उद्घाटन से पहले ही देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर बड़ा हादसा! 🚨 The Aman Times 🚨 उद्घाटन से पहले ही देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर बड़ा हादसा! 🚨 जहां एक ओर 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा देहरादून–दिल्ली एक्सप्रेस-वे के भव्य लोकार्पण की तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं उद्घाटन से पहले ही इस हाईवे पर दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया। दिल्ली–देहरादून हाईवे पर कई वाहन आपस में बुरी तरह टकरा गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कुछ गाड़ियां एक-दूसरे के ऊपर चढ़ गईं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। 🚑 सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीमें मौके पर पहुंचीं और तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया और धीरे-धीरे ट्रैफिक को सामान्य करने की कोशिश की गई। ⚠️ सवाल यह है — जिस एक्सप्रेस-वे को विकास की रफ्तार कहा जा रहा है, क्या उस पर सुरक्षा के इंतजाम भी उतने ही मजबूत हैं? 👉 सड़कें तेज़ जरूर हो गई हैं, लेकिन क्या हम सुरक्षित भी हैं?
उद्घाटन से पहले ही देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर बड़ा हादसा! 🚨 The Aman Times 🚨 उद्घाटन से पहले ही देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर बड़ा हादसा! 🚨 जहां एक ओर 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा देहरादून–दिल्ली एक्सप्रेस-वे के भव्य लोकार्पण की तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं उद्घाटन से पहले ही इस हाईवे पर दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया। दिल्ली–देहरादून हाईवे पर कई वाहन आपस में बुरी तरह टकरा गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कुछ गाड़ियां एक-दूसरे के ऊपर चढ़ गईं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। 🚑 सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीमें मौके पर पहुंचीं और तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया और धीरे-धीरे ट्रैफिक को सामान्य करने की कोशिश की गई। ⚠️ सवाल यह है — जिस एक्सप्रेस-वे को विकास की रफ्तार कहा जा रहा है, क्या उस पर सुरक्षा के इंतजाम भी उतने ही मजबूत हैं? 👉 सड़कें तेज़ जरूर हो गई हैं, लेकिन क्या हम सुरक्षित भी हैं?
- राजस्थान के मेवाड़ सेवा संस्थान द्वारा आज बैसाखी के अवसर पर विभिन्न स्थानों से संकलित की गई 158 लावारिस मृतकों की अस्थियां हरकी पैड़ी पर गंगा में विसर्जित की गई। संस्था के स्वयं सेवकों ने बताया कि संस्था पिछले 26 वर्ष से यह कार्य कर रही है और अबतक करीब पांच हजार लावारिस मृतकों की अस्थियां गंगा में प्रवाहित की गई हैं।1
- Post by Om tv haridwar1
- गंगा ने दिखाया रौद्र रूप — 60 श्रद्धालु बीच धारा में कैद, जल पुलिस ने मौत के मुंह से छीनी जिंदगियां “मौत की धार में फंसी आस्था!” भूपतवाला में गंगा ने दिखाया रौद्र रूप — 60 श्रद्धालु बीच धारा में कैद, जल पुलिस ने मौत के मुंह से छीनी जिंदगियां “ना जंजीर, ना चेतावनी… प्रशासन गायब!” — हादसे को खुला निमंत्रण देते असुरक्षित घाट हरिद्वार। तीर्थ नगरी हरिद्वार में आस्था और अव्यवस्था की खतरनाक तस्वीर एक बार फिर सामने आई है। यात्रा सीजन और बैसाखी पर्व के बीच उमड़ी भीड़ के बीच भूपतवाला क्षेत्र में आज ऐसा खौफनाक मंजर देखने को मिला, जिसने हर किसी के रोंगटे खड़े कर दिए। परमार्थ निकेतन घाट से आगे एक पूरी तरह असुरक्षित और प्रतिबंधित स्थान टूटे पड़े स्नान घाट पर करीब 50 से 60 श्रद्धालु गंगा में स्नान कर रहे थे, तभी अचानक गंगा का जलस्तर बढ़ा और तेज बहाव ने लोगों को चारों तरफ से घेर लिया। देखते ही देखते करीब 30 श्रद्धालु गंगा की बीच धारा में फंस गए — एक कदम इधर-उधर और सीधा मौत का सामना! “कुछ ही मिनट में बदल सकता था सब