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मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर रेंज में शुक्रवार को एक मादा बाघ शावक का शव मिलने से वन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। शावक का मृत शरीर धमोखर बीट की सीमा से लगभग 500 मीटर दूर ग्राम चापर के राजस्व क्षेत्र में पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया और गहन जांच शुरू कर दी। वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर द्वारा किए गए शावक के प्राथमिक परीक्षण ने मौत के मामले में रहस्य बढ़ा दिया है। परीक्षण में शावक के सिर की हड्डियों में फ्रैक्चर होना पाया गया है, और उसके मृत शरीर पर नाखून व दांतों के निशान भी मिले हैं। इन प्रारंभिक तथ्यों ने शावक की मौत को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, वन विभाग का स्पष्ट कहना है कि मृत्यु के वास्तविक और सटीक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने स्वयं घटनास्थल का दौरा कर निरीक्षण किया। वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी के पहुंचने से पहले डॉग स्क्वाड द्वारा इलाके की सघन सर्चिंग कराई गई और मेटल डिटेक्टर से भी पूरे क्षेत्र की जांच की गई, लेकिन इस दौरान कोई भी संदिग्ध या अस्वाभाविक वस्तु बरामद नहीं हुई। फिलहाल शावक के शव को सुरक्षित रख लिया गया है और शनिवार, 18 जुलाई को उसका विधिवत पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की मानक संचालन प्रक्रिया के तहत शव का दाह संस्कार कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी की जाएगी।

9 hrs ago
user_Shyamkumargupta
Shyamkumargupta
पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
9 hrs ago

मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर रेंज में शुक्रवार को एक मादा बाघ शावक का शव मिलने से वन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। शावक का मृत शरीर धमोखर बीट की सीमा से लगभग 500 मीटर दूर ग्राम चापर के राजस्व क्षेत्र में पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर पूरे क्षेत्र को सुरक्षा

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घेरे में ले लिया और गहन जांच शुरू कर दी। वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर द्वारा किए गए शावक के प्राथमिक परीक्षण ने मौत के मामले में रहस्य बढ़ा दिया है। परीक्षण में शावक के सिर की हड्डियों में फ्रैक्चर होना पाया गया है, और उसके मृत शरीर पर नाखून व दांतों के निशान भी मिले हैं। इन प्रारंभिक तथ्यों ने शावक की मौत को लेकर कई

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गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, वन विभाग का स्पष्ट कहना है कि मृत्यु के वास्तविक और सटीक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने स्वयं घटनास्थल का दौरा कर निरीक्षण किया। वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी के पहुंचने से पहले डॉग स्क्वाड द्वारा इलाके की सघन सर्चिंग कराई

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गई और मेटल डिटेक्टर से भी पूरे क्षेत्र की जांच की गई, लेकिन इस दौरान कोई भी संदिग्ध या अस्वाभाविक वस्तु बरामद नहीं हुई। फिलहाल शावक के शव को सुरक्षित रख लिया गया है और शनिवार, 18 जुलाई को उसका विधिवत पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की मानक संचालन प्रक्रिया के तहत शव का दाह संस्कार कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी की जाएगी।

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  • उमरिया जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित उमड़ार बांध में नहाने के दौरान लापता हुए युवक शिवम सोनी का शव लगभग 24 घंटे तक चले लगातार रेस्क्यू अभियान के बाद बरामद कर लिया गया है। इस दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। शिवम अपने तीन दोस्तों के साथ बांध में नहाने गया था, जहां गहरे पानी में चले जाने के कारण वह डूब गया था। घटना के दौरान चारों युवक पानी में उतरे थे, तभी शिवम अचानक गहरे हिस्से में चला गया। उसके दोस्तों ने उसे बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन वह कुछ ही पलों में पानी में लापता हो गया। इसके बाद घबराए साथियों ने तत्काल घटना की सूचना परिजनों और पुलिस को दी। सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया और तत्काल सर्च अभियान शुरू किया गया। देर रात तक चले इस खोजी अभियान के बाद अंततः एसडीआरएफ की टीम को सफलता मिली और शिवम का शव बरामद किया जा सका।
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    उमरिया जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित उमड़ार बांध में नहाने के दौरान लापता हुए युवक शिवम सोनी का शव लगभग 24 घंटे तक चले लगातार रेस्क्यू अभियान के बाद बरामद कर लिया गया है। इस दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। शिवम अपने तीन दोस्तों के साथ बांध में नहाने गया था, जहां गहरे पानी में चले जाने के कारण वह डूब गया था।

