3 अन्तर्राज्यीय शातिर अभियुक्त गिरफ्तार कब्जे से 164 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब व तस्करी में प्रयुक्त 01 अदद होण्डा सिटी कार बरामद पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर के निर्देशन में अपराध व अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान में अपर पुलिस अधीक्षक मऊ अनूप कुमार के कुशल पर्यवेक्षण में क्षेत्राधिकारी मधुबन दिनेश दत्त मिश्रा व सुनील कुमार सरोज थानाध्यक्ष रामपुर के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा काठतरांव के पास से मु0अ0सं0 83/2026 धारा 60, 63, 72 EX. ACT व 319(2)/318(4)/338/336(3)बी0एन0एस0 में गिरफ्तारशुदा तीन नफर अभियुक्तगण 1. अमित कुमार पुत्र भिखारी भगत निवासी ग्राम कुढ़वन थाना बेलदौर जिला खगड़िया बिहार 2. दीपक कुमार पुत्र राजकिशोर भगत निवासी ग्राम कुढ़वन थाना बेलदौर जिला खगड़िया बिहार 3. छोटू कुमार पुत्र स्व0 महेन्द्र भगत निवासी ग्राम बदिया थाना बड़हरा कोठी जिला पूर्णिया बिहार को से गिरफ्तार किया गया। जिनके कब्जे से एक कार में 164 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब बरामद किया गया अभियुक्तो का चालान मा0 न्यायायलय किया गया । ।
3 अन्तर्राज्यीय शातिर अभियुक्त गिरफ्तार कब्जे से 164 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब व तस्करी में प्रयुक्त 01 अदद होण्डा सिटी कार बरामद पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर के निर्देशन में अपराध व अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान में अपर पुलिस अधीक्षक मऊ अनूप कुमार के कुशल पर्यवेक्षण में क्षेत्राधिकारी मधुबन दिनेश दत्त मिश्रा व सुनील कुमार सरोज थानाध्यक्ष रामपुर के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा काठतरांव के पास से मु0अ0सं0 83/2026 धारा 60, 63, 72 EX.
ACT व 319(2)/318(4)/338/336(3)बी0एन0एस0 में गिरफ्तारशुदा तीन नफर अभियुक्तगण 1. अमित कुमार पुत्र भिखारी भगत निवासी ग्राम कुढ़वन थाना बेलदौर जिला खगड़िया बिहार 2. दीपक कुमार पुत्र राजकिशोर भगत निवासी ग्राम कुढ़वन थाना बेलदौर जिला खगड़िया बिहार 3. छोटू कुमार पुत्र स्व0 महेन्द्र भगत निवासी ग्राम बदिया थाना बड़हरा कोठी जिला पूर्णिया बिहार को से गिरफ्तार किया गया। जिनके कब्जे से एक कार में 164 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब बरामद किया गया अभियुक्तो का चालान मा0 न्यायायलय किया गया । ।
- "#सोशलिज्म में #समाजवादी पार्टी का ये मानना है कि उद्योग कैसे बढ़ावा दे उस दिशा में उनका योगदान हो, समाजवादी पार्टी कारोबार को बढ़ाने का काम करेगी।" • माननीय #राष्ट्रीय #अध्यक्ष श्री #अखिलेश यादव जी1
- 3 अन्तर्राज्यीय शातिर अभियुक्त गिरफ्तार कब्जे से 164 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब व तस्करी में प्रयुक्त 01 अदद होण्डा सिटी कार बरामद पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर के निर्देशन में अपराध व अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान में अपर पुलिस अधीक्षक मऊ अनूप कुमार के कुशल पर्यवेक्षण में क्षेत्राधिकारी मधुबन दिनेश दत्त मिश्रा व सुनील कुमार सरोज थानाध्यक्ष रामपुर के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा काठतरांव के पास से मु0अ0सं0 83/2026 धारा 60, 63, 72 EX. ACT व 319(2)/318(4)/338/336(3)बी0एन0एस0 में गिरफ्तारशुदा तीन नफर अभियुक्तगण 1. अमित कुमार पुत्र भिखारी भगत निवासी ग्राम कुढ़वन थाना बेलदौर जिला खगड़िया बिहार 2. दीपक कुमार पुत्र राजकिशोर भगत निवासी ग्राम कुढ़वन थाना बेलदौर जिला खगड़िया बिहार 3. छोटू कुमार पुत्र स्व0 महेन्द्र भगत निवासी ग्राम बदिया थाना बड़हरा कोठी जिला पूर्णिया बिहार को से गिरफ्तार किया गया। जिनके कब्जे से एक कार में 164 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब बरामद किया गया अभियुक्तो का चालान मा0 न्यायायलय किया गया । ।2
