रामगढ़ चौक प्रखंड में बुधवार को बकरीद का त्योहार शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण ढंग से मनाया गया। प्रखंड के तेतरहाट, गुलनी, नवाडीह, रायडीह, नोनगढ़, रामगढ़ चौक, नंदनामा, सुरारी, इमामनगर, बरतारा, बड़हरा, बिहटा जैसे कई अल्पसंख्यक बहुल स्थानों पर सुबह 7:00 बजे या 7:30 बजे इमाम मुफ्ती अरशद की अगुवाई में नमाज अदा की गई। नमाज के बाद सभी लोगों ने अपने-अपने घरों में पशु, मुख्य रूप से बकरे की कुर्बानी दी। इस त्योहार के सफल आयोजन की जानकारी गुलनी गांव निवासी चेतरहाट पंचायत के सरपंच मोहम्मद आफताब आलम, मोहम्मद महफूज आलम, मोहम्मद अफरोज, मोहम्मद हसन, बिहटा गांव निवासी मोहम्मद ताजुद्दीन, नंदनामा के मोहम्मद खुर्शीद आलम और रामगढ़ चौक के मोहम्मद अब्बास आलम सहित दर्जनों अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने दी। बकरीद, जिसे ईद उल जुहा या कुर्बानी की ईद भी कहा जाता है, इस्लाम के प्रमुख त्योहारों में से एक है और इसका इतिहास पैगंबर इब्राहीम अलैहिस्सलाम से जुड़ा है। इस्लामी मान्यता के अनुसार, अल्लाह ने पैगंबर इब्राहीम की परीक्षा लेने के लिए उन्हें सपने में अपनी सबसे प्यारी चीज की कुर्बानी देने का हुक्म दिया था। इब्राहीम ने अपने बेटे इस्माइल को सबसे प्यारा मानते हुए अल्लाह के हुक्म का पालन करने का फैसला किया। जब पैगंबर इब्राहीम अपने बेटे इस्माइल की कुर्बानी देने के लिए तैयार हुए और छुरी चलाने लगे, तब अल्लाह ने उनकी निष्ठा को देखकर जिब्राईल फरिश्ते के हाथों जन्नत से एक दुम्बा भेजा, जिसकी इस्माइल की जगह कुर्बानी हुई और इस तरह अल्लाह ने इस्माइल की जान बचा ली। इसी घटना की याद में हर साल जिलहिज्ज महीने की 10 तारीख को बकरीद मनाई जाती है, जो हज यात्रा के पूरा होने के अगले दिन होती है। मुसलमान पैगंबर इब्राहीम की इस सुन्नत को निभाते हुए बकरे की कुर्बानी देते हैं। कुरान में बताया गया है कि कुर्बानी का उद्देश्य केवल जानवर काटना नहीं है, बल्कि अल्लाह तक नियत और तकवा पहुंचता है, खून नहीं। यह अल्लाह के प्रति समर्पण, त्याग और आज्ञापालन का प्रतीक है। कुर्बानी के मांस को तीन हिस्सों में बांटा जाता है: एक हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों के लिए, एक हिस्सा रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए, और एक हिस्सा अपने परिवार के लिए रखा जाता है। भारत में इसे मुख्य रूप से बकरीद कहा जाता है क्योंकि यहां बकरे की कुर्बानी सबसे अधिक दी जाती है, जबकि अरब देशों में इसे ईद उल अजहा के नाम से जाना जाता है। इस त्योहार की तारीख चांद दिखने पर तय होती है, जिसके कारण यह हर साल अंग्रेजी कैलेंडर में 10-11 दिन पहले आ जाती है। यह त्योहार त्याग, इंसानियत और बराबरी का गहरा संदेश देता है।
रामगढ़ चौक प्रखंड में बुधवार को बकरीद का त्योहार शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण ढंग से मनाया गया। प्रखंड के तेतरहाट, गुलनी, नवाडीह, रायडीह, नोनगढ़, रामगढ़ चौक, नंदनामा, सुरारी, इमामनगर, बरतारा, बड़हरा, बिहटा जैसे कई अल्पसंख्यक बहुल स्थानों पर सुबह 7:00 बजे या 7:30 बजे इमाम मुफ्ती अरशद की अगुवाई में नमाज अदा की गई। नमाज के बाद सभी लोगों ने अपने-अपने घरों में पशु, मुख्य रूप से बकरे की कुर्बानी दी। इस त्योहार के सफल आयोजन की जानकारी गुलनी गांव निवासी चेतरहाट पंचायत के सरपंच मोहम्मद आफताब आलम, मोहम्मद महफूज आलम, मोहम्मद अफरोज, मोहम्मद हसन, बिहटा गांव निवासी मोहम्मद ताजुद्दीन, नंदनामा के मोहम्मद खुर्शीद आलम और रामगढ़ चौक के मोहम्मद अब्बास आलम सहित दर्जनों अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने दी। बकरीद, जिसे ईद उल जुहा या कुर्बानी की ईद भी कहा जाता है, इस्लाम के प्रमुख त्योहारों में से एक है और इसका इतिहास पैगंबर इब्राहीम अलैहिस्सलाम से जुड़ा है। इस्लामी मान्यता के अनुसार, अल्लाह ने पैगंबर इब्राहीम की परीक्षा लेने के लिए उन्हें सपने में अपनी सबसे प्यारी चीज की कुर्बानी देने का हुक्म दिया था। इब्राहीम ने अपने बेटे इस्माइल को