राजस्थान के झझु गांव में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के दौरान सरकारी व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई है। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सेठियों का बास, झझु में बनाए गए पोलियो बूथ पर निर्धारित समय पर ताला नहीं खुला, जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग की टीम को भीषण गर्मी में खुले आसमान के नीचे अभियान चलाना पड़ा। अंततः टीम ने विद्यालय के पास एक पेड़ की छांव में बैठकर पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। सेक्टर हेल्थ सुपरवाइजर मूलाराम जल ने बताया कि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अरुणा को व्हाट्सएप के माध्यम से अभियान की सूचना भेजी गई थी और फोन पर भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल लगातार बंद मिला। संबंधित विभाग को सूचना देने के बावजूद विद्यालय का ताला नहीं खुल सका। विद्यालय स्टाफ से मिली जानकारी के अनुसार, विद्यालय की चाबी प्रधानाध्यापिका के पास ही है और अन्य स्टाफ राजस्थान से बाहर होने के कारण मौके पर उपलब्ध नहीं था। इस दौरान आशा सहयोगिनी भागीरथी, सेक्टर हेल्थ सुपरवाइजर मूलाराम जल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कमला, साथिन बबीता और सहायिका अलका मौके पर मौजूद रहीं। टीम ने इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए धूप में भी अभियान जारी रखा और बाद में पेड़ की छांव में बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान को सफल बनाया। इस पूरे मामले पर सीबीओ संदीप गौड़ ने प्रथम दृष्टया लापरवाही स्वीकार करते हुए कहा कि संबंधित विद्यालय स्टाफ को नोटिस जारी किया जाएगा और जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस घटना ने पल्स पोलियो जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान के दौरान सरकारी समन्वय और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं, हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अभियान को बाधित नहीं होने दिया और बच्चों को समय पर पोलियो की दवा पिलाकर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया।
राजस्थान के झझु गांव में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के दौरान सरकारी व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई है। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सेठियों का बास, झझु में बनाए गए पोलियो बूथ पर निर्धारित समय पर ताला नहीं खुला, जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग की टीम को भीषण गर्मी में खुले आसमान के नीचे अभियान चलाना पड़ा। अंततः टीम ने विद्यालय के पास एक पेड़ की छांव में बैठकर पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। सेक्टर हेल्थ सुपरवाइजर मूलाराम जल ने बताया कि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अरुणा को व्हाट्सएप के माध्यम से अभियान की सूचना भेजी गई थी और फोन पर भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल लगातार बंद मिला। संबंधित विभाग को सूचना देने के बावजूद विद्यालय का ताला नहीं खुल सका। विद्यालय स्टाफ से मिली जानकारी के अनुसार, विद्यालय की चाबी प्रधानाध्यापिका के पास ही है और अन्य स्टाफ राजस्थान से बाहर होने के कारण मौके पर उपलब्ध नहीं था। इस दौरान आशा सहयोगिनी भागीरथी, सेक्टर हेल्थ सुपरवाइजर मूलाराम जल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कमला, साथिन बबीता और सहायिका अलका मौके पर मौजूद रहीं। टीम ने इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए धूप में भी अभियान जारी रखा और बाद में पेड़ की छांव में बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान को सफल बनाया। इस पूरे मामले पर सीबीओ संदीप गौड़ ने प्रथम दृष्टया लापरवाही स्वीकार करते हुए कहा कि संबंधित विद्यालय स्टाफ को नोटिस जारी किया जाएगा और जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस घटना ने पल्स पोलियो जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान के दौरान सरकारी समन्वय और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं, हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अभियान को बाधित नहीं होने दिया और बच्चों को समय पर पोलियो की दवा पिलाकर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया।
- बीकानेर के कोलायत तहसील के ग्राम गोविंदसर में शनिवार शाम 'नशा भगाओ–खेलों को अपनाओ' अभियान के तहत ग्राम पंचायत मैदान में एक भव्य कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया। शाम 6 बजे शुरू हुआ यह दंगल रात करीब 9 बजे अपने अंतिम मुकाबले के साथ संपन्न हुआ। इस प्रतियोगिता में राजस्थान, पंजाब और हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों के नामी पहलवानों ने अपना दमखम और शानदार दांव-पेच दिखाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। ग्रामीण खेतपाल गोविंदसर के अनुसार, दंगल का सबसे रोमांचक फाइनल मुकाबला मुकेश गोदारा और छगन मीणा के बीच हुआ। करीब 30 मिनट तक चले इस संघर्षपूर्ण मैच में दोनों पहलवानों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, लेकिन कोई भी निर्णायक बढ़त हासिल नहीं कर सका, जिसके परिणामस्वरूप मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ। इस दंगल में बाबा फरीद, रियासत अली, जेठाराम राजपुरिया और श्रवण बिश्नोई जैसे कई स्थानीय और बाहरी पहलवानों ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान ग्रामीणों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी श्रद्धा के अनुसार पहलवानों को नकद पुरस्कार देकर उनका उत्साह बढ़ाया। फाइनल मुकाबले के बाद सरपंच प्रतिनिधि सताराम कुमावत ने दोनों फाइनलिस्ट पहलवानों को सम्मानित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। आयोजकों ने युवाओं को संबोधित करते हुए बताया कि दंगल का मुख्य उद्देश्य उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रखना और खेलों के प्रति प्रेरित करना है, क्योंकि खेल शारीरिक और मानसिक विकास के साथ-साथ युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का एक सशक्त माध्यम हैं। बाहर से आए खिलाड़ियों ने ग्राम पंचायत गोविंदसर में उपलब्ध खेल सुविधाओं और सरपंच के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसी सुविधायुक्त पंचायत पहली बार देखी है। कार्यक्रम का समापन 'नशा भगाओ–खेलों को अपनाओ' के महत्वपूर्ण संदेश के साथ किया गया।1
- बीकानेर में एक घटना के बाद स्कॉर वाहन का सवार मौके से फरार हो गया।1
- राजस्थान से हनुमान बेनीवाल से जुड़ी एक खबर सामने आई है, जिसमें उनके प्रति सशक्त और सकारात्मक भाव व्यक्त किया गया है।1
- नागौर जिले के रियांबडी उपखंड क्षेत्र के ग्राम लाडवा में मनोहरी बाईजी की प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। यह समारोह धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जीव दया का महत्वपूर्ण संदेश देने वाला आयोजन बन गया। इस महोत्सव में श्रद्धालुओं को 51 परिंडे वितरित कर पक्षी संरक्षण और अधिक से अधिक पौधरोपण का संकल्प दिलाया गया। ग्राम लाडवा के लेसवा रोड स्थित बांयासा बापजी–सांतु बहना धाम पर रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मनोहरी बाईजी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा श्रद्धापूर्वक संपन्न हुई। पंडित महावीर शास्त्री और ओमप्रकाश गौड़ के सान्निध्य में हवन-पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए, जिसमें श्रद्धालुओं ने लोककल्याण, सुख-समृद्धि और अच्छी वर्षा की कामना की। महोत्सव के दौरान धर्मसभा में पंडित महावीर शास्त्री ने गौसेवा, जीव दया, मातृ-पितृ सेवा और सनातन संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि धर्म का वास्तविक स्वरूप सेवा, संस्कार और प्रकृति संरक्षण में ही निहित है। आयोजन समिति ने विशेष रूप से पक्षियों के संरक्षण के लिए 51 परिंडे वितरित किए और उपस्थित श्रद्धालुओं को वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक पौधरोपण करने, पक्षियों के लिए परिंडे लगाने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया। समारोह से पूर्व आयोजित भजन संध्या में स्थानीय कलाकारों ने अपनी भक्तिमय प्रस्तुतियों से पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया था। कार्यक्रम के अंत में महाआरती, प्रसादी वितरण एवं आए हुए अतिथियों का सम्मान किया गया।4
- Post by Sitaram1
- राजस्थान के झझु गांव में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के दौरान सरकारी व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई है। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सेठियों का बास, झझु में बनाए गए पोलियो बूथ पर निर्धारित समय पर ताला नहीं खुला, जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग की टीम को भीषण गर्मी में खुले आसमान के नीचे अभियान चलाना पड़ा। अंततः टीम ने विद्यालय के पास एक पेड़ की छांव में बैठकर पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। सेक्टर हेल्थ सुपरवाइजर मूलाराम जल ने बताया कि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अरुणा को व्हाट्सएप के माध्यम से अभियान की सूचना भेजी गई थी और फोन पर भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल लगातार बंद मिला। संबंधित विभाग को सूचना देने के बावजूद विद्यालय का ताला नहीं खुल सका। विद्यालय स्टाफ से मिली जानकारी के अनुसार, विद्यालय की चाबी प्रधानाध्यापिका के पास ही है और अन्य स्टाफ राजस्थान से बाहर होने के कारण मौके पर उपलब्ध नहीं था। इस दौरान आशा सहयोगिनी भागीरथी, सेक्टर हेल्थ सुपरवाइजर मूलाराम जल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कमला, साथिन बबीता और सहायिका अलका मौके पर मौजूद रहीं। टीम ने इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए धूप में भी अभियान जारी रखा और बाद में पेड़ की छांव में बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान को सफल बनाया। इस पूरे मामले पर सीबीओ संदीप गौड़ ने प्रथम दृष्टया लापरवाही स्वीकार करते हुए कहा कि संबंधित विद्यालय स्टाफ को नोटिस जारी किया जाएगा और जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस घटना ने पल्स पोलियो जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान के दौरान सरकारी समन्वय और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं, हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अभियान को बाधित नहीं होने दिया और बच्चों को समय पर पोलियो की दवा पिलाकर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया।1
- फलोदी जिले में शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे लोर्डिया से बापिणी गांव की ओर जाने वाले सड़क मार्ग पर एक झगड़ा हुआ। इस घटना में एक व्यक्ति घायल हो गया, जिसने बाद में इस झड़प के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई।1