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शेखपुरा नगर परिषद की सशक्त स्थायी समिति के चुनाव में अंतिम समय में नाटकीय रूप से राजनीतिक समीकरण बदल गए, जिससे पूरा चुनावी खेल ही पलट गया। देर रात तक चली रणनीति और जोड़-तोड़ के बाद, नगर परिषद अध्यक्ष के खेमे ने समिति के तीनों पदों पर कब्जा जमा लिया। इन परिणामों के सामने आने के बाद शहर में राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। बताया जा रहा है कि उपाध्यक्ष खेमे ने चुनाव जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी और किसी प्रकार की कोई कसर नहीं छोड़ी थी। हालांकि, अध्यक्ष पक्ष और सतपाल गुट की संयुक्त रणनीति ने विरोधियों की सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। सूत्रों के अनुसार, रातों-रात हुए राजनीतिक घटनाक्रम ने चुनाव की दिशा पूरी तरह बदल दी। सूत्रों की मानें तो वार्ड पार्षदों को अपने पाले में लाने के लिए अंतिम समय तक लगातार बैठकें और संपर्क अभियान चलाए गए। चर्चा यह भी रही कि कई पार्षदों को "शुभ लाभ" का दर्शन कराया गया, जिसके परिणामस्वरूप पूरा चुनावी समीकरण अध्यक्ष गुट के पक्ष में आ गया और वह मजबूत स्थिति में पहुँच गया। इन परिणामों में सबसे अधिक चर्चा स्वाती सरगम की जीत को लेकर हो रही है। जानकारी के अनुसार, शाम चार बजे तक उनकी हार की बातें तेज थीं, लेकिन अचानक परिस्थितियों में बदलाव आया और अंततः अधिकारियों ने उन्हें विजयी घोषित करते हुए प्रमाण पत्र सौंप दिया। इस अप्रत्याशित परिणाम ने कई राजनीतिक दिग्गजों को भी चौंका दिया है। चुनाव के बाद कुछ लोगों द्वारा धांधली और पक्षपात के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि, स्वाती सरगम ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि चुनाव पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुआ है और इसमें किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।

9 hrs ago
user_कुमार सुबिद
कुमार सुबिद
पत्रकार Sheikhpura, Bihar•
9 hrs ago

शेखपुरा नगर परिषद की सशक्त स्थायी समिति के चुनाव में अंतिम समय में नाटकीय रूप से राजनीतिक समीकरण बदल गए, जिससे पूरा चुनावी खेल ही पलट गया। देर रात तक चली रणनीति और जोड़-तोड़ के बाद, नगर परिषद अध्यक्ष के खेमे ने समिति के तीनों पदों पर कब्जा जमा लिया। इन परिणामों के सामने आने के बाद शहर में राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। बताया जा रहा है कि उपाध्यक्ष खेमे ने चुनाव जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी और किसी प्रकार की कोई कसर नहीं छोड़ी थी। हालांकि, अध्यक्ष पक्ष और सतपाल

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गुट की संयुक्त रणनीति ने विरोधियों की सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। सूत्रों के अनुसार, रातों-रात हुए राजनीतिक घटनाक्रम ने चुनाव की दिशा पूरी तरह बदल दी। सूत्रों की मानें तो वार्ड पार्षदों को अपने पाले में लाने के लिए अंतिम समय तक लगातार बैठकें और संपर्क अभियान चलाए गए। चर्चा यह भी रही कि कई पार्षदों को "शुभ लाभ" का दर्शन कराया गया, जिसके परिणामस्वरूप पूरा चुनावी समीकरण अध्यक्ष गुट के पक्ष में आ गया और वह मजबूत स्थिति में पहुँच गया। इन परिणामों में सबसे अधिक चर्चा स्वाती सरगम की जीत को लेकर हो रही है।

जानकारी के अनुसार, शाम चार बजे तक उनकी हार की बातें तेज थीं, लेकिन अचानक परिस्थितियों में बदलाव आया और अंततः अधिकारियों ने उन्हें विजयी घोषित करते हुए प्रमाण पत्र सौंप दिया। इस अप्रत्याशित परिणाम ने कई राजनीतिक दिग्गजों को भी चौंका दिया है। चुनाव के बाद कुछ लोगों द्वारा धांधली और पक्षपात के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि, स्वाती सरगम ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि चुनाव पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुआ है और इसमें किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।

