प्रयागराज जनपद के मेजा तहसील में स्थित औता महावीर धाम क्षेत्र के अत्यंत प्राचीन और श्रद्धा के केंद्र हैं। यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि अपनी ऐतिहासिकता और लोगों की गहरी आस्था के लिए भी जाना जाता है। मंदिर का महत्व और इतिहास औता महावीर मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यहाँ स्थापित बजरंगबली की प्रतिमा अत्यंत चमत्कारी है। कहा जाता है कि जो भी भक्त यहाँ सच्ची श्रद्धा के साथ आता है, उसकी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं। मंदिर की बनावट और यहाँ का शांत वातावरण श्रद्धालुओं को एक आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कराता है। धार्मिक आयोजन और मेले इस धाम की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ लगने वाला मंगलबारी मेला है। विशेषकर जेठ के महीने में पड़ने वाले 'बड़े मंगल' के अवसर पर यहाँ श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ता है। * श्रृंगार और पूजन: मंगलवार और शनिवार को यहाँ विशेष पूजा-अर्चना और सुंदरकांड का पाठ किया जाता है। * भंडारा: श्रद्धालुओं द्वारा अक्सर यहाँ विशाल भंडारे आयोजित किए जाते हैं, जिसमें दूर-दूर से लोग प्रसाद ग्रहण करने पहुँचते हैं। सामाजिक एवं सांस्कृतिक केंद्र औता महावीर केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि मेजा क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है। ग्रामीण परिवेश में स्थित होने के कारण यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और सादगी मन को मोह लेती है। मंदिर के आसपास के क्षेत्र का विकास अब पर्यटन और धार्मिक कॉरिडोर के रूप में भी देखा जा रहा है, जिससे स्थानीय व्यापार और मेलों को बढ़ावा मिलता है। संक्षेप में, औता महावीर धाम मेजा की आध्यात्मिक धरोहर है। यदि आप शांति और भक्ति की तलाश में हैं, तो इस सिद्ध पीठ के दर्शन करना एक सुखद अनुभव हो सकता है।
प्रयागराज जनपद के मेजा तहसील में स्थित औता महावीर धाम क्षेत्र के अत्यंत प्राचीन और श्रद्धा के केंद्र हैं। यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि अपनी ऐतिहासिकता और लोगों की गहरी आस्था के लिए भी जाना जाता है। मंदिर का महत्व और इतिहास औता महावीर मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यहाँ स्थापित बजरंगबली की प्रतिमा अत्यंत चमत्कारी है। कहा जाता है कि जो भी भक्त यहाँ सच्ची श्रद्धा के साथ आता है, उसकी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं। मंदिर की बनावट और यहाँ का शांत वातावरण श्रद्धालुओं को एक आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कराता है। धार्मिक आयोजन और मेले इस धाम की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ लगने वाला मंगलबारी मेला है। विशेषकर जेठ के महीने में पड़ने वाले 'बड़े मंगल' के अवसर पर यहाँ श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ता है। * श्रृंगार और पूजन: मंगलवार और शनिवार को यहाँ विशेष पूजा-अर्चना और सुंदरकांड का पाठ किया जाता है। * भंडारा: श्रद्धालुओं द्वारा अक्सर यहाँ विशाल भंडारे आयोजित किए जाते हैं, जिसमें दूर-दूर से लोग प्रसाद ग्रहण करने पहुँचते हैं। सामाजिक एवं सांस्कृतिक केंद्र औता महावीर केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि मेजा क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है। ग्रामीण परिवेश में स्थित होने के कारण यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और सादगी मन को मोह लेती है। मंदिर के आसपास के क्षेत्र का विकास अब पर्यटन और धार्मिक कॉरिडोर के रूप में भी देखा जा रहा है, जिससे स्थानीय व्यापार और मेलों को बढ़ावा मिलता है। संक्षेप में, औता महावीर धाम मेजा की आध्यात्मिक धरोहर है। यदि आप शांति और भक्ति की तलाश में हैं, तो इस सिद्ध पीठ के दर्शन करना एक सुखद अनुभव हो सकता है।
- Post by गुरु ज्ञान1
- बलिया। जनपद के फेफना विधान सभा के नगर पंचायत रतसर कला में बीजेपी के पूर्व मंत्री उपेन्द्र तिवारी का पद यात्रा का कार्यक्रम था। जहां सैकड़ों की संख्या में पुरुष महिलाओं ने पद यात्रा कार्यक्रम में शामिल रही। वही पूर्व मंत्री उपेन्द्र तिवारी ने बताया कि यह पहली बार नही है 2008 में बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने यह संकल्प लिए की प्रत्येक वर्ष दिसंबर से लेकर फरवरी माह तक पद यात्रा समाप्त नहीं हो जाती तब तक यह चलता रहेगा।सरकार की योजनाओं जन जन तक पहुंचाना है जितनी योजना पहुंची है उसको धन्यवाद ज्ञापित करना, जो योजना रह गई है उसको सूचीबद्ध करके लाना है आज पद यात्रा रतसर कला टाउन एरिया में हुआ है।1