कुछ…” घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि 👉 किनारे खड़े लोग भी घबरा गए 👉 परिवार एक-दूसरे से बिछड़ने लगे 👉 बच्चे चीखने लगे, महिलाएं रोने लगीं यह मंजर किसी त्रासदी से कम नहीं था। अगर कुछ मिनट और देरी होती, तो आज हरिद्वार में एक बड़ा सामूहिक हादसा इतिहास बन सकता था। “देवदूत बनकर पहुंचे जल पुलिस के जवान” सूचना मिलते ही उत्तराखंड जल पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन 👉 गंगा का तेज बहाव रेस्क्यू में सबसे बड़ी बाधा बना 👉 तीन बार जवानों ने बीच धारा तक पहुंचने की कोशिश की 👉 तीसरी बार नाव पलट गई, जवानों की जान खतरे में पड़ गई लेकिन हिम्मत नहीं हारी। 👉 दोबारा प्रयास कर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला 👉 छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं को प्राथमिकता से बचाया गया यह सिर्फ रेस्क्यू नहीं, बल्कि मौत के जबड़े से जिंदगी छीनने का जज्बा था। “मासूमों की चीखें… माता-पिता की बेबसी” सबसे हृदयविदारक दृश्य तब सामने आया जब 👉 2 से 3 साल की बच्चियां 👉 मां की गोद में रोते मासूम 👉 एक ही परिवार के 7 सदस्य बीच धारा में फंसे हुए थे। दिल्ली, जयपुर और राजस्थान से आए ये श्रद्धालु जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे थे। “108 नंबर भी फेल — एंबुलेंस का कहीं पता नहीं!” इस भयावह घटना के दौरान 👉 100 और 108 नंबर पर कॉल किए गए 👉 लेकिन कोई एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची यह सवाल खड़ा करता है — क्या आपातकालीन व्यवस्था सिर्फ कागजों में ही है? “प्रतिबंधित घाट पर खुला खेल — कौन जिम्मेदार?” सबसे बड़ा सवाल यही है: 👉 जब घाट खतरनाक है तो वहां लोग क्यों पहुंच रहे हैं? 👉 क्यों नहीं है कोई बैरिकेडिंग? 👉 क्यों नहीं लगाए गए चेतावनी बोर्ड? 👉 क्यों नहीं तैनात हैं सुरक्षा कर्मी? यह कोई छोटी चूक नहीं, बल्कि 👉 सीधी-सीधी प्रशासनिक लापरवाही 👉 और हादसे को खुला निमंत्रण है। “पहले भी गई जान… फिर भी नहीं जागा सिस्टम” हाल ही में 👉 दो श्रद्धालुओं की मौत 👉 एक व्यक्ति आज तक लापता इसके बावजूद भी सुरक्षा के नाम पर केवल औपचारिकता ही नजर आ रही है। “अगर आज 60 जानें चली जातीं…?” सोचिए अगर आज 👉 ये 50–60 लोग नहीं बचते 👉 कितने घर उजड़ जाते 👉 कितनी मांओं की गोद सूनी हो जाती 👉 कितने बच्चे अनाथ हो जाते सरकार मुआवजा देती, पुलिस शव ढूंढती… लेकिन क्या किसी की जिंदगी वापस आ सकती थी? जल पुलिस के जांबाजों को सलाम इस रेस्क्यू ऑपरेशन में 👉 एडीशनल अतुल सिंह 👉 हेड कांस्टेबल प्रीतम हेड कांस्टेबल नरेंद्र 👉 हेड कांस्टेबल कुलतार किशन 👉 गोताखोर गौरव, विक्रांत, मनोज बहुखंडी, चिराग ने जिस साहस का परिचय दिया, वह शब्दों से परे है। ये जवान ही आज सच्चे अर्थों में “जीवित देवदूत” साबित हुए। “अब भी नहीं चेते तो अगला हादसा तय है!” बैसाखी पर्व और चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचने वाले हैं। अगर अभी भी 👉 घाटों पर जंजीर नहीं लगी 👉 सुरक्षा इंतजाम नहीं हुए 👉 एंबुलेंस और रेस्क्यू अलर्ट नहीं हुआ तो अगली बार किस्मत नहीं, हादसा इतिहास लिखेगा। “मां गंगा ने बचाया… लेकिन कब तक?” आज यह साफ है कि 👉 मां गंगा की कृपा 👉 और जल पुलिस के साहस ने इस त्रासदी को टाल दिया। लेकिन सवाल वही है — क्या प्रशासन हर बार भगवान भरोसे ही रहेगा? ✍️ स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़, हरिद्वार4
