श्रावणी उपाकर्म पर यज्ञोपवीत धारी लोगों ने किया विशेष पूजन । मूंडवा में श्रावण मास की पूर्णिमा के अवसर पर यज्ञोपवीत धारी लोगों द्वारा विधि-विधान के साथ श्रावणी उपाकर्म किया गया। इस दौरान यज्ञोपवीत पूजन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। श्रावणी उपाकर्म के लिए लाखोलाव सरोवर के किनारे पण्डित श्रीबल्लभ दाधिच ने मंत्रोच्चार कर हेमाद्रय संकल्प दिलाया इस दौरान पंचगव्य का सेवन किया तथा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक विधियां पूरी कीं। श्रावणी उपाकर्म के दौरान यज्ञोपवीत धारण करने वाले लोगों ने आत्मशुद्धि एवं वर्षभर में जाने-अनजाने हुए दोषों के प्रायश्चित के लिए संकल्प लिया। इसके पश्चात यज्ञोपवीत का पूजन कर नवीन यज्ञोपवीत धारण किया गया। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान वातावरण वैदिक मंत्रोच्चार से गुंजायमान रहा। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने परंपरागत रीति-रिवाजों का पालन करते हुए देव, ऋषि एवं पितरों का स्मरण किया। श्रावणी उपाकर्म को सनातन परंपरा में आत्मशुद्धि, संस्कारों के नवीनीकरण और आध्यात्मिक अनुशासन से जोड़कर देखा जाता है। कार्यक्रम में यज्ञोपवीत धारी लोगों ने श्रद्धा के साथ भाग लेकर धार्मिक परंपरा का निर्वहन किया।
श्रावणी उपाकर्म पर यज्ञोपवीत धारी लोगों ने किया विशेष पूजन । मूंडवा में श्रावण मास की पूर्णिमा के अवसर पर यज्ञोपवीत धारी लोगों द्वारा विधि-विधान के साथ श्रावणी उपाकर्म किया गया। इस दौरान यज्ञोपवीत पूजन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। श्रावणी उपाकर्म के लिए लाखोलाव सरोवर के किनारे पण्डित श्रीबल्लभ दाधिच ने मंत्रोच्चार कर हेमाद्रय संकल्प दिलाया इस दौरान पंचगव्य का सेवन किया तथा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक विधियां पूरी कीं। श्रावणी उपाकर्म के दौरान यज्ञोपवीत धारण करने वाले लोगों ने आत्मशुद्धि एवं वर्षभर में जाने-अनजाने हुए दोषों के प्रायश्चित के लिए संकल्प लिया। इसके पश्चात यज्ञोपवीत का पूजन कर नवीन यज्ञोपवीत धारण किया गया। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान वातावरण वैदिक मंत्रोच्चार से गुंजायमान रहा। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने परंपरागत रीति-रिवाजों का पालन करते हुए देव, ऋषि एवं पितरों का स्मरण किया। श्रावणी उपाकर्म को सनातन परंपरा में आत्मशुद्धि, संस्कारों के नवीनीकरण और आध्यात्मिक अनुशासन से जोड़कर देखा जाता है। कार्यक्रम में यज्ञोपवीत धारी लोगों ने श्रद्धा के साथ भाग लेकर धार्मिक परंपरा का निर्वहन किया।
- श्रावणी उपाकर्म पर यज्ञोपवीत धारी लोगों ने किया विशेष पूजन । मूंडवा में श्रावण मास की पूर्णिमा के अवसर पर यज्ञोपवीत धारी लोगों द्वारा विधि-विधान के साथ श्रावणी उपाकर्म किया गया। इस दौरान यज्ञोपवीत पूजन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। श्रावणी उपाकर्म के लिए लाखोलाव सरोवर के किनारे पण्डित श्रीबल्लभ दाधिच ने मंत्रोच्चार कर हेमाद्रय संकल्प दिलाया इस दौरान पंचगव्य का सेवन किया तथा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक विधियां पूरी कीं। श्रावणी उपाकर्म के दौरान यज्ञोपवीत धारण करने वाले लोगों ने आत्मशुद्धि एवं वर्षभर में जाने-अनजाने हुए दोषों के प्रायश्चित के लिए संकल्प लिया। इसके पश्चात यज्ञोपवीत का पूजन कर नवीन यज्ञोपवीत धारण किया गया। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान वातावरण वैदिक मंत्रोच्चार से गुंजायमान रहा। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने परंपरागत रीति-रिवाजों का पालन करते हुए देव, ऋषि एवं पितरों का स्मरण किया। श्रावणी उपाकर्म को सनातन परंपरा में आत्मशुद्धि, संस्कारों के नवीनीकरण और आध्यात्मिक अनुशासन से जोड़कर देखा जाता है। कार्यक्रम में यज्ञोपवीत धारी लोगों ने श्रद्धा के साथ भाग लेकर धार्मिक परंपरा का निर्वहन किया।1
- पादूकलां,,पादूकलां से इस वक्त आस्था से जुड़ी एक अनूठी तस्वीर सामने आई है। अजमेर जिले के भुणाबाय निवासी छगन सिंह रावत बाबा रामदेवजी महाराज के दर्शन के लिए दंडवत यात्रा पर निकले हैं। करीब 15 दिन की यात्रा पूरी कर छगन सिंह दंडवत करते हुए ्पादूकलां पहुंचे, जहां उनकी श्रद्धा देखकर ग्रामीण और राहगीर भी देखते रह गए। छगन सिंह रावत बाबा रामदेवजी की चौथी फेरी कर रहे हैं। वे भुणाबाय से जैसलमेर जिले के पोकरण के पास स्थित रुणीचा धाम की ओर दंडवत करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। रावत ने बताया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं रहती थी। उन्होंने बाबा रामदेवजी से मन्नत मांगी थी और मन्नत पूरी होने पर दंडवत करते हुए बाबा के दरबार तक पहुंचने का संकल्प लिया। रावत एक हाथ में ध्वज और नारियल लेकर दंडवत करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। इस कठिन आस्था यात्रा में उनकी धर्मपत्नी और बेटी का लड़का यानी दोहिता भी साथ चल रहे हैं। दोहिता