नागौर जिले के रियांबडी उपखंड क्षेत्र के ग्राम लाडवा में मनोहरी बाईजी की प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। यह समारोह धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जीव दया का महत्वपूर्ण संदेश देने वाला आयोजन बन गया। इस महोत्सव में श्रद्धालुओं को 51 परिंडे वितरित कर पक्षी संरक्षण और अधिक से अधिक पौधरोपण का संकल्प दिलाया गया। ग्राम लाडवा के लेसवा रोड स्थित बांयासा बापजी–सांतु बहना धाम पर रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मनोहरी बाईजी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा श्रद्धापूर्वक संपन्न हुई। पंडित महावीर शास्त्री और ओमप्रकाश गौड़ के सान्निध्य में हवन-पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए, जिसमें श्रद्धालुओं ने लोककल्याण, सुख-समृद्धि और अच्छी वर्षा की कामना की। महोत्सव के दौरान धर्मसभा में पंडित महावीर शास्त्री ने गौसेवा, जीव दया, मातृ-पितृ सेवा और सनातन संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि धर्म का वास्तविक स्वरूप सेवा, संस्कार और प्रकृति संरक्षण में ही निहित है। आयोजन समिति ने विशेष रूप से पक्षियों के संरक्षण के लिए 51 परिंडे वितरित किए और उपस्थित श्रद्धालुओं को वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक पौधरोपण करने, पक्षियों के लिए परिंडे लगाने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया। समारोह से पूर्व आयोजित भजन संध्या में स्थानीय कलाकारों ने अपनी भक्तिमय प्रस्तुतियों से पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया था। कार्यक्रम के अंत में महाआरती, प्रसादी वितरण एवं आए हुए अतिथियों का सम्मान किया गया।
नागौर जिले के रियांबडी उपखंड क्षेत्र के ग्राम लाडवा में मनोहरी बाईजी की प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। यह समारोह धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जीव दया का महत्वपूर्ण संदेश देने वाला आयोजन बन गया। इस महोत्सव में श्रद्धालुओं को 51 परिंडे वितरित कर पक्षी संरक्षण और अधिक से अधिक पौधरोपण
का संकल्प दिलाया गया। ग्राम लाडवा के लेसवा रोड स्थित बांयासा बापजी–सांतु बहना धाम पर रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मनोहरी बाईजी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा श्रद्धापूर्वक संपन्न हुई। पंडित महावीर शास्त्री और ओमप्रकाश गौड़ के सान्निध्य में हवन-पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए, जिसमें श्रद्धालुओं ने लोककल्याण, सुख-समृद्धि और अच्छी वर्षा की
कामना की। महोत्सव के दौरान धर्मसभा में पंडित महावीर शास्त्री ने गौसेवा, जीव दया, मातृ-पितृ सेवा और सनातन संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि धर्म का वास्तविक स्वरूप सेवा, संस्कार और प्रकृति संरक्षण में ही निहित है। आयोजन समिति ने विशेष रूप से पक्षियों के संरक्षण के लिए 51 परिंडे वितरित किए और उपस्थित
श्रद्धालुओं को वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक पौधरोपण करने, पक्षियों के लिए परिंडे लगाने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया। समारोह से पूर्व आयोजित भजन संध्या में स्थानीय कलाकारों ने अपनी भक्तिमय प्रस्तुतियों से पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया था। कार्यक्रम के अंत में महाआरती, प्रसादी वितरण एवं आए हुए अतिथियों का सम्मान किया गया।
- नागौर जिले के रियांबडी उपखंड क्षेत्र के ग्राम लाडवा में मनोहरी बाईजी की प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। यह समारोह धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जीव दया का महत्वपूर्ण संदेश देने वाला आयोजन बन गया। इस महोत्सव में श्रद्धालुओं को 51 परिंडे वितरित कर पक्षी संरक्षण और अधिक से अधिक पौधरोपण का संकल्प दिलाया गया। ग्राम लाडवा के लेसवा रोड स्थित बांयासा बापजी–सांतु बहना धाम पर रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मनोहरी बाईजी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा श्रद्धापूर्वक संपन्न हुई। पंडित महावीर शास्त्री और ओमप्रकाश गौड़ के सान्निध्य में हवन-पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए, जिसमें श्रद्धालुओं ने लोककल्याण, सुख-समृद्धि और अच्छी वर्षा की कामना की। महोत्सव के दौरान धर्मसभा में पंडित महावीर शास्त्री ने गौसेवा, जीव दया, मातृ-पितृ सेवा और सनातन संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि धर्म का वास्तविक स्वरूप सेवा, संस्कार और प्रकृति संरक्षण में ही निहित है। आयोजन समिति ने विशेष रूप से पक्षियों के संरक्षण के लिए 51 परिंडे वितरित किए और उपस्थित श्रद्धालुओं को वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक पौधरोपण करने, पक्षियों के लिए परिंडे लगाने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया। समारोह से पूर्व आयोजित भजन संध्या में स्थानीय कलाकारों ने अपनी भक्तिमय प्रस्तुतियों से पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया था। कार्यक्रम के अंत में महाआरती, प्रसादी वितरण एवं आए हुए अतिथियों का सम्मान किया गया।4
