आजमगढ़ की मेंहनगर तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने आमजन की शिकायतें सुनीं। इस दौरान अधिकारियों ने संबंधित विभागों को सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समाधान दिवस के दौरान राजस्व से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके तहत भूमि विवाद सहित अन्य मामलों का शीघ्र समाधान कराने के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों को तत्काल मौके पर भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं का पारदर्शी, निष्पक्ष और त्वरित निस्तारण करना ही सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी।
आजमगढ़ की मेंहनगर तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने आमजन की शिकायतें सुनीं। इस दौरान अधिकारियों ने संबंधित विभागों को सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समाधान दिवस के दौरान राजस्व से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके तहत भूमि विवाद सहित अन्य मामलों का शीघ्र समाधान कराने के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों को तत्काल मौके पर भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं का पारदर्शी, निष्पक्ष और त्वरित निस्तारण करना ही सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी।
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिला कारागार में बंद मऊ के एक 24 वर्षीय बंदी की इलाज के दौरान जिला अस्पताल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। चोरी के आरोप में जेल में बंद इस युवक की मौत के बाद परिजनों ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतक की पहचान मऊ जनपद के दोहरीघाट थाना क्षेत्र के नया चौक निवासी विक्रम (24) के रूप में हुई है। विक्रम के खिलाफ आजमगढ़ के जीयनपुर थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज था। वह पहले भी जेल जा चुका था और बाद में जमानत पर बाहर था। न्यायालय में पेश न होने पर वारंट जारी होने के बाद, जीयनपुर पुलिस ने तीन दिन पहले ही उसे गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेजा था। मामले पर सफाई देते हुए जेलर विजय कुमार पांडेय ने दावा किया कि मृतक विक्रम नशे का आदी था और उसमें ‘डाउन सिंड्रोम’ से संबंधित लक्षण भी थे। जेलर के अनुसार, जेल में नशा न मिलने की वजह से वह काफी बेचैन था और मानसिक भ्रम की स्थिति में था। गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान रात करीब 8:30 बजे उसकी मौत हो गई। दूसरी तरफ, मृतक के भाई विक्की ने जेल प्रशासन की भूमिका पर सीधा सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि गिरफ्तारी के समय विक्रम पूरी तरह स्वस्थ था। विक्की का कहना है कि मात्र तीन दिनों के भीतर ऐसा क्या हुआ कि उसकी हालत इतनी गंभीर हो गई कि उसकी जान चली गई। परिजनों ने इस पूरे मामले में जेल प्रशासन की लापरवाही की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की विधिक कार्रवाई की बात कही जा रही है।2
- आजमगढ़ की मेंहनगर तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने आमजन की शिकायतें सुनीं। इस दौरान अधिकारियों ने संबंधित विभागों को सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समाधान दिवस के दौरान राजस्व से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके तहत भूमि विवाद सहित अन्य मामलों का शीघ्र समाधान कराने के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों को तत्काल मौके पर भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं का पारदर्शी, निष्पक्ष और त्वरित निस्तारण करना ही सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी।1
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से मिली ब्यूरो रिपोर्ट के अनुसार, यहाँ टोल कर्मचारियों के साथ मारपीट का एक मामला सामने आया है।1
- मऊ जिले के मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र के हाफिजपुर चट्टी स्थित पुलिया और उसके आसपास की सड़क बारिश के मौसम में राहगीरों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। सड़क पर लगातार हो रहे जलभराव और फिसलन के कारण यहां हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इस मार्ग से प्रतिदिन स्कूली बच्चे, दोपहिया वाहन चालक और पैदल चलने वाले लोग बड़ी संख्या में गुजरते हैं, जिन्हें फिसलन के कारण बेहद सावधानी बरतनी पड़ती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सुरक्षा समस्या केवल बारिश तक सीमित नहीं है, बल्कि लंबे समय से बनी हुई है। लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से पुलिया का स्थलीय निरीक्षण कर जल्द से जल्द जलभराव और फिसलन की समस्या को दूर करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान करना चाहिए।1
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के पवई थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक महिला पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने के मामले में फरार चल रहे वांछित आरोपी को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी है। दरअसल, बीते 16 जुलाई को पवई कस्बे में एक महिला पर जानलेवा हमला हुआ था। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि पवई कस्बे का रहने वाला सुजीत मौर्य (33) एकतरफा प्रेम में महिला का पीछा करता था। घटना की रात वह चोरी-छिपे महिला के घर में घुस गया और धारदार हथियार से उसकी गर्दन और हाथ पर वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस वारदात के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था और पुलिस ने उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 109(1)/118(1) के तहत मामला दर्ज किया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में आरोपी की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई टीमें सक्रिय थीं। इसी दौरान 17/18 जुलाई की रात पवई पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी खंडोरा अंडरपास के पास छिपा हुआ है। जब पुलिस टीम ने उसकी घेराबंदी की, तो आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई नियंत्रित फायरिंग में आरोपी सुजीत मौर्य के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके पास से एक अवैध .315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और 220 रुपये नकद बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपी को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पवई भेजा गया है। पवई पुलिस ने अब आरोपी के खिलाफ पुलिस टीम पर फायरिंग करने और अवैध शस्त्र रखने के आरोप में एक नया मुकदमा (मुकदमा संख्या 177/2026) भी दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि इस पूरी कार्रवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय और मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन किया गया है।2
- उत्तर प्रदेश के बहराइच से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मगरमच्छ ने 12 साल के सुनील को जिंदा निगल लिया। यह घटना तब हुई जब सुनील धान की रोपाई में हाथ-पैर धोने गया था। वहां मगरमच्छ ने अचानक उसपर हमला कर दिया और उसे अपने जबड़े में दबोच लिया। बच्चे ने खुद को छुड़ाने के लिए काफी हाथ-पैर मारे। उसके चाचा और ग्रामीणों ने ईंट और पत्थर फेंककर उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ ने उसे नहीं छोड़ा। मगरमच्छ ने दो-तीन बार बच्चे को उठाकर पानी में उछाला और फिर पानी में पटका, इसके बाद वह उसे गहरे पानी में खींच ले गया और देखते ही देखते निगल गया। इस दर्दनाक घटना के करीब 5 घंटे बाद ग्रामीणों ने बच्चे का शव बरामद किया। बरामद शव का एक पैर और पेट का कुछ हिस्सा गायब था। सुनील अनाथ था और उसके माता-पिता की मौत हो चुकी थी, जिसके बाद से उसके चाचा ही उसका पालन-पोषण कर रहे थे।1