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नारी शक्ति के उत्थान को कोई नहीं रोक सकता PM MODI
Pawan Kumar Tiwari
नारी शक्ति के उत्थान को कोई नहीं रोक सकता PM MODI
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- भगवान परशुराम की जयंती पर हुए विविध कार्यक्रम जयकारो से गूँज उठी नगर पंचायत अमेठी भगवान परशुराम जयंती पर विविध कार्यक्रम आयोजित हुए कहीं शोभायात्रा का आयोजन हुए तो कहीं शरबत हलुआ वितरित किए गए रविवार को गायत्री शक्तिपीठ में ब्राह्मण स्वाभिमान एकता मंच के बैनर तले भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। शोभायात्रा का शुभारंभ भगवान परशुराम और माता गायत्री की पूजा-अर्चना 111 वेदपाठी बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चार करके पूजा अर्चना कराया इसके पश्चात राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश तिवारी तथा हर्ष महाराज के नेतृत्व में भगवान परशुराम की जयघोष के साथ शोभायात्रा की शुरुआत हुई भक्तगण गीतों पर नृत्य और जय श्रीराम, जय भगवान परशुराम, भारत माता की जय के उद्घोष लगाते हुए शोभायात्रा गायत्री शक्तिपीठ से अंबेडकर तिराहा, हनुमानगढ़ी मंदिर, गाँधी चौक, सगरा तिराहा, राजर्षि तिराहा, रामलीला मैदान होते हुए पुनः गायत्री शक्तिपीठ पहुँची। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री तिवारी ने बताया विगत वर्षों की भांति यह शोभायात्रा में सर्ब समाज के लोगों के साथ निकाली गई अधिवक्ता अखिलेश शुक्ला धर्मेंद्र शुक्ला अरविंद चतुर्वेदी प्रधान संघ अध्यक्ष अरविंद शुक्ला अभिजित त्रिपाठी डाक्टर देवमणि तिवारी बबलू तिवारी सहित हजारों लोग थे कार्यक्रम का संचालन संगठन के प्रवक्ता अनिरुद्ध मिश्र ने किया। इसके पहले ब्राह्मण कल्याण संस्थान ने शिवमन्दिर रामनगर से शोभायात्रा निकाली जो नगर भ्रमण करते हुए गौरीगंज गई शिव कुमार मिश्र काशी तिवारी अन्नत विक्रम सिंह आदि थे सगरा तिराहा पर शरबत वितरण धर्मेंद्र शुक्ला उनके साथियों ने किया विप्र शक्ति सेना ने किया गोष्ठी का आयोजन विप्र शक्ति सेना भगवान परशुराम जयंती पर गोष्ठी का आयोजन किया जिसमें अधिवक्ता बृजेश मिश्र प्रमोद मिश्र दीपू पाण्डेय रणजीत आदि ने परशुराम के चरित्र पर प्रकाश डाला3
- अमेठी। भगवान परशुराम जयंती के पावन अवसर पर संग्रामपुर विकास खंड के तिवारीपुर गांव में विशाल एवं भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया। शोभायात्रा तिवारीपुर गांव से प्रारंभ होकर करनाईपुर, रानीपुर, पहिया होते हुए पुनः तिवारीपुर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी। यात्रा के दौरान जगह-जगह ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। भगवान परशुराम के जयघोष, भक्ति गीतों और ढोल-नगाड़ों की धुन से पूरा इलाका गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालु पूरे उत्साह और आस्था के साथ शोभायात्रा में शामिल हुए। इस आयोजन में नगर एवं आसपास के क्षेत्रों के विभिन्न वर्गों के गणमान्य लोग भी शामिल हुए, जो सामाजिक समरसता और एकता का प्रतीक बना। इस मौके पर अमरेंद्र सिंह उर्फ पिंटू सिंह के प्रतिनिधि विजय पाल उपाध्याय ने उपस्थित लोगों का अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भगवान परशुराम के आदर्श हमें धर्म, न्याय और समाज में समानता स्थापित करने की प्रेरणा देते हैं। कार्यक्रम में अमन दुबे, लालू तिवारी, आनंद तिवारी, राज शुक्ल, हर्ष तिवारी सहित अनेक लोग मौजूद रहे। आयोजन को सफल बनाने में ग्रामीणों और आयोजकों की अहम भूमिका रही। पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया गया, जिसकी क्षेत्र में सराहना हो रही है।2
- आज से ठीक 10 साल पहले सिर्फ 15 साल की उम्र में कपिल शर्मा के शो में पब्लिक अपीयरेंस में गाना गाने वाली ये लड़की आज देश की सबसे कम उम्र की विधायक है (प्रसिद्ध गायिका तो बन ही चुकी थी पहले ही) पहचान तो गये ही होंगे.....🥰👏👏1