घटना के दौरान चारों युवक पानी में उतरे थे, तभी शिवम अचानक गहरे हिस्से में चला गया। उसके दोस्तों ने उसे बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन वह कुछ ही पलों में पानी में लापता हो गया। इसके बाद घबराए साथियों ने तत्काल घटना की सूचना परिजनों और पुलिस को दी। सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया और तत्काल सर्च अभियान शुरू किया गया। देर रात तक चले इस खोजी अभियान के बाद अंततः एसडीआरएफ की टीम को सफलता मिली और शिवम का शव बरामद किया जा सका।
    user_पत्रकारिता
    पत्रकारिता
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में बांधवगढ़ स्थित टाइगर हैवन रिसोर्ट में मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की जिला इकाई का सम्मेलन भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मानपुर क्षेत्र की विधायक और पूर्व मंत्री सुश्री मीना सिंह ने बांधवगढ़ में प्रस्तावित पत्रकार भवन के निर्माण की पूरी जिम्मेदारी ली। उन्होंने भवन निर्माण की राह में आने वाली तमाम प्रशासनिक कठिनाइयों को दूर करने का भरोसा दिया और इसके लिए ₹1 लाख से लेकर ₹1 करोड़ तक की राशि देने की घोषणा की, जिसका उपस्थित पत्रकारों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक अजय सिंह ने पत्रकारों को समाज का आईना बताया। भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष अग्रवाल ने विषम परिस्थितियों में भी पत्रकारों के निर्भीक होकर काम करने की तारीफ की, जबकि भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य मिथिलेश मिश्रा ने पत्रकारों को लोकतंत्र का सजग प्रहरी करार दिया। संघ के प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया ने पत्रकारों को सही और सटीक सूचनाएं प्रकाशित करने की नसीहत दी। उन्होंने देवर्षि नारद, शूर्पणखा और हनुमान जी का उदाहरण देते हुए सही और गलत सूचना प्रसारित करने के परिणामों पर प्रकाश डाला और देश व समाज के हित में पत्रकारिता करने पर जोर दिया। इस भव्य कार्यक्रम की अध्यक्षता उमरिया जिला इकाई के अध्यक्ष चंद्रकांत दुबे ने की और मंच संचालन संतोष सिंह द्वारा किया गया। सम्मेलन में जिला पंचायत अध्यक्ष अनुजा पटेल, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष इंजी. विजय कोल, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पुष्पराज सिंह और नगर पालिका उमरिया के अध्यक्ष प्रतिनिधि त्रिभुवन प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में पत्रकार और पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान लक्ष्मी म्यूजिकल ग्रुप द्वारा शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। अंत में महासचिव विजय द्विवेदी द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया और सभी अतिथियों को शाल, श्रीफल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
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    मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में बांधवगढ़ स्थित टाइगर हैवन रिसोर्ट में मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की जिला इकाई का सम्मेलन भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मानपुर क्षेत्र की विधायक और पूर्व मंत्री सुश्री मीना सिंह ने बांधवगढ़ में प्रस्तावित पत्रकार भवन के निर्माण की पूरी जिम्मेदारी ली। उन्होंने भवन निर्माण की राह में आने वाली तमाम प्रशासनिक कठिनाइयों को दूर करने का भरोसा दिया और इसके लिए ₹1 लाख से लेकर ₹1 करोड़ तक की राशि देने की घोषणा की, जिसका उपस्थित पत्रकारों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक अजय सिंह ने पत्रकारों को समाज का आईना बताया। भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष अग्रवाल ने विषम परिस्थितियों में भी पत्रकारों के निर्भीक होकर काम करने की तारीफ की, जबकि भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य मिथिलेश मिश्रा ने पत्रकारों को लोकतंत्र का सजग प्रहरी करार दिया। संघ के प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया ने पत्रकारों को सही और सटीक सूचनाएं प्रकाशित करने की नसीहत दी। उन्होंने देवर्षि नारद, शूर्पणखा और हनुमान जी का उदाहरण देते हुए सही और गलत सूचना प्रसारित करने के परिणामों पर प्रकाश डाला और देश व समाज के हित में पत्रकारिता करने पर जोर दिया।