- जनसैलाब के साथ गूंजा इंकलाब, सीपीआई(एम) ने तहसील का किया घेराव आठ सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन जखनिया, गाजीपुर। बुधवार को जखनिया तहसील परिसर में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के कार्यकर्ताओं ने आठ सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता लाल झंडे और बैनर लेकर जखनिया शिव मंदिर से जुलूस के रूप में तहसील मुख्यालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने महंगाई, बेरोजगारी, किसानों, मजदूरों, गरीबों और ग्रामीण जनता से जुड़े मुद्दे उठाए। सीपीआई(एम) नेताओं ने आरोप लगाया कि आम लोगों को विभिन्न समस्याओं से जूझना पड़ रहा है और स्थानीय स्तर पर उनकी समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हो रहा है। कार्यक्रम में सचिव मंडल सदस्य बाबूराम यादव ने कहा कि देश सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक संकट के दौर से गुजर रहा है। ग्रामीण जनता की रोजी-रोटी, शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय और सुरक्षा से जुड़े सवाल गंभीर हैं। उन्होंने सरकार से मांगों पर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी अतुल कुमार को मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी के नाम संबोधित आठ सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से जनसमस्याओं के समाधान की मांग की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कामरेड राम बौरेंद ने तथा संचालन राम दास यादव ने किया। इस दौरान जिला सचिव मारकंडे प्रसाद, योगेंद्र यादव, वीरेंद्र गौतम, राम अवध मास्टर, मोहम्मद नसरुद्दीन, इस्माइल राम, डॉ. सीताराम यादव, विनोद यादव, झारखंडे गुप्ता और शीला देवी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे2
- रानीपुर में NRLM कैडर महिलाओं को ज्ञापन देने से रोका, मानदेय बढ़ाने समेत छह मांगें रानीपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ी कैडर महिलाओं को बुधवार को रानीपुर ब्लॉक परिसर में खंड विकास अधिकारी (BDO) रमाकांत को ज्ञापन सौंपने से रोक दिया गया। पहले से निर्धारित कार्यक्रम में व्यवधान के चलते ब्लॉक मुख्यालय पर दिनभर गहमागहमी का माहौल रहा। बंदना भारतीय की अध्यक्षता में बैंक सखी, कृषि सखी, समूह सखी और स्वास्थ्य सखी ब्लॉक परिसर पहुंचीं। महिलाओं ने अपनी दैनिक कार्य संबंधी समस्याओं और आर्थिक कठिनाइयों को लेकर प्रार्थना-पत्र तैयार किया था। उनका कहना है कि वे केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी घर-घर पहुंचाने के साथ ग्रामीण स्तर पर लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करती हैं। महिलाओं के अनुसार, उन्हें मिलने वाला मानदेय मौजूदा महंगाई के मुकाबले काफी कम है। वर्तमान में बैंक सखी को 4,000 रुपये और समूह सखी को 2,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। महिलाओं ने मानदेय बढ़ाने और कार्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। छह प्रमुख मांगें महिलाओं ने बैंक सखी का मानदेय बढ़ाकर 25,000 रुपये और समूह सखी का 20,000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग रखी है। इसके अलावा पहचान पत्र जारी करने, मानदेय सीधे बैंक खाते में भेजने, मोबाइल रिचार्ज भत्ता देने और सभी सखियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग शामिल है। महिलाओं का कहना है कि इन मांगों के पूरा होने से उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और वे ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन में अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकेंगी। इस दौरान अयन भारती, गौतम, लालिमा, सरोज भारती, नेहा, निर्मला देवी और कुमुम समेत कई महिलाएं मौजूद रहीं।4
