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उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिला कारागार में बंद मऊ के एक 24 वर्षीय बंदी की इलाज के दौरान जिला अस्पताल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। चोरी के आरोप में जेल में बंद इस युवक की मौत के बाद परिजनों ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतक की पहचान मऊ जनपद के दोहरीघाट थाना क्षेत्र के नया चौक निवासी विक्रम (24) के रूप में हुई है। विक्रम के खिलाफ आजमगढ़ के जीयनपुर थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज था। वह पहले भी जेल जा चुका था और बाद में जमानत पर बाहर था। न्यायालय में पेश न होने पर वारंट जारी होने के बाद, जीयनपुर पुलिस ने तीन दिन पहले ही उसे गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेजा था। मामले पर सफाई देते हुए जेलर विजय कुमार पांडेय ने दावा किया कि मृतक विक्रम नशे का आदी था और उसमें ‘डाउन सिंड्रोम’ से संबंधित लक्षण भी थे। जेलर के अनुसार, जेल में नशा न मिलने की वजह से वह काफी बेचैन था और मानसिक भ्रम की स्थिति में था। गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान रात करीब 8:30 बजे उसकी मौत हो गई। दूसरी तरफ, मृतक के भाई विक्की ने जेल प्रशासन की भूमिका पर सीधा सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि गिरफ्तारी के समय विक्रम पूरी तरह स्वस्थ था। विक्की का कहना है कि मात्र तीन दिनों के भीतर ऐसा क्या हुआ कि उसकी हालत इतनी गंभीर हो गई कि उसकी जान चली गई। परिजनों ने इस पूरे मामले में जेल प्रशासन की लापरवाही की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की विधिक कार्रवाई की बात कही जा रही है।

2 hrs ago
user_Arun Pandey
Arun Pandey
आजमगढ़, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिला कारागार में बंद मऊ के एक 24 वर्षीय बंदी की इलाज के दौरान जिला अस्पताल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। चोरी के आरोप में जेल में बंद इस युवक की मौत के बाद परिजनों ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतक की पहचान मऊ जनपद के दोहरीघाट थाना क्षेत्र के नया चौक निवासी विक्रम (24) के रूप में हुई है। विक्रम के खिलाफ आजमगढ़ के जीयनपुर थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज था। वह पहले भी जेल जा चुका था और बाद में जमानत पर बाहर था। न्यायालय में पेश न होने पर वारंट जारी होने के बाद, जीयनपुर पुलिस ने तीन दिन पहले ही उसे गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेजा था। मामले पर सफाई देते हुए जेलर विजय कुमार पांडेय ने दावा किया कि मृतक विक्रम नशे का आदी था और उसमें ‘डाउन

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सिंड्रोम’ से संबंधित लक्षण भी थे। जेलर के अनुसार, जेल में नशा न मिलने की वजह से वह काफी बेचैन था और मानसिक भ्रम की स्थिति में था। गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान रात करीब 8:30 बजे उसकी मौत हो गई। दूसरी तरफ, मृतक के भाई विक्की ने जेल प्रशासन की भूमिका पर सीधा सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि गिरफ्तारी के समय विक्रम पूरी तरह स्वस्थ था। विक्की का कहना है कि मात्र तीन दिनों के भीतर ऐसा क्या हुआ कि उसकी हालत इतनी गंभीर हो गई कि उसकी जान चली गई। परिजनों ने इस पूरे मामले में जेल प्रशासन की लापरवाही की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की विधिक कार्रवाई की बात कही जा रही है।

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  • आजमगढ़ के मुबारकपुर विधानसभा क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर क्षेत्र के विधायक अखिलेश यादव ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम, मंडल आजमगढ़ के मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर तत्काल बिजली व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है। विधायक ने कहा कि मुबारकपुर सहित पूरे आजमगढ़ जनपद में कई महीनों से लगातार गंभीर बिजली संकट बना हुआ है। अघोषित कटौती के कारण आम जनता, किसान, छात्र और छोटे व्यापारी बेहद परेशान हैं। विशेष रूप से बारिश और उमस के इस मौसम में लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली न मिलने से फसलों की सिंचाई का कार्य भी बाधित हो रहा है। विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा घोषित 18 घंटे बिजली आपूर्ति का लक्ष्य भी पूरा नहीं हो रहा है और कई क्षेत्रों में केवल 4 से 6 घंटे ही बिजली मिल पा रही है, जिससे जनता में भारी नाराजगी है। उन्होंने पत्र के माध्यम से मुख्य अभियंता के समक्ष मांग रखी है कि बिजली आपूर्ति में तुरंत सुधार किया जाए, निर्धारित 18 घंटे की आपूर्ति सुनिश्चित हो, जर्जर व ढीले तारों तथा जर्जर विद्युत पोलों को तत्काल बदला जाए, ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाए और विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा उपभोक्ताओं के नाम पर की जा रही कथित वसूली पर रोक लगाकर कार्रवाई की जाए। विधायक अखिलेश यादव ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो समाजवादी पार्टी जनहित में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और प्रशासन की होगी।
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    आजमगढ़ के मुबारकपुर विधानसभा क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर क्षेत्र के विधायक अखिलेश यादव ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम, मंडल आजमगढ़ के मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर तत्काल बिजली व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है। विधायक ने कहा कि मुबारकपुर सहित पूरे आजमगढ़ जनपद में कई महीनों से लगातार गंभीर बिजली संकट बना हुआ है। अघोषित कटौती के कारण आम जनता, किसान, छात्र और छोटे व्यापारी बेहद परेशान हैं। विशेष रूप से बारिश और उमस के इस मौसम में लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली न मिलने से फसलों की सिंचाई का कार्य भी बाधित हो रहा है।

विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा घोषित 18 घंटे बिजली आपूर्ति का लक्ष्य भी पूरा नहीं हो रहा है और कई क्षेत्रों में केवल 4 से 6 घंटे ही बिजली मिल पा रही है, जिससे जनता में भारी नाराजगी है। उन्होंने पत्र के माध्यम से मुख्य अभियंता के समक्ष मांग रखी है कि बिजली आपूर्ति में तुरंत सुधार किया जाए, निर्धारित 18 घंटे की आपूर्ति सुनिश्चित हो, जर्जर व ढीले तारों तथा जर्जर विद्युत पोलों को तत्काल बदला जाए, ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाए और विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा उपभोक्ताओं के नाम पर की जा रही कथित वसूली पर रोक लगाकर कार्रवाई की जाए। विधायक अखिलेश यादव ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो समाजवादी पार्टी जनहित में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और प्रशासन की होगी।
    user_SHATRUGHAN DEVPURIA
    SHATRUGHAN DEVPURIA
    Azamgarh, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिला कारागार में बंद मऊ के एक 24 वर्षीय बंदी की इलाज के दौरान जिला अस्पताल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। चोरी के आरोप में जेल में बंद इस युवक की मौत के बाद परिजनों ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतक की पहचान मऊ जनपद के दोहरीघाट थाना क्षेत्र के नया चौक निवासी विक्रम (24) के रूप में हुई है। विक्रम के खिलाफ आजमगढ़ के जीयनपुर थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज था। वह पहले भी जेल जा चुका था और बाद में जमानत पर बाहर था। न्यायालय में पेश न होने पर वारंट जारी होने के बाद, जीयनपुर पुलिस ने तीन दिन पहले ही उसे गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेजा था। मामले पर सफाई देते हुए जेलर विजय कुमार पांडेय ने दावा किया कि मृतक विक्रम नशे का आदी था और उसमें ‘डाउन सिंड्रोम’ से संबंधित लक्षण भी थे। जेलर के अनुसार, जेल में नशा न मिलने की वजह से वह काफी बेचैन था और मानसिक भ्रम की स्थिति में था। गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान रात करीब 8:30 बजे उसकी मौत हो गई। दूसरी तरफ, मृतक के भाई विक्की ने जेल प्रशासन की भूमिका पर सीधा सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि गिरफ्तारी के समय विक्रम पूरी तरह स्वस्थ था। विक्की का कहना है कि मात्र तीन दिनों के भीतर ऐसा क्या हुआ कि उसकी हालत इतनी गंभीर हो गई कि उसकी जान चली गई। परिजनों ने इस पूरे मामले में जेल प्रशासन की लापरवाही की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की विधिक कार्रवाई की बात कही जा रही है।
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    उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिला कारागार में बंद मऊ के एक 24 वर्षीय बंदी की इलाज के दौरान जिला अस्पताल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। चोरी के आरोप में जेल में बंद इस युवक की मौत के बाद परिजनों ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

मृतक की पहचान मऊ जनपद के दोहरीघाट थाना क्षेत्र के नया चौक निवासी विक्रम (24) के रूप में हुई है। विक्रम के खिलाफ आजमगढ़ के जीयनपुर थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज था। वह पहले भी जेल जा चुका था और बाद में जमानत पर बाहर था। न्यायालय में पेश न होने पर वारंट जारी होने के बाद, जीयनपुर पुलिस ने तीन दिन पहले ही उसे गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेजा था।

मामले पर सफाई देते हुए जेलर विजय कुमार पांडेय ने दावा किया कि मृतक विक्रम नशे का आदी था और उसमें ‘डाउन सिंड्रोम’ से संबंधित लक्षण भी थे। जेलर के अनुसार, जेल में नशा न मिलने की वजह से वह काफी बेचैन था और मानसिक भ्रम की स्थिति में था। गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान रात करीब 8:30 बजे उसकी मौत हो गई।

