नवहट्टा में जनगणना अंतिम चरण में, BDO प्रिया भारती की लोगों से सहयोग की अपील 30 जून तक पूरी होगी जनगणना, सही जानकारी देने की अपील सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड में जनगणना कार्य अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को समय पर पूरा करने के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रिया भारती ने प्रखंड वासियों से सहयोग की अपील की है। बीडीओ प्रिया भारती ने बताया कि जनगणना की प्रक्रिया तेजी से चल रही है और इसे पूर्ण करने की अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित की गई है। ऐसे में सभी नागरिकों की भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रखंड के सभी लोगों से अनुरोध किया है कि जब भी प्रगणक उनके घर पहुंचे, तो परिवार से जुड़ी सभी जानकारियां—जैसे शैक्षणिक योग्यता, सदस्यों की संख्या और अन्य आवश्यक विवरण—पूरी तरह सही और स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराएं। बीडीओ ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि इसी डेटा के आधार पर सरकार भविष्य की योजनाएं और विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार करती है। इसलिए गलत जानकारी देना या जानकारी छिपाना नियमों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्धारित तिथि के बाद डेटा प्रविष्टि का कार्य बंद कर दिया जाएगा। ऐसे में यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि कोई भी परिवार या सदस्य जनगणना से छूट न जाए। प्रशासन की ओर से प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि कार्य समय पर और सुचारू रूप से पूरा किया जा सके। बीडीओ प्रिया भारती ने स्वयं पंचायत स्तर पर जाकर कार्य की समीक्षा करने की बात भी कही है। अंत में उन्होंने सभी ग्रामीणों से जागरूक होकर इस अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान देने की अपील की है, ताकि नवहट्टा प्रखंड इस राष्ट्रीय कार्य में अग्रणी भूमिका निभा सके।
नवहट्टा में जनगणना अंतिम चरण में, BDO प्रिया भारती की लोगों से सहयोग की अपील 30 जून तक पूरी होगी जनगणना, सही जानकारी देने की अपील सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड में जनगणना कार्य अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को समय पर पूरा करने के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रिया भारती ने प्रखंड वासियों से सहयोग की अपील की है। बीडीओ प्रिया भारती ने बताया कि जनगणना की प्रक्रिया तेजी से चल रही है और इसे पूर्ण करने की अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित की गई है। ऐसे में सभी नागरिकों की भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रखंड के सभी लोगों से अनुरोध किया है कि जब भी प्रगणक उनके घर पहुंचे, तो परिवार से जुड़ी सभी जानकारियां—जैसे शैक्षणिक योग्यता, सदस्यों की संख्या और अन्य आवश्यक विवरण—पूरी तरह सही और स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराएं। बीडीओ ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि इसी डेटा के आधार पर सरकार भविष्य की योजनाएं और विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार करती है। इसलिए गलत जानकारी देना या जानकारी छिपाना नियमों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्धारित तिथि के बाद डेटा प्रविष्टि का कार्य बंद कर दिया जाएगा। ऐसे में यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि कोई भी परिवार या सदस्य जनगणना से छूट न जाए। प्रशासन की ओर से प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि कार्य समय पर और सुचारू रूप से पूरा किया जा सके। बीडीओ प्रिया भारती ने स्वयं पंचायत स्तर पर जाकर कार्य की समीक्षा करने की बात भी कही है। अंत में उन्होंने सभी ग्रामीणों से जागरूक होकर इस अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान देने की अपील की है, ताकि नवहट्टा प्रखंड इस राष्ट्रीय कार्य में अग्रणी भूमिका निभा सके।