- BREAKING GHAZIPUR गाजीपुर मोहल्ला शाहबान तकिया में कूड़े का अंबार बीमारियां दे रही है दस्तक Repoting Moinuddin Nazar India CRIME Repoter up BREAKING GHAZIPUR गाजीपुर मोहल्ला शाहबान तकिया में कूड़े का अंबार बीमारियां दे रही है दस्तक MOINUDDIN Nazar India CRIME Repoter up1
- फिल्म के साथ उनके मनोविज्ञान को समझने का प्रयास कर रहा था। कराटे किड की स्क्रीनिंग और शिक्षा के साथ मेरे प्रयोग द प्रेसीडियम में बच्चों की अर्धवार्षिक परीक्षा समाप्त हो गई। बच्चों को 5 दिन का अवकाश दिया गया और इस बार मैंने एक प्रयोग करते हुए बच्चों को मिड टर्म ब्रेक में कोई भी गृहकार्य या प्रोजेक्ट नहीं दिया। बच्चे इस बाद छुट्टियों के बाद जब विद्यालय आए तो उनके चेहरे तरोताजा दिख रहे थे और वे खुश थे। उनमें से किसी के चेहरे पर डर नहीं था, असाइनमेंट पूरा न हो पाने का, या थकान नहीं थी आखिरी कहां में असाइनमेंट पूरा करने के कारण। मुझसे किसी बच्चे ने इस बार शिकायत भी नहीं की कि आप छुट्टियों में इतना काम क्यों दे देते हैं? और मैं खुश रहता हूं कि बच्चे अपने मन की बात मुझसे खुलकर कह पाते हैं। मैं कभी भी बच्चों को मशीन नहीं बनाना चाहता था। लेकिन परिवेश के दबाव और कतिपय अभिभावकों की शिकायतों के कारण मैंने अपनी मूल शिक्षा नीति में दिए थे। मुझे लगता है कि, किसी भी कार्य का उद्देश्य प्रसन्नता और शान्ति है। मैं सुबह और छुट्टी के समय बच्चों को विद्यालय आते और विद्यालय से निकलते हुए जरूर देखना चाहता हूं। इस बीच स्वास्थ्य कारणों से या कभी कहीं बाहर किसी कार्यक्रम में होने के कारण मैं जब ऐसा नहीं कर पाता तो कुछ अधूरा लगता है। इन दो अवसरों पर प्रतिदिन मैं हर बच्चे के चेहरे और हाव भाव को पढ़ना पसंद करता हूं क्योंकि मुझे पता चलता है कि ये बच्चे पढ़ाई का आनन्द उठा रहे हैं या जबरदस्ती विद्यालय आ रहे हैं। और, मेरे पास बहुतायत ऐसे बच्चे होते हैं जो शुरू में मुझसे आंख भी नहीं मिलाते। और फिर मेरा काम होता है धीरे धीरे उन को समझना और जब वे मुझसे आंख मिलाते हैं या मुझे देखकर हंसते हैं, तो मैं समझ जाता हूँ कि मेरा काम हो गया है। मेरा काम पढ़ाना नहीं है, मेरा काम बच्चों को पढ़ने के लिए तैयार करना है। और हर मां बाप को यही काम करना है। लेकिन हम सब धैर्य नहीं रखते। क्योंकि धैर्य का अर्थ समय है। और समय की इस कमी को पूरा करने के लिए हम बच्चों को धमकाते हैं और मारते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में हम बच्चों के अन्दर भय पैदा कर रहे हैं। जबकि विद्या तो वही है जो मुक्त करती हम और यह कैसी विद्या को बांध रही हो, भय पैदा कर रही हो, ग्रन्थि बना रही हो। जब ऐसी घटनाओं से मैं रूबरू होता हूं तो लगता है एक समाज के रूप में हम असफल हो गए। हमारे शारीरिक शिक्षा के अध्यापक ब्लैक बेल्ट ताइक्वांडो और योग के शिक्षक सुशील गुप्ता सर ने महीनों पहले मुझे बच्चों को एक फिल्म दिखाने के लिए कहा था। तो इस बार हमने मिड टर्म ब्रेक के बाद बच्चों के साथ एक फिल्म देखी, विद्यालय परिसर में, कराटे किड। यह फिल्म मैंने देखी थी लेकिन बच्चों के साथ देखने का अनुभव ही अलग था। कल हमने इस फिल्म का आधा भाग देखा और आज आधा भाग देखा। पहला भाग देखने के बाद सभी बच्चे इसे उबाऊ कहने लगे लेकिन आज अंतिम