब ग्रामीण उस सुनसान रास्ते से गुजर रहे थे, तो कुएँ से आ रही दुर्गंध ने उनका ध्यान खींचा। जब ग्रामीणों ने कुएँ में झाँककर देखा तो एक शव तैरता हुआ नजर आया, जिसके बाद तुरंत बसिया पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँचकर ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकाला, जहाँ मौजूद लोगों ने मृतक की पहचान दिलीप लोहरा के रूप में की। *हत्या की जताई जा रही आशंका* इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने प्रथम दृष्टया दिलीप की हत्या कर शव को कुएँ में फेंकने की आशंका जताई है। फिलहाल, पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गुमला सदर अस्पताल भेज दिया है। *परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल* दिलीप की मौत की खबर मिलते ही उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की पत्नी सीमा देवी घर पर ही रहती हैं। वहीं, बेटा विरेंद्र लोहरा गोवा में कार्यरत है और बेटी प्रीति कुमारी रांची में पढ़ाई करती है। *पुलिस कर रही जांच* बसिया पुलिस इस मामले की गंभीरता से तहकीकात कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना की गुत्थी सुलझाई जा सके।2
- जिला मुख्यालय में रविवार को आयोजित जेपीएससी परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आए। परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले के उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने स्वयं विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।* इस दौरन उपायुक्त ने कार्तिक उरॉव महाविद्यालय गुमला, संत इग्गासियुस उच्च विद्यालय गुमला, उर्सुलाईनद कॉन्वेंट बालिका उच्च विद्यालय गुमला, संत पांत्रिक उच्च विद्यालय गुमला, सरस्वती विद्या मंदिर उच्च विद्यालय गुमला, एस0 एस0 बालिका उच्च विद्यालय गुमला, संत अन्ना उच्च विद्यालय दाउद नगर गुमला, सहित विभिन्न परीक्षा केन्दों का निरक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर मौजूद व्यवस्थाओं का जाएजा लिया और संबंधित अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपायुक्त ने सभी केंद्रा अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षाओं में बैठने की व्यवस्था, प्रश्न पत्र वितरण प्रक्रिया, सीसीटीवी निगरानी तथा प्रवेश द्वार पर जांच की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। सभी परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती की गई है। ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या नकल की संभावना को रोका जा सके। इसके अलावा अभ्यर्थियों की सघन तलाशी के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाए और इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगे। इस दौरान मुख्य रूप से अपर समाहत्ता शशिन्द्र कुमार बडाईक, अनुमण्डल पदाधिकारी राजीव निरज, जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खॉ, व अन्य उपस्थित थे।4
- जयकारों से गूंजा टांगीनाथ धाम, भगवान परशुराम जयंती पर उमड़ा आस्था का महासैलाब डुमरी प्रखंड स्थित सुप्रसिद्ध धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल बाबा टांगीनाथ धाम में भगवान शिव के छठे अवतार भगवान परशुराम की जयंती श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाई गई। जानकारी देते हुए रविवार सुबह ग्यारह बजे बताया गया कि जयंती के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुँचे और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। भगवान परशुराम की तपोस्थली माने जाने वाले टांगीनाथ धाम में विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। मान्यता है कि यहाँ भगवान परशुराम का अक्षय फरसा आज भी जमीन में स्थापित है। जयंती के पावन अवसर पर दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने दिव्य फरसे की पूजा कर सुख-समृद्धि एवं मंगल कामना की। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गई थीं। भक्तों ने पवित्र कुंड में स्नान करने के बाद भगवान शिव एवं भगवान परशुराम का जलाभिषेक किया। धूप, दीप एवं नैवेद्य अर्पित कर विधि-विधान से आरती की गई और परिवार की खुशहाली व मनोकामना पूर्ति के लिए आशीर्वाद मांगा गया। मंदिर परिसर में आयोजित भजन-कीर्तन, धार्मिक वंदना तथा “भगवान परशुराम की जय” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। श्रद्धालुओं का कहना है कि परशुराम जयंती के दिन यहाँ पूजा करने का विशेष धार्मिक महत्व है, क्योंकि यह स्थल भगवान परशुराम की तपस्या और शक्ति से जुड़ा हुआ माना जाता है। दिनभर श्रद्धालुओं के आने-जाने का सिलसिला जारी रहा, जिससे धाम एवं आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक उत्साह और चहल-पहल बनी रही। #टांगीनाथधाम #भगवानपरशुरामजयंती #धार्मिकआस्था #गुमलाखबर #झारखंडसमाचार #डुमरी #हरहरमहादेव #सनातनसंस्कृति1
