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शेखोपुरसराय प्रखंड के डोवाडीह गाँव के ग्रामीणों ने उत्पाद विभाग के उदासीन रवैया को लेकर सड़क जाम कर दिया। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उत्पाद विभाग की मनमानी अब अपने चरम पर पहुँच चुकी है, जिसके विरोध में उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है।
कुमार सुबिद
शेखोपुरसराय प्रखंड के डोवाडीह गाँव के ग्रामीणों ने उत्पाद विभाग के उदासीन रवैया को लेकर सड़क जाम कर दिया। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उत्पाद विभाग की मनमानी अब अपने चरम पर पहुँच चुकी है, जिसके विरोध में उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है।
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- लखीसराय के रामगढ़ चौक प्रखंड स्थित शर्मा पंचायत के महादलित टोला में एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) नई दिल्ली और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (बालसा) पटना के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा लगाया गया था। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) के शैक्षणिक उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में जानकारी देना था। शिविर का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सैयद मोहम्मद शब्बीर आलम और सचिव सह अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विधानंद सागर के नेतृत्व में हुआ। इसकी अध्यक्षता प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता सीतेश सुधांशु ने की, जबकि संचालन पारा विधिक स्वयंसेवक सुप्रिया कुमारी ने किया। पैनल अधिवक्ता सीतेश सुधांशु ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विभाग के तहत निदेशालय, बिहार राज्य अनुसूचित जाति सहकारिता विकास निगम लिमिटेड, बिहार महादलित विकास मिशन, बिहार राज्य अनुसूचित जनजाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान और समेकित थरूहट विकास अभिकरण के माध्यम से इन योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाता है। विभाग SC-ST के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास के लिए अनेक योजनाएं संचालित करता है। श्री सुधांशु ने प्रमुख योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी, जिनमें प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति, विद्यालय छात्रवृत्ति, मुख्यमंत्री SC-ST मेधावृत्ति योजना, परीक्षा शुल्क प्रतिपूर्ति योजना, आवासीय विद्यालय छात्रावास योजना, मुख्यमंत्री SC-ST छात्रावास अनुदान योजना, छात्रावासों में खाद्यान्न आपूर्ति योजना, प्राक परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र, मुख्यमंत्री सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना, अत्याचार राहत, प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना, महादलित विकास योजना, धारा 275(1) के तहत आधारभूत संरचना विकास योजना, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के विकास की योजना, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और थरूहट क्षेत्र विकास योजना शामिल हैं। उन्होंने विशेष रूप से प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना पर प्रकाश डाला, जिसके तहत मान्यता प्राप्त कॉलेज, विश्वविद्यालय या संस्थान में पढ़ाई कर रहे SC-ST छात्र-छात्राओं को केंद्र सरकार के मापदंडों के अनुसार अनिवार्य शिक्षण शुल्क और शैक्षणिक भत्ता दिया जाता है। इस जागरूकता शिविर में महादलित परिवार के कई स्त्री, पुरुष और बच्चे मौजूद थे, जिन्होंने इन योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। सभी ने यह संकल्प लिया कि वे पढ़-लिखकर इन योजनाओं का लाभ उठाएंगे और अपने जीवन में आगे बढ़ेंगे।1
- लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड अंतर्गत बरतारा गांव में समस्त ग्रामीणों द्वारा 16 जून से श्री श्री 1008 श्री सीताराम महायज्ञ का शुभारंभ किया जाएगा। यह महायज्ञ 24 जून तक चलेगा। ग्रामीणों ने जानकारी दी है कि बरतारा गांव स्थित सूर्य मंदिर में सूर्य भगवान की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर इस यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। महायज्ञ की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। आयोजकों ने बताया कि यज्ञ में आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन महाप्रसाद का विशेष आयोजन किया जाएगा, और जितने भी भक्तजन वहाँ आएंगे, उन सभी को महाप्रसाद ग्रहण करके ही जाना होगा।1
- IPL एलिमिनेटर मुकाबले में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अपने धमाकेदार प्रदर्शन से क्रिकेट जगत में तूफान ला दिया। उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों का सामना करते हुए 97 रनों की तूफानी पारी खेली, जिससे उन्होंने क्रिस गेल का एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया है।1
- News 28 India की एक ग्राउंड रिपोर्ट बेगूसराय के बिशनपुर स्थित संस्कृत ज्ञानशाला से सामने आई है, जो संस्कृत के बारे में वर्षों पुरानी रूढ़िवादी सोच और भ्रम को दूर कर रही है। यह रिपोर्ट इस गलतफहमी को तोड़ती है कि संस्कृत केवल पूजा-पाठ, वैदिक मंत्रों और पंडितों तक सीमित है, बल्कि दिखाती है कि कैसे यह भाषा आधुनिक युग, कंप्यूटर कोडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में युवाओं के लिए करियर और तरक्की के बड़े द्वार खोल रही है। रिपोर्ट के अनुसार, आज के समय में संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान-विज्ञान, योग, आयुर्वेद, दर्शन और तकनीकी सोच का आधार बन रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि संस्कृत की संरचना अत्यंत वैज्ञानिक है, जिसके कारण कंप्यूटर और AI रिसर्च में भी इसकी चर्चा लगातार बढ़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र अब संस्कृत को केवल एक परंपरा के रूप में नहीं, बल्कि रोजगार और उच्च शिक्षा के अवसर के रूप में देख रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि संस्कृत पढ़ने से उच्चारण, एकाग्रता, स्मरण शक्ति और मानसिक अनुशासन में भी महत्वपूर्ण लाभ मिलते हैं। संस्कृत ज्ञानशाला के छात्रों से बातचीत में उन्होंने बताया कि वे भविष्य में शिक्षक, शोधकर्ता, अनुवादक, ज्योतिष विशेषज्ञ, आयुर्वेद क्षेत्र, प्रशासनिक सेवा और डिजिटल शिक्षा जैसे क्षेत्रों में अपना शानदार करियर बनाना चाहते हैं। ज्ञानशाला के शिक्षकों का मत है कि यदि सही मार्गदर्शन और आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कृत को जोड़ा जाए, तो यह आने वाले समय में युवाओं के लिए बड़े अवसर पैदा कर सकती है। News 28 India ने दर्शकों से इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा साझा करने का आग्रह किया है ताकि समाज से संस्कृत के प्रति इस भ्रम को दूर किया जा सके।1
- बिहार के नालंदा जिले में चल रहे राजगीर मलमास मेले से एक दूल्हा और दुल्हन की कहानी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। इस घटना ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है, क्योंकि दूल्हे के ससुर जी इस रिश्ते के लिए सहमत नहीं हो रहे थे।1
- पटना जिले के बाढ़ में महिला शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। संत संध्या दास महिला महाविद्यालय में एक नए प्रशासनिक भवन का शिलान्यास किया गया, जिससे इस क्षेत्र में महिला शिक्षा को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।1
- शेखपुरा नगर परिषद की सशक्त स्थायी समिति के चुनाव में अंतिम समय में नाटकीय रूप से राजनीतिक समीकरण बदल गए, जिससे पूरा चुनावी खेल ही पलट गया। देर रात तक चली रणनीति और जोड़-तोड़ के बाद, नगर परिषद अध्यक्ष के खेमे ने समिति के तीनों पदों पर कब्जा जमा लिया। इन परिणामों के सामने आने के बाद शहर में राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। बताया जा रहा है कि उपाध्यक्ष खेमे ने चुनाव जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी और किसी प्रकार की कोई कसर नहीं छोड़ी थी। हालांकि, अध्यक्ष पक्ष और सतपाल गुट की संयुक्त रणनीति ने विरोधियों की सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। सूत्रों के अनुसार, रातों-रात हुए राजनीतिक घटनाक्रम ने चुनाव