logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

उत्तराखंड के चमोली जिले के अंतर्गत आने वाली ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निर्माण को लेकर चौतरफा आवाज उठाने की पुरजोर वकालत की जा रही है। स्थानीय स्तर पर यह स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया जा रहा है कि जब तक क्षेत्र में एम्स का निर्माण नहीं होगा, तब तक हमारा वोट किसी को नहीं मिलेगा। इस मांग को लेकर चारों तरफ से आवाज गुंजाने की अपील की जा रही है ताकि आगामी समय में मतदान को सीधे तौर पर इस आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा के मुद्दे से जोड़ा जा सके और परिवर्तन लाया जा सके।

2 hrs ago
user_पवन नेगी
पवन नेगी
Social worker गैरसैंण, चमोली, उत्तराखंड•
2 hrs ago

उत्तराखंड के चमोली जिले के अंतर्गत आने वाली ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निर्माण को लेकर चौतरफा आवाज उठाने की पुरजोर वकालत की जा रही है। स्थानीय स्तर पर यह स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया जा रहा है कि जब तक क्षेत्र में एम्स का निर्माण नहीं होगा, तब तक हमारा वोट किसी को नहीं मिलेगा। इस मांग को लेकर चारों तरफ से आवाज गुंजाने की अपील की जा रही है ताकि आगामी समय में मतदान को सीधे तौर पर इस आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा के मुद्दे से जोड़ा जा सके और परिवर्तन लाया जा सके।

More news from उत्तराखंड and nearby areas
  • उत्तराखंड के चमोली जिले के अंतर्गत आने वाली ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निर्माण को लेकर चौतरफा आवाज उठाने की पुरजोर वकालत की जा रही है। स्थानीय स्तर पर यह स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया जा रहा है कि जब तक क्षेत्र में एम्स का निर्माण नहीं होगा, तब तक हमारा वोट किसी को नहीं मिलेगा। इस मांग को लेकर चारों तरफ से आवाज गुंजाने की अपील की जा रही है ताकि आगामी समय में मतदान को सीधे तौर पर इस आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा के मुद्दे से जोड़ा जा सके और परिवर्तन लाया जा सके।
    1
    उत्तराखंड के चमोली जिले के अंतर्गत आने वाली ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निर्माण को लेकर चौतरफा आवाज उठाने की पुरजोर वकालत की जा रही है। स्थानीय स्तर पर यह स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया जा रहा है कि जब तक क्षेत्र में एम्स का निर्माण नहीं होगा, तब तक हमारा वोट किसी को नहीं मिलेगा। इस मांग को लेकर चारों तरफ से आवाज गुंजाने की अपील की जा रही है ताकि आगामी समय में मतदान को सीधे तौर पर इस आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा के मुद्दे से जोड़ा जा सके और परिवर्तन लाया जा सके।
    user_पवन नेगी
    पवन नेगी
    Social worker गैरसैंण, चमोली, उत्तराखंड•
    2 hrs ago
  • नैनीताल के बेतालघाट में उन लोगों के लिए जो कभी समझौता नहीं करते, स्कॉर्पियो-एन हर बार कुछ अधिक प्रदान करती है। इस स्कॉर्पियो-एन की शुरुआती कीमत ESR ₹13.49 लाख* है।
    2
    नैनीताल के बेतालघाट में उन लोगों के लिए जो कभी समझौता नहीं करते, स्कॉर्पियो-एन हर बार कुछ अधिक प्रदान करती है। इस स्कॉर्पियो-एन की शुरुआती कीमत ESR ₹13.49 लाख* है।
    user_Shahid
    Shahid
    बेतालघाट, नैनीताल, उत्तराखंड•
    11 hrs ago
  • अल्मोड़ा में आगामी सितंबर में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के मां नंदा देवी मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। मेले के तहत मां नंदा-सुनंदा की पारंपरिक प्रतिमाओं के निर्माण के लिए रविवार को नंदा देवी मंदिर समिति ने लक्ष्मेश्वर स्थित खूंटकुणी भैरव मंदिर के समीप मनीष पाठक के आवास पहुंचकर उपयुक्त केले के वृक्षों का चयन किया। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने विधि-विधान के साथ निरीक्षण कर इस वर्ष प्रतिमा निर्माण के लिए केले के वृक्षों का चुनाव किया है। समिति द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार, 17 सितंबर की शाम को चयनित केले के वृक्षों को पारंपरिक रूप से निमंत्रण दिया जाएगा। इसके बाद, 18 सितंबर की सुबह विधि-विधान और शोभायात्रा के साथ इन्हें नंदा देवी मंदिर परिसर लाया जाएगा, जहां इन्हीं वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की पारंपरिक प्रतिमाओं का निर्माण किया जाएगा। उत्तराखंड की लोक परंपरा में केले के वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाएं तैयार करने की विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यता है। मंदिर समिति ने जानकारी दी है कि मेले के सफल आयोजन के लिए प्रतिमा निर्माण, पूजा-अर्चना, शोभायात्रा तथा धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा चरणबद्ध तरीके से तय की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर व्यवस्थाएं मिल सकें। हर वर्ष की तरह इस बार भी मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है, जिसके लिए समिति ने सभी लोगों से सहयोग की अपील की है। इस अवसर पर मुख्य सांस्कृतिक संयोजक अर्जुन सिंह बिष्ट 'चीमा', व्यवस्थापक नरेंद्र वर्मा, पार्षद अमित साह, पार्षद अभिषेक जोशी, मूर्ति संयोजक रवि गोयल, सी.पी. वर्मा, पंडित तारा दत्त जोशी सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
    1
    अल्मोड़ा में आगामी सितंबर में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के मां नंदा देवी मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। मेले के तहत मां नंदा-सुनंदा की पारंपरिक प्रतिमाओं के निर्माण के लिए रविवार को नंदा देवी मंदिर समिति ने लक्ष्मेश्वर स्थित खूंटकुणी भैरव मंदिर के समीप मनीष पाठक के आवास पहुंचकर उपयुक्त केले के वृक्षों का चयन किया। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने विधि-विधान के साथ निरीक्षण कर इस वर्ष प्रतिमा निर्माण के लिए केले के वृक्षों का चुनाव किया है।

