सिद्धार्थनगर जिले के थाना चिल्हिया क्षेत्र के दधुसरी खुर्द निवासी 26 वर्षीय प्रभु नाथ गौतम, जो माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज में मल्टी परपज हेल्थ वर्कर के पद पर कार्यरत थे, उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि शनिवार रात करीब 10 बजे वे मेडिकल कॉलेज से ड्यूटी करके अपने घर लौट रहे थे। रविवार सुबह ग्राम कपिया के पास थाना सदर और थाना चिल्हिया क्षेत्र की सीमा पर नौगढ़ माइनर नहर में उनका शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, युवक का शव नहर के पानी में पड़ा था और उसकी बाइक भी उसके ऊपर गिरी हुई मिली। वहीं, युवक का मोबाइल फोन नहर किनारे सड़क पर पड़ा हुआ मिला। लोगों ने यह भी बताया कि युवक के चेहरे के दोनों तरफ चोट जैसे निशान दिखाई दे रहे थे। सुबह ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल, मौत किन परिस्थितियों में हुई यह स्पष्ट नहीं हो सका है और क्षेत्र में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मृतक की अभी शादी नहीं हुई थी और इस घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन संदिग्धों पर आरोप लगा रहे हैं और यह भी कहा जा रहा है कि कर्मचारी भी सुरक्षित नहीं हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
सिद्धार्थनगर जिले के थाना चिल्हिया क्षेत्र के दधुसरी खुर्द निवासी 26 वर्षीय प्रभु नाथ गौतम, जो माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज में मल्टी परपज हेल्थ वर्कर के पद पर कार्यरत थे, उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि शनिवार रात करीब 10 बजे वे मेडिकल कॉलेज से ड्यूटी करके अपने घर लौट रहे थे। रविवार सुबह ग्राम कपिया के पास थाना सदर और थाना चिल्हिया क्षेत्र की सीमा पर नौगढ़ माइनर नहर में उनका शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, युवक का शव नहर के पानी में पड़ा था और उसकी बाइक भी उसके ऊपर गिरी हुई मिली। वहीं, युवक का मोबाइल फोन नहर किनारे सड़क पर पड़ा हुआ मिला। लोगों ने यह भी बताया कि युवक के चेहरे के दोनों तरफ चोट जैसे निशान दिखाई दे रहे थे। सुबह ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल, मौत किन परिस्थितियों में हुई यह स्पष्ट नहीं हो सका है और क्षेत्र में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मृतक की अभी शादी नहीं हुई थी और इस घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन संदिग्धों पर आरोप लगा रहे हैं और यह भी कहा जा रहा है कि कर्मचारी भी सुरक्षित नहीं हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
- महाराजगंज जिले के गोरखपुर-सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित फरेंदा बाईपास से एक ई-रिक्शा चालक द्वारा यातायात नियमों के स्पष्ट उल्लंघन का मामला सामने आया है। चालक ने अपने ई-रिक्शा को दो पहियों पर चलाया, जिससे सड़क सुरक्षा को जोखिम में डाला गया। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- संत कबीर नगर जिले के एक बड़े निजी विद्यालय, ब्लूमिंग बर्ड में अभिभावकों को मनमानी तरीके से परेशान किया जा रहा है। विशेषकर गरीब बच्चों और उनके माता-पिता को स्कूल प्रशासन की ओर से अनुचित व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है, जिससे वे त्रस्त हैं। इस उत्पीड़न से परेशान होकर अभिभावकों ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। यह घटना निजी स्कूलों की बढ़ती मनमानी और शिक्षा के नाम पर 'शिक्षा माफियाओं' के कायम वर्चस्व पर गंभीर सवाल उठाती है, जिससे यह प्रश्न उठता है कि आखिर निजी विद्यालयों की यह मनमानी कब तक चलेगी।1
- महराजगंज जिले में जनगणना-2027 के पहले चरण के तहत स्व-गणना पूरी कर चुके लोगों को अब अपने दर्ज किए गए डेटा में सुधार करने का अवसर दिया जा रहा है। इस प्रक्रिया के हिस्से के रूप में, प्रगणक घर-घर जाकर डेटा का सत्यापन कर रहे हैं और साथ ही मकानों की गणना का कार्य भी कर रहे हैं। एनआईसी के अनुसार, डेटा सत्यापन और मकान गणना की यह पूरी प्रक्रिया आगामी 20 जून तक जारी रहेगी। इसके अतिरिक्त, ऐसे परिवारों की भी अब घर-घर जाकर गणना की जाएगी, जिन्होंने पहले चरण में अपनी स्व-गणना नहीं की थी।1
- महराजगंज जनपद के कोल्हुई पेट्रोल पंप पर एक युवक की कथित तौर पर बेरहमी से पिटाई का मामला सामने आया है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने पूरे महराजगंज में हड़कंप मचा दिया है।1
