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पुलिस मुख्यालय और गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार चलाए जा रहे ऑपरेशन “सेफ क्लिक 2.0” के तहत, अनूपपुर पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगनाथ मरकाम तथा एसडीओपी कोतमा श्रीमती आरती शाक्य के निर्देशन में थाना रामनगर पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया। इसी क्रम में, 3 जुलाई 2026 को रामनगर पुलिस की टीम ने काली मंदिर राजनगर, शिव मंदिर (CMPDI) राजनगर और जुमे की नमाज के लिए उपस्थित लोगों के बीच सीआरओ मस्जिद राजनगर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को डिजिटल माध्यमों से होने वाले साइबर अपराधों और उनसे बचाव के प्रभावी उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आजकल साइबर ठग फर्जी फोन कॉल, ओटीपी, केवाईसी अपडेट, बैंक अधिकारी बनकर की जाने वाली कॉल, डिजिटल अरेस्ट, निवेश के नाम पर धोखाधड़ी, सोशल मीडिया हैकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग और यूपीआई फ्रॉड जैसे विभिन्न तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसे अपराधों से बचने के लिए नागरिकों को सलाह दी गई कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपनी बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी, सीवीवी, यूपीआई पिन या पासवर्ड साझा न करें। कार्यक्रम के दौरान, पुलिस ने नागरिकों को यह भी प्रेरित किया कि यदि कोई साइबर अपराध होता है, तो वे तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और पोर्टल पर शीघ्र शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही, सभी से अपील की गई कि वे स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।

11 hrs ago
user_Anupam Singh patrkar
Anupam Singh patrkar
अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
11 hrs ago

पुलिस मुख्यालय और गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार चलाए जा रहे ऑपरेशन “सेफ क्लिक 2.0” के तहत, अनूपपुर पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगनाथ मरकाम तथा एसडीओपी कोतमा श्रीमती आरती शाक्य के निर्देशन में थाना रामनगर पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया। इसी क्रम में, 3 जुलाई 2026 को रामनगर पुलिस की टीम ने काली मंदिर राजनगर, शिव मंदिर (CMPDI) राजनगर और जुमे की नमाज के लिए उपस्थित लोगों के बीच सीआरओ मस्जिद राजनगर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को डिजिटल माध्यमों से होने वाले साइबर अपराधों और उनसे बचाव के प्रभावी उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आजकल साइबर ठग फर्जी फोन कॉल, ओटीपी, केवाईसी अपडेट, बैंक अधिकारी बनकर की जाने वाली कॉल, डिजिटल अरेस्ट, निवेश के नाम पर धोखाधड़ी, सोशल मीडिया हैकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग और यूपीआई फ्रॉड जैसे विभिन्न तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसे अपराधों से बचने के लिए नागरिकों को सलाह दी गई कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपनी बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी, सीवीवी, यूपीआई पिन या पासवर्ड साझा न करें। कार्यक्रम के दौरान, पुलिस ने नागरिकों को यह भी प्रेरित किया कि यदि कोई साइबर अपराध होता है, तो वे तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और पोर्टल पर शीघ्र शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही, सभी से अपील की गई कि वे स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।

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  • मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में मानसून सक्रिय हो गया है, जहाँ गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक जिला मुख्यालय समेत कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हुई। आसमान में बादल छाए रहने से मौसम सुहावना बना हुआ है, हालाँकि जिले में बारिश का वितरण असमान रहा। अनूपपुर जिला मुख्यालय और बदरा में जहाँ सुबह तक रिमझिम बारिश जारी रही, वहीं जैतहरी, राजेंद्रग्राम, कोतमा, फुनगा और दैखल क्षेत्रों में रात की बारिश के बाद सुबह धूप निकल आई, जिससे लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। अधीक्षक भू-अभिलेख विभाग के अधिकारी प्रदीप मोगरे ने बताया कि जिले में मानसून सक्रिय है, लेकिन बारिश सभी क्षेत्रों में समान रूप से नहीं हुई है। विभाग के अनुसार, शुक्रवार को जिले में औसतन 20.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि 1 जून से अब तक कुल 99.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। इस बारिश के बाद किसान खेतों की तैयारी में जुट गए हैं। कृषि विभाग के आँकड़ों के अनुसार, इस साल जिले में 1 लाख 85 हजार हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से अब तक लगभग 21 प्रतिशत क्षेत्र में ही बुवाई हो पाई है। विभाग द्वारा जारी आँकड़ों के मुताबिक, धान की 18 प्रतिशत, मक्का की 77 प्रतिशत, उड़द की 18 प्रतिशत, मूंग की 19 प्रतिशत, अरहर की 26 प्रतिशत, मूंगफली की 56 प्रतिशत और सोयाबीन की 55 प्रतिशत बुवाई पूरी हो चुकी है। यह पिछले साल इसी अवधि तक हुई 28 प्रतिशत से अधिक बुवाई से कम है।
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    मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में मानसून सक्रिय हो गया है, जहाँ गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक जिला मुख्यालय समेत कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हुई। आसमान में बादल छाए रहने से मौसम सुहावना बना हुआ है, हालाँकि जिले में बारिश का वितरण असमान रहा। अनूपपुर जिला मुख्यालय और बदरा में जहाँ सुबह तक रिमझिम बारिश जारी रही, वहीं जैतहरी, राजेंद्रग्राम, कोतमा, फुनगा और दैखल क्षेत्रों में रात की बारिश के बाद सुबह धूप निकल आई, जिससे लोगों को उमस का सामना करना पड़ा।

अधीक्षक भू-अभिलेख विभाग के अधिकारी प्रदीप मोगरे ने बताया कि जिले में मानसून सक्रिय है, लेकिन बारिश सभी क्षेत्रों में समान रूप से नहीं हुई है। विभाग के अनुसार, शुक्रवार को जिले में औसतन 20.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि 1 जून से अब तक कुल 99.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है।

इस बारिश के बाद किसान खेतों की तैयारी में जुट गए हैं। कृषि विभाग के आँकड़ों के अनुसार, इस साल जिले में 1 लाख 85 हजार हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से अब तक लगभग 21 प्रतिशत क्षेत्र में ही बुवाई हो पाई है। विभाग द्वारा जारी आँकड़ों के मुताबिक, धान की 18 प्रतिशत, मक्का की 77 प्रतिशत, उड़द की 18 प्रतिशत, मूंग की 19 प्रतिशत, अरहर की 26 प्रतिशत, मूंगफली की 56 प्रतिशत और सोयाबीन की 55 प्रतिशत बुवाई पूरी हो चुकी है। यह पिछले साल इसी अवधि तक हुई 28 प्रतिशत से अधिक बुवाई से कम है।
    user_Rajesh Shukla
    Rajesh Shukla
    Salesperson Anuppur, Madhya Pradesh•
    9 hrs ago
  • पुलिस मुख्यालय और गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार चलाए जा रहे ऑपरेशन “सेफ क्लिक 2.0” के तहत, अनूपपुर पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगनाथ मरकाम तथा एसडीओपी कोतमा श्रीमती आरती शाक्य के निर्देशन में थाना रामनगर पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया। इसी क्रम में, 3 जुलाई 2026 को रामनगर पुलिस की टीम ने काली मंदिर राजनगर, शिव मंदिर (CMPDI) राजनगर और जुमे की नमाज के लिए उपस्थित लोगों के बीच सीआरओ मस्जिद राजनगर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को डिजिटल माध्यमों से होने वाले साइबर अपराधों और उनसे बचाव के प्रभावी उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आजकल साइबर ठग फर्जी फोन कॉल, ओटीपी, केवाईसी अपडेट, बैंक अधिकारी बनकर की जाने वाली कॉल, डिजिटल अरेस्ट, निवेश के नाम पर धोखाधड़ी, सोशल मीडिया हैकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग और यूपीआई फ्रॉड जैसे विभिन्न तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसे अपराधों से बचने के लिए नागरिकों को सलाह दी गई कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपनी बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी, सीवीवी, यूपीआई पिन या पासवर्ड साझा न करें। कार्यक्रम के दौरान, पुलिस ने नागरिकों को यह भी प्रेरित किया कि यदि कोई साइबर अपराध होता है, तो वे तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और पोर्टल पर शीघ्र शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही, सभी से अपील की गई कि वे स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
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    पुलिस मुख्यालय और गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार चलाए जा रहे ऑपरेशन “सेफ क्लिक 2.0” के तहत, अनूपपुर पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगनाथ मरकाम तथा एसडीओपी कोतमा श्रीमती आरती शाक्य के निर्देशन में थाना रामनगर पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया। इसी क्रम में, 3 जुलाई 2026 को रामनगर पुलिस की टीम ने काली मंदिर राजनगर, शिव मंदिर (CMPDI) राजनगर और जुमे की नमाज के लिए उपस्थित लोगों के बीच सीआरओ मस्जिद राजनगर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।

इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को डिजिटल माध्यमों से होने वाले साइबर अपराधों और उनसे बचाव के प्रभावी उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आजकल साइबर ठग फर्जी फोन कॉल, ओटीपी, केवाईसी अपडेट, बैंक अधिकारी बनकर की जाने वाली कॉल, डिजिटल अरेस्ट, निवेश के नाम पर धोखाधड़ी, सोशल मीडिया हैकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग और यूपीआई फ्रॉड जैसे विभिन्न तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसे अपराधों से बचने के लिए नागरिकों को सलाह दी गई कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपनी बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी, सीवीवी, यूपीआई पिन या पासवर्ड साझा न करें।

कार्यक्रम के दौरान, पुलिस ने नागरिकों को यह भी प्रेरित किया कि यदि कोई साइबर अपराध होता है, तो वे तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और पोर्टल पर शीघ्र शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही, सभी से अपील की गई कि वे स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • अनूपपुर जिले में मौसम विभाग द्वारा जारी वर्षा के अलर्ट के बावजूद, जिले के अधिकांश हिस्सों में अभी तक तेज़ बारिश देखने को नहीं मिली है। पिछले दो दिनों से जिले में रुक-रुक कर हल्की बारिश हो रही है, जिससे मौसम सुहावना बना हुआ है, लेकिन भारी वर्षा जैसी स्थिति फिलहाल नहीं बनी है। जिले के नदी-नाले अभी तक उफान पर नहीं हैं और उनका जलस्तर सामान्य बना हुआ है। हालांकि, अमरकंटक क्षेत्र में तुलनात्मक रूप से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिससे वहाँ के जलस्रोतों में पानी की आवक बढ़ी है। वहीं, जिले के अन्य इलाकों में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हो रही है, जिससे वर्षा का एक संतुलित स्वरूप दिखाई दे रहा है। वर्तमान बारिश को कृषि कार्यों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। लोग अब मौसम विभाग के अगले पूर्वानुमान पर अपनी नज़रें टिकाए हुए हैं। यदि आगामी दिनों में बारिश की तीव्रता बढ़ती है, तो नदी-नालों और जलाशयों के जलस्तर में भी वृद्धि देखी जा सकती है। फिलहाल, जिले में सामान्य वर्षा का दौर जारी है और मौसम पूरी तरह मानसूनी बना हुआ है।
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    अनूपपुर जिले में मौसम विभाग द्वारा जारी वर्षा के अलर्ट के बावजूद, जिले के अधिकांश हिस्सों में अभी तक तेज़ बारिश देखने को नहीं मिली है। पिछले दो दिनों से जिले में रुक-रुक कर हल्की बारिश हो रही है, जिससे मौसम सुहावना बना हुआ है, लेकिन भारी वर्षा जैसी स्थिति फिलहाल नहीं बनी है।

जिले के नदी-नाले अभी तक उफान पर नहीं हैं और उनका जलस्तर सामान्य बना हुआ है। हालांकि, अमरकंटक क्षेत्र में तुलनात्मक रूप से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिससे वहाँ के जलस्रोतों में पानी की आवक बढ़ी है। वहीं, जिले के अन्य इलाकों में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हो रही है, जिससे वर्षा का एक संतुलित स्वरूप दिखाई दे रहा है।

वर्तमान बारिश को कृषि कार्यों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। लोग अब मौसम विभाग के अगले पूर्वानुमान पर अपनी नज़रें टिकाए हुए हैं। यदि आगामी दिनों में बारिश की तीव्रता बढ़ती है, तो नदी-नालों और जलाशयों के जलस्तर में भी वृद्धि देखी जा सकती है। फिलहाल, जिले में सामान्य वर्षा का दौर जारी है और मौसम पूरी तरह मानसूनी बना हुआ है।
    user_आदर्श दुबे
    आदर्श दुबे
    Yoga instructor अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • शहडोल जिले में 41.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जिसके चलते किसानों के चेहरों पर खुशी साफ देखी जा सकती है। यह बारिश खेतों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, इस बारिश ने शहडोल के लिए मानसून की अपनी चुनौतियां भी पेश की हैं। जिले के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है और बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। इन हालातों से निपटने के लिए लोगों ने अपनी छतरी के साथ-साथ मोमबत्ती और पावरबैंक को भी सक्रिय कर लिया है।
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    शहडोल जिले में 41.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जिसके चलते किसानों के चेहरों पर खुशी साफ देखी जा सकती है। यह बारिश खेतों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