समिति द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार, 17 सितंबर की शाम को चयनित केले के वृक्षों को पारंपरिक रूप से निमंत्रण दिया जाएगा। इसके बाद, 18 सितंबर की सुबह विधि-विधान और शोभायात्रा के साथ इन्हें नंदा देवी मंदिर परिसर लाया जाएगा, जहां इन्हीं वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की पारंपरिक प्रतिमाओं का निर्माण किया जाएगा। उत्तराखंड की लोक परंपरा में केले के वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाएं तैयार करने की विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यता है।

मंदिर समिति ने जानकारी दी है कि मेले के सफल आयोजन के लिए प्रतिमा निर्माण, पूजा-अर्चना, शोभायात्रा तथा धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा चरणबद्ध तरीके से तय की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर व्यवस्थाएं मिल सकें। हर वर्ष की तरह इस बार भी मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है, जिसके लिए समिति ने सभी लोगों से सहयोग की अपील की है। इस अवसर पर मुख्य सांस्कृतिक संयोजक अर्जुन सिंह बिष्ट 'चीमा', व्यवस्थापक नरेंद्र वर्मा, पार्षद अमित साह, पार्षद अभिषेक जोशी, मूर्ति संयोजक रवि गोयल, सी.पी. वर्मा, पंडित तारा दत्त जोशी सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
    user_Vinod Joshi
    Vinod Joshi
    Local News Reporter Almora, Uttarakhand•
    22 hrs ago
  • नैनीताल के गरमपानी में राष्ट्रीय राजमार्ग-87 (नया 109) पर स्थित रामगढ़ पुल पर भारी और मालवाहक वाहनों के आवागमन पर 20 जुलाई 2026 तक 24 घंटे के लिए पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। दरअसल, 11 जुलाई 2026 को हुई अत्यधिक वर्षा के कारण रामगढ़ पुल के बाएं एबटमेंट के डाउनस्ट्रीम की विंग वॉल करीब 12 मीटर तक क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके चलते वर्तमान में पुल की चौड़ाई घटकर सिर्फ 3.50 मीटर ही रह गई है। ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही से पुल और एप्रोच मार्ग को और ज्यादा नुकसान पहुंचने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है। विंग वॉल की मरम्मत का काम पूरा होने तक भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यातायात सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन ने एक विस्तृत डायवर्जन प्लान लागू किया है। इसके तहत अल्मोड़ा से हल्द्वानी जाने वाले भारी और मालवाहक वाहन अब क्वारब–नथुवाखान–रामगढ़–भवाली होकर हल्द्वानी जाएंगे, जबकि रानीखेत से हल्द्वानी जाने वाले वाहनों को खैरना–क्वारब–नथुवाखान–रामगढ़–भवाली मार्ग का उपयोग करना होगा। इसी तरह, हल्द्वानी से अल्मोड़ा जाने वाले वाहनों को खुटानी मार्ग से और अन्य वाहनों को भवाली–रामगढ़–नथुवाखान–क्वारब होकर भेजा जाएगा। हल्द्वानी से रानीखेत जाने वाले सभी भारी वाहन भवाली–रामगढ़–नथुवाखान–क्वारब–खैरना होकर जाएंगे, जबकि नैनीताल व ज्योलीकोट से अल्मोड़ा और रानीखेत जाने वाले वाहनों को भवाली–रामगढ़–नथुवाखान–क्वारब मार्ग से गुजारा जाएगा। इस डायवर्जन व्यवस्था से सेना के वाहनों, गैस, तेल, यात्री वाहनों और अन्य अति आवश्यक सामग्री लेकर चलने वाले वाहनों को पूरी तरह मुक्त रखा गया है। यातायात पुलिस नैनीताल ने सभी भारी व मालवाहक वाहनों के स्वामियों और चालकों से अपील की है कि वे इस निर्धारित डायवर्जन प्लान का कड़ाई से पालन करें और सुरक्षित यात्रा के लिए पुलिस निर्देशों का पूरा सहयोग करें।
    3
    नैनीताल के गरमपानी में राष्ट्रीय राजमार्ग-87 (नया 109) पर स्थित रामगढ़ पुल पर भारी और मालवाहक वाहनों के आवागमन पर 20 जुलाई 2026 तक 24 घंटे के लिए पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। दरअसल, 11 जुलाई 2026 को हुई अत्यधिक वर्षा के कारण रामगढ़ पुल के बाएं एबटमेंट के डाउनस्ट्रीम की विंग वॉल करीब 12 मीटर तक क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके चलते वर्तमान में पुल की चौड़ाई घटकर सिर्फ 3.50 मीटर ही रह गई है। ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही से पुल और एप्रोच मार्ग को और ज्यादा नुकसान पहुंचने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है। विंग वॉल की मरम्मत का काम पूरा होने तक भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