सबसे प्यारा मानते हुए अल्लाह के हुक्म का पालन करने का फैसला किया। जब पैगंबर इब्राहीम अपने बेटे इस्माइल की कुर्बानी देने के लिए तैयार हुए और छुरी चलाने लगे, तब अल्लाह ने उनकी निष्ठा को देखकर जिब्राईल फरिश्ते के हाथों जन्नत से एक दुम्बा भेजा, जिसकी इस्माइल की जगह कुर्बानी हुई और इस तरह अल्लाह ने इस्माइल की जान बचा ली। इसी घटना की याद में हर साल जिलहिज्ज महीने की 10 तारीख को बकरीद मनाई जाती है, जो हज यात्रा के पूरा होने के अगले दिन होती है। मुसलमान पैगंबर इब्राहीम की इस सुन्नत को निभाते हुए बकरे की कुर्बानी देते हैं। कुरान में बताया गया है कि कुर्बानी का उद्देश्य केवल जानवर काटना नहीं है, बल्कि अल्लाह तक नियत और तकवा पहुंचता है, खून नहीं। यह अल्लाह के प्रति समर्पण, त्याग और आज्ञापालन का प्रतीक है। कुर्बानी के मांस को तीन हिस्सों में बांटा जाता है: एक हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों के लिए, एक हिस्सा रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए, और एक हिस्सा अपने परिवार के लिए रखा जाता है। भारत में इसे मुख्य रूप से बकरीद कहा जाता है क्योंकि यहां बकरे की कुर्बानी सबसे अधिक दी जाती है, जबकि अरब देशों में इसे ईद उल अजहा के नाम से जाना जाता है। इस त्योहार की तारीख चांद दिखने पर तय होती है, जिसके कारण यह हर साल अंग्रेजी कैलेंडर में 10-11 दिन पहले आ जाती है। यह त्योहार त्याग, इंसानियत और बराबरी का गहरा संदेश देता है।
- लखीसराय के रामगढ़ चौक थाना क्षेत्र में ड्रग्स इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक पिकअप वाहन से लगभग 10 लाख रुपये मूल्य की अंग्रेजी दवाएं जब्त की हैं। यह खेप लखीसराय-शेखपुरा पथ पर दुरडीह गांव के पास पकड़ी गई। पटना से शेखपुरा के रास्ते लखीसराय लाई जा रही इन दवाओं की खेप में संदिग्ध प्रक्रिया पाए जाने पर रामगढ़ चौक थानाध्यक्ष चुन्नू कुमार ने मालवाहक पिकअप वाहन की जांच की। सूचना मिलने पर लखीसराय ड्रग्स इंस्पेक्टर दीपक कुमार के निर्देश पर वाहन को थाना ले जाया गया। जांच के बाद, जब्त की गई दवाओं में से छह प्रकार की औषधियों को सील करके लैब में जांच के लिए भेजा गया है। इस अवैध दवा तस्करी मामले में कुल 28 लोगों को अभियुक्त बनाया गया है। इनमें लखीसराय बाजार समिति के वार्ड संख्या 31 निवासी दवा दुकानदार जितेंद्र कुमार भी शामिल हैं, जिनकी यह दवा बताई जा रही है। न्यायालय से नोटिस भेजकर उनसे पूछताछ की जाएगी। ड्रग्स इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने बताया कि जांच में सहयोग के लिए शेखपुरा के ड्रग्स इंस्पेक्टर पूजा किशोर और रंजन कुमार को भी बुलाया गया है। जांच की जा रही है कि यह दवा कहां से और किसने भेजी, तथा बिना लाइसेंस इतनी भारी मात्रा में दवा कैसे लाई जा रही थी। ड्रग्स इंस्पेक्टर ने स्पष्ट किया कि जीवन रक्षक दवाओं में इस तरह की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जल्द ही इस 'बड़े खेल' का खुलासा किया जाएगा। सभी जब्त दवाओं की रिपोर्ट न्यायालय को भेजी जाएगी।1
- बुधवार को बिहार में राजनीति, अपराध और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी कई बड़ी घटनाओं ने हलचल मचाई। इन घटनाओं में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम के बीच हुई बातचीत, एक जवान की हत्या और एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन से पहले मरीज की मौत के बाद हुए हंगामे ने लोगों का ध्यान खींचा। राजधानी पटना में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का डिप्टी सीएम से बातचीत का वीडियो राजनीतिक गलियारों में खूब चर्चा में रहा। मुख्यमंत्री ने डिप्टी सीएम से पूछा, “क्या हो रहा है, सब बताइएगा”, जिसके बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं। इस बयान को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। इसी बीच, बिहार के एक जिले में एक जवान की हत्या की घटना से सनसनी फैल गई, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। वहीं, एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन से पहले एक मरीज की मौत होने के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया, हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जांच करने की बात कही है। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बन गया। इन प्रमुख घटनाओं के अलावा, प्रदेशभर में मौसम, अपराध, राजनीति और प्रशासन से जुड़ी कई अन्य खबरें भी दिनभर चर्चा का विषय बनी रहीं।1
