डिंडौरी जिले के शाहपुर ग्राम में स्थित एक शासकीय आंगनबाड़ी भवन को कथित तौर पर तोड़कर उसमें निजी सामान रखे जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस घटना से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है, उनका कहना है कि सरकारी भवन का इस तरह निजी उपयोग किए जाने से आंगनबाड़ी की गतिविधियां और बच्चों को मिलने वाली सुविधाएं सीधे तौर पर प्रभावित हो रही हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि संबंधित भवन का उपयोग आंगनबाड़ी संचालन के बजाय पूरी तरह से निजी सामान रखने के लिए किया जा रहा है। इससे सरकारी संपत्ति के संरक्षण और उसके उचित उपयोग को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है। उनका स्पष्ट मत है कि यदि सरकारी भवनों का निजी इस्तेमाल इसी प्रकार जारी रहा, तो शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का मूल उद्देश्य ही प्रभावित होगा। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल मामले की जांच कर, आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है। फिलहाल इस संवेदनशील मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान या जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। प्रशासनिक पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करने की बात कही गई है।
डिंडौरी जिले के शाहपुर ग्राम में स्थित एक शासकीय आंगनबाड़ी भवन को कथित तौर पर तोड़कर उसमें निजी सामान रखे जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस घटना से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है, उनका कहना है कि सरकारी भवन का इस तरह निजी उपयोग किए जाने से आंगनबाड़ी की गतिविधियां और बच्चों को मिलने वाली सुविधाएं सीधे तौर पर प्रभावित हो रही हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि संबंधित भवन का उपयोग आंगनबाड़ी संचालन के बजाय पूरी तरह से निजी सामान रखने के लिए किया जा रहा है। इससे सरकारी संपत्ति के संरक्षण और उसके उचित उपयोग को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है। उनका स्पष्ट मत है कि यदि सरकारी भवनों का निजी इस्तेमाल इसी प्रकार जारी रहा, तो शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का मूल उद्देश्य ही प्रभावित होगा। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल मामले की जांच कर, आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है। फिलहाल इस संवेदनशील मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान या जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। प्रशासनिक पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करने की बात कही गई है।
- शहडोल जिले में 41.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जिससे किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। हालांकि, इस बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है और बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है। आमजनों को इन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, और लोग छतरियों के साथ-साथ मोमबत्तियों तथा पावरबैंक का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। यह स्थिति शहडोल में मानसून से पैदा हुई चुनौतियों को उजागर करती है।1
- पुलिस मुख्यालय और गृह मंत्रालय के निर्देशों के तहत चलाए जा रहे ऑपरेशन “सेफ क्लिक 2.0” के अंतर्गत, अनूपपुर पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराब के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगनाथ मारकाम व एसडीओपी कोतमा श्रीमती आरती शाक्य के निर्देशन में थाना रामनगर पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया। इसी कड़ी में, 03 जुलाई 2026 को थाना रामनगर पुलिस की टीम ने राजनगर के काली मंदिर, शिव मंदिर (CMPDI) और जुमे की नमाज के लिए उपस्थित लोगों के बीच सीआरओ मस्जिद राजनगर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को डिजिटल माध्यमों से होने वाले साइबर अपराधों और उनसे बचाव के प्रभावी तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आजकल साइबर ठग फर्जी फोन कॉल, ओटीपी, केवाईसी अपडेट, बैंक अधिकारी बनकर कॉल, डिजिटल अरेस्ट, निवेश के नाम पर धोखाधड़ी, सोशल मीडिया हैकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग और यूपीआई फ्रॉड जैसे विभिन्न तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। इन अपराधों से सुरक्षित रहने के लिए नागरिकों को अज्ञात व्यक्तियों के साथ अपनी बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी, सीवीवी, यूपीआई पिन या पासवर्ड साझा न करने की महत्वपूर्ण सलाह दी गई। कार्यक्रम के दौरान, नागरिकों को यह भी बताया गया कि साइबर अपराध होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस ने सभी से अपील की कि वे स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।3
- मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में मानसून सक्रिय हो गया है, जहाँ गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक जिला मुख्यालय समेत कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हुई। आसमान में बादल छाए रहने से मौसम सुहावना बना हुआ है, हालाँकि जिले में बारिश का वितरण असमान रहा। अनूपपुर जिला मुख्यालय और बदरा में जहाँ सुबह तक रिमझिम बारिश जारी रही, वहीं जैतहरी, राजेंद्रग्राम, कोतमा, फुनगा और दैखल क्षेत्रों में रात की बारिश के बाद सुबह धूप निकल आई, जिससे लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। अधीक्षक भू-अभिलेख विभाग के अधिकारी प्रदीप मोगरे ने बताया कि जिले में मानसून सक्रिय है, लेकिन बारिश सभी क्षेत्रों में समान रूप से नहीं हुई है। विभाग के अनुसार, शुक्रवार को जिले में औसतन 20.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि 1 जून से अब तक कुल 99.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। इस बारिश के बाद किसान खेतों की तैयारी में जुट गए हैं। कृषि विभाग के आँकड़ों के अनुसार, इस साल जिले में 1 लाख 85 हजार हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से अब तक लगभग 21 प्रतिशत क्षेत्र में ही बुवाई हो पाई है। विभाग द्वारा जारी आँकड़ों के मुताबिक, धान की 18 प्रतिशत, मक्का की 77 प्रतिशत, उड़द की 18 प्रतिशत, मूंग की 19 प्रतिशत, अरहर की 26 प्रतिशत, मूंगफली की 56 प्रतिशत और सोयाबीन की 55 प्रतिशत बुवाई पूरी हो चुकी है। यह पिछले साल इसी अवधि तक हुई 28 प्रतिशत से अधिक बुवाई से कम है।1
- एक युवती की संदिग्ध मौत के मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है, जिससे जांच की रफ्तार तेज हो गई है। हाल ही में कब्र से शव को बाहर निकाले जाने के बाद, यह उम्मीद जताई जा रही है कि दोबारा पोस्टमार्टम से मौत का असल राज सामने आएगा। यह जांच इस सवाल का जवाब तलाश रही है कि यह घटना एक हादसा थी या हत्या, और आगामी रिपोर्ट इस संबंध में एक बड़ा खुलासा करने वाली है।1
- पुलिस मुख्यालय और गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार चलाए जा रहे ऑपरेशन “सेफ क्लिक 2.0” के तहत, अनूपपुर पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगनाथ मरकाम तथा एसडीओपी कोतमा श्रीमती आरती शाक्य के निर्देशन में थाना रामनगर पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया। इसी क्रम में, 3 जुलाई 2026 को रामनगर पुलिस की टीम ने काली मंदिर राजनगर, शिव मंदिर (CMPDI) राजनगर और जुमे की नमाज के लिए उपस्थित लोगों के बीच सीआरओ मस्जिद राजनगर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को डिजिटल माध्यमों से होने वाले साइबर अपराधों और उनसे बचाव के प्रभावी उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आजकल साइबर ठग फर्जी फोन कॉल, ओटीपी, केवाईसी अपडेट, बैंक अधिकारी बनकर की जाने वाली कॉल, डिजिटल अरेस्ट, निवेश के नाम पर धोखाधड़ी, सोशल मीडिया हैकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग और यूपीआई फ्रॉड जैसे विभिन्न तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसे अपराधों से बचने के लिए नागरिकों को सलाह दी गई कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपनी बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी, सीवीवी, यूपीआई पिन या पासवर्ड साझा न करें। कार्यक्रम के दौरान, पुलिस ने नागरिकों को यह भी प्रेरित किया कि यदि कोई साइबर अपराध होता है, तो वे तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और पोर्टल पर शीघ्र शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही, सभी से अपील की गई कि वे स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।1