यातायात सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन ने एक विस्तृत डायवर्जन प्लान लागू किया है। इसके तहत अल्मोड़ा से हल्द्वानी जाने वाले भारी और मालवाहक वाहन अब क्वारब–नथुवाखान–रामगढ़–भवाली होकर हल्द्वानी जाएंगे, जबकि रानीखेत से हल्द्वानी जाने वाले वाहनों को खैरना–क्वारब–नथुवाखान–रामगढ़–भवाली मार्ग का उपयोग करना होगा। इसी तरह, हल्द्वानी से अल्मोड़ा जाने वाले वाहनों को खुटानी मार्ग से और अन्य वाहनों को भवाली–रामगढ़–नथुवाखान–क्वारब होकर भेजा जाएगा। हल्द्वानी से रानीखेत जाने वाले सभी भारी वाहन भवाली–रामगढ़–नथुवाखान–क्वारब–खैरना होकर जाएंगे, जबकि नैनीताल व ज्योलीकोट से अल्मोड़ा और रानीखेत जाने वाले वाहनों को भवाली–रामगढ़–नथुवाखान–क्वारब मार्ग से गुजारा जाएगा।

इस डायवर्जन व्यवस्था से सेना के वाहनों, गैस, तेल, यात्री वाहनों और अन्य अति आवश्यक सामग्री लेकर चलने वाले वाहनों को पूरी तरह मुक्त रखा गया है। यातायात पुलिस नैनीताल ने सभी भारी व मालवाहक वाहनों के स्वामियों और चालकों से अपील की है कि वे इस निर्धारित डायवर्जन प्लान का कड़ाई से पालन करें और सुरक्षित यात्रा के लिए पुलिस निर्देशों का पूरा सहयोग करें।
    user_Local khabre NTL
    Local khabre NTL
    Local News Reporter Nainital, Uttarakhand•
    17 min ago
  • नैनीताल के हिमालयन बॉटनिकल गार्डन में झाड़ियों की सफाई के दौरान एक अत्यंत दुर्लभ और विषैला 'व्हाइट लिप्ड पिट वाइपर' सांप मिला है। इस गार्डन में पहली बार इस विशेष प्रजाति की मौजूदगी दर्ज की गई है। कर्मचारियों की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर सांप को सुरक्षित पकड़ा और उसे रिहायशी इलाके से दूर एक संरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया। वन बीट अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि 'ट्राइमेरेसुरस अल्बोलाब्रिस' वैज्ञानिक नाम वाला यह सांप आमतौर पर हिमालयी क्षेत्रों और दक्षिण-पूर्व एशिया में पाया जाता है। यह दो से तीन फीट लंबा, चमकदार हरे रंग का एक निशाचर जीव है, जिसकी मुख्य पहचान इसके सफेद होंठ (व्हाइट लिप) हैं। यह सांप खतरनाक 'हेमोटॉक्सिन' जहर से युक्त होता है, जो सीधे मानव रक्त और ऊतकों को प्रभावित करता है। इसके साथ ही वन विभाग ने जनता से अपील की है कि सांप दिखने पर उसे मारने के बजाय तुरंत विभाग को सूचित करें।
    1
    नैनीताल के हिमालयन बॉटनिकल गार्डन में झाड़ियों की सफाई के दौरान एक अत्यंत दुर्लभ और विषैला 'व्हाइट लिप्ड पिट वाइपर' सांप मिला है। इस गार्डन में पहली बार इस विशेष प्रजाति की मौजूदगी दर्ज की गई है। कर्मचारियों की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर सांप को सुरक्षित पकड़ा और उसे रिहायशी इलाके से दूर एक संरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया।