- नौहट्टा प्रखंड क्षेत्र में चल रही राष्ट्रीय जनगणना की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में है। जनगणना कार्य को समय पर और त्रुटिरहित पूरा करने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। इसी कड़ी में प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) प्रिया भारती ने स्थानीय निवासियों से इस महत्वपूर्ण कार्य में सहयोग करने की अपील की है। 30 जून तक है अंतिम अवसर बीडीओ प्रिया भारती ने जानकारी देते हुए बताया कि जनगणना प्रक्रिया को पूर्ण करने की अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 30 जून के बाद डेटा एंट्री का पोर्टल बंद हो जाएगा, इसलिए यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि प्रखंड का कोई भी परिवार या सदस्य इस गणना से वंचित न रह जाए। सही जानकारी देना विकास के लिए जरूरी ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "जब प्रगणक (गणना कर्मी) आपके घर पहुँचें, तो उन्हें परिवार के सदस्यों की संख्या, शैक्षणिक योग्यता और अन्य मांगी गई जानकारियों का बिल्कुल सटीक विवरण दें।" उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह मात्र नहीं है, बल्कि भविष्य की सरकारी योजनाओं, बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों की रूपरेखा इसी डेटा के आधार पर तैयार की जाती है। पंचायत स्तर पर होगी समीक्षा कार्य की महत्ता को देखते हुए बीडीओ ने प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि वह स्वयं पंचायत स्तर पर जाकर कार्यों की समीक्षा करेंगी ताकि नौहट्टा प्रखंड इस राष्ट्रीय कार्य में जिले में अग्रणी रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आंकड़ों की शुद्धता और समयबद्धता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।1
- सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड में जनगणना कार्य अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को समय पर पूरा करने के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रिया भारती ने प्रखंड वासियों से सहयोग की अपील की है। बीडीओ प्रिया भारती ने बताया कि जनगणना की प्रक्रिया तेजी से चल रही है और इसे पूर्ण करने की अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित की गई है। ऐसे में सभी नागरिकों की भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रखंड के सभी लोगों से अनुरोध किया है कि जब भी प्रगणक उनके घर पहुंचे, तो परिवार से जुड़ी सभी जानकारियां—जैसे शैक्षणिक योग्यता, सदस्यों की संख्या और अन्य आवश्यक विवरण—पूरी तरह सही और स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराएं। बीडीओ ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि इसी डेटा के आधार पर सरकार भविष्य की योजनाएं और विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार करती है। इसलिए गलत जानकारी देना या जानकारी छिपाना नियमों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्धारित तिथि के बाद डेटा प्रविष्टि का कार्य बंद कर दिया जाएगा। ऐसे में यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि कोई भी परिवार या सदस्य जनगणना से छूट न जाए। प्रशासन की ओर से प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि कार्य समय पर और सुचारू रूप से पूरा किया जा सके। बीडीओ प्रिया भारती ने स्वयं पंचायत स्तर पर जाकर कार्य की समीक्षा करने की बात भी कही है। अंत में उन्होंने सभी ग्रामीणों से जागरूक होकर इस अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान देने की अपील की है, ताकि नवहट्टा प्रखंड इस राष्ट्रीय कार्य में अग्रणी भूमिका निभा सके।1