- अनूपपुर जिले में मौसम विभाग द्वारा जारी वर्षा के अलर्ट के बावजूद, जिले के अधिकांश हिस्सों में अभी तक तेज़ बारिश देखने को नहीं मिली है। पिछले दो दिनों से जिले में रुक-रुक कर हल्की बारिश हो रही है, जिससे मौसम सुहावना बना हुआ है, लेकिन भारी वर्षा जैसी स्थिति फिलहाल नहीं बनी है। जिले के नदी-नाले अभी तक उफान पर नहीं हैं और उनका जलस्तर सामान्य बना हुआ है। हालांकि, अमरकंटक क्षेत्र में तुलनात्मक रूप से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिससे वहाँ के जलस्रोतों में पानी की आवक बढ़ी है। वहीं, जिले के अन्य इलाकों में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हो रही है, जिससे वर्षा का एक संतुलित स्वरूप दिखाई दे रहा है। वर्तमान बारिश को कृषि कार्यों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। लोग अब मौसम विभाग के अगले पूर्वानुमान पर अपनी नज़रें टिकाए हुए हैं। यदि आगामी दिनों में बारिश की तीव्रता बढ़ती है, तो नदी-नालों और जलाशयों के जलस्तर में भी वृद्धि देखी जा सकती है। फिलहाल, जिले में सामान्य वर्षा का दौर जारी है और मौसम पूरी तरह मानसूनी बना हुआ है।4
- उमरिया जिले में कंचन ओपन माइंस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के कारण शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घुलघुली संकुल को अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया जा रहा है। प्रशासन के निर्णय अनुसार, कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को ग्राम पंचायत नरवार-29 स्थित विद्यालय में, जबकि कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राओं को अस्थायी तौर पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जरहा में भेजा जाएगा। इस संबंध में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घुलघुली में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें एसडीएम, जिला शिक्षा अधिकारी, विद्यालय स्टाफ, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। बैठक में जिला प्रशासन ने नए विद्यालय के निर्माण तक विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए अस्थायी स्थानांतरण का निर्णय लिया। हालांकि, अभिभावकों और छात्रों ने इस निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि वे अपने वर्तमान विद्यालय से स्थानांतरित नहीं होना चाहते और यहीं अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं। बैठक के दौरान जिला प्रशासन ने कोल माइंस प्रबंधन से विद्यार्थियों के आवागमन के लिए परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही, लेकिन कोल माइंस अधिकारियों ने उच्च अधिकारियों से चर्चा के बाद ही निर्णय लेने की बात कहकर कोई ठोस लिखित आश्वासन नहीं दिया। ग्रामीण और अभिभावकों का तर्क है कि यदि परिवहन की समुचित व्यवस्था नहीं हुई, तो लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित विद्यालय तक छोटे बच्चों का प्रतिदिन आना-जाना बेहद कठिन हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय के विस्थापन से पहले ही नए विद्यालय का निर्माण और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जानी चाहिए थी। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कंचन ओपन माइंस में हो रही तेज गति की ब्लास्टिंग से आसपास के कई गांव प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में, क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन और कोल माइंस प्रबंधन से विद्यार्थियों की शिक्षा, सुरक्षा और आवागमन के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। अब सभी की नजर जिला प्रशासन और कोल माइंस प्रबंधन के अगले निर्णय पर टिकी है कि विद्यार्थियों के हित में क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।4
- कांग्रेस ने युवाओं, किसानों और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों को लेकर एक प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया है। इस आंदोलन के माध्यम से कांग्रेस ने सीधे मुख्यमंत्री से इन गंभीर विषयों पर स्पष्टीकरण देने या अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है।1
- ऑपरेशन सेफ क्लिक 2.0 कार्यक्रम के तहत, दिनांक 3/7/26 को चौकी देव्हारा थाना चचाई स्थित संजय नगर स्वास्थ्य केंद्र में एक पहल की गई। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों और स्टाफ सदस्यों को साइबर सुरक्षा और संबंधित विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।3