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  • शेखोपुरसराय प्रखंड के डोवाडीह गाँव के ग्रामीणों ने उत्पाद विभाग के उदासीन रवैया को लेकर सड़क जाम कर दिया। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उत्पाद विभाग की मनमानी अब अपने चरम पर पहुँच चुकी है, जिसके विरोध में उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है।
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    शेखोपुरसराय प्रखंड के डोवाडीह गाँव के ग्रामीणों ने उत्पाद विभाग के उदासीन रवैया को लेकर सड़क जाम कर दिया। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उत्पाद विभाग की मनमानी अब अपने चरम पर पहुँच चुकी है, जिसके विरोध में उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है।
    user_कुमार सुबिद
    कुमार सुबिद
    पत्रकार Sheikhpura, Bihar•
    7 hrs ago
  • करंडे थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक एक्सयूवी गाड़ी से 1032 कैन बीयर बरामद की है। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि यह शराब की खेप अवैध रूप से ले जाई जा रही थी। पुलिस अब पूरे मामले में शराब कारोबारियों और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है। थाना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शराब तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और अवैध कारोबार करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
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    करंडे थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक एक्सयूवी गाड़ी से 1032 कैन बीयर बरामद की है। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि यह शराब की खेप अवैध रूप से ले जाई जा रही थी। पुलिस अब पूरे मामले में शराब कारोबारियों और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है। थाना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शराब तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और अवैध कारोबार करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
    user_NK 24 News
    NK 24 News
    Local News Reporter Sheikhpura, Bihar•
    14 hrs ago
  • please gana achcha Lage to like comment share Karen aapko bhi dhanyvad
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    please gana achcha Lage to like comment share Karen aapko bhi dhanyvad
    user_JAYRAM PRAJAPATI
    JAYRAM PRAJAPATI
    Taxi Driver बरबीघा, शेखपुरा, बिहार•
    5 hrs ago
  • रामगढ़ चौक प्रखंड में बुधवार को बकरीद का त्योहार शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण ढंग से मनाया गया। प्रखंड के तेतरहाट, गुलनी, नवाडीह, रायडीह, नोनगढ़, रामगढ़ चौक, नंदनामा, सुरारी, इमामनगर, बरतारा, बड़हरा, बिहटा जैसे कई अल्पसंख्यक बहुल स्थानों पर सुबह 7:00 बजे या 7:30 बजे इमाम मुफ्ती अरशद की अगुवाई में नमाज अदा की गई। नमाज के बाद सभी लोगों ने अपने-अपने घरों में पशु, मुख्य रूप से बकरे की कुर्बानी दी। इस त्योहार के सफल आयोजन की जानकारी गुलनी गांव निवासी चेतरहाट पंचायत के सरपंच मोहम्मद आफताब आलम, मोहम्मद महफूज आलम, मोहम्मद अफरोज, मोहम्मद हसन, बिहटा गांव निवासी मोहम्मद ताजुद्दीन, नंदनामा के मोहम्मद खुर्शीद आलम और रामगढ़ चौक के मोहम्मद अब्बास आलम सहित दर्जनों अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने दी। बकरीद, जिसे ईद उल जुहा या कुर्बानी की ईद भी कहा जाता है, इस्लाम के प्रमुख त्योहारों में से एक है और इसका इतिहास पैगंबर इब्राहीम अलैहिस्सलाम से जुड़ा है। इस्लामी मान्यता के अनुसार, अल्लाह ने पैगंबर इब्राहीम की परीक्षा लेने के लिए उन्हें सपने में अपनी सबसे प्यारी चीज की कुर्बानी देने का हुक्म दिया था। इब्राहीम ने अपने बेटे इस्माइल को सबसे प्यारा मानते हुए अल्लाह के हुक्म का पालन करने का फैसला किया। जब पैगंबर इब्राहीम अपने बेटे इस्माइल की कुर्बानी देने के लिए तैयार हुए और छुरी चलाने लगे, तब अल्लाह ने उनकी निष्ठा को देखकर जिब्राईल फरिश्ते के हाथों जन्नत से एक दुम्बा भेजा, जिसकी इस्माइल की जगह कुर्बानी हुई और इस तरह अल्लाह ने इस्माइल की जान बचा ली। इसी घटना की याद में हर साल जिलहिज्ज महीने की 10 तारीख को बकरीद मनाई जाती है, जो हज यात्रा के पूरा होने के अगले दिन होती है। मुसलमान पैगंबर इब्राहीम की इस सुन्नत को निभाते हुए बकरे की कुर्बानी देते हैं। कुरान में बताया गया है कि कुर्बानी का उद्देश्य केवल जानवर काटना नहीं है, बल्कि अल्लाह तक नियत और तकवा पहुंचता है, खून नहीं। यह अल्लाह के प्रति समर्पण, त्याग और आज्ञापालन का प्रतीक है। कुर्बानी के मांस को तीन हिस्सों में बांटा जाता है: एक हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों के लिए, एक हिस्सा रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए, और एक हिस्सा अपने परिवार के लिए रखा जाता है। भारत में इसे मुख्य रूप से बकरीद कहा जाता है क्योंकि यहां बकरे की कुर्बानी सबसे अधिक दी जाती है, जबकि अरब देशों में इसे ईद उल अजहा के नाम से जाना जाता है। इस त्योहार की तारीख चांद दिखने पर तय होती है, जिसके कारण यह हर साल अंग्रेजी कैलेंडर में 10-11 दिन पहले आ जाती है। यह त्योहार त्याग, इंसानियत और बराबरी का गहरा संदेश देता है।
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    रामगढ़ चौक प्रखंड में बुधवार को बकरीद का त्योहार शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण ढंग से मनाया गया। प्रखंड के तेतरहाट, गुलनी, नवाडीह, रायडीह, नोनगढ़, रामगढ़ चौक, नंदनामा, सुरारी, इमामनगर, बरतारा, बड़हरा, बिहटा जैसे कई अल्पसंख्यक बहुल स्थानों पर सुबह 7:00 बजे या 7:30 बजे इमाम मुफ्ती अरशद की अगुवाई में नमाज अदा की गई। नमाज के बाद सभी लोगों ने अपने-अपने घरों में पशु, मुख्य रूप से बकरे की कुर्बानी दी। इस त्योहार के सफल आयोजन की जानकारी गुलनी गांव निवासी चेतरहाट पंचायत के सरपंच मोहम्मद आफताब आलम, मोहम्मद महफूज आलम, मोहम्मद अफरोज, मोहम्मद हसन, बिहटा गांव निवासी मोहम्मद ताजुद्दीन, नंदनामा के मोहम्मद खुर्शीद आलम और रामगढ़ चौक के मोहम्मद अब्बास आलम सहित दर्जनों अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने दी।