भाग देखकर सभी बच्चे बार बार हर्ष ध्वनि कर रहे थे, तालियाँ बजा रहे थे, सभी आनंदित थे। क्योंकि पहले भाग में डर था, अपमान था, संघर्ष था, कड़ी मेहनत थी। दूसरे भाग में उस कड़ी मेहनत का परिणाम था कि वह बच्चा टूर्नामेंट जीत जाता है। आखिरी भाग में, टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में बच्चे का पैर तोड़ दिया जाता है, और सभी उससे फाइनल में लड़ने से मना करते है, उसके कोच, उसका डॉक्टर, उसकी मां। डॉक्टर और कोच कहते हैं कि, तुमने अपने परिवार को सम्मान दिलाया, अब लड़ने की जरूरत नहीं। लेकिन ड्रे अपने कोच से कहता है कि, मैं फाइनल में लड़ना चाहता हूं क्योंकि मेरे मन में अभी भी डर है, और मैं इस टूर्नामेंट से निकलने के बाद कभी भी अब फिर से डरना नहीं चाहता हूं। मुझे लगा कि, बस फिल्म का सेंट्रल थीम यही है। हम सभी डरे हुए हैं। अच्छे लोग भी डरते हैं। यह डर हमें बांधता है, आगे बढ़ने से रोकता है, सही काम करने और सही बात बोलने से रोकता है। इसलिए दैवी संपत्ति का वर्णन करते समय सबसे पहला दैवी गुण अभय को माना गया। इस संसार में सारी जोर आजमाइश इस डर से बाहर निकलने के लिए है। और फिर भी सब डराने में लगे हुए हैं। निर्भीक हुए बिना हम अपना काम अच्छे से नहीं कर सकते हैं। निर्भीकता से बड़ा सद्गुण नहीं है। निर्भीक हुए बिना गाँधी जी और नेता जी महापुरुष स्वाधीनता संग्राम नहीं लड़ सकते थे। निर्भीक हुए बिना चिपको आन्दोलन नहीं किया जा सकता था। लेकिन फिल्म में ड्रे ने निर्भीक होने के लिए कड़ी मेहनत की, कड़ा संघर्ष किया। कड़ी मेहनत और संघर्ष ने ही नरेन्द्र को स्वामी विवेकानन्द बना दिया। अपने आप को समझना और फिर अपने आप से लड़ना संसार का सबसे कठिन काम है। और यह समय बड़ा उबाऊ होता है, धैर्य और निष्ठा की परीक्षाएं होती हैं, डर अपने चरम पर होता है, विश्वास डगमगाने का हर संभव प्रयास किया जाता है। और यह हम सबके जीवन में होता है। और इसी समय जरूरत होती है, एक अपने की, वह मित्र हो सकता है, कोच या अध्यापक हो सकता है या माता पिता हो सकते हैं। कड़ी मेहनत के समय बच्चों के साथ खड़ा होना पड़ेगा। और कोई मार्ग नहीं है। और इस कड़ी मेहनत का अर्थ क्या है? तो इस फिल्म में कोच बने जैकी चान के शब्दों में, कुंगफू केवल कुछ घंटों के अभ्यास का नाम नहीं। जीवन के हर क्षण में कुंगफू है। यह जीवन ही कुंगफू है। इसे ही स्वामी विवेकानन्द कहते थे कि, यदि सफल होना है तो एक विचार को अपना जीवन बना लो, उसी के साथ सोना उठना बैठना चलना सब कुछ होना चाहिए। कड़े अध्यवसाय का परिणाम सुख देता है, इसलिए कड़े संघर्ष वाला भाग बच्चों को उबाऊ लगा लेकिन दूसरा भाग जिसमें ड्रे अपने प्रतिस्पर्धियों को हराता है, सारे बच्चे तालियां बजाकर शोर मचा रहे थे। यह फिल्म बच्चों के साथ देखना एक अनुभव था। और मैं फिल्म के साथ उनके मनोविज्ञान को समझने का प्रयास कर रहा था। मैंने फिल्म के अंत में उनसे बात भी की। हर बच्चे को इस फिल्म के कोच जैसे कुछ की जरूरत है, इस भूमिका में हर मां बाप अध्यापक को आना चाहिए। हर अध्यापक को एक ड्रे की जरूरत है जो अपने अंदर बैठे डर को दूर करने के लिए खुद आगे आए और जी जान लगा दे।4
- MASTI KRTA HUWA MERA ABHIRAJ BETA AAPNE DADA DADI KE GHAR1
- "इलेक्शन मैनिफेस्टो जब बनेगा तो स्पोर्ट्स और स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सभी बिन्दुओं को शामिल किय जाएगा।" - माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी"इलेक्शन मैनिफेस्टो जब बनेगा तो स्पोर्ट्स और स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सभी बिन्दुओं को शामिल किय जाएगा।" - माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी1