महराजगंज के निचलौल स्थित कस्टम कार्यालय से सीमा सुरक्षा और सरकारी राजस्व से खिलवाड़ का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां तैनात कस्टम अधीक्षक भगवान शाह पर तस्करों को संरक्षण देने, उनसे सांठगांठ करने और विभागीय गोपनीय सूचनाएं सीधे तस्करों तक पहुंचाने का आरोप लगा है। इस घटना ने भारत-नेपाल सीमा पर सीमा शुल्क विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरा मामला तब शुरू हुआ जब एक जागरूक नागरिक/मुखबिर ने कस्टम अधीक्षक भगवान शाह को 'रेगहिया के धमौर' के रास्ते हो रही भारी मात्रा में बीज (Seed Smuggling) की तस्करी के बारे में पुख्ता जानकारी दी। नियम के अनुसार, इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए तस्करों को पकड़ा जाना चाहिए था। हालांकि, आरोप है कि सूचना मिलते ही अधीक्षक भगवान शाह ने अपने कर्तव्य की अनदेखी करते हुए, तत्काल इसकी जानकारी अपने 'चहेते' तस्कर को दे दी, जिससे तस्कर को पहले ही सतर्क कर दिया गया। सूचना लीक होने के बाद, पीड़ित मुखबिर के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया, जिसे 'ट्रू कॉलर' पर 'शिव कुमार' के रूप में पहचाना गया। फोन करने वाले व्यक्ति ने सीधे तौर पर मामले को 'मैनेज' करने की बात की। इसके कुछ ही देर बाद, खुद कस्टम अधीक्षक भगवान शाह ने मुखबिर को फोन कर कहा, "मैं बोल दिया हूँ, वह आप से मिलने के लिए कह रहा है।" यह दर्शाता है कि कस्टम अधीक्षक कथित तौर पर इस अवैध कारोबार को दबाने और मामले को सुलझाने के लिए बिचौलिए और पैरवीकार की भूमिका निभा रहे थे। इस घटना ने कस्टम विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि जब रक्षक ही तस्करों का मददगार बन जाए, तो सीमा पार से अवैध गतिविधियों को कैसे रोका जाएगा, और अगर अधिकारी मुखबिरों की पहचान उजागर करेंगे, तो भविष्य में कौन सूचना देने की हिम्मत करेगा। कस्टम अधीक्षक भगवान शाह और तस्करों की इस कथित मिलीभगत, जिसकी पुष्टि ऑडियो और कॉल डिटेल्स से होने का दावा किया जा रहा है, के सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप है। अब उच्चाधिकारियों से ऐसे 'तस्कर मित्र' अधीक्षक के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग उठ रही है, क्योंकि यह सीधे तौर पर देश की सीमा सुरक्षा से खिलवाड़ और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने का मामला है।
महराजगंज के निचलौल स्थित कस्टम कार्यालय से सीमा सुरक्षा और सरकारी राजस्व से खिलवाड़ का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां तैनात कस्टम अधीक्षक भगवान शाह पर तस्करों को संरक्षण देने, उनसे सांठगांठ करने और विभागीय गोपनीय सूचनाएं सीधे तस्करों तक पहुंचाने का आरोप लगा है। इस घटना ने भारत-नेपाल सीमा पर सीमा शुल्क विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरा मामला तब शुरू हुआ जब एक जागरूक नागरिक/मुखबिर ने कस्टम अधीक्षक भगवान शाह को 'रेगहिया के धमौर' के रास्ते हो रही भारी मात्रा में बीज (Seed Smuggling) की तस्करी के बारे में पुख्ता जानकारी दी। नियम के अनुसार, इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए तस्करों को पकड़ा जाना चाहिए था। हालांकि, आरोप है कि सूचना मिलते ही अधीक्षक भगवान शाह ने अपने कर्तव्य की अनदेखी करते हुए, तत्काल इसकी जानकारी अपने 'चहेते' तस्कर को दे दी, जिससे तस्कर को पहले ही सतर्क कर दिया गया। सूचना लीक होने के बाद, पीड़ित मुखबिर के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया, जिसे 'ट्रू कॉलर' पर 'शिव कुमार' के रूप में पहचाना गया। फोन करने वाले व्यक्ति ने सीधे तौर पर मामले को 'मैनेज' करने की बात की। इसके कुछ ही देर बाद, खुद कस्टम अधीक्षक भगवान शाह ने मुखबिर को फोन कर कहा, "मैं बोल दिया हूँ, वह आप से मिलने के लिए कह रहा है।" यह दर्शाता है कि कस्टम अधीक्षक कथित तौर पर इस अवैध कारोबार को दबाने और मामले को सुलझाने के लिए बिचौलिए और पैरवीकार की भूमिका निभा रहे थे। इस घटना ने कस्टम विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि जब रक्षक ही तस्करों का मददगार बन जाए, तो सीमा पार से अवैध गतिविधियों को कैसे रोका जाएगा, और अगर अधिकारी मुखबिरों की पहचान उजागर करेंगे, तो भविष्य में कौन सूचना देने की हिम्मत करेगा। कस्टम अधीक्षक भगवान शाह और तस्करों की इस कथित मिलीभगत, जिसकी पुष्टि ऑडियो और कॉल डिटेल्स से होने का दावा किया जा रहा है, के सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप है। अब उच्चाधिकारियों से ऐसे 'तस्कर मित्र' अधीक्षक के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग उठ रही है, क्योंकि यह सीधे तौर पर देश की सीमा सुरक्षा से खिलवाड़ और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने का मामला है।