दूसरी तरफ, मृतक के भाई विक्की ने जेल प्रशासन की भूमिका पर सीधा सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि गिरफ्तारी के समय विक्रम पूरी तरह स्वस्थ था। विक्की का कहना है कि मात्र तीन दिनों के भीतर ऐसा क्या हुआ कि उसकी हालत इतनी गंभीर हो गई कि उसकी जान चली गई। परिजनों ने इस पूरे मामले में जेल प्रशासन की लापरवाही की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की विधिक कार्रवाई की बात कही जा रही है।
    user_Arun Pandey
    Arun Pandey
    आजमगढ़, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • आजमगढ़ की मेंहनगर तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने आमजन की शिकायतें सुनीं। इस दौरान अधिकारियों ने संबंधित विभागों को सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समाधान दिवस के दौरान राजस्व से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके तहत भूमि विवाद सहित अन्य मामलों का शीघ्र समाधान कराने के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों को तत्काल मौके पर भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं का पारदर्शी, निष्पक्ष और त्वरित निस्तारण करना ही सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी।
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    आजमगढ़ की मेंहनगर तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने आमजन की शिकायतें सुनीं। इस दौरान अधिकारियों ने संबंधित विभागों को सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

समाधान दिवस के दौरान राजस्व से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके तहत भूमि विवाद सहित अन्य मामलों का शीघ्र समाधान कराने के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों को तत्काल मौके पर भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं का पारदर्शी, निष्पक्ष और त्वरित निस्तारण करना ही सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी।
    user_शैलेन्द्र पत्रकार
    शैलेन्द्र पत्रकार
    आजमगढ़, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से मिली ब्यूरो रिपोर्ट के अनुसार, यहाँ टोल कर्मचारियों के साथ मारपीट का एक मामला सामने आया है।
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    उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से मिली ब्यूरो रिपोर्ट के अनुसार, यहाँ टोल कर्मचारियों के साथ मारपीट का एक मामला सामने आया है।
    user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
    द कहर न्यूज़ एजेंसी
    Journalist Azamgarh, Uttar Pradesh•
    9 hrs ago
  • लखीमपुर के गोटैय्याबाग में रहने वाले आठवीं कक्षा के एक छात्र के बेबाक अंदाज ने सबका दिल जीत लिया है, जिसके चलते डीएम भी तुरंत काम करवाने को मजबूर हो गए। शनिवार को आयोजित तहसील दिवस में पहुंचे इस बच्चे ने बेबाक अंदाज में डीएम से अपने घर का ताला खुलवाने की गुहार लगाई। बच्चे के घर पर उसके चाचा-चाची ने ताला डाल रखा है, जबकि उसकी मां लोगों के घरों में काम करती है। जब बच्चे की फरियाद सुनकर डीएम ने कोतवाल से कहा कि बच्चे का काम देख लो, तो बच्चे ने तुरंत जवाब दिया कि "दिखवा नहीं, कहिए ताला खुलवा दे।"
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    लखीमपुर के गोटैय्याबाग में रहने वाले आठवीं कक्षा के एक छात्र के बेबाक अंदाज ने सबका दिल जीत लिया है, जिसके चलते डीएम भी तुरंत काम करवाने को मजबूर हो गए। शनिवार को आयोजित तहसील दिवस में पहुंचे इस बच्चे ने बेबाक अंदाज में डीएम से अपने घर का ताला खुलवाने की गुहार लगाई।

बच्चे के घर पर उसके चाचा-चाची ने ताला डाल रखा है, जबकि उसकी मां लोगों के घरों में काम करती है। जब बच्चे की फरियाद सुनकर डीएम ने कोतवाल से कहा कि बच्चे का काम देख लो, तो बच्चे ने तुरंत जवाब दिया कि "दिखवा नहीं, कहिए ताला खुलवा दे।"
    user_Akash Modanwal
    Akash Modanwal
    Repoter बुरहानपुर, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश•
    15 min ago
  • उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के पवई थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक महिला पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने के मामले में फरार चल रहे वांछित आरोपी को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी है। दरअसल, बीते 16 जुलाई को पवई कस्बे में एक महिला पर जानलेवा हमला हुआ था। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि पवई कस्बे का रहने वाला सुजीत मौर्य (33) एकतरफा प्रेम में महिला का पीछा करता था। घटना की रात वह चोरी-छिपे महिला के घर में घुस गया और धारदार हथियार से उसकी गर्दन और हाथ पर वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस वारदात के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था और पुलिस ने उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 109(1)/118(1) के तहत मामला दर्ज किया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में आरोपी की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई टीमें सक्रिय थीं। इसी दौरान 17/18 जुलाई की रात पवई पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी खंडोरा अंडरपास के पास छिपा हुआ है। जब पुलिस टीम ने उसकी घेराबंदी की, तो आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई नियंत्रित फायरिंग में आरोपी सुजीत मौर्य के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके पास से एक अवैध .315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और 220 रुपये नकद बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपी को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पवई भेजा गया है। पवई पुलिस ने अब आरोपी के खिलाफ पुलिस टीम पर फायरिंग करने और अवैध शस्त्र रखने के आरोप में एक नया मुकदमा (मुकदमा संख्या 177/2026) भी दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि इस पूरी कार्रवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय और मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन किया गया है।
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    उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के पवई थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक महिला पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने के मामले में फरार चल रहे वांछित आरोपी को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी है। 