- गंगा जी में अचानक जलस्तर बढ़ा, 21 लोग टापू पर फंसे — पुलिस ने किया सफल रेस्क्यू हरिद्वार के कबीर कुटीर घाट (सप्तऋषि क्षेत्र) में रविवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब गंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से 21 लोग बीच टापू पर फंस गए। बताया जा रहा है कि सभी लोग गंगा स्नान कर रहे थे, तभी अचानक पानी का बहाव तेज हो गया और वे सुरक्षित बाहर नहीं निकल पाए। 👉 सूचना मिलते ही सप्तऋषि चौकी पुलिस, चेतक टीम और जल पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। 👉 बोट और आपदा राहत उपकरणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। 👉 स्थानीय लोगों के सहयोग से सभी फंसे लोगों को सुरक्षित किनारे पर लाया गया। 👥 रेस्क्यू किए गए लोगों में: 10 पुरुष 7 महिलाएं 4 बच्चे सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। ये सभी लोग दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के निवासी बताए गए हैं। ⚠️ प्रशासन की अपील: गंगा में स्नान करते समय जलस्तर और बहाव का विशेष ध्यान रखें। नदी के बीच बने टापू या गहरे स्थानों पर जाने से बचें। ✔ सतर्कता और पुलिस की तत्परता से एक बड़ी अनहोनी टल गई।1
- ऑपरेशन प्रहार के अंतर्गत देवभूमि में धर्म की आड़ में लोगों की आस्था से खिलवाड़ करने वाले, साधु-संतों का भेष धारण कर आमजन विशेषकर महिलाओं व युवाओं को भ्रमित कर व्यक्तिगत/घरेलू समस्याओं के समाधान का झांसा देकर अनुचित लाभ लेने वाले ढोंगी बाबाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन व क्षेत्राधिकारी रुड़की के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक पिरान कलियर के नेतृत्व में आज दिनांक 12.04.2026 को दरगाह शरीफ क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान दरगाह परिसर के आसपास स्थित सराय, रैन बसेरा व टीन शेड आदि स्थानों पर चेकिंग कर 12 संदिग्ध ढोंगी/तांत्रिक/बाबा भेषधारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। सभी के विरुद्ध धारा 172(2) BNSS के अंतर्गत कार्यवाही करते हुए अग्रिम वैधानिक प्रक्रिया जारी है। हिरासत में लिए गए व्यक्तियों में विभिन्न राज्यो, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, दिल्ली व राजस्थान के निवासी शामिल हैं। *पुलिस टीम* 1. प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भण्डारी 2. उ0नि0 विनोद कुमार गोला 3. हे0का0 रविन्द्र बालियान 4. हे0का0 जमशेद अली 5. का0 जितेन्द्र सिंह 6. का0 सुनील चौहान 7. का0 प्रकाश मनराल 8. का0 सुबोध पुरोहित1
- राज्यमंत्री बनने के बाद पहली बार टिहरी पहुंची गीता रावत ने गिनाई सरकार की कल्याणकारी योजनाये1
- The Aman Times 🚨 उद्घाटन से पहले ही देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर बड़ा हादसा! 🚨 जहां एक ओर 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा देहरादून–दिल्ली एक्सप्रेस-वे के भव्य लोकार्पण की तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं उद्घाटन से पहले ही इस हाईवे पर दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया। दिल्ली–देहरादून हाईवे पर कई वाहन आपस में बुरी तरह टकरा गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कुछ गाड़ियां एक-दूसरे के ऊपर चढ़ गईं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। 🚑 सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीमें मौके पर पहुंचीं और तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया और धीरे-धीरे ट्रैफिक को सामान्य करने की कोशिश की गई। ⚠️ सवाल यह है — जिस एक्सप्रेस-वे को विकास की रफ्तार कहा जा रहा है, क्या उस पर सुरक्षा के इंतजाम भी उतने ही मजबूत हैं? 👉 सड़कें तेज़ जरूर हो गई हैं, लेकिन क्या हम सुरक्षित भी हैं?1
- हरिद्वार में आज बैसाखी स्नान हो रहा है। स्नान के लिए बड़ी संख्या में पंजाब राजस्थान हरियाणा दिल्ली हिमाचल के श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे हैं।नई फसलों के इस स्नान में प्रायः पंजाब प्रांत के लोग बहुतायत हरिद्वार पहुंचते थे लेकिन अब यह स्नान फीका रहने लगा है हालांकि अगले वर्ष अर्धकुंभ का यह प्रमुख स्नान होगा।आज के स्नान के लिए पूरे मेला क्षेत्र को 10 जोन और 33 सेक्टरों में बांटकर पुलिस प्रशासन ने व्यवस्थाएं की हैं। यातायात प्लान भी लागू किया गया है लेकिन अधिक भीड़भाड़ न होने से स्थिति सामान्य बनी हुई है।1
- Sarkar ko is Vishesh per Dhyan Dena chahie1