बकरीद, जिसे ईद उल जुहा या कुर्बानी की ईद भी कहा जाता है, इस्लाम के प्रमुख त्योहारों में से एक है और इसका इतिहास पैगंबर इब्राहीम अलैहिस्सलाम से जुड़ा है। इस्लामी मान्यता के अनुसार, अल्लाह ने पैगंबर इब्राहीम की परीक्षा लेने के लिए उन्हें सपने में अपनी सबसे प्यारी चीज की कुर्बानी देने का हुक्म दिया था। इब्राहीम ने अपने बेटे इस्माइल को सबसे प्यारा मानते हुए अल्लाह के हुक्म का पालन करने का फैसला किया। जब पैगंबर इब्राहीम अपने बेटे इस्माइल की कुर्बानी देने के लिए तैयार हुए और छुरी चलाने लगे, तब अल्लाह ने उनकी निष्ठा को देखकर जिब्राईल फरिश्ते के हाथों जन्नत से एक दुम्बा भेजा, जिसकी इस्माइल की जगह कुर्बानी हुई और इस तरह अल्लाह ने इस्माइल की जान बचा ली।

इसी घटना की याद में हर साल जिलहिज्ज महीने की 10 तारीख को बकरीद मनाई जाती है, जो हज यात्रा के पूरा होने के अगले दिन होती है। मुसलमान पैगंबर इब्राहीम की इस सुन्नत को निभाते हुए बकरे की कुर्बानी देते हैं। कुरान में बताया गया है कि कुर्बानी का उद्देश्य केवल जानवर काटना नहीं है, बल्कि अल्लाह तक नियत और तकवा पहुंचता है, खून नहीं। यह अल्लाह के प्रति समर्पण, त्याग और आज्ञापालन का प्रतीक है। कुर्बानी के मांस को तीन हिस्सों में बांटा जाता है: एक हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों के लिए, एक हिस्सा रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए, और एक हिस्सा अपने परिवार के लिए रखा जाता है।

भारत में इसे मुख्य रूप से बकरीद कहा जाता है क्योंकि यहां बकरे की कुर्बानी सबसे अधिक दी जाती है, जबकि अरब देशों में इसे ईद उल अजहा के नाम से जाना जाता है। इस त्योहार की तारीख चांद दिखने पर तय होती है, जिसके कारण यह हर साल अंग्रेजी कैलेंडर में 10-11 दिन पहले आ जाती है। यह त्योहार त्याग, इंसानियत और बराबरी का गहरा संदेश देता है।
    user_Vivek Anand
    Vivek Anand
    रामगढ़ चौक, लखीसराय, बिहार•
    8 hrs ago
  • IPL में वैभव सूर्यवंशी ने SRH के खिलाफ 28 गेंदों में 97 रनों की तूफानी पारी खेलकर पूरे स्टेडियम को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी यह बल्लेबाजी कोई साधारण प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक तूफान थी, जहाँ गेंदबाज़ यह समझ ही नहीं पाए कि वह बल्लेबाज़ हैं या रन बनाने की मशीन। इस पारी में उन्होंने केवल चौके, छक्के और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया, जिससे स्टेडियम में केवल 'वैभव… वैभव…!' का शोर गूंज रहा था। अब समय आ गया है कि इस तूफानी बल्लेबाज़ को भारतीय टीम में मौका दिया जाए। यदि वह IPL में 28 गेंदों में 97 रन बना सकते हैं, तो सोचिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में वह क्या कमाल करेंगे। लोगों की यही इच्छा है कि वैभव सूर्यवंशी जल्द से जल्द भारतीय टीम के लिए खेलें और वे उन्हें 'Future Star of India' के रूप में देखते हैं।
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    IPL में वैभव सूर्यवंशी ने SRH के खिलाफ 28 गेंदों में 97 रनों की तूफानी पारी खेलकर पूरे स्टेडियम को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी यह बल्लेबाजी कोई साधारण प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक तूफान थी, जहाँ गेंदबाज़ यह समझ ही नहीं पाए कि वह बल्लेबाज़ हैं या रन बनाने की मशीन। इस पारी में उन्होंने केवल चौके, छक्के और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया, जिससे स्टेडियम में केवल 'वैभव… वैभव…!' का शोर गूंज रहा था।

अब समय आ गया है कि इस तूफानी बल्लेबाज़ को भारतीय टीम में मौका दिया जाए। यदि वह IPL में 28 गेंदों में 97 रन बना सकते हैं, तो सोचिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में वह क्या कमाल करेंगे। लोगों की यही इच्छा है कि वैभव सूर्यवंशी जल्द से जल्द भारतीय टीम के लिए खेलें और वे उन्हें 'Future Star of India' के रूप में देखते हैं।
    user_Laljeet Chaudhary
    Laljeet Chaudhary
    Katrisarai, Nalanda•
    10 hrs ago
  • अलीगंज प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों मुस्लिम गांवों में, गुरुवार को ईद-उल-अज़हा (बकरीद) का त्योहार बड़े धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। अलीगंज, आढा, चंद्रदीप, कैथा, दिन्नगर, दरखा, सहोड़ा, मरकाम, जखड़ा, बेला, मिर्ज़ागंज, मातबलवा, सेवे जैसे कई गांवों के मुस्लिम समाज के लोगों ने एक साथ ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज़ अदा की। इस दौरान, अल्लाह की इबादत करते हुए मुल्क में अमन-चैन और शांति के लिए दुआएं मांगी गईं। नमाज़ के बाद सभी ने एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और फिर अपने-अपने घरों में बकरे की कुर्बानी दी। अलीगंज ईदगाह के मैदान में बड़ी संख्या में लोग नमाज़ पढ़ने पहुंचे थे, जहां त्योहार को लेकर बाज़ार भी गुलज़ार दिखे। इस्लाम धर्म में बकरीद को बलिदान का प्रतीक माना जाता है, जो इस्लामिक कैलेंडर के आखिरी महीने ज़िलहिज्ज की दसवीं तारीख को चांद दिखने के दसवें दिन मनाया जाता है। हाफ़िज़ मोहम्मद मोबिन, हाफ़िज़ ऐनुल, हाफ़िज़ सल्लू और हाफ़िज़ इरफ़ान ने इस्लामिक मान्यताओं का हवाला देते हुए बताया कि पैगंबर हज़रत इब्राहिम मोहम्मद ने अपनी सबसे प्यारी चीज़ की कुर्बानी देने की अल्लाह की परीक्षा में अपने बेटे को कुर्बान करने की कोशिश की थी, जिस पर अल्लाह ने उनके बेटे की जगह एक बकरे की कुर्बानी दिलवा दी। इसी दिन से ईद-उल-अज़हा पर कुर्बानी की परंपरा शुरू हुई। मुस्लिम भाई अपने घरों में पाले गए बकरों की कुर्बानी देते हैं और कुर्बानी के गोश्त को तीन हिस्सों में बांटा जाता है, जिसमें दो हिस्से गरीबों, यतीमों और लाचारों को देना सवाब का काम माना जाता है। कुर्बानी के साथ-साथ लोग अपनी बुराइयों और गुनाहों से तौबा करते हैं, और सच्चे मन से दी गई कुर्बानी को खुदा कबूल करते हैं। त्योहार को लेकर बच्चों में खास उत्साह देखा गया, जिन्होंने रंग-बिरंगे कपड़े पहनकर बड़ों को मुबारकबाद दी और बड़ों से ईदी भी प्राप्त की। नमाज़ के बाद सभी ने अपने रिश्तेदारों और परिवारजनों के घर जाकर ईद-उल-अज़हा की मुबारकबाद का आदान-प्रदान किया। इस अवसर पर सभी जगहों पर ईद की नमाज़ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। मस्जिद और ईदगाहों के बाहर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चंद्रदीप पुलिस बल को तैनात किया गया था, और संवेदनशील इलाकों में फ़्लैग मार्च भी किए गए। इस दौरान मुस्लिम समाज के बुद्धिजीवी, नौजवान, बुज़ुर्ग और बच्चे बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
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    अलीगंज प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों मुस्लिम गांवों में, गुरुवार को ईद-उल-अज़हा (बकरीद) का त्योहार बड़े धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। अलीगंज, आढा, चंद्रदीप, कैथा, दिन्नगर, दरखा, सहोड़ा, मरकाम, जखड़ा, बेला, मिर्ज़ागंज, मातबलवा, सेवे जैसे कई गांवों के मुस्लिम समाज के लोगों ने एक साथ ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज़ अदा की। इस दौरान, अल्लाह की इबादत करते हुए मुल्क में अमन-चैन और शांति के लिए दुआएं मांगी गईं। नमाज़ के बाद सभी ने एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और फिर अपने-अपने घरों में बकरे की कुर्बानी दी। अलीगंज ईदगाह के मैदान में बड़ी संख्या में लोग नमाज़ पढ़ने पहुंचे थे, जहां त्योहार को लेकर बाज़ार भी गुलज़ार दिखे।

इस्लाम धर्म में बकरीद को बलिदान का प्रतीक माना जाता है, जो इस्लामिक कैलेंडर के आखिरी महीने ज़िलहिज्ज की दसवीं तारीख को चांद दिखने के दसवें दिन मनाया जाता है। हाफ़िज़ मोहम्मद मोबिन, हाफ़िज़ ऐनुल, हाफ़िज़ सल्लू और हाफ़िज़ इरफ़ान ने इस्लामिक मान्यताओं का हवाला देते हुए बताया कि पैगंबर हज़रत इब्राहिम मोहम्मद ने अपनी सबसे प्यारी चीज़ की कुर्बानी देने की अल्लाह की परीक्षा में अपने बेटे को कुर्बान करने की कोशिश की थी, जिस पर अल्लाह ने उनके बेटे की जगह एक बकरे की कुर्बानी दिलवा दी। इसी दिन से ईद-उल-अज़हा पर कुर्बानी की परंपरा शुरू हुई। मुस्लिम भाई अपने घरों में पाले गए बकरों की कुर्बानी देते हैं और कुर्बानी के गोश्त को तीन हिस्सों में बांटा जाता है, जिसमें दो हिस्से गरीबों, यतीमों और लाचारों को देना सवाब का काम माना जाता है। कुर्बानी के साथ-साथ लोग अपनी बुराइयों और गुनाहों से तौबा करते हैं, और सच्चे मन से दी गई कुर्बानी को खुदा कबूल करते हैं।

त्योहार को लेकर बच्चों में खास उत्साह देखा गया, जिन्होंने रंग-बिरंगे कपड़े पहनकर बड़ों को मुबारकबाद दी और बड़ों से ईदी भी प्राप्त की। नमाज़ के बाद सभी ने अपने रिश्तेदारों और परिवारजनों के घर जाकर ईद-उल-अज़हा की मुबारकबाद का आदान-प्रदान किया। इस अवसर पर सभी जगहों पर ईद की नमाज़ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। मस्जिद और ईदगाहों के बाहर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चंद्रदीप पुलिस बल को तैनात किया गया था, और संवेदनशील इलाकों में फ़्लैग मार्च भी किए गए। इस दौरान मुस्लिम समाज के बुद्धिजीवी, नौजवान, बुज़ुर्ग और बच्चे बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
    user_Md Mumtaz
    Md Mumtaz
    Media and information sciences faculty इस्लाम नगर अलीगंज, जमुई, बिहार•
    13 hrs ago
  • लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक बाजार में 'महावीर जांच घर' का विधिवत शुभारंभ किया गया है। इसका उद्घाटन रामगढ़ चौक बाजार स्थित विजय राय सेवा सदन में हुआ। जानकारी के अनुसार, इस नए जांच घर के खुलने से पहले रामगढ़ चौक में गंभीर बीमारियों की जांच के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं थी। पूर्व में स्थानीय लोगों को मलेरिया, टाइफाइड, शुगर और डेंगू जैसी गंभीर बीमारियों की जांच कराने के लिए पटना, भागलपुर या अन्य बड़े शहरों की यात्रा करनी पड़ती थी, जिससे उन्हें काफी असुविधा होती थी। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए, रामगढ़ चौक के ब्लॉक रोड में 'महावीर जांच घर' खोला गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में कम पैसों में गंभीर बीमारियों की जांच की जा सकेगी।
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    लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक बाजार में 'महावीर जांच घर' का विधिवत शुभारंभ किया गया है। इसका उद्घाटन रामगढ़ चौक बाजार स्थित विजय राय सेवा सदन में हुआ। जानकारी के अनुसार, इस नए जांच घर के खुलने से पहले रामगढ़ चौक में गंभीर बीमारियों की जांच के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं थी।

पूर्व में स्थानीय लोगों को मलेरिया, टाइफाइड, शुगर और डेंगू जैसी गंभीर बीमारियों की जांच कराने के लिए पटना, भागलपुर या अन्य बड़े शहरों की यात्रा करनी पड़ती थी, जिससे उन्हें काफी असुविधा होती थी। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए, रामगढ़ चौक के ब्लॉक रोड में 'महावीर जांच घर' खोला गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में कम पैसों में गंभीर बीमारियों की जांच की जा सकेगी।
    user_ललन कुमार 7004334687
    ललन कुमार 7004334687
    Photographer रामगढ़ चौक, लखीसराय, बिहार•
    15 hrs ago
  • शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड में स्थित करंडे थाना पुलिस ने भारी मात्रा में विदेशी शराब और बीयर केन जब्त किए हैं। इस बड़े पैमाने पर शराब और बीयर केन की बरामदगी के बाद इलाके में हड़कम्प मच गया है। स्थानीय लोग पुलिस की इस कार्रवाई को एक बड़ी सफलता बता रहे हैं।
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    शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड में स्थित करंडे थाना पुलिस ने भारी मात्रा में विदेशी शराब और बीयर केन जब्त किए हैं। इस बड़े पैमाने पर शराब और बीयर केन की बरामदगी के बाद इलाके में हड़कम्प मच गया है। स्थानीय लोग पुलिस की इस कार्रवाई को एक बड़ी सफलता बता रहे हैं।
    user_कुमार सुबिद
    कुमार सुबिद
    पत्रकार Sheikhpura, Bihar•
    8 hrs ago
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