दरअसल, बीते 16 जुलाई को पवई कस्बे में एक महिला पर जानलेवा हमला हुआ था। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि पवई कस्बे का रहने वाला सुजीत मौर्य (33) एकतरफा प्रेम में महिला का पीछा करता था। घटना की रात वह चोरी-छिपे महिला के घर में घुस गया और धारदार हथियार से उसकी गर्दन और हाथ पर वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस वारदात के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था और पुलिस ने उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 109(1)/118(1) के तहत मामला दर्ज किया था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में आरोपी की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई टीमें सक्रिय थीं। इसी दौरान 17/18 जुलाई की रात पवई पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी खंडोरा अंडरपास के पास छिपा हुआ है। जब पुलिस टीम ने उसकी घेराबंदी की, तो आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई नियंत्रित फायरिंग में आरोपी सुजीत मौर्य के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके पास से एक अवैध .315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और 220 रुपये नकद बरामद किए हैं।

गिरफ्तार आरोपी को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पवई भेजा गया है। पवई पुलिस ने अब आरोपी के खिलाफ पुलिस टीम पर फायरिंग करने और अवैध शस्त्र रखने के आरोप में एक नया मुकदमा (मुकदमा संख्या 177/2026) भी दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि इस पूरी कार्रवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय और मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन किया गया है।
    user_Arun Pandey
    Arun Pandey
    आजमगढ़, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के बहराइच से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मगरमच्छ ने 12 साल के सुनील को जिंदा निगल लिया। यह घटना तब हुई जब सुनील धान की रोपाई में हाथ-पैर धोने गया था। वहां मगरमच्छ ने अचानक उसपर हमला कर दिया और उसे अपने जबड़े में दबोच लिया। बच्चे ने खुद को छुड़ाने के लिए काफी हाथ-पैर मारे। उसके चाचा और ग्रामीणों ने ईंट और पत्थर फेंककर उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ ने उसे नहीं छोड़ा। मगरमच्छ ने दो-तीन बार बच्चे को उठाकर पानी में उछाला और फिर पानी में पटका, इसके बाद वह उसे गहरे पानी में खींच ले गया और देखते ही देखते निगल गया। इस दर्दनाक घटना के करीब 5 घंटे बाद ग्रामीणों ने बच्चे का शव बरामद किया। बरामद शव का एक पैर और पेट का कुछ हिस्सा गायब था। सुनील अनाथ था और उसके माता-पिता की मौत हो चुकी थी, जिसके बाद से उसके चाचा ही उसका पालन-पोषण कर रहे थे।
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    उत्तर प्रदेश के बहराइच से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मगरमच्छ ने 12 साल के सुनील को जिंदा निगल लिया। यह घटना तब हुई जब सुनील धान की रोपाई में हाथ-पैर धोने गया था। वहां मगरमच्छ ने अचानक उसपर हमला कर दिया और उसे अपने जबड़े में दबोच लिया। बच्चे ने खुद को छुड़ाने के लिए काफी हाथ-पैर मारे। उसके चाचा और ग्रामीणों ने ईंट और पत्थर फेंककर उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ ने उसे नहीं छोड़ा।

मगरमच्छ ने दो-तीन बार बच्चे को उठाकर पानी में उछाला और फिर पानी में पटका, इसके बाद वह उसे गहरे पानी में खींच ले गया और देखते ही देखते निगल गया। इस दर्दनाक घटना के करीब 5 घंटे बाद ग्रामीणों ने बच्चे का शव बरामद किया। बरामद शव का एक पैर और पेट का कुछ हिस्सा गायब था। सुनील अनाथ था और उसके माता-पिता की मौत हो चुकी थी, जिसके बाद से उसके चाचा ही उसका पालन-पोषण कर रहे थे।
    user_Krishna kannaujiya
    Krishna kannaujiya
    Graphic designer आजमगढ़, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
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