इस भव्य कार्यक्रम की अध्यक्षता उमरिया जिला इकाई के अध्यक्ष चंद्रकांत दुबे ने की और मंच संचालन संतोष सिंह द्वारा किया गया। सम्मेलन में जिला पंचायत अध्यक्ष अनुजा पटेल, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष इंजी. विजय कोल, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पुष्पराज सिंह और नगर पालिका उमरिया के अध्यक्ष प्रतिनिधि त्रिभुवन प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में पत्रकार और पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान लक्ष्मी म्यूजिकल ग्रुप द्वारा शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। अंत में महासचिव विजय द्विवेदी द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया और सभी अतिथियों को शाल, श्रीफल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले के एक छोटे से गांव चटिया के होनहार बालक इमानुएल मरावी आज 4 वर्ष के हो गए हैं और आज उनका जन्मदिन मनाया जा रहा है। अपने मासूम चेहरे, खिलखिलाती हुई हंसी और बेहद भोले स्वभाव से उन्होंने अपने परिजनों, समाज और रिश्तेदारों के दिलों में एक बेहद खास जगह बना ली है। इमानुएल की यह प्यारी मुस्कान हर किसी के जीवन में नई ऊर्जा और खुशी भर देती है। इस विशेष दिन पर नन्हे सितारे इमानुएल को जन्मदिन की ढेर सारी बधाइयां और शुभकामनाएं दी गई हैं। परिजनों ने प्रभु से प्रार्थना की है कि वे इमानुएल को अपने ढेरों आशीषों से भर दें और यह दिन उनके जीवन में सदैव प्रेम, आनंद, खुशी, उत्तम स्वास्थ्य और अच्छी सफलता लेकर आए।
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    मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले के एक छोटे से गांव चटिया के होनहार बालक इमानुएल मरावी आज 4 वर्ष के हो गए हैं और आज उनका जन्मदिन मनाया जा रहा है। अपने मासूम चेहरे, खिलखिलाती हुई हंसी और बेहद भोले स्वभाव से उन्होंने अपने परिजनों, समाज और रिश्तेदारों के दिलों में एक बेहद खास जगह बना ली है। इमानुएल की यह प्यारी मुस्कान हर किसी के जीवन में नई ऊर्जा और खुशी भर देती है। इस विशेष दिन पर नन्हे सितारे इमानुएल को जन्मदिन की ढेर सारी बधाइयां और शुभकामनाएं दी गई हैं। परिजनों ने प्रभु से प्रार्थना की है कि वे इमानुएल को अपने ढेरों आशीषों से भर दें और यह दिन उनके जीवन में सदैव प्रेम, आनंद, खुशी, उत्तम स्वास्थ्य और अच्छी सफलता लेकर आए।
    user_Dileep Kumar Maravi
    Dileep Kumar Maravi
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • डिंडौरी जिले में किसानों को वैज्ञानिक खेती के लिए सही सलाह देने के उद्देश्य से स्थापित मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। जिले को वर्ष 2026-27 के लिए 7,514 मृदा नमूनों की जांच का लक्ष्य दिया गया था, जिसके विरुद्ध अब तक केवल 3,455 नमूनों की जांच कर मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा सके हैं। इस प्रकार जिले में अब तक लगभग 46 प्रतिशत लक्ष्य ही पूरा हो सका है। इस बीच, सूत्रों के दावे के अनुसार भारत सरकार की गाइडलाइन के विपरीत कुछ प्रयोगशालाओं में अपेक्षित तकनीकी योग्यता के बिना ही कर्मचारियों से मृदा परीक्षण कराया जा रहा है। सरकार की गाइडलाइन के तहत मिट्टी की जांच 12 निर्धारित पैरामीटरों पर प्रशिक्षित एवं तकनीकी रूप से योग्य कर्मियों द्वारा की जानी चाहिए, जिसके लिए सामान्यतः कृषि विषय में स्नातक (बी.एससी. एग्रीकल्चर) की योग्यता आवश्यक बताई जाती है। इसके अलावा, अधिकांश प्रयोगशालाओं में कर्मचारियों की जानकारी दर्शाने वाला कोई डिस्प्ले बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिससे वहां कार्यरत लैब टेक्नीशियन, सहायक अथवा अन्य कर्मचारियों के नाम, पद या योग्यता की कोई सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इससे पूरी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो मृदा स्वास्थ्य कार्ड की रिपोर्ट और उर्वरक संबंधी सलाह की गुणवत्ता प्रभावित होने से किसानों की लागत, उत्पादन और फसल पर सीधा असर पड़ेगा। इसके साथ ही, कई रिपोर्टों में डीएपी उर्वरक की अनुशंसा की जा रही है, लेकिन किसानों का कहना है कि जिले में डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता ही नहीं है, जिससे उनके सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। वहीं, किसानों को बुवाई पूरी होने के बाद मृदा स्वास्थ्य कार्ड मिलने की समस्या भी सामने आई है, जिससे समय निकल जाने पर उन्हें वैज्ञानिक सलाह का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष श्री बिहारी लाल साहू ने कहा कि समय पर मृदा परीक्षण न होना विभाग की बड़ी लापरवाही है। इससे किसान वैज्ञानिक तरीके से उर्वरकों का उपयोग नहीं कर पाएंगे, जिससे पूरे कृषि सत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उधर, कृषि विभाग के अनुविभागीय अधिकारी ने इस संबंध में कहा है कि यह जानकारी उनके संज्ञान में लाई गई है और वे पूरे मामले की जानकारी प्राप्त कर अवगत कराएंगे। स्थानीय लोग अब प्रयोगशालाओं के नियमित निरीक्षण, गुणवत्ता जांच और कर्मचारियों की योग्यता के सत्यापन की मांग कर रहे हैं ताकि योजना का उद्देश्य पूरा हो सके।
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    डिंडौरी जिले में किसानों को वैज्ञानिक खेती के लिए सही सलाह देने के उद्देश्य से स्थापित मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। जिले को वर्ष 2026-27 के लिए 7,514 मृदा नमूनों की जांच का लक्ष्य दिया गया था, जिसके विरुद्ध अब तक केवल 3,455 नमूनों की जांच कर मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा सके हैं। इस प्रकार जिले में अब तक लगभग 46 प्रतिशत लक्ष्य ही पूरा हो सका है।