की दिशा पूरी तरह बदल दी। सूत्रों की मानें तो वार्ड पार्षदों को अपने पाले में लाने के लिए अंतिम समय तक लगातार बैठकें और संपर्क अभियान चलाए गए। चर्चा यह भी रही कि कई पार्षदों को "शुभ लाभ" का दर्शन कराया गया, जिसके परिणामस्वरूप पूरा चुनावी समीकरण अध्यक्ष गुट के पक्ष में आ गया और वह मजबूत स्थिति में पहुँच गया। इन परिणामों में सबसे अधिक चर्चा स्वाती सरगम की जीत को लेकर हो रही है। जानकारी के अनुसार, शाम चार बजे तक उनकी हार की बातें तेज थीं, लेकिन अचानक परिस्थितियों में बदलाव आया और अंततः अधिकारियों ने उन्हें विजयी घोषित करते हुए प्रमाण पत्र सौंप दिया। इस अप्रत्याशित परिणाम ने कई राजनीतिक दिग्गजों को भी चौंका दिया है। चुनाव के बाद कुछ लोगों द्वारा धांधली और पक्षपात के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि, स्वाती सरगम ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि चुनाव पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुआ है और इसमें किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।3
- लखीसराय के रामगढ़ चौक स्थित तेतरहाट थाना क्षेत्र में अवैध बालू खनन रोकने गई पुलिस टीम पर हुए हमले के मामले में फरार चल रहे एक अभियुक्त के घर पर पुलिस ने इश्तेहार चिपकाया है। न्यायालय ने चेतावनी दी है कि यदि अभियुक्त 30 दिनों के भीतर आत्मसमर्पण नहीं करता है, तो उसके खिलाफ सीधे कुर्की जप्ती की कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई तेतरहाट थाना क्षेत्र के नोनगढ़ गांव निवासी रामदास यादव के पुत्र पारो यादव उर्फ दिलीप यादव के घर पर की गई। थानाध्यक्ष इलू उपाध्याय के नेतृत्व में पुलिस बल एक बैंड पार्टी के साथ गांव पहुंचा और न्यायालय द्वारा जारी इश्तेहार को घर पर चस्पा किया। पुलिस पर हमला पिछले 10 मार्च को तब हुआ था, जब छापेमारी अभियान के तहत पुलिस गश्ती दल नोनगढ़ गांव पहुंचा और अवैध बालू से लदे ट्रैक्टर को पकड़ने का प्रयास कर रहा था। आरोप है कि पारो यादव उर्फ दिलीप यादव ने अपने लोगों के साथ मिलकर पुलिस बल पर हमला कर दिया था। इस मामले में तेतरहाट थाना में कांड संख्या 45/26 दर्ज किया गया है और घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहा है। थानाध्यक्ष इलू उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि यह इश्तेहार न्यायालय के आदेश पर चिपकाया गया है। फरार अभियुक्त पारो यादव उर्फ दिलीप यादव को 30 दिन के अंदर न्यायालय में आत्मसमर्पण करना अनिवार्य है, अन्यथा न्यायालय के निर्देश पर उसकी संपत्ति की कुर्की जप्ती की कार्रवाई शुरू की जाएगी।1
- लखीसराय के रामगढ़ चौक थाना क्षेत्र में ड्रग्स इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक पिकअप वाहन से लगभग 10 लाख रुपये मूल्य की अंग्रेजी दवाएं जब्त की हैं। यह खेप लखीसराय-शेखपुरा पथ पर दुरडीह गांव के पास पकड़ी गई। पटना से शेखपुरा के रास्ते लखीसराय लाई जा रही इन दवाओं की खेप में संदिग्ध प्रक्रिया पाए जाने पर रामगढ़ चौक थानाध्यक्ष चुन्नू कुमार ने मालवाहक पिकअप वाहन की जांच की। सूचना मिलने पर लखीसराय ड्रग्स इंस्पेक्टर दीपक कुमार के निर्देश पर वाहन को थाना ले जाया गया। जांच के बाद, जब्त की गई दवाओं में से छह प्रकार की औषधियों को सील करके लैब में जांच के लिए भेजा गया है। इस अवैध दवा तस्करी मामले में कुल 28 लोगों को अभियुक्त बनाया गया है। इनमें लखीसराय बाजार समिति के वार्ड संख्या 31 निवासी दवा दुकानदार जितेंद्र कुमार भी शामिल हैं, जिनकी यह दवा बताई जा रही है। न्यायालय से नोटिस भेजकर उनसे पूछताछ की जाएगी। ड्रग्स इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने बताया कि जांच में सहयोग के लिए शेखपुरा के ड्रग्स इंस्पेक्टर पूजा किशोर और रंजन कुमार को भी बुलाया गया है। जांच की जा रही है कि यह दवा कहां से और किसने भेजी, तथा बिना लाइसेंस इतनी भारी मात्रा में दवा कैसे लाई जा रही थी। ड्रग्स इंस्पेक्टर ने स्पष्ट किया कि जीवन रक्षक दवाओं में इस तरह की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जल्द ही इस 'बड़े खेल' का खुलासा किया जाएगा। सभी जब्त दवाओं की रिपोर्ट न्यायालय को भेजी जाएगी।1