- जमुई में हुए चर्चित दरोगा प्रभात रंजन हत्याकांड मामले में अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। यह मामला अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान हुई हत्या से जुड़ा है, जिसमें कुल छह आरोपितों को सजा मिली है। अदालत के फैसले के अनुसार, तीन दोषियों को हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। वहीं, अन्य तीन आरोपितों को सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में दो-दो साल की कैद की सजा दी गई है।1
- शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड में स्थित करंडे थाना पुलिस ने भारी मात्रा में विदेशी शराब और बीयर केन जब्त किए हैं। इस बड़े पैमाने पर शराब और बीयर केन की बरामदगी के बाद इलाके में हड़कम्प मच गया है। स्थानीय लोग पुलिस की इस कार्रवाई को एक बड़ी सफलता बता रहे हैं।1
- रंग-पेंट से जुड़े एक विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। इस झड़प के दौरान फायरिंग भी हुई, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।1
- अलीगंज प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों मुस्लिम गांवों में, गुरुवार को ईद-उल-अज़हा (बकरीद) का त्योहार बड़े धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। अलीगंज, आढा, चंद्रदीप, कैथा, दिन्नगर, दरखा, सहोड़ा, मरकाम, जखड़ा, बेला, मिर्ज़ागंज, मातबलवा, सेवे जैसे कई गांवों के मुस्लिम समाज के लोगों ने एक साथ ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज़ अदा की। इस दौरान, अल्लाह की इबादत करते हुए मुल्क में अमन-चैन और शांति के लिए दुआएं मांगी गईं। नमाज़ के बाद सभी ने एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और फिर अपने-अपने घरों में बकरे की कुर्बानी दी। अलीगंज ईदगाह के मैदान में बड़ी संख्या में लोग नमाज़ पढ़ने पहुंचे थे, जहां त्योहार को लेकर बाज़ार भी गुलज़ार दिखे। इस्लाम धर्म में बकरीद को बलिदान का प्रतीक माना जाता है, जो इस्लामिक कैलेंडर के आखिरी महीने ज़िलहिज्ज की दसवीं तारीख को चांद दिखने के दसवें दिन मनाया जाता है। हाफ़िज़ मोहम्मद मोबिन, हाफ़िज़ ऐनुल, हाफ़िज़ सल्लू और हाफ़िज़ इरफ़ान ने इस्लामिक मान्यताओं का हवाला देते हुए बताया कि पैगंबर हज़रत इब्राहिम मोहम्मद ने अपनी सबसे प्यारी चीज़ की कुर्बानी देने की अल्लाह की परीक्षा में अपने बेटे को कुर्बान करने की कोशिश की थी, जिस पर अल्लाह ने उनके बेटे की जगह एक बकरे की कुर्बानी दिलवा दी। इसी दिन से ईद-उल-अज़हा पर कुर्बानी की परंपरा शुरू हुई। मुस्लिम भाई अपने घरों में पाले गए बकरों की कुर्बानी देते हैं और कुर्बानी के गोश्त को तीन हिस्सों में बांटा जाता है, जिसमें दो हिस्से गरीबों, यतीमों और लाचारों को देना सवाब का काम माना जाता है। कुर्बानी के साथ-साथ लोग अपनी बुराइयों और गुनाहों से तौबा करते हैं, और सच्चे मन से दी गई कुर्बानी को खुदा कबूल करते हैं। त्योहार को लेकर बच्चों में खास उत्साह देखा गया, जिन्होंने रंग-बिरंगे कपड़े पहनकर बड़ों को मुबारकबाद दी और बड़ों से ईदी भी प्राप्त की। नमाज़ के बाद सभी ने अपने रिश्तेदारों और परिवारजनों के घर जाकर ईद-उल-अज़हा की मुबारकबाद का आदान-प्रदान किया। इस अवसर पर सभी जगहों पर ईद की नमाज़ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। मस्जिद और ईदगाहों के बाहर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चंद्रदीप पुलिस बल को तैनात किया गया था, और संवेदनशील इलाकों में फ़्लैग मार्च भी किए गए। इस दौरान मुस्लिम समाज के बुद्धिजीवी, नौजवान, बुज़ुर्ग और बच्चे बड़ी संख्या में मौजूद रहे।4