- सिसई (गुमला)। प्रखंड क्षेत्र के छारदा रोड में भूतपूर्व जमींदार स्व गुरूबाबू अम्बिका प्रसाद के पुण्य स्मृति में नवनिर्मित अम्बिकेश्वर शिव मंंदिर की स्थापना व नर्मदेश्वर शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर शनिवार को 1151 कलश के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें हज़ारों की संख्या में महिला पुरूषों व बच्चों ने उत्साहपूर्वक व भक्तिभाव के साथ भाग लिया। वहीं इस कार्यक्रम में हिन्दू जागृत मंच के प्रदेश अध्यक्ष आजात शत्रु ॠषिनाथ साहदेव, प्रदेश परावर्तन प्रमुख संजय वर्मा व तोरपा विधानसभा के पूर्व विधायक कोचे मुंडा, जिप सदस्य सिसई उतरी विजयलक्ष्मी कुमारी, पंसस बरगांव रेखा देवी, हेमा गुप्ता, राजकिशोर प्रसाद शर्मा, शंभु प्रसाद शर्मा, विहिप बजरंग दल सिसई के प्रखंड अध्यक्ष पंकज साहु, संरक्षक रोहित शर्मा, सुप्रदीप साहु, मनोज वर्मा, मुकेश ताम्रकर, दीपक अधिकारी, अरुण नारायण सिंह, राजकिशोर सोनी, प्रयाग साहु, घनश्याम आर्य सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। कलश यात्रा के साथ ही तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ कर दिया गया। इस त्रिदिवासी धार्मिक अनुष्ठान के मुख्य यजमान पीयूष मिश्रा सह रश्मि मिश्रा, रोहित मिश्रा सह श्रुति मिश्रा, मुकेश श्रीवास्तव डेविड सह उर्वशी देवी हैं। कलश यात्रा मंंदिर प्रांगण से प्रारंभ होकर छारदा रोड स्थित कंस नदी पहुंची जहां मुख्य पुरोहित सूर्यनारायण पाठक के सानिध्य में नदी तट पर विधिवत् पूजा अर्चना कराते हुए मंत्रोचारण के साथ जल भरणी का रस्म निभाई गयी। सभी श्रधालु कलश में जल भरकर जय श्री राम, हर हर महादेव का नारा लगाते हुए वापस मंंदिर प्रांगण पहुंचे वहीं मंंदिर परिसर में बने यज्ञ शाला के पांच परिक्रमा कराते हुए जल से भरे कलशों को स्थापित किया गया। तत्पश्चात सभी श्रधालुओं को शर्बत व जलपान कराया गया। इस दौरान सिसई का पुरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। वहीं संध्या में विग्रह का नगर भ्रमण कराया गया। कलश यात्रा एवं नगर भ्रमण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने हेतु पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रही। जिसमें महिला जवान भी शामिल थी। 20 अप्रैल दिन सोमवार को प्राण प्रतिष्ठा किया जायेगा और महाभण्डारे के वितरण के साथ ही रात्रि में भक्ति जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। कलश यात्रा को सफल बनाने में विहिप बजरंग दल के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का भरपूर योगदान रहा। वहीं ओडिशा के कारीगरों द्वारा उत्कल वास्तुकला के अनूठे शैली से निर्मित की गई है जो गुमला जिला में पहला मंंदिर है इस मंंदिर के निर्माण से सिसई को एक अलग पहचान मिली है।4
- चैनपुर-टोंगो: भीषण गर्मी और बढ़ते जल संकट के बीच टोंगो स्थित संत पीटर उच्च विद्यालय के बच्चों ने एक सराहनीय पहल करते हुए जल संरक्षण को लेकर जागरूकता रैली निकाली। यह प्रभात फेरी स्कूल परिसर से शुरू होकर टोंगो चौक तक पहुंची, जिसमें सैकड़ों विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।1
- सिसई प्रखंड के छारदा रोड में भव्य बने श्री श्री 108 अंबिकेश्वर शिव मंदिर स्थापना सह नर्मदेश्वर शिवलिंग प्राण प्रतिष्ठा को लेकर सुबह में भव्य कलश यात्रा निकाला गया। वही शाम में नगर भ्रमण के बाद अखंड हरि कीर्तन शुरू किया गया।1
- सिमडेगा:-महिला जिला कांग्रेस अध्यक्ष जोशिमा खाखा ने आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला आरक्षण बिल का कड़ा विरोध किया। उन्होंने इस बिल को “महिला विरोधी” बताते हुए कहा कि यह महिलाओं के वास्तविक सशक्तिकरण के बजाय उन्हें गुमराह करने वाला कदम है।प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि यह बिल वर्ष 2023 में पहले ही पारित हो चुका है, लेकिन अब तक इसे लागू करने को लेकर स्पष्टता नहीं है। उनके अनुसार, सरकार इसे लागू करने में देरी कर रही है और इसे एक राजनीतिक मुद्दे के रूप में इस्तेमाल कर रही है। जोशिमा खाखा ने आरोप लगाया कि यह बिल जनता का ध्यान भटकाने के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना नहीं, बल्कि परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक परिसीमन नहीं होगा, तब तक इस बिल का वास्तविक लाभ महिलाओं को नहीं मिल पाएगा।उन्होंने यह भी दावा किया कि इस बिल का गिरना कांग्रेस की विचारधारा और संघर्ष की जीत है, क्योंकि कांग्रेस हमेशा महिलाओं के वास्तविक अधिकार और समान भागीदारी की पक्षधर रही है।1