हालांकि, इस बारिश ने शहडोल के लिए मानसून की अपनी चुनौतियां भी पेश की हैं। जिले के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है और बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। इन हालातों से निपटने के लिए लोगों ने अपनी छतरी के साथ-साथ मोमबत्ती और पावरबैंक को भी सक्रिय कर लिया है।
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • शहडोल के वार्ड नंबर 39 से पानी की समस्या सामने आई है, जहाँ स्थानीय लोगों के अनुसार, वार्ड का नल अभी तक ठीक नहीं किया गया है।
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    शहडोल के वार्ड नंबर 39 से पानी की समस्या सामने आई है, जहाँ स्थानीय लोगों के अनुसार, वार्ड का नल अभी तक ठीक नहीं किया गया है।
    user_MD Sikandar Khàn
    MD Sikandar Khàn
    सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • शाहडोल जिले में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने बदलते हुए दौर में रोजगार के महत्व पर अपना विचार व्यक्त किया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आज के समय में रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के साथ-साथ रोजगार का होना भी उतना ही आवश्यक है।
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    शाहडोल जिले में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने बदलते हुए दौर में रोजगार के महत्व पर अपना विचार व्यक्त किया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आज के समय में रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के साथ-साथ रोजगार का होना भी उतना ही आवश्यक है।
    user_अजय कुमार केवट
    अजय कुमार केवट
    Photographer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • पवित्र नगरी अमरकंटक में मानसून ने जोरदार दस्तक दे दी है। पिछले कुछ समय से रुक-रुक कर हो रही बारिश के बाद, बीते शुक्रवार 26 जुलाई को दोपहर 1:00 बजे से एक घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई, जिससे पूरा अमरकंटक क्षेत्र तरबतर हो गया। इस प्री-मानसून वर्षा के कारण क्षेत्र का मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया। तेज वर्षा के चलते पहाड़ों और जंगलों से उतरने वाला पानी नदी-नालों में तेजी से बहने लगा, जिससे कई छोटे नदी-नाले लबालब भर गए। बारिश के कारण अमरकंटक का प्राकृतिक सौंदर्य और भी मनमोहक हो उठा है, चारों ओर हरियाली की चादर बिछ गई है तथा पर्वतीय क्षेत्र बादलों की धुंध से ढके दिखाई दे रहे हैं। इस वर्षा से क्षेत्र का तापमान गिरने के साथ मौसम बेहद खुशनुमा हो गया, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि, लगातार हो रही वर्षा के कारण नगर के अनेक हिस्सों में सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। नगर के कई स्थानों पर पानी निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं, जिसके कारण राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों को जलभराव के बीच सावधानीपूर्वक आवागमन करना पड़ा। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाले कुछ छोटे नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने से लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आगामी दिनों में वर्षा की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के समीप अनावश्यक रूप से जाने से बचने और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्री-मानसून की इस पहली प्रभावी वर्षा ने जहां एक ओर अमरकंटक की वादियों को नई ताजगी प्रदान की है, वहीं दूसरी ओर जलभराव और बढ़ते जलस्तर ने यह संकेत भी दिया है कि मानसून के पूर्ण आगमन से पहले जल निकासी व्यवस्था और आवश्यक सुरक्षा प्रबंधों को और अधिक सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता है।
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    पवित्र नगरी अमरकंटक में मानसून ने जोरदार दस्तक दे दी है। पिछले कुछ समय से रुक-रुक कर हो रही बारिश के बाद, बीते शुक्रवार 26 जुलाई को दोपहर 1:00 बजे से एक घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई, जिससे पूरा अमरकंटक क्षेत्र तरबतर हो गया। इस प्री-मानसून वर्षा के कारण क्षेत्र का मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया।