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- राकेश उर्फ सम्राट चौधरी को 1999 में मंत्री पद से बर्खास्त किसी सरकार, पार्टी ने नहीं किया, ये राजभवन से निकला आदेश था: राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरव पटना। जन सुराज पार्टी कार्यालय में शनिवार को बिहार के नए सीएम सम्राट चौधरी को लेकर महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता की गई। इस दौरान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि जिस व्यक्ति के नाम पर चुनाव लड़ा गया, जिस व्यक्ति के लिए कहा गया "25 से 30 फिर से नीतीश" उस व्यक्ति को 6 महीने में बिहार से बाहर कर दिया। बिहार में आधे से ज्यादा जिलों में सरकारी कर्मियों को पैसे नहीं दिए जा रहे, इससे समझ सकते हैं कि कोष की क्या हालत है? जो व्यक्ति अभी मुख्यमंत्री चुना गया, वो बिहार के लिए बहुत बड़ी विडंबना है। ज्ञान की धरती बिहार में आज मुख्यमंत्री वो व्यक्ति है जिसके बारे में पता नहीं कि वे कहां तक पढ़े हैं? नेता प्रतिपक्ष 9वीं तक पढ़े हैं। जिस व्यक्ति को अभी मुख्यमंत्री बनाया है, वो गृहमंत्री थे। गृहमंत्री रहते हुए बिहार में हर रोज दुष्कर्म, हत्या, व अन्य आपराधिक घटनाएं होती रही हैं। प्रशासन शून्य हो गया है। नीट छात्रा मामले में बोले प्रदेश अध्यक्ष, नया सीएम बनते ही आरोपित को बेल नीट छात्रा मामले में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा नए मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद आरोपित को बेल मिल गई है। ऐसी सरकार से बिहार की जनता और क्या उम्मीद करे? सिवाय धोखा के। बिहार के लोगों का भविष्य अगले 5 साल गहरे अंधकार में चला गया। एक दिन पहले मुजफ्फरपुर-किशनगंज में दुष्कर्म की खबर आई है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरव ने कई पुख्ता जानकारी देते हुए कहा कि 16 नवंबर 1999 ये वर्तमान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का जन्मतिथि भी है। उस वक्त तत्कालीन राज्यपाल सूरजभान जी ने आदेश जारी किया, जिसमें तत्कालीन मंत्री बनाए गए राकेश कुमार, वर्तमान में सीएम सम्राट चौधरी को बर्खास्त करने का आदेश पारित किया था। एक और आदेश दिया, राकेश कुमार पर जालसाजी, धोखेबाजी करने के लिए एफआईआर करने का भी निर्देश दिया था। मंत्री पद से बर्खास्त सरकार, किसी पार्टी ने नहीं किया, ये राजभवन से निकला आदेश था। दूसरा, उनपर एफआईआर दर्ज इसलिए किया क्योंकि उन्होंने अपनी उम्र, अपना नाम गलत बताया। इस आधार पर वे मंत्री पद से हटाए गए। जो मैंने कहा वो राजभवन का दस्तावेज है कि राकेश (सम्राट चौधरी) ने अपनी उम्र, नाम, जन्मतिथि में धोखेबाजी की: कुमार सौरव पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरव ने कहा एक जांच कमिटी बनी, तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त बसु साहब ने रिपोर्ट पेश की, जिसमें कहा गया उस समय राकेश कुमार (सम्राट चौधरी) जांच में सहयोग नहीं किया, ये साबित नहीं कर सके कि दस्तावेज में जो उम्र बताई है वो सही है या नहीं। आज भी ये रिपोर्ट ठंडे बस्ते में है। उस रिपोर्ट में कहा गया इन्होंने स्कूल छोड़ने की उम्र 31 वर्ष, मतदाता सूची में 24 वर्ष, 1995 में कोर्ट में दाखिल एफिडेविट में 16 वर्ष है। कोर्ट के एफिडेविट को सही मानें तो इस हिसाब से 16 नवंबर 1999 को राकेश कुमार (सम्राट चौधरी) की उम्र 20 वर्ष होनी चाहिए थी। राजभवन की मानें तो उम्र 24 साल थी। ये लोक-लाज का विषय है, जनता ने जनादेश बना दिया है, आप जिसे चाहे उसे मुख्यमंत्री बना दे। प्रशांत किशोर लगातार ये सवाल कर रहे हैं, ये प्रश्न बिहार की सरकार, सम्राट चौधरी, बीजेपी यूनिट से नहीं है, ये सवाल नरेंद्र मोदी- अमित शाह से है। क्या ये आरोप हमने लगाए हैं? जो मैंने कहा वो राजभवन का दस्तावेज है कि उन्होंने अपनी उम्र, नाम, जन्मतिथि में धोखेबाजी की है। बता दें कि इस प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती, राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरव, प्रवक्ता पद्मा ओझा, प्रवक्ता तारीक चंपारणी, रेखा गुप्ता जी मौजूद थीं।3
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- Post by Supaul Media ( Dev Raj )1