इस बीच, सूत्रों के दावे के अनुसार भारत सरकार की गाइडलाइन के विपरीत कुछ प्रयोगशालाओं में अपेक्षित तकनीकी योग्यता के बिना ही कर्मचारियों से मृदा परीक्षण कराया जा रहा है। सरकार की गाइडलाइन के तहत मिट्टी की जांच 12 निर्धारित पैरामीटरों पर प्रशिक्षित एवं तकनीकी रूप से योग्य कर्मियों द्वारा की जानी चाहिए, जिसके लिए सामान्यतः कृषि विषय में स्नातक (बी.एससी. एग्रीकल्चर) की योग्यता आवश्यक बताई जाती है। इसके अलावा, अधिकांश प्रयोगशालाओं में कर्मचारियों की जानकारी दर्शाने वाला कोई डिस्प्ले बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिससे वहां कार्यरत लैब टेक्नीशियन, सहायक अथवा अन्य कर्मचारियों के नाम, पद या योग्यता की कोई सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इससे पूरी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।

यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो मृदा स्वास्थ्य कार्ड की रिपोर्ट और उर्वरक संबंधी सलाह की गुणवत्ता प्रभावित होने से किसानों की लागत, उत्पादन और फसल पर सीधा असर पड़ेगा। इसके साथ ही, कई रिपोर्टों में डीएपी उर्वरक की अनुशंसा की जा रही है, लेकिन किसानों का कहना है कि जिले में डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता ही नहीं है, जिससे उनके सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। वहीं, किसानों को बुवाई पूरी होने के बाद मृदा स्वास्थ्य कार्ड मिलने की समस्या भी सामने आई है, जिससे समय निकल जाने पर उन्हें वैज्ञानिक सलाह का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।

इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष श्री बिहारी लाल साहू ने कहा कि समय पर मृदा परीक्षण न होना विभाग की बड़ी लापरवाही है। इससे किसान वैज्ञानिक तरीके से उर्वरकों का उपयोग नहीं कर पाएंगे, जिससे पूरे कृषि सत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उधर, कृषि विभाग के अनुविभागीय अधिकारी ने इस संबंध में कहा है कि यह जानकारी उनके संज्ञान में लाई गई है और वे पूरे मामले की जानकारी प्राप्त कर अवगत कराएंगे। स्थानीय लोग अब प्रयोगशालाओं के नियमित निरीक्षण, गुणवत्ता जांच और कर्मचारियों की योग्यता के सत्यापन की मांग कर रहे हैं ताकि योजना का उद्देश्य पूरा हो सके।
    user_खमोद चंदेल
    खमोद चंदेल
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • अनूपपुर जिले के जैतहरी में वेंकटनगर-अनूपपुर मुख्य मार्ग पर राठौर चौक के पास दोपहर 2 से 3 बजे के बीच एक डम्फर ने एमपी आरडीसी के साइन बोर्ड को टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद साइन बोर्ड टूटकर डम्फर के ऊपर ही गिर गया। इस वजह से वेंकटनगर-अनूपपुर मुख्य मार्ग पर लगभग 1 घंटे तक जाम लगा रहा। सड़क पर लगे जाम को खुलवाने के लिए पुलिस ने जेसीबी की मदद ली। पुलिस ने जेसीबी के जरिए डम्फर के ऊपर गिरे साइन बोर्ड को हटवाया और इसके बाद यातायात बहाल करवाया। राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं है।
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    अनूपपुर जिले के जैतहरी में वेंकटनगर-अनूपपुर मुख्य मार्ग पर राठौर चौक के पास दोपहर 2 से 3 बजे के बीच एक डम्फर ने एमपी आरडीसी के साइन बोर्ड को टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद साइन बोर्ड टूटकर डम्फर के ऊपर ही गिर गया। इस वजह से वेंकटनगर-अनूपपुर मुख्य मार्ग पर लगभग 1 घंटे तक जाम लगा रहा।

सड़क पर लगे जाम को खुलवाने के लिए पुलिस ने जेसीबी की मदद ली। पुलिस ने जेसीबी के जरिए डम्फर के ऊपर गिरे साइन बोर्ड को हटवाया और इसके बाद यातायात बहाल करवाया। राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं है।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर रेंज में शुक्रवार को एक मादा बाघ शावक का शव मिलने से वन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। शावक का मृत शरीर धमोखर बीट की सीमा से लगभग 500 मीटर दूर ग्राम चापर के राजस्व क्षेत्र में पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया और गहन जांच शुरू कर दी। वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर द्वारा किए गए शावक के प्राथमिक परीक्षण ने मौत के मामले में रहस्य बढ़ा दिया है। परीक्षण में शावक के सिर की हड्डियों में फ्रैक्चर होना पाया गया है, और उसके मृत शरीर पर नाखून व दांतों के निशान भी मिले हैं। इन प्रारंभिक तथ्यों ने शावक की मौत को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, वन विभाग का स्पष्ट कहना है कि मृत्यु के वास्तविक और सटीक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने स्वयं घटनास्थल का दौरा कर निरीक्षण किया। वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी के पहुंचने से पहले डॉग स्क्वाड द्वारा इलाके की सघन सर्चिंग कराई गई और मेटल डिटेक्टर से भी पूरे क्षेत्र की जांच की गई, लेकिन इस दौरान कोई भी संदिग्ध या अस्वाभाविक वस्तु बरामद नहीं हुई। फिलहाल शावक के शव को सुरक्षित रख लिया गया है और शनिवार, 18 जुलाई को उसका विधिवत पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की मानक संचालन प्रक्रिया के तहत शव का दाह संस्कार कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी की जाएगी।
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    मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर रेंज में शुक्रवार को एक मादा बाघ शावक का शव मिलने से वन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। शावक का मृत शरीर धमोखर बीट की सीमा से लगभग 500 मीटर दूर ग्राम चापर के राजस्व क्षेत्र में पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया और गहन जांच शुरू कर दी।

वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर द्वारा किए गए शावक के प्राथमिक परीक्षण ने मौत के मामले में रहस्य बढ़ा दिया है। परीक्षण में शावक के सिर की हड्डियों में फ्रैक्चर होना पाया गया है, और उसके मृत शरीर पर नाखून व दांतों के निशान भी मिले हैं। इन प्रारंभिक तथ्यों ने शावक की मौत को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, वन विभाग का स्पष्ट कहना है कि मृत्यु के वास्तविक और सटीक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने स्वयं घटनास्थल का दौरा कर निरीक्षण किया। वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी के पहुंचने से पहले डॉग स्क्वाड द्वारा इलाके की सघन सर्चिंग कराई गई और मेटल डिटेक्टर से भी पूरे क्षेत्र की जांच की गई, लेकिन इस दौरान कोई भी संदिग्ध या अस्वाभाविक वस्तु बरामद नहीं हुई। फिलहाल शावक के शव को सुरक्षित रख लिया गया है और शनिवार, 18 जुलाई को उसका विधिवत पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की मानक संचालन प्रक्रिया के तहत शव का दाह संस्कार कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी की जाएगी।
    user_Shyamkumargupta
    Shyamkumargupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
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