- मंदिर का महत्व और इतिहास औता महावीर मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यहाँ स्थापित बजरंगबली की प्रतिमा अत्यंत चमत्कारी है। कहा जाता है कि जो भी भक्त यहाँ सच्ची श्रद्धा के साथ आता है, उसकी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं। मंदिर की बनावट और यहाँ का शांत वातावरण श्रद्धालुओं को एक आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कराता है। धार्मिक आयोजन और मेले इस धाम की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ लगने वाला मंगलबारी मेला है। विशेषकर जेठ के महीने में पड़ने वाले 'बड़े मंगल' के अवसर पर यहाँ श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ता है। * श्रृंगार और पूजन: मंगलवार और शनिवार को यहाँ विशेष पूजा-अर्चना और सुंदरकांड का पाठ किया जाता है। * भंडारा: श्रद्धालुओं द्वारा अक्सर यहाँ विशाल भंडारे आयोजित किए जाते हैं, जिसमें दूर-दूर से लोग प्रसाद ग्रहण करने पहुँचते हैं। सामाजिक एवं सांस्कृतिक केंद्र औता महावीर केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि मेजा क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है। ग्रामीण परिवेश में स्थित होने के कारण यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और सादगी मन को मोह लेती है। मंदिर के आसपास के क्षेत्र का विकास अब पर्यटन और धार्मिक कॉरिडोर के रूप में भी देखा जा रहा है, जिससे स्थानीय व्यापार और मेलों को बढ़ावा मिलता है। संक्षेप में, औता महावीर धाम मेजा की आध्यात्मिक धरोहर है। यदि आप शांति और भक्ति की तलाश में हैं, तो इस सिद्ध पीठ के दर्शन करना एक सुखद अनुभव हो सकता है।1
- Post by Journalist Satish Chandra1
- Post by हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन1
- प्रयागराज मुट्ठीगंज थाना क्षेत्र की पुलिस पर लग रहा है आरोप ,पूरा मामला प्रयागराज मुट्ठीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत के रहने वाले त्रिगुण नारायण का जिनकी पुस्तैनी संपत्ति का कब्जा का मामला पिछले कई सालों से कोर्ट चल रहा था जिसमें अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट, प्रयागराज की अदालत में लंबित इजरा वाद संख्या 01/2025 (त्रियुगी नारायण बनाम रमेश चंद्र जायसवाल) में कब्जा दिलाने की कार्रवाई पुलिस बल के अभाव में पूरी नहीं हो सकी। अदालत ने मामले में संबंधित थाना प्रभारी को आवश्यक पुलिस बल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अदालत के आदेश के अनुसार न्यायालय अमीन द्वारा 23 फरवरी 2026 को मुट्ठीगंज थाना क्षेत्र स्थित विवादित भवन संख्या 1040, बादू नंबर 1525 पर कब्जा दिलाने की कार्यवाही के लिए पहुंचा गया था। मौके पर डिक्रीदार उपस्थित मिले और उनके द्वारा बताए गए नक्शे व सीमांकन के आधार पर संपत्ति का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भवन के मुख्य द्वार पर बाहर से ताला बंद था। डिक्रीदार के अनुसार उक्त संपत्ति वर्तमान में गोदाम के रूप में उपयोग में है। मौके पर ताला बंद होने और पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध न होने के कारण कब्जा दिलाने की कार्यवाही पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद न्यायालय अमीन ने अपनी आख्या अदालत में प्रस्तुत की। अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुनः कब्जा दिलाने के लिए परवाना जारी किया है। साथ ही अदालत ने मुट्ठीगंज थानाध्यक्ष को नोटिस जारी कर निर्देश दिया है कि अमीन द्वारा मांग किए जाने पर आवश्यक पुलिस बल उपलब्ध कराया जाए, ताकि कब्जा दिलाने की कार्यवाही विधिवत पूरी कराई जा सके। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 मार्च 2026 की तिथि निर्धारित की थी लेकिन पुलिस ने पर्याप्त बल न होने का हवाला देकर तीसरी बार कार्रवाई नहीं किए जाने से नाराज़ अनूप कुमार गुप्ता अपने बूढ़े पिता के साथ अपने हाथों में सीएम योगी की तस्वीर लेकर न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं कोर्ट का आदेश पुलिस को पीड़ित का कब्जा दिलाने का मिला होने के बावजूद खाकी की हीला सवाली से बेहद दुखी हैं ऐसे में अब पीड़ित थक-हार कर सीएम योगी से पुलिस द्वारा कार्रवाई में सहयोग करने की मांग कर रहे हैं। प्रयागराज से ब्यूरो रिपोर्ट1
- Post by गुरु ज्ञान1
- प्रयागराज के मेजा में मान्यवर काशीराम जयंती समारोह, वरिष्ठ कार्यकर्त्ता व नेताओं के बीच हर्षोल्लास से मनाया गया काफ़ी मात्रा में भीड़ उपस्थित रहें1
- Post by Journalist Satish Chandra1