- नारी शक्ति के उत्थान को कोई नहीं रोक सकता PM MODI1
- संग्रामपुर। कालिकन मोड़ के पास साइकिल से घर जा रही एक छात्रा को बाइक सवार ने टक्कर मार दी। जिससे दोनों घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमेठी पहुंचाया। जहां हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान घायल युवक दीपक (27) पुत्र स्व. नंदलाल निवासी तिहैतनपुर की मौत हो गई। वहीं पूरे गड़ेरियन मजरे कसारा निवासी श्वेता पाल पुत्री अमरेश पाल का गंभीर हालत में जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। बताया गया कि श्वेता पाल अमेठी कस्बे में कोचिंग पढ़कर शनिवार शाम घर जा रही थी। जैसे ही वह संग्रामपुर मोड़ के पास पहुंची। तभी पीछे से पत्नी की दवा लेकर अमेठी कस्बे से लौट रहे दीपक की बाइक उससे टकरा गई। जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को सीएचसी अमेठी से चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां दीपक की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दीपक का विवाह छह दिन पहले हुआ था। नहीं मिटी पत्नी के हाथ की मेहंदी बताया जा रहा है कि मृतक दीपक की शादी छह दिन पहले रविवार को हुई थी। पत्नी सुचित्रा के हाथ की मेहंदी भी नहीं मिटी थी। लेकिन इस हादसे ने उसका सुहाग उजाड़ दिया। घटना से सदमे में आई सुचित्रा का रो-रोकर बुरा हाल है। 10 साल पहले पिता की हुई थी मौत मृतक दीपक के पिता नंदलाल का 10 साल पहले असामयिक निधन हो गया था। इसके बाद उनकी मां धनाऊ और बड़े भाई रवि कुमार ने उनका पालन-पोषण किया। बड़ा भाई हरियाणा में प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। जबकि दीपक पड़ोसी जनपद प्रतापगढ़ में होटल में कुक का काम कर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। इस घटना ने जहां बुजुर्ग मां से छोटे बेटे का सहारा छीन लिया, वहीं चंद दिन पहले शादी कर परिवार बसाने आई नवविवाहिता का सब कुछ उजाड़ दिया। घटना से पूरे परिवार में कोहराम मच गया है।3
- Post by Rakesh Rawat1
- जो लाइक शेयर करें घाटा तो नहीं होता है उसका भी किया जाएगा राम अनुज कहते हैं 7359757995 अभी तक आप भी पहुंचे और हमें भी पहुंचाओ आपसे हम पहुंचेंगे और हमारे से आप पहुंचे गरीब गरीब का ही ध्यान दे सकता है और तो बड़े-बड़े ही होते हैं लोग को मालूम है और गरीब लोग का बात अलग रहेगी रहता है सदा ही रहा है और रहेगा भी गौरीगंज अमेठी सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश4
- अमेठी के नवीन पुलिस लाइन में DIG अयोध्या रेंज सोमेन बर्मा की उपस्थिति में रिक्रूट आरक्षियों के लिए बड़ा खाना का आयोजन किया गया। DIG ke sath एसपी अमेठी सरवरण टी, एएसपी ज्ञानेंद्र सिंह व अन्य पुलिस अधिकारीगण मौजूद रहे। DIG के आगमन पर एसपी सरवणन टी व एएसपी ज्ञानेंद्र कुमार ने उन्हें पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया व रिक्रूट आरक्षियों द्वारा उनके स्वागत में लघु कविता पाठ किया गया। DIG द्वारा स्वयं सभी रिक्रूट आरक्षियों को भोजन परोसा गया तथा उनके साथ बैठकर भोजन ग्रहण किया गया । उन्होंने आरक्षियों से उनके प्रशिक्षण अनुभवों के बारे में चर्चा की और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं । इस अवसर पर DIG ने रिक्रूट आरक्षियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण की समाप्ति उनके नए जीवन की शुरुआत है तथा एक पुलिसकर्मी के रूप में जनता की सेवा, सुरक्षा और संवेदनशीलता ही सर्वोपरि होनी चाहिए। यह आयोजन आगामी दीक्षांत परेड (Passing Out Parade) समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित एक महत्वपूर्ण परंपरा है जिसका उद्देश्य रिक्रूट आरक्षियों का मनोबल बढ़ाना और उनमें अनुशासन के साथ-साथ सामूहिकता व एक साथ मिलजुल कर काम करने की भावना को सुदृढ़ करना है ।4