- महराजगंज जनपद के कोल्हुई क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप पर एक युवक की बेरहमी से पिटाई का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। वायरल वीडियो को लेकर स्थानीय लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। इस पूरे मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई को लेकर सभी की निगाहें अब पुलिस पर टिकी हुई हैं।1
- महराजगंज जनपद के कोल्हुई पेट्रोल पंप पर एक युवक की कथित तौर पर बेरहमी से पिटाई का मामला सामने आया है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने पूरे महराजगंज में हड़कंप मचा दिया है।1
- महराजगंज के निचलौल स्थित कस्टम कार्यालय से सीमा सुरक्षा और सरकारी राजस्व से खिलवाड़ का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां तैनात कस्टम अधीक्षक भगवान शाह पर तस्करों को संरक्षण देने, उनसे सांठगांठ करने और विभागीय गोपनीय सूचनाएं सीधे तस्करों तक पहुंचाने का आरोप लगा है। इस घटना ने भारत-नेपाल सीमा पर सीमा शुल्क विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरा मामला तब शुरू हुआ जब एक जागरूक नागरिक/मुखबिर ने कस्टम अधीक्षक भगवान शाह को 'रेगहिया के धमौर' के रास्ते हो रही भारी मात्रा में बीज (Seed Smuggling) की तस्करी के बारे में पुख्ता जानकारी दी। नियम के अनुसार, इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए तस्करों को पकड़ा जाना चाहिए था। हालांकि, आरोप है कि सूचना मिलते ही अधीक्षक भगवान शाह ने अपने कर्तव्य की अनदेखी करते हुए, तत्काल इसकी जानकारी अपने 'चहेते' तस्कर को दे दी, जिससे तस्कर को पहले ही सतर्क कर दिया गया। सूचना लीक होने के बाद, पीड़ित मुखबिर के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया, जिसे 'ट्रू कॉलर' पर 'शिव कुमार' के रूप में पहचाना गया। फोन करने वाले व्यक्ति ने सीधे तौर पर मामले को 'मैनेज' करने की बात की। इसके कुछ ही देर बाद, खुद कस्टम अधीक्षक भगवान शाह ने मुखबिर को फोन कर कहा, "मैं बोल दिया हूँ, वह आप से मिलने के लिए कह रहा है।" यह दर्शाता है कि कस्टम अधीक्षक कथित तौर पर इस अवैध कारोबार को दबाने और मामले को सुलझाने के लिए बिचौलिए और पैरवीकार की भूमिका निभा रहे थे। इस घटना ने कस्टम विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि जब रक्षक ही तस्करों का मददगार बन जाए, तो सीमा पार से अवैध गतिविधियों को कैसे रोका जाएगा, और अगर अधिकारी मुखबिरों की पहचान उजागर करेंगे, तो भविष्य में कौन सूचना देने की हिम्मत करेगा। कस्टम अधीक्षक भगवान शाह और तस्करों की इस कथित मिलीभगत, जिसकी पुष्टि ऑडियो और कॉल डिटेल्स से होने का दावा किया जा रहा है, के सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप है। अब उच्चाधिकारियों से ऐसे 'तस्कर मित्र' अधीक्षक के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग उठ रही है, क्योंकि यह सीधे तौर पर देश की सीमा सुरक्षा से खिलवाड़ और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने का मामला है।1
- महराजगंज जिले में बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने पीस कमेटी की बैठक आयोजित की।1
- टिकुलहिया क्षेत्र में किसानों ने खाद न मिलने के कारण गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। अपनी इस नाराजगी को प्रकट करते हुए, आक्रोशित किसानों ने नायब तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन खाद की अनुपलब्धता से उत्पन्न हुई उनकी समस्याओं को दर्शाता है।1
- पुरंदरपुर थाना क्षेत्र से जुड़े बाइक चोरी के मामले में एक युवक ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है।1
- पंडित देवीशरण शास्त्री ने घोषणा की है कि किसी भी प्रकार की समस्या से चिंतित व्यक्ति उनसे बिना किसी झिझक के फोन पर संपर्क कर सकते हैं, जहाँ उन्हें पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा। संपर्क के लिए मोबाइल नंबर 6307689226 उपलब्ध कराया गया है। इसी क्रम में, स्टार पब्लिक न्यूज द्वारा आज दिनांक 25-05-2026 के लिए सभी चंद्रराशियों का दैनिक राशिफल भी जारी किया गया है।1
- यह पोस्ट गरीबी और मजबूरी से उपजी पीड़ा पर गहरा दुख व्यक्त करती है। इसमें कहा गया है कि गरीब का वास्तविक दर्द वही समझ सकता है, जिसने स्वयं ऐसी परिस्थितियों का सामना किया हो। पोस्ट इस बात पर जोर देती है कि गरीबों के रोते हुए चेहरे की व्यथा को कोई भी अन्य व्यक्ति नहीं समझ सकता।1