तेज वर्षा के चलते पहाड़ों और जंगलों से उतरने वाला पानी नदी-नालों में तेजी से बहने लगा, जिससे कई छोटे नदी-नाले लबालब भर गए। बारिश के कारण अमरकंटक का प्राकृतिक सौंदर्य और भी मनमोहक हो उठा है, चारों ओर हरियाली की चादर बिछ गई है तथा पर्वतीय क्षेत्र बादलों की धुंध से ढके दिखाई दे रहे हैं। इस वर्षा से क्षेत्र का तापमान गिरने के साथ मौसम बेहद खुशनुमा हो गया, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को गर्मी से राहत मिली।

हालांकि, लगातार हो रही वर्षा के कारण नगर के अनेक हिस्सों में सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। नगर के कई स्थानों पर पानी निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं, जिसके कारण राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों को जलभराव के बीच सावधानीपूर्वक आवागमन करना पड़ा। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाले कुछ छोटे नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने से लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आगामी दिनों में वर्षा की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के समीप अनावश्यक रूप से जाने से बचने और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

प्री-मानसून की इस पहली प्रभावी वर्षा ने जहां एक ओर अमरकंटक की वादियों को नई ताजगी प्रदान की है, वहीं दूसरी ओर जलभराव और बढ़ते जलस्तर ने यह संकेत भी दिया है कि मानसून के पूर्ण आगमन से पहले जल निकासी व्यवस्था और आवश्यक सुरक्षा प्रबंधों को और अधिक सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता है।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • शहडोल जिले के धनपुरी नगरपालिका क्षेत्र में सड़कें अब सड़कों जैसी नहीं, बल्कि बड़े-बड़े गड्ढों और कीचड़ के दलदल में बदल गई हैं। SECL और नगर पालिका, जिन दोनों की जिम्मेदारी इन सड़कों के रखरखाव की है, ने इन गड्ढों को डामर या गिट्टी के बजाय कच्ची मिट्टी से पाट दिया, जिसका परिणाम यह हुआ कि पहली बारिश में ही पूरा रास्ता कीचड़ का तालाब बन गया। इस स्थिति में गाड़ियां फँस रही हैं, पैदल चलना बेहद मुश्किल हो गया है, और हर कदम पर हादसों का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इस समस्या की जड़ में गड्ढों का गलत तरीके से भराव है, जहाँ कच्ची मिट्टी डालने से वह तुरंत कीचड़ में बदल गई। इसके अलावा, नगर पालिका और SECL दोनों अपनी जिम्मेदारी एक-दूसरे पर थोप रहे हैं, जिससे कोई भी ठोस काम नहीं हो पा रहा है। इसका खामियाजा स्थानीय जनता भुगत रही है: स्कूल बसें, एम्बुलेंस, बाइक और ऑटो जैसे सभी वाहन फँस रहे हैं, दुकानदारों का धंधा चौपट हो गया है, और बुजुर्ग व बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं। जनता SECL से सीधा सवाल कर रही है कि करोड़ों का मुनाफा कमाने वाली यह कंपनी सड़कें क्यों नहीं बना सकती और CSR फंड का पैसा कहाँ जा रहा है, जब उसके अपने कर्मचारी और आम जनता कीचड़ में फँस रहे हैं। यह भी पूछा जा रहा है कि भारी वाहनों से टूटी सड़कों के लिए स्थायी WBM या कंक्रीट रोड की जगह मिट्टी डालकर लीपापोती क्यों की जा रही है, और खनन क्षेत्र में आवश्यक सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी क्यों की जा रही है। वहीं, नगर पालिका से सवाल है कि हाउस टैक्स और वॉटर टैक्स वसूलने के बावजूद बुनियादी सड़क सुविधा क्यों नहीं दी जा रही है। मिट्टी से गड्ढे भरने के इस तरीके पर इंजीनियरिंग दक्षता पर सवाल उठाए गए हैं, और यह पूछा जा रहा है कि क्या इस साल का मानसून प्लान केवल कागजों पर ही पूरा हो गया है। जनता की स्पष्ट मांग है कि लीपापोती के बजाय स्थायी समाधान निकाला जाए। इसमें तुरंत कीचड़ हटाकर मुरम या गिट्टी डालने, 15 दिनों के भीतर डामरीकरण शुरू करने के लिए नगर पालिका और SECL द्वारा संयुक्त एस्टीमेट बनाने और काम शुरू करने की मांग शामिल है। साथ ही, जिस अधिकारी ने मिट्टी डालने का आदेश दिया, उसकी जवाबदेही तय कर कार्रवाई की मांग की गई है। SECL के CSR फंड का सार्वजनिक ऑडिट करवाकर यह जानने की मांग भी की गई है कि पिछले तीन सालों में धनपुरी की सड़कों पर कितना खर्च हुआ है। यह स्थिति विकास का मजाक है, क्योंकि धनपुरी एक नगरपालिका क्षेत्र है और SECL एक महारत्न कंपनी, फिर भी यहाँ की सड़कें आदिवासी इलाके के कच्चे रास्तों से भी बदतर हैं।
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    शहडोल जिले के धनपुरी नगरपालिका क्षेत्र में सड़कें अब सड़कों जैसी नहीं, बल्कि बड़े-बड़े गड्ढों और कीचड़ के दलदल में बदल गई हैं। SECL और नगर पालिका, जिन दोनों की जिम्मेदारी इन सड़कों के रखरखाव की है, ने इन गड्ढों को डामर या गिट्टी के बजाय कच्ची मिट्टी से पाट दिया, जिसका परिणाम यह हुआ कि पहली बारिश में ही पूरा रास्ता कीचड़ का तालाब बन गया। इस स्थिति में गाड़ियां फँस रही हैं, पैदल चलना बेहद मुश्किल हो गया है, और हर कदम पर हादसों का गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