- Post by Sitaram1
- बीकानेर के PBM अस्पताल में अधीक्षक से यह मांग की गई है कि मरीजों की जांचें डॉक्टरों द्वारा लिखे जाने के तुरंत बाद उसी दिन सुनिश्चित की जाएं। इस मांग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को अपनी जांच करवाने के लिए नंबर लगाकर कई दिनों तक इंतजार न करना पड़े, बल्कि उन्हें तत्काल जांच सुविधा मिल सके।1
- रियां बड़ी नगर पालिका क्षेत्र में रोहिसा रोड से दासावास रोड को जोड़ने वाली गली में नाली का निर्माण न होने के कारण घरों का गंदा पानी सीधे सड़क पर बह रहा है, जिससे पूरे मार्ग पर कीचड़ फैल गया है। इस गंभीर समस्या के चलते स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, और बारिश के मौसम में स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से सड़क पर जमा इस कीचड़ और फिसलन के कारण राशन लेने आने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य लोगों के कई बार गिरने की घटनाएँ हुई हैं। गली में संचालित एक ई-मित्र केंद्र के संचालक एवं ग्रामीण बैंक बीसी दिनेश दगदी ने बताया कि गंदगी और कीचड़ के कारण ग्राहकों को काफी असुविधा होती है, जिससे वे अक्सर नाराजगी व्यक्त करते हैं। इसी तरह, किराना व्यापारी दिनेश पालड़िया ने भी शिकायत की कि उनकी दुकान पर आने वाले ग्राहकों को सड़क पर फैले कीचड़ और गंदे पानी की वजह से परेशानी होती है, जिससे उनके व्यापार पर भी बुरा असर पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है और वे लंबे समय से नाली निर्माण की मांग कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल नाली का निर्माण कर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो बारिश के दौरान हालात और बिगड़ सकते हैं, और वे सामूहिक रूप से प्रशासन के समक्ष विरोध प्रदर्शन दर्ज कराएंगे।1
- राजस्थान के झझु गांव में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के दौरान सरकारी व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई है। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सेठियों का बास, झझु में बनाए गए पोलियो बूथ पर निर्धारित समय पर ताला नहीं खुला, जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग की टीम को भीषण गर्मी में खुले आसमान के नीचे अभियान चलाना पड़ा। अंततः टीम ने विद्यालय के पास एक पेड़ की छांव में बैठकर पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। सेक्टर हेल्थ सुपरवाइजर मूलाराम जल ने बताया कि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अरुणा को व्हाट्सएप के माध्यम से अभियान की सूचना भेजी गई थी और फोन पर भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल लगातार बंद मिला। संबंधित विभाग को सूचना देने के बावजूद विद्यालय का ताला नहीं खुल सका। विद्यालय स्टाफ से मिली जानकारी के अनुसार, विद्यालय की चाबी प्रधानाध्यापिका के पास ही है और अन्य स्टाफ राजस्थान से बाहर होने के कारण मौके पर उपलब्ध नहीं था। इस दौरान आशा सहयोगिनी भागीरथी, सेक्टर हेल्थ सुपरवाइजर मूलाराम जल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कमला, साथिन बबीता और सहायिका अलका मौके पर मौजूद रहीं। टीम ने इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए धूप में भी अभियान जारी रखा और बाद में पेड़ की छांव में बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान को सफल बनाया। इस पूरे मामले पर सीबीओ संदीप गौड़ ने प्रथम दृष्टया लापरवाही स्वीकार करते हुए कहा कि संबंधित विद्यालय स्टाफ को नोटिस जारी किया जाएगा और जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस घटना ने पल्स पोलियो जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान के दौरान सरकारी समन्वय और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं, हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अभियान को बाधित नहीं होने दिया और बच्चों को समय पर पोलियो की दवा पिलाकर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया।1
- यहां एक नाली का पानी आगे नहीं जा पा रहा है, क्योंकि उसमें मिट्टी डाल दी गई है। इसके चलते नाली का पानी ब्लॉक पर आ गया है, जिससे आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है। जानकारी के अनुसार, कुछ लोग जबरदस्ती नाली से मिट्टी हटाने नहीं दे रहे हैं। यह समस्या उस जगह पर उत्पन्न हुई है जहाँ एक ब्लॉक लगाया गया है और नाली का निर्माण किया गया है।4
- बीड़ में एक निजी विद्यालय की छात्रा का एक्सीडेंट हो गया। यह घटना तब हुई जब छात्रा सड़क पार कर रही थी और उसकी मोटरसाइकिल रास्ते में खड़ी एक स्कूल बस से टकरा गई।1