- महराजगंज के निचलौल स्थित कस्टम कार्यालय से सीमा सुरक्षा और सरकारी राजस्व से खिलवाड़ का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां तैनात कस्टम अधीक्षक भगवान शाह पर तस्करों को संरक्षण देने, उनसे सांठगांठ करने और विभागीय गोपनीय सूचनाएं सीधे तस्करों तक पहुंचाने का आरोप लगा है। इस घटना ने भारत-नेपाल सीमा पर सीमा शुल्क विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरा मामला तब शुरू हुआ जब एक जागरूक नागरिक/मुखबिर ने कस्टम अधीक्षक भगवान शाह को 'रेगहिया के धमौर' के रास्ते हो रही भारी मात्रा में बीज (Seed Smuggling) की तस्करी के बारे में पुख्ता जानकारी दी। नियम के अनुसार, इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए तस्करों को पकड़ा जाना चाहिए था। हालांकि, आरोप है कि सूचना मिलते ही अधीक्षक भगवान शाह ने अपने कर्तव्य की अनदेखी करते हुए, तत्काल इसकी जानकारी अपने 'चहेते' तस्कर को दे दी, जिससे तस्कर को पहले ही सतर्क कर दिया गया। सूचना लीक होने के बाद, पीड़ित मुखबिर के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया, जिसे 'ट्रू कॉलर' पर 'शिव कुमार' के रूप में पहचाना गया। फोन करने वाले व्यक्ति ने सीधे तौर पर मामले को 'मैनेज' करने की बात की। इसके कुछ ही देर बाद, खुद कस्टम अधीक्षक भगवान शाह ने मुखबिर को फोन कर कहा, "मैं बोल दिया हूँ, वह आप से मिलने के लिए कह रहा है।" यह दर्शाता है कि कस्टम अधीक्षक कथित तौर पर इस अवैध कारोबार को दबाने और मामले को सुलझाने के लिए बिचौलिए और पैरवीकार की भूमिका निभा रहे थे। इस घटना ने कस्टम विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि जब रक्षक ही तस्करों का मददगार बन जाए, तो सीमा पार से अवैध गतिविधियों को कैसे रोका जाएगा, और अगर अधिकारी मुखबिरों की पहचान उजागर करेंगे, तो भविष्य में कौन सूचना देने की हिम्मत करेगा। कस्टम अधीक्षक भगवान शाह और तस्करों की इस कथित मिलीभगत, जिसकी पुष्टि ऑडियो और कॉल डिटेल्स से होने का दावा किया जा रहा है, के सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप है। अब उच्चाधिकारियों से ऐसे 'तस्कर मित्र' अधीक्षक के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग उठ रही है, क्योंकि यह सीधे तौर पर देश की सीमा सुरक्षा से खिलवाड़ और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने का मामला है।1
- महराजगंज जिले में बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने पीस कमेटी की बैठक आयोजित की।1
- सिद्धार्थनगर जिले के थाना चिल्हिया क्षेत्र के दधुसरी खुर्द निवासी 26 वर्षीय प्रभु नाथ गौतम, जो माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज में मल्टी परपज हेल्थ वर्कर के पद पर कार्यरत थे, उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि शनिवार रात करीब 10 बजे वे मेडिकल कॉलेज से ड्यूटी करके अपने घर लौट रहे थे। रविवार सुबह ग्राम कपिया के पास थाना सदर और थाना चिल्हिया क्षेत्र की सीमा पर नौगढ़ माइनर नहर में उनका शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, युवक का शव नहर के पानी में पड़ा था और उसकी बाइक भी उसके ऊपर गिरी हुई मिली। वहीं, युवक का मोबाइल फोन नहर किनारे सड़क पर पड़ा हुआ मिला। लोगों ने यह भी बताया कि युवक के चेहरे के दोनों तरफ चोट जैसे निशान दिखाई दे रहे थे। सुबह ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल, मौत किन परिस्थितियों में हुई यह स्पष्ट नहीं हो सका है और क्षेत्र में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मृतक की अभी शादी नहीं हुई थी और इस घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन संदिग्धों पर आरोप लगा रहे हैं और यह भी कहा जा रहा है कि कर्मचारी भी सुरक्षित नहीं हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।1
- AIMIM की महराजगंज जिला इकाई ने जिलाध्यक्ष सरवर खान के नेतृत्व में जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से पार्टी ने ईदुल अजहा के पर्व के दौरान जिले में बेहतर बिजली आपूर्ति और साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। पार्टी ने विशेष रूप से यह अपील की है कि ईदगाहों, मस्जिदों और आवासीय मोहल्लों में विशेष सफाई अभियान चलाया जाए, ताकि पर्व के दौरान स्वच्छता बनी रहे। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने इस संबंध में आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।1
- बहुजन मुक्ति पार्टी ने खलीलाबाद के दुधारा थाना क्षेत्र के SHO अरविंद शर्मा पर करोड़ों रुपये की अवैध वसूली और भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। इस मामले में दुधारा थाना पुलिस सवालों के घेरे में आ गई है। बहुजन मुक्ति युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव आनंद कुमार ने इस संबंध में एक बयान जारी किया है। पार्टी का कहना है कि SHO अरविंद शर्मा पर करोड़ों की अवैध वसूली और भ्रष्टाचार का बड़ा आरोप लगा है, जिसके बाद उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस पूरे प्रकरण को लेकर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा गया है, जिसमें मामले की जांच और उचित कार्रवाई की मांग की गई है।1