वन बीट अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि 'ट्राइमेरेसुरस अल्बोलाब्रिस' वैज्ञानिक नाम वाला यह सांप आमतौर पर हिमालयी क्षेत्रों और दक्षिण-पूर्व एशिया में पाया जाता है। यह दो से तीन फीट लंबा, चमकदार हरे रंग का एक निशाचर जीव है, जिसकी मुख्य पहचान इसके सफेद होंठ (व्हाइट लिप) हैं। यह सांप खतरनाक 'हेमोटॉक्सिन' जहर से युक्त होता है, जो सीधे मानव रक्त और ऊतकों को प्रभावित करता है। इसके साथ ही वन विभाग ने जनता से अपील की है कि सांप दिखने पर उसे मारने के बजाय तुरंत विभाग को सूचित करें।
    user_Nainital news
    Nainital news
    नैनीताल, नैनीताल, उत्तराखंड•
    23 min ago
  • नैनीताल के कालाढूंगी में पुलिस ने कच्ची शराब के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन गिरफ्तार तस्करों के कब्जे से 20 लीटर शराब और 75 पाउच बरामद किए हैं।
    1
    नैनीताल के कालाढूंगी में पुलिस ने कच्ची शराब के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन गिरफ्तार तस्करों के कब्जे से 20 लीटर शराब और 75 पाउच बरामद किए हैं।
    user_UTTARAKHAND SHAKTI NEWS
    UTTARAKHAND SHAKTI NEWS
    Kaladhungi, Nainital•
    6 hrs ago
  • बिजनौर के थाना नांगल क्षेत्र के ग्राम पौंडरी कला निवासी एक किसान के ट्रैक्टर की बैटरी अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। पीड़ित अंकुश कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनका महिंद्रा 575 डीआई ट्रैक्टर कल्याणी हॉस्पिटल के सामने भारत नगर में उनके घर के बाहर खड़ा था। रविवार, 12 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 2:38 बजे अज्ञात चोरों ने ट्रैक्टर से बैटरी चोरी करने की इस वारदात को अंजाम दिया। चोरी की यह पूरी घटना पास में ही लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पीड़ित किसान ने पुलिस को तहरीर सौंपकर चोरी गई बैटरी बरामद करने और आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने इस तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
    1
    बिजनौर के थाना नांगल क्षेत्र के ग्राम पौंडरी कला निवासी एक किसान के ट्रैक्टर की बैटरी अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। पीड़ित अंकुश कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनका महिंद्रा 575 डीआई ट्रैक्टर कल्याणी हॉस्पिटल के सामने भारत नगर में उनके घर के बाहर खड़ा था। रविवार, 12 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 2:38 बजे अज्ञात चोरों ने ट्रैक्टर से बैटरी चोरी करने की इस वारदात को अंजाम दिया।

चोरी की यह पूरी घटना पास में ही लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पीड़ित किसान ने पुलिस को तहरीर सौंपकर चोरी गई बैटरी बरामद करने और आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने इस तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
    user_HNNK News Sabir
    HNNK News Sabir
    नजीबाबाद, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • नैनीताल के बेतालघाट में उन लोगों के लिए जो कभी समझौता नहीं करते, स्कॉर्पियो-एन (Scorpio-N) हर बार पहले से अधिक देने का वादा करती है। इस गाड़ी की शुरुआती कीमत ₹13.49 लाख* (ESR) तय की गई है।
    2
    नैनीताल के बेतालघाट में उन लोगों के लिए जो कभी समझौता नहीं करते, स्कॉर्पियो-एन (Scorpio-N) हर बार पहले से अधिक देने का वादा करती है। इस गाड़ी की शुरुआती कीमत ₹13.49 लाख* (ESR) तय की गई है।
    user_Shahid
    Shahid
    बेतालघाट, नैनीताल, उत्तराखंड•
    11 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.