साइकिल पर यात्रा का जरूरी सामान लेकर चलता है। वहीं, यात्रा के दौरान बाबा रामदेवजी के भजन बजते रहते हैं और पूरा माहौल भक्तिमय बना रहता है। पादूकलां में जब ग्रामीणों और युवाओं ने छगन सिंह को दंडवत करते हुए देखा तो वे कुछ देर तक उनकी आस्था को देखते रह गए। वहीं, रास्ते से गुजर रहे पैदल यात्रियों ने भी ‘जय बाबा रामसापीर’ और बाबा रामदेवजी के जयकारे लगाकर उनका हौसला बढ़ाया। इन दिनों रुणीचा धाम की ओर श्रद्धालुओं का कारवां लगातार बढ़ रहा है। श्रद्धालु पैदल और वाहनों से बाबा रामदेवजी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। कई श्रद्धालु रास्ते में दंडवत प्रणाम करते हुए अपनी आस्था प्रकट कर रहे हैं। इसी कड़ी में छगन सिंह रावत की दंडवत यात्रा लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। छगन सिंह रावत का लक्ष्य करीब साढ़े तीन महीने की यात्रा पूरी कर रुणीचा धाम पहुंचना और बाबा रामदेवजी के दर्शन करना है। उनकी यह कठिन दंडवत यात्रा श्रद्धा, संकल्प और आस्था की मिसाल बनी हुई है।4
- Prime Minister Narendra Modi recently celebrated the auspicious festival of Raksha Bandhan with school students and young children. The atmosphere was filled with joy and enthusiasm as bright, colorful rakhis were tied around his wrist by the smiling kids. PM Modi warmly interacted with the children, asking about their studies, interests, and dreams for the future. He showered his blessings upon them, emphasizing the values of love, unity, and protection. The young students expressed great excitement and pride in sharing this memorable moment with the Prime Minister, making the occasion both heartwarming and unforgettable Prime Minister Narendra Modi recently celebrated the auspicious festival of Raksha Bandhan with school students and young children. The atmosphere was filled with joy and enthusiasm as bright, colorful rakhis were tied around his wrist by the smiling kids. PM Modi warmly interacted with the children, asking about their studies, interests, and dreams for the future. He showered his blessings upon them, emphasizing the values of love, unity, and protection. The young students expressed great excitement and pride in sharing this memorable moment with the Prime Minister, making the occasion both heartwarming and unforgettable1
- रक्षा बंधन के पावन पर्व पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं सबसे बड़ा पर्व भाई बहन का अटुट व रक्षा सुत्र बहन भाई का प्यार बहनें अपने भाइयों की लंबी आयु व सुख शांति की प्रार्थना करती है1
- लूंगिया गांव में स्व. आशुतोष जाड़ावत कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचक मुकाबले दिखाए। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के दमदार रेड, मजबूत डिफेंस और जीत के लिए आखिरी क्षण तक के संघर्ष ने मुकाबलों को बेहद दिलचस्प बना दिया। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में खेलप्रेमी प्रतियोगिता देखने पहुंचे। प्रतियोगिता का पहला मुकाबला लिलिया और सूरजगढ़ के बीच खेला गया। इसमें लिलिया की टीम ने सूरजगढ़ को 37-31 के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। दोनों टीमों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। कई बार अंकों का अंतर बेहद कम रहा, लेकिन अंतिम चरण में लिलिया के खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन कर मुकाबला अपने नाम किया। दूसरा मुकाबला लूंगिया और बीजाथल के बीच हुआ, जो आखिरी क्षण तक रोमांचक रहा। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी। शानदार रेड और मजबूत डिफेंस के कारण मुकाबला लगातार बराबरी पर रहा। अंततः लूंगिया ने बेहतर रणनीति और दमदार खेल का प्रदर्शन करते हुए बीजाथल को 38-35 से पराजित कर जीत हासिल की। प्रतियोगिता को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। मैच देखने के लिए आसपास के गांवों से सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी पहुंचे। दर्शकों ने तालियों और जयकारों से खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया, जिससे मैदान का माहौल खेलमय हो गया। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में मुकेश कापड़ी, राकेश कापड़ी, नरेंद्र लामरोड़, नरेंद्र सिंह सहित समस्त ग्रामवासियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। रामलाल लामरोड़, चेना राम पंडार, कुदीप सिंह, वंश, प्रदीप सिंह, पुखराज मेघवाल और अविनाश बोरानिया सहित कई अन्य ग्रामीणों ने व्यवस्थाओं में विशेष सहयोग दिया। आयोजकों ने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में कबड्डी जैसे पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देना और युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित करना है। यह आयोजन खिलाड़ियों के साथ-साथ ग्रामीण प्रतिभाओं को भी अपनी खेल क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान कर रहा है। लूंगिया गांव में स्व. आशुतोष जाड़ावत कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचक मुकाबले दिखाए। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के दमदार रेड, मजबूत डिफेंस और जीत के लिए आखिरी क्षण तक के संघर्ष ने मुकाबलों को बेहद दिलचस्प बना दिया। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में खेलप्रेमी प्रतियोगिता देखने पहुंचे। प्रतियोगिता का पहला मुकाबला लिलिया और सूरजगढ़ के बीच खेला गया। इसमें लिलिया की टीम ने सूरजगढ़ को 37-31 के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। दोनों टीमों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। कई बार अंकों का अंतर बेहद कम रहा, लेकिन अंतिम चरण में लिलिया के खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन कर मुकाबला अपने नाम किया। दूसरा मुकाबला लूंगिया और बीजाथल के बीच हुआ, जो आखिरी क्षण तक रोमांचक रहा। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी। शानदार रेड और मजबूत डिफेंस के कारण मुकाबला लगातार बराबरी पर रहा। अंततः लूंगिया ने बेहतर रणनीति और दमदार खेल का प्रदर्शन करते हुए बीजाथल को 38-35 से पराजित कर जीत हासिल की। प्रतियोगिता को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। मैच देखने के लिए आसपास के गांवों से सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी पहुंचे। दर्शकों ने तालियों और जयकारों से खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया, जिससे मैदान का माहौल खेलमय हो गया। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में मुकेश कापड़ी, राकेश कापड़ी, नरेंद्र लामरोड़, नरेंद्र सिंह सहित समस्त ग्रामवासियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। रामलाल लामरोड़, चेना राम पंडार, कुदीप सिंह, वंश, प्रदीप सिंह, पुखराज मेघवाल और अविनाश बोरानिया सहित कई अन्य ग्रामीणों ने व्यवस्थाओं में विशेष सहयोग दिया। आयोजकों ने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में कबड्डी जैसे पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देना और युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित करना है। यह आयोजन खिलाड़ियों के साथ-साथ ग्रामीण प्रतिभाओं को भी अपनी खेल क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान कर रहा है।1
- खरवा के पास नाड़ी में डूबा युवक, ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर बाहर निकाला शव... खरवा क्षेत्र के पास स्थित केसरपुरा-जसवंतपुरा नाड़ी में एक युवक की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना की भनक लगते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर त्वरित प्रयास शुरू करते हुए पानी में डूबे युवक का रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया,हादसे की सूचना पर बिना प्रशासनिक रेस्क्यू टीम का इंतजार किए, स्थानीय ग्रामीणों और तैराकों ने नाड़ी में उतरकर युवक की तलाश शुरू की। कड़ी मशक्कत के बाद युवक को ढूंढ निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। शव के बाहर आते ही मृतक के परिजनों और पूरे गांव में कोहराम मच गया।1
- व्हाट्सएप स्टेटस लगाए और पैसे कमाने का मौका पाए लाइक करें सब्सक्राइब करें Ajmer जेल में बहनों ने भाई की कलाई पर बांधा रक्षा सूत्र Dainik News AJMER1
- नागौर पुलिस की बड़ी कार्यवाही:- नागौर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 6 अवैध पिस्टल और 24 जिंदा कारतूस बरामद 4आरोपीयों को पुलिस ने किया गिरफ्तार नागौर,,नागौर में अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त के खिलाफ खाटू बड़ी थाना पुलिस और डीएसटी ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने हथियार सप्लायर सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 6 अवैध पिस्टल और 24 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।जिला पुलिस अधीक्षक आशा राम चौधरी के निर्देश पर अवैध हथियारों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत डीएसटी को सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने 27 अगस्त 2026 को कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार सप्लायर ओमप्रकाश देहड़ू को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद पुलिस ने तीन अन्य हथियार खरीदारों को भी गिरफ्तार किया पुलिस द्वारा 4आरोपयों को गिरफ्तार किया गया है पुलिस के अनुसार आरोपियों से कुल 6 पिस्टल, 24 जिंदा कारतूस और एक मैगजीन बरामद की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों से हथियारों की खरीद-फरोख्त और इनके नेटवर्क को लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। कार्रवाई में डीएसटी नागौर और थाना खाटू बड़ी पुलिस की अहम भूमिका रही।3