इस समस्या की जड़ में गड्ढों का गलत तरीके से भराव है, जहाँ कच्ची मिट्टी डालने से वह तुरंत कीचड़ में बदल गई। इसके अलावा, नगर पालिका और SECL दोनों अपनी जिम्मेदारी एक-दूसरे पर थोप रहे हैं, जिससे कोई भी ठोस काम नहीं हो पा रहा है। इसका खामियाजा स्थानीय जनता भुगत रही है: स्कूल बसें, एम्बुलेंस, बाइक और ऑटो जैसे सभी वाहन फँस रहे हैं, दुकानदारों का धंधा चौपट हो गया है, और बुजुर्ग व बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं।

जनता SECL से सीधा सवाल कर रही है कि करोड़ों का मुनाफा कमाने वाली यह कंपनी सड़कें क्यों नहीं बना सकती और CSR फंड का पैसा कहाँ जा रहा है, जब उसके अपने कर्मचारी और आम जनता कीचड़ में फँस रहे हैं। यह भी पूछा जा रहा है कि भारी वाहनों से टूटी सड़कों के लिए स्थायी WBM या कंक्रीट रोड की जगह मिट्टी डालकर लीपापोती क्यों की जा रही है, और खनन क्षेत्र में आवश्यक सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी क्यों की जा रही है। वहीं, नगर पालिका से सवाल है कि हाउस टैक्स और वॉटर टैक्स वसूलने के बावजूद बुनियादी सड़क सुविधा क्यों नहीं दी जा रही है। मिट्टी से गड्ढे भरने के इस तरीके पर इंजीनियरिंग दक्षता पर सवाल उठाए गए हैं, और यह पूछा जा रहा है कि क्या इस साल का मानसून प्लान केवल कागजों पर ही पूरा हो गया है।

जनता की स्पष्ट मांग है कि लीपापोती के बजाय स्थायी समाधान निकाला जाए। इसमें तुरंत कीचड़ हटाकर मुरम या गिट्टी डालने, 15 दिनों के भीतर डामरीकरण शुरू करने के लिए नगर पालिका और SECL द्वारा संयुक्त एस्टीमेट बनाने और काम शुरू करने की मांग शामिल है। साथ ही, जिस अधिकारी ने मिट्टी डालने का आदेश दिया, उसकी जवाबदेही तय कर कार्रवाई की मांग की गई है। SECL के CSR फंड का सार्वजनिक ऑडिट करवाकर यह जानने की मांग भी की गई है कि पिछले तीन सालों में धनपुरी की सड़कों पर कितना खर्च हुआ है। यह स्थिति विकास का मजाक है, क्योंकि धनपुरी एक नगरपालिका क्षेत्र है और SECL एक महारत्न कंपनी, फिर भी यहाँ की सड़कें आदिवासी इलाके के कच्चे रास्तों से भी बदतर हैं।
    user_JIYAUDDIN ANSARI
    JIYAUDDIN ANSARI
    Voice of people Budar, Shahdol•
    11 hrs ago
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