- लखीसराय के रामगढ़ चौक स्थित तेतरहाट थाना क्षेत्र में अवैध बालू खनन रोकने गई पुलिस टीम पर हुए हमले के मामले में फरार चल रहे एक अभियुक्त के घर पर पुलिस ने इश्तेहार चिपकाया है। न्यायालय ने चेतावनी दी है कि यदि अभियुक्त 30 दिनों के भीतर आत्मसमर्पण नहीं करता है, तो उसके खिलाफ सीधे कुर्की जप्ती की कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई तेतरहाट थाना क्षेत्र के नोनगढ़ गांव निवासी रामदास यादव के पुत्र पारो यादव उर्फ दिलीप यादव के घर पर की गई। थानाध्यक्ष इलू उपाध्याय के नेतृत्व में पुलिस बल एक बैंड पार्टी के साथ गांव पहुंचा और न्यायालय द्वारा जारी इश्तेहार को घर पर चस्पा किया। पुलिस पर हमला पिछले 10 मार्च को तब हुआ था, जब छापेमारी अभियान के तहत पुलिस गश्ती दल नोनगढ़ गांव पहुंचा और अवैध बालू से लदे ट्रैक्टर को पकड़ने का प्रयास कर रहा था। आरोप है कि पारो यादव उर्फ दिलीप यादव ने अपने लोगों के साथ मिलकर पुलिस बल पर हमला कर दिया था। इस मामले में तेतरहाट थाना में कांड संख्या 45/26 दर्ज किया गया है और घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहा है। थानाध्यक्ष इलू उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि यह इश्तेहार न्यायालय के आदेश पर चिपकाया गया है। फरार अभियुक्त पारो यादव उर्फ दिलीप यादव को 30 दिन के अंदर न्यायालय में आत्मसमर्पण करना अनिवार्य है, अन्यथा न्यायालय के निर्देश पर उसकी संपत्ति की कुर्की जप्ती की कार्रवाई शुरू की जाएगी।1
- शेखपुरा नगर परिषद की सशक्त स्थायी समिति के चुनाव में अंतिम समय में नाटकीय रूप से राजनीतिक समीकरण बदल गए, जिससे पूरा चुनावी खेल ही पलट गया। देर रात तक चली रणनीति और जोड़-तोड़ के बाद, नगर परिषद अध्यक्ष के खेमे ने समिति के तीनों पदों पर कब्जा जमा लिया। इन परिणामों के सामने आने के बाद शहर में राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। बताया जा रहा है कि उपाध्यक्ष खेमे ने चुनाव जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी और किसी प्रकार की कोई कसर नहीं छोड़ी थी। हालांकि, अध्यक्ष पक्ष और सतपाल गुट की संयुक्त रणनीति ने विरोधियों की सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। सूत्रों के अनुसार, रातों-रात हुए राजनीतिक घटनाक्रम ने चुनाव की दिशा पूरी तरह बदल दी। सूत्रों की मानें तो वार्ड पार्षदों को अपने पाले में लाने के लिए अंतिम समय तक लगातार बैठकें और संपर्क अभियान चलाए गए। चर्चा यह भी रही कि कई पार्षदों को "शुभ लाभ" का दर्शन कराया गया, जिसके परिणामस्वरूप पूरा चुनावी समीकरण अध्यक्ष गुट के पक्ष में आ गया और वह मजबूत स्थिति में पहुँच गया। इन परिणामों में सबसे अधिक चर्चा स्वाती सरगम की जीत को लेकर हो रही है। जानकारी के अनुसार, शाम चार बजे तक उनकी हार की बातें तेज थीं, लेकिन अचानक परिस्थितियों में बदलाव आया और अंततः अधिकारियों ने उन्हें विजयी घोषित करते हुए प्रमाण पत्र सौंप दिया। इस अप्रत्याशित परिणाम ने कई राजनीतिक दिग्गजों को भी चौंका दिया है। चुनाव के बाद कुछ लोगों द्वारा धांधली और पक्षपात के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि, स्वाती सरगम ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि चुनाव पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुआ है और इसमें किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।3
- करंडे थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक एक्सयूवी गाड़ी से 1032 कैन बीयर बरामद की है। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि यह शराब की खेप अवैध रूप से ले जाई जा रही थी। पुलिस अब पूरे मामले में शराब कारोबारियों और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है। थाना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शराब